उत्तर प्रदेश से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक नाबालिग बेटी के साथ बलात्कार का प्रयास किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट के मुताबिक, जब पीड़ित परिवार मदद के लिए थाने पहुँचा, तो पुलिस ने सहयोग करने की बजाय कथित तौर पर उन्हें ही धमकाया। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि महिला पुलिस ने बेटी को रात 12 बजे तक थाने में बिठाए रखा, जबकि आरोपी खुलेआम घूम रहा था। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने मजबूरन अपना मकान बेचकर गांव छोड़ने का फैसला कर लिया है। उनके घर पर लगे एक हस्तलिखित नोटिस में स्पष्ट रूप से 'मकान बिकाऊ है' लिखा है, जिसमें परिवार ने अपनी मजबूरी और पूरी घटना का ब्योरा दिया है। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है, जहाँ लोग भावुक होकर इसे शेयर कर रहे हैं और योगी सरकार तक पहुंचाने की अपील कर रहे हैं। एक यूजर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाया, “यह योगी जी के सुशासन की लोकतांत्रिक सच्चाई है?” इस घटना ने पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था, पुलिस तंत्र और नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे आम लोगों में गहरा गुस्सा और आक्रोश देखा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक नाबालिग बेटी के साथ बलात्कार का प्रयास किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट के मुताबिक, जब पीड़ित परिवार मदद के लिए थाने पहुँचा, तो पुलिस ने सहयोग करने की बजाय कथित तौर पर उन्हें ही धमकाया। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि महिला पुलिस ने बेटी को रात 12 बजे तक थाने में बिठाए रखा, जबकि आरोपी खुलेआम घूम रहा था। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने मजबूरन अपना मकान बेचकर गांव छोड़ने का फैसला कर लिया है। उनके घर पर लगे एक हस्तलिखित नोटिस में स्पष्ट रूप से 'मकान बिकाऊ है' लिखा है, जिसमें परिवार ने अपनी मजबूरी और पूरी घटना का ब्योरा दिया है। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है, जहाँ लोग भावुक होकर इसे शेयर कर रहे हैं और योगी सरकार तक पहुंचाने की अपील कर रहे हैं। एक यूजर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाया, “यह योगी जी के सुशासन की लोकतांत्रिक सच्चाई है?” इस घटना ने पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था, पुलिस तंत्र और नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे आम लोगों में गहरा गुस्सा और आक्रोश देखा जा रहा है।
- Jugendra pal Singh JadaunJalesar, Etahyogi ji ka kahna bilkul nahin man rahe Shashank prshashan main koi bhe kisi department ka ho police prashasan ke ho ya rejashaw ya helth department ya calectrte bar association ke adhikariyon tak bhrshtachar barabar chal raha hai3 hrs ago
- उन्नाव के सभागा गांव में सर्व सनातन उत्थान सेवा समिति द्वारा स्वर्गीय रमेश जी की पुण्य स्मृति में एक श्रद्धांजलि एवं विशाल भंडारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सर्व सनातन उत्थान सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश शुक्ला विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वर्गीय रमेश जी को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन चढ़ाए। कार्यक्रम में अनुप कुमार, किसान उत्थान सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष अजय पांडे, पुरवा विधानसभा मंत्री अमित वर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अनिल वर्मा, सुमित वर्मा, सुजीत वर्मा और संदीप वर्मा समेत क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों ने भी इस आयोजन में सहभागिता की। श्रद्धांजलि सभा के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान सनातन संस्कृति, सेवा और सामाजिक एकता का संदेश मुखर रूप से देखने को मिला।2
- कानपुर नगर के घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित आगापुर गाँव में पुलिस द्वारा एक बाइक सीज किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ित युवक, जो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताया जा रहा है, ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त की है। उसका आरोप है कि उसकी बाइक के सभी दस्तावेज वैध होने के बावजूद चेकिंग के दौरान पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया। पीड़ित के अनुसार, रात में लगाए गए एक चेक पोस्ट पर पुलिस ने उसकी बाइक रोकी और जांच की। उसने पुलिस को वाहन से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज दिखाए, लेकिन इसके बावजूद उसकी बाइक सीज कर दी गई। