उरई मै है राधा कृष्णा का बहुत सुन्दर मंदिर जहाँ आते है प्रतिदिन लाखों श्रद्धालू उरई (जालौन, उत्तर प्रदेश) का प्रसिद्ध **श्री राधा कृष्ण मंदिर** भक्ति और शांति का अनुपम केंद्र है, जो बुंदेलखंड क्षेत्र में अपनी भव्यता और आध्यात्मिक आकर्षण के लिए जाना जाता है। यह मंदिर शहर के गल्ला मंडी क्षेत्र में स्थित है और रोजाना हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं। कई भक्त इसे मथुरा के प्रेम मंदिर की याद दिलाने वाला सुंदर स्थल मानते हैं। ### मंदिर की सुंदरता और वास्तुकला मंदिर की वास्तुकला पारंपरिक हिंदू शैली में निर्मित है, जिसमें ऊंचे शिखर, नक्काशीदार दीवारें, रंग-बिरंगे फूलों और झालरों से सजी झांकियां और आकर्षक गेटवे शामिल हैं। मुख्य गर्भगृह में भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की मनमोहक मूर्तियां विराजमान हैं, जो भक्तों के मन को तुरंत शांत कर देती हैं। मंदिर परिसर में बगीचे, घूमने की जगह और विशाल हॉल हैं, जहां भजन-कीर्तन और सत्संग होते रहते हैं। ड्रोन व्यू से मंदिर की पूरी भव्यता नजर आती है, जो आसपास के हरे-भरे वातावरण के बीच एक दिव्य दृश्य प्रस्तुत करता है। मंदिर का मुख्य द्वार भव्य है, जहां घोड़े की सवारी वाली रथ जैसी सजावट और झंडे भक्तों का स्वागत करते हैं। अंदर की ओर दीवारों पर भगवान कृष्ण की लीला चित्रित है, जो दर्शनार्थियों को वृंदावन की याद दिलाती है। ### इतिहास और महत्व यह मंदिर प्राचीन और प्रसिद्ध माना जाता है। कुछ वर्ष पहले इसका 37वां स्थापना दिवस बड़े धूमधाम से मनाया गया, जिसमें हवन, पूजन और भंडारा का आयोजन हुआ। हर साल नवरात्रि के दौरान यहां भागवत कथा का भव्य आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। कथा के समापन पर विशाल भंडारा और मेला लगता है, जहां हजारों लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। जन्माष्टमी जैसे पर्वों पर मंदिर तिरंगे थीम या फूलों से सजाया जाता है, जिसमें झांकियां, भजन और रात्रि में भव्य कार्यक्रम होते हैं। ### दर्शन का समय और आरती - **दर्शन समय**: सुबह 6:00 से 11:00 बजे तक और शाम 5:00 से 9:00 बजे तक। - **आरती**: सुबह 7:00 से 7:15 बजे और शाम 8:00 से 8:15 बजे। भक्त यहां आकर मन की शांति पाते हैं और रोजाना हजारों की संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष त्योहारों पर भीड़ और बढ़ जाती है। ### त्योहारों पर भव्यता जन्माष्टमी पर मंदिर में सुबह से ही लंबी कतारें लगती हैं। मंदिर को फूलों, झालरों और तिरंगे रंगों से सजाया जाता है। सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात रहती है, मेटल डिटेक्टर और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं। रंग पंचमी या अन्य उत्सवों पर फूलों की होली खेली जाती है, जो पूरा परिसर वृंदावन सा बना देती है। ### श्रद्धालुओं की भावना भक्तों का कहना है कि मंदिर में घुसते ही मन शांत हो जाता है। यहां की सकारात्मक ऊर्जा और भजन-कीर्तन का माहौल हर किसी को आकर्षित करता है। यह मंदिर न सिर्फ धार्मिक स्थल है, बल्कि बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर भी है। अगर आप उरई आएं तो झांसी हाईवे या बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास होने के कारण आसानी से पहुंच सकते हैं। **राधे राधे!** अगर आप भी इस दिव्य मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं, तो एक बार जरूर जाएं। यहां की शांति और भक्ति आपको बार-बार खींच लाएगी। जय श्री राधे कृष्ण! 🙏 (नोट: मंदिर की तस्वीरें और वीडियो यूट्यूब, इंस्टाग्राम और स्थानीय स्रोतों से प्रेरित हैं, जो इसकी वास्तविक सुंदरता को दर्शाते हैं।)
उरई मै है राधा कृष्णा का बहुत सुन्दर मंदिर जहाँ आते है प्रतिदिन लाखों श्रद्धालू उरई (जालौन, उत्तर प्रदेश) का प्रसिद्ध **श्री राधा कृष्ण मंदिर** भक्ति और शांति का अनुपम केंद्र है, जो बुंदेलखंड क्षेत्र में अपनी भव्यता और आध्यात्मिक आकर्षण के लिए जाना जाता है। यह मंदिर शहर के गल्ला मंडी क्षेत्र में स्थित है और रोजाना हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं। कई भक्त इसे मथुरा के प्रेम मंदिर की याद दिलाने वाला सुंदर स्थल मानते हैं। ### मंदिर की सुंदरता और वास्तुकला मंदिर की वास्तुकला पारंपरिक हिंदू शैली में निर्मित है, जिसमें ऊंचे शिखर, नक्काशीदार दीवारें, रंग-बिरंगे फूलों और झालरों से सजी झांकियां और आकर्षक गेटवे शामिल हैं। मुख्य गर्भगृह में भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की मनमोहक मूर्तियां विराजमान हैं, जो भक्तों के मन को तुरंत शांत कर देती हैं। मंदिर परिसर में बगीचे, घूमने की जगह और विशाल हॉल हैं, जहां