जनपद एटा में करंट लगने से युवक की दर्दनाक मौत, घर में पसरा मातम पूरा गांव शोक में डूब गया कि यह किया हो गया शीतलपुर ब्लॉक संवाददाता योगेन्द्र सिंह एटा जिले के थाना मारहरा क्षेत्र के गांव हमीरगढ़ में बुधवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। बिजली का फेज सही करते समय एक युवक करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी 25 वर्षीय नरेंद्र पुत्र खचेर सिंह अपने घर में बिजली की लाइन ठीक कर रहा था। इसी दौरान अचानक करंट लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए जनपद कासगंज के जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि नरेंद्र परिवार में सबसे बड़ा था और बाहर रहकर मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हालांकि परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को वापस घर ले आए। थाना मारहरा के एसओ केके लोधी ने गुरुवार सुबह बताया कि पुलिस ने पंचायतनामा की प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
जनपद एटा में करंट लगने से युवक की दर्दनाक मौत, घर में पसरा मातम पूरा गांव शोक में डूब गया कि यह किया हो गया शीतलपुर ब्लॉक संवाददाता योगेन्द्र सिंह एटा जिले के थाना मारहरा क्षेत्र के गांव हमीरगढ़ में बुधवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। बिजली का फेज सही करते समय एक युवक करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी 25 वर्षीय नरेंद्र पुत्र खचेर सिंह अपने घर में बिजली की लाइन ठीक कर रहा था। इसी दौरान अचानक करंट लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए जनपद कासगंज के जिला