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर लोगों के बीच बहस छिड़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वाहन के सभी कागजात सही थे, तो पुलिस चालान की कार्रवाई कर वाहन को छोड़ सकती थी। ऐसे में बाइक सीज करने की आवश्यकता क्यों पड़ी, यह एक बड़ा प्रश्न बन गया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वाहन को किस कानूनी आधार पर सीज किया गया। वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच और पुलिस विभाग से स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं। इस पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के मद्देनजर कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। अभ्यर्थियों की भारी भीड़ को देखते हुए जीआरपी, आरपीएफ और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर एक संयुक्त चेकिंग अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म और सभी प्रवेश-निकास द्वारों पर सघन जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध व्यक्तियों और उनके सामान पर पैनी नजर रख रही हैं। स्टेशन के बाहर की यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं। उनकी प्राथमिकता अभ्यर्थियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना है, जिसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर यह विशेष चेकिंग अभियान जारी रहेगा। इस संबंध में एसीपी जीआरपी दुष्यंत सिंह और एसी आरपीएफ विवेक वर्मा ने भी जानकारी दी है।1
- कानपुर के बर्रा थाना इलाके में अमला पैलेस के पास स्थित एक लाइब्रेरी मामूली कहासुनी और बहस के हिंसक अखाड़े में बदल गई, जिससे पढ़ाई का माहौल चीख-पुकार में तब्दील हो गया। इस चौंकाने वाली घटना में, जहाँ किताबों के पन्ने पलटने चाहिए थे, वहाँ लात-घूंसे और लाठी-डंडों का ज़ोर देखने को मिला। शिक्षा के मंदिर में शिक्षा की बजाय, खूनखराबे का मंज़र सामने आया। मामूली बहस ने इतना बड़ा रूप ले लिया कि बाहर से लड़कों का एक झुंड आया और उन्होंने एक छात्र पर हमला कर दिया। जब किसी ने इंसानियत दिखाते हुए झगड़ा रोकने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उसे भी नहीं बख्शा। बीच-बचाव करने वाले उस युवक को भी बुरी तरह पीटा गया, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या कानपुर में अब शांति की अपील करना भी गुनाह हो गया है। यह घटना बर्रा पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाती है, और लोग पूछ रहे हैं कि क्या लाइब्रेरी जैसी जगहें अब सुरक्षित नहीं रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी कब होगी।1
- कानपुर के मछरिया इलाके से एक किशोरी गुस्सा कर अपने घर से निकली थी। इस घटना को डेढ़ महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।1
- देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस आयोजन ने सोशल मीडिया से निकलकर सड़क पर अपनी ताकत का प्रदर्शन करने का दावा किया, जिसमें बड़ी संख्या में युवा, छात्र-छात्राएं और समर्थक शामिल हुए। अभिजीत दीपके के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में युवाओं का एक विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक छोटा बंदर दो कुत्तों के बीच पूरी तरह बेफिक्र और दोस्ताना व्यवहार करता दिख रहा है। यह दृश्य हजारों लोगों का ध्यान खींच रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि आमतौर पर बंदर और कुत्तों के बीच टकराव देखा जाता है, लेकिन इस क्लिप में बिल्कुल अलग माहौल है। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि बंदर कुत्तों के बेहद करीब घूम रहा है और उनके साथ खेलता भी नजर आ रहा है। दोनों कुत्ते भी शांतिपूर्वक उसके आसपास मौजूद हैं। यह अनोखी बातचीत लोगों को दोस्ती, अपनापन और सह-अस्तित्व का महत्वपूर्ण संदेश देती प्रतीत हो रही है। सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को बड़े पैमाने पर शेयर कर रहे हैं, और वायरल पोस्ट के साथ कई लोग टिप्पणी कर रहे हैं कि जानवरों के बीच दिख रही यह समझदारी आज के समय में इंसानों के लिए भी एक बड़ी सीख हो सकती है। कुछ दर्शक इसे 'सच्ची दोस्ती' का उत्कृष्ट उदाहरण बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे प्रकृति के अनोखे और खूबसूरत रिश्तों की झलक मान रहे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह घटना कब और कहाँ घटित हुई, फिर भी इस वीडियो ने एक गहरा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इंसान भी बिना किसी भेदभाव के ऐसे ही मिलजुल कर रहना सीख सकते हैं। फिलहाल, यह प्यारा और मनोरंजक वीडियो इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत रहा है।1
- उन्नाव की सदर तहसील परिसर में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसने रोजगार और आत्मनिर्भरता का बड़ा संदेश दिया। जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि सदर विधायक पंकज गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विधायक पंकज गुप्ता ने युवाओं से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना और टूल किट वितरण जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये योजनाएं युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को साकार करने में सहायक हैं। जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने भी लोगों को इन सरकारी योजनाओं में शत-प्रतिशत भागीदारी के लिए प्रेरित किया, यह कहते हुए कि ये पहलें प्रत्येक व्यक्ति को आर्थिक रूप से मजबूत बना सकती हैं। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में करीब 120 आवेदकों ने अपना पंजीकरण कराया। सफल उद्यमों के स्टॉल भी यहाँ आकर्षण का केंद्र रहे, जिससे लोगों को प्रेरणा मिली। प्रशासनिक और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस आयोजन में मौजूद रहे, जो युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए दिए गए इस 'मंत्र' का हिस्सा बने।1
- दिल्ली के मालवीया नगर में हुए अग्नि कांड के संबंध में, गद्दा बिछाने वाले रियाज़ुद्दीन मंसूरी को राणा जी ने सम्मानित किया है।1