भजन-कीर्तन और सत्संग होते रहते हैं। ड्रोन व्यू से मंदिर की पूरी भव्यता नजर आती है, जो आसपास के हरे-भरे वातावरण के बीच एक दिव्य दृश्य प्रस्तुत करता है। मंदिर का मुख्य द्वार भव्य है, जहां घोड़े की सवारी वाली रथ जैसी सजावट और झंडे भक्तों का स्वागत करते हैं। अंदर की ओर दीवारों पर भगवान कृष्ण की लीला चित्रित है, जो दर्शनार्थियों को वृंदावन की याद दिलाती है। ### इतिहास और महत्व यह मंदिर प्राचीन और प्रसिद्ध माना जाता है। कुछ वर्ष पहले इसका 37वां स्थापना दिवस बड़े धूमधाम से मनाया गया, जिसमें हवन, पूजन और भंडारा का आयोजन हुआ। हर साल नवरात्रि के दौरान यहां भागवत कथा का भव्य आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। कथा के समापन पर विशाल भंडारा और मेला लगता है, जहां हजारों लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। जन्माष्टमी जैसे पर्वों पर मंदिर तिरंगे थीम या फूलों से सजाया जाता है, जिसमें झांकियां, भजन और रात्रि में भव्य कार्यक्रम होते हैं। ### दर्शन का समय और आरती - **दर्शन समय**: सुबह 6:00 से 11:00 बजे तक और शाम 5:00 से 9:00 बजे तक। - **आरती**: सुबह 7:00 से 7:15 बजे और शाम 8:00 से 8:15 बजे। भक्त यहां आकर मन की शांति पाते हैं और रोजाना हजारों की संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष त्योहारों पर भीड़ और बढ़ जाती है। ### त्योहारों पर भव्यता जन्माष्टमी पर मंदिर में सुबह से ही लंबी कतारें लगती हैं। मंदिर को फूलों, झालरों और तिरंगे रंगों से सजाया जाता है। सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात रहती है, मेटल डिटेक्टर और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं। रंग पंचमी या अन्य उत्सवों पर फूलों की होली खेली जाती है, जो पूरा परिसर वृंदावन सा बना देती है। ### श्रद्धालुओं की भावना भक्तों का कहना है कि मंदिर में घुसते ही मन शांत हो जाता है। यहां की सकारात्मक ऊर्जा और भजन-कीर्तन का माहौल हर किसी को आकर्षित करता है। यह मंदिर न सिर्फ धार्मिक स्थल है, बल्कि बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर भी है। अगर आप उरई आएं तो झांसी हाईवे या बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास होने के कारण आसानी से पहुंच सकते हैं। **राधे राधे!** अगर आप भी इस दिव्य मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं, तो एक बार जरूर जाएं। यहां की शांति और भक्ति आपको बार-बार खींच लाएगी। जय श्री राधे कृष्ण! 🙏 (नोट: मंदिर की तस्वीरें और वीडियो यूट्यूब, इंस्टाग्राम और स्थानीय स्रोतों से प्रेरित हैं, जो इसकी वास्तविक सुंदरता को दर्शाते हैं।)
- Post by Shiv Singh rajput dahiya journalist MP1
- Post by Kulkarni jyotish News channel1
- इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने जनता से अपील की गलत अफवाहों के चक्कर में ना पड़े इंदौर में डीजल पेट्रोल भरपूर मात्रा में है कृपया ऐसी अफवाहों से दूर रहें1
- Post by KRISHNA VERMA3
- मांगलिया डिपो से पेट्रोल-डीजल की सुचारू आपूर्ति, अफवाहों से दूर रहने की अपील इंदौर, 25 मार्च 2026 इंदौर जिले में पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और सुचारू बनी हुई है। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देश पर आज सुबह 6 बजे से मांगलिया स्थित एचपीसीएल, भारत पेट्रोलियम एवं इंडियन ऑयल के डिपो पर टैंकरों में ईंधन भरने का कार्य तेज गति से प्रारंभ कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह 8 बजे तक मांगलिया डिपो से हिंदुस्तान पेट्रोलियम की 25 टैंकर लोरियां, भारत पेट्रोलियम की 17 तथा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की 19 टैंकर लोरियां विभिन्न पेट्रोल पंपों के लिए रवाना हो चुकी हैं। डिपो पर पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल एवं डीजल उपलब्ध है और पूरी क्षमता के साथ टैंकरों को भरा जा रहा है। जिला प्रशासन की टीम सुबह 5 बजे से ही सक्रिय होकर मांगलिया डिपो तथा फील्ड के पेट्रोल पंपों का सतत निरीक्षण कर रही है, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी आवश्यकता के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल प्राप्त करें। जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है तथा आपूर्ति पूरी तरह व्यवस्थित रूप से जारी है। भास्कर समाचार सेवा के लिए मुश्ताक शेख की रिपोर्ट1
- नोट तो नक़ली आते थे,पर अब तो आपको सिक्कों में मिलावट के मामले में भी कुछ बातें ध्यान में रखनी होंगी। जनहित में विडियो को करें शैयर1
- Post by Kulkarni jyotish News channel1
- Post by KRISHNA VERMA1
- Post by Aarti Raikwar1