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Santosh kumar
More news from बिहार and nearby areas
- आज से सोना और चांदी खरीदना महंगा हो जाएगा। केंद्र सरकार ने इन पर लगने वाला आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। इस फैसले से अब ग्राहकों को कीमती धातुओं के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी।1
- मोतिहारी में सदर एसडीओ निशांत सिहारा ने अवैध बालू खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना पर छापेमारी कर एक जेसीबी और दो ट्रैक्टर जब्त किए गए, जिनकी प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। अवैध खनन के खिलाफ लगातार हो रही इस कार्रवाई से खनन माफिया में हड़कंप मच गया है।1
- पूर्वी चंपारण के कोटवा में सरेराह एक युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। विचलित करने वाली बात यह है कि सैकड़ों लोग मदद के बजाय मोबाइल से इस वीभत्स घटना का वीडियो बनाते रहे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।1
- शिवहर जिले के तरियानी में पुलिस ने छापेमारी कर 17 लीटर विदेशी शराब और एक बाइक जब्त की है। इस दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, लेकिन मुख्य शराब तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा। पुलिस फरार तस्कर की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।1
- पंजाब में बिहारी मज़दूरों की दयनीय स्थिति को दर्शाते एक वायरल वीडियो ने बिहार सरकार को सवालों के घेरे में ला दिया है। वीडियो में आरोप है कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण ही मज़दूरों को ऐसी दुर्दशा झेलनी पड़ रही है। यह घटना प्रवासी श्रमिकों के कल्याण और सुरक्षा पर गंभीर चिंताएं बढ़ा रही है।1
- मुजफ्फरपुर के इंदिरा इंस्टीट्यूट में हर्षोल्लास के साथ नर्स दिवस मनाया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने सेवा भाव और गरीबों की मदद करने का संकल्प लिया।1
- 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने सोने के अत्यधिक आयात को देश के लिए एक बड़ी समस्या बताया था। उन्होंने लोगों को सोना खरीदने से बचने की सलाह दी थी। मौजूदा वैश्विक संकट और बढ़ती कीमतों के बीच अब यह मुद्दा फिर से बहस का विषय बन गया है।1
- पूर्वी चंपारण के मोतिहारी सदर अस्पताल परिसर में आरसीसी बेंच के निर्माण पर लगभग तीन लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस भारी-भरकम लागत पर स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने सवाल उठाए हैं, जिससे कार्य की पारदर्शिता पर बहस छिड़ गई है।1
- सारण में लोगों ने बिहार के नेताओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विजय थालपती जैसे होने चाहिए। इस बयान के जरिए बिहार के मौजूदा राजनेताओं से बेहतर और प्रभावी नेतृत्व की उम्मीद जताई गई। यह जनप्रतिनिधियों के लिए एक सीधा संदेश है कि उन्हें जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा।1