उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में, जनपद कासगंज के रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में 12-07-2026 को "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृ शक्ति के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना है। इसके तहत जनपद के सभी थानों, पुलिस चौकियों और कार्यालयों में भी सघन रूप से वृक्षारोपण किया गया है। इस भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड के अध्यक्ष श्री राकेश गर्ग जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में विधान परिषद सदस्य श्री रजनीकान्त माहेश्वरी, सदर विधायक श्री देवेन्द्र सिंह राजपूत, अमांपुर विधायक श्री हरिओम वर्मा, नोडल अधिकारी व राज्य मानवाधिकार आयोग के सचिव श्री राजेश कुमार द्वितीय, जिलाधिकारी श्री प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक श्री ओ0 पी0 सिंह उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर पौधारोपण किया। इस वृक्षारोपण अभियान में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों, महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों और पुलिस परिवार के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रत्येक पुलिसकर्मी ने अपनी माँ के नाम पर एक-एक पौधा लगाया। अभियान के तहत छायादार, फलदार और औषधीय पौधे लगाए गए हैं, जिनकी सुरक्षा और देखभाल का जिम्मा संबंधित थानों और कार्यालयों को सौंपा गया है। इस मौके पर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और कासगंज पुलिस ने आम जनता से भी इस अभियान से जुड़ने और अधिक से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण को हरा-भरा बनाने में सहयोग करने की अपील की।
उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में, जनपद कासगंज के रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में 12-07-2026 को "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृ शक्ति के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना है। इसके तहत जनपद के सभी थानों, पुलिस चौकियों और कार्यालयों में भी सघन रूप से वृक्षारोपण किया गया है। इस भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड के अध्यक्ष श्री राकेश गर्ग जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में विधान परिषद सदस्य श्री रजनीकान्त माहेश्वरी, सदर विधायक श्री देवेन्द्र सिंह राजपूत, अमांपुर विधायक श्री हरिओम वर्मा, नोडल अधिकारी व राज्य
मानवाधिकार आयोग के सचिव श्री राजेश कुमार द्वितीय, जिलाधिकारी श्री प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक श्री ओ0 पी0 सिंह उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर पौधारोपण किया। इस वृक्षारोपण अभियान में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों, महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों और पुलिस परिवार के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रत्येक पुलिसकर्मी ने अपनी माँ के नाम पर एक-एक पौधा लगाया। अभियान के तहत छायादार, फलदार और औषधीय पौधे लगाए गए हैं, जिनकी सुरक्षा और देखभाल का जिम्मा संबंधित थानों और कार्यालयों को सौंपा गया है। इस मौके पर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और कासगंज पुलिस ने आम जनता से भी इस अभियान से जुड़ने और अधिक से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण को हरा-भरा बनाने में सहयोग करने की अपील की।
- कासगंज के थाना कासगंज क्षेत्र की गणेश कॉलोनी में संदिग्ध परिस्थितियों में एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतका के पति ने भी विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया, जिनका फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, महिला की मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस बीच, मृतका के परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने कासगंज थाने में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी नगर आंचल चौहान ने जानकारी दी है कि मामले में सभी पहलुओं से गहनता से विवेचना की जा रही है। साक्ष्य संकलन के साथ-साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।1
- उत्तर प्रदेश के कासगंज में एक गेट के सामने बिजली का लट्ठा आ गया है। इस समस्या को लेकर डीएम साहब से ध्यान देने और कृपा करने की अपील की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के पटियाली में शरारती खेत वाले बार-बार खेत की मेड काटकर अच्छे लोगों को परेशान कर रहे हैं। इन शरारती तत्वों द्वारा लगातार की जा रही इस हरकत से पीड़ित लोग काफी तंग आ चुके हैं, जहां खेतों की सीमाओं (मेड) को काटकर उन्हें बार-बार निशाना बनाया जा रहा है।1
- बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली पिंकी मौर्या ने अपने पति प्रमोद कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता की शादी 20 जून 2005 को प्रमोद कुमार से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी और उनके दो बेटे हैं। पिंकी का आरोप है कि उसके पति के पिछले कुछ सालों से एक अन्य महिला से संबंध हैं, जिसके चलते 2 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 3 बजे पति ने बिना तलाक दिए उसे और उसके बच्चों को घर से निकाल दिया। जब वह अपने भाई और बेटों के साथ वापस घर लौटी, तो पति और उस आरोपी महिला ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता द्वारा मौके पर 112 नंबर पर कॉल करने के बावजूद पुलिस बिना कोई कार्रवाई किए वापस लौट गई। इस घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी पीड़िता को बिनावर कोतवाली से कोई न्याय नहीं मिला है। पीड़िता का आरोप है कि बिनावर कोतवाली में फरियादियों की सुनवाई नहीं होती और वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने के लिए आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर भी झूठी रिपोर्ट लगा दी जाती है। बेघर होकर बच्चों के साथ दर-दर भटकने को मजबूर पीड़िता ने अब बदायूं के एसएसपी (SSP) को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी पति और महिला पर घरेलू हिंसा व मारपीट की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की है। साथ ही, उसने बच्चों के साथ घर में सुरक्षित रहने की व्यवस्था कराने की अपील करते हुए कहा है, "मेरे दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। अगर पुलिस मदद नहीं करेगी तो हम कहां जाएंगे।"1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर यह बड़ा दावा किया जा रहा है कि भारतीय रेलवे ने घूस का नाम बदलकर अब "किराया" कर दिया है। हालांकि, वायरल हो रहे इस वीडियो की पुष्टि नहीं की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में रेलवे स्टेशन के डिप्टी अधीक्षक को आरपीएफ पुलिसकर्मियों द्वारा घसीटकर ले जाने का गंभीर मामला सामने आया है। स्टेशन पर एक ट्रेन रुकी थी, जहां से एक महिला यात्री सामान खरीदने के लिए नीचे उतरी। इसी दौरान ट्रेन चलने लगी, जिसे देखकर डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर ने तुरंत सक्रियता दिखाई और वॉकी-टॉकी से बोलकर ट्रेन को रुकवा दिया। इसके तुरंत बाद आरपीएफ पुलिसकर्मियों ने महिला को चेन पुलिंग के आरोप में रोक लिया, जिसका डिप्टी एसएस ने कड़ा विरोध किया। इस विवाद के बीच आरपीएफ पुलिसकर्मी डिप्टी अधीक्षक को ही घसीटते हुए ले गए। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरपीएफ के चार पुलिसकर्मियों मेघराज, बालकिशन मीणा, बदन सिंह और जितेंद्र को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि, इस घटना से जुड़े वायरल वीडियो की पुष्टि अभी नहीं की गई है।1