भितरवार में मॉनसून की शुरुआती बारिश ने नगर पालिका और प्रशासन के विकास संबंधी तमाम दावों की पोल खोल दी है। जमीनी हालात और उपलब्ध तस्वीरें इस बात की गवाही दे रही हैं कि क्षेत्र की मुख्य गलियाँ और रास्ते तालाब में तब्दील हो चुके हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस जलभराव के कारण राहगीरों का पैदल चलना अत्यंत मुश्किल हो गया है, वहीं स्थानीय लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। यह स्थिति नालियों की समुचित सफाई न होने के कारण उत्पन्न हुई है, जिसकी वजह से बारिश का पानी सड़कों पर ही जमा हो रहा है। यह तब हो रहा है जब फाइलों में हर साल नालों की सफाई और रखरखाव पर लाखों रुपये का बजट खर्च दिखाया जाता है, जो कागजी विकास और जमीनी हकीकत के बीच के बड़े अंतर को उजागर करता है। इन परिस्थितियों से त्रस्त जनता अब यह मांग कर रही है कि विकास केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर भी वास्तविक काम हो ताकि उन्हें इस तरह की समस्याओं से निजात मिल सके।
भितरवार में मॉनसून की शुरुआती बारिश ने नगर पालिका और प्रशासन के विकास संबंधी तमाम दावों की पोल खोल दी है। जमीनी हालात और उपलब्ध तस्वीरें इस बात की गवाही दे रही हैं कि क्षेत्र की मुख्य गलियाँ और रास्ते तालाब में तब्दील हो चुके हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस जलभराव के कारण राहगीरों का पैदल चलना अत्यंत मुश्किल हो गया है, वहीं स्थानीय लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। यह स्थिति नालियों की समुचित सफाई न होने के कारण उत्पन्न हुई है, जिसकी वजह से बारिश का पानी सड़कों पर ही जमा हो रहा है। यह तब हो रहा है जब फाइलों में हर साल नालों की सफाई और रखरखाव पर लाखों रुपये का बजट खर्च दिखाया जाता है, जो कागजी विकास और जमीनी हकीकत के बीच के बड़े अंतर को उजागर करता है। इन परिस्थितियों से त्रस्त जनता अब यह मांग कर रही है कि विकास केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर भी वास्तविक काम हो ताकि उन्हें इस तरह की समस्याओं से निजात मिल सके।
- एक महिला ने विधायक प्रीतम लोधी पर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में और अधिक जानकारी का उल्लेख मूल पाठ में नहीं किया गया है।1
- दतिया पुलिस लगातार 'सेफ क्लिक 2.0 अभियान' चलाकर लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर रही है। इसी क्रम में, शहर के सिवम फिलिंग स्टेशन पर एक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय बताना था। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में एसडीओपी दतिया आकांक्षा जैन ने पेट्रोल पंप कर्मचारियों, वाहन चालकों और आम नागरिकों को संबोधित किया। उन्होंने ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी और बैंकिंग फ्रॉड, यूपीआई एवं क्यूआर कोड स्कैम, फर्जी कस्टमर केयर नंबर, और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली साइबर ठगी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान यह भी बताया गया कि कैसे कुछ साइबर अपराधी फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट दिखाकर ईंधन भरवा लेते हैं या क्यूआर कोड बदलकर भुगतान को अपने खाते में ट्रांसफर कर लेते हैं। पुलिस ने कर्मचारियों को भुगतान की पुष्टि के बाद ही ईंधन देने की सलाह दी और सभी से ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, सीसीटीवी कैमरों की नियमित निगरानी करने, संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पुलिस को सूचना देने और साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने से संपर्क करने की अपील भी की गई। दतिया पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करें, और किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन लेन-देन से सतर्क रहें, क्योंकि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी हथियार है।1
- उपचुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद, दतिया में डॉ. नरोत्तम मिश्रा जी के निवास पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में जबरदस्त उत्साह का माहौल देखा गया है। इस उत्साह को जीत की भावना और एकजुटता का प्रतीक बताया गया, जिससे हर तरफ खुशी छा गई। कार्यकर्ताओं के इस प्यार और समर्थन को पार्टी के लिए और अधिक मजबूती प्रदान करने वाला बताते हुए 'जय भाजपा!' के नारे लगाए गए।1
- दतिया उपचुनाव की घोषणा होने के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष दामोदर यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने एक बात कही। यह जानकारी दतिया से सामने आई है।1
- भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार 02 जुलाई को दतिया विधानसभा क्रमांक 22 के लिए उपचुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है, जिसके साथ ही पूरे जिले में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। आचार संहिता लागू होते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया, और कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर संपत्ति विरूपण के खिलाफ एक व्यापक अभियान शुरू किया गया। इस अभियान के तहत, नगर पालिका, जनपद और लोक निर्माण विभाग की टीमों ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लगे सभी राजनीतिक होर्डिंग, बैनर, पोस्टर और दीवार लेखन को युद्ध स्तर पर हटाना शुरू कर दिया। प्रशासन के दस्तों ने रात से ही मुख्य चौराहों, बस स्टैंडों, शासकीय भवनों और बिजली के खंभों से नेताओं के प्रचार सामग्री को हटाया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि 24 घंटे के भीतर सभी शासकीय संपत्तियों को विरूपण से मुक्त किया जाएगा, साथ ही निजी संपत्ति पर बिना अनुमति लगी प्रचार सामग्री को भी हटाया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी एसडीएम, तहसीलदार और नगरीय निकायों के अधिकारियों को आचार संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और उल्लंघन करने वालों पर सीधी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू करने के लिए उड़नदस्ते, स्थैतिक निगरानी दल और वीडियो निगरानी टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। उपचुनाव की इस घोषणा के बाद जिले में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है, और सभी दलों के संभावित उम्मीदवारों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।1
- जब सिंधिया जी ने मासूम को अपने हाथ से पिलाया पोलियो की दवा...... जब सिंधिया जी ने मासूम को अपने हाथ से पिलाया पोलियो की दवा......1
- भारत निर्वाचन आयोग ने आज 2 जुलाई को दतिया विधानसभा क्रमांक 22 के लिए उपचुनाव की घोषणा कर दी है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के तुरंत बाद जिले में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई। आचार संहिता लागू होते ही जिला प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों से राजनीतिक होर्डिंग, बैनर, पोस्टर और अन्य प्रचार सामग्री हटाने के लिए संपत्ति विरूपण की कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासनिक अमला नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी सक्रिय होकर सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्तियों से इन प्रचार सामग्रियों को हटाने में जुट गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों से चुनावी नियमों का पालन करने की अपील भी की गई है।1
- शिवपुरी जिले के नरवर तहसील परिसर में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब अपनी समस्याओं को लेकर एक किसान मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इस घटना की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। किसान के टावर पर चढ़ने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने काफी देर तक किसान को समझाने का प्रयास किया। लंबी समझाइश के बाद किसान अपनी मांगों पर बातचीत करने के लिए तैयार हो गया। बातचीत के लिए तैयार होने के बाद किसान सुरक्षित रूप से टावर से नीचे उतर आया। इस पूरी घटना के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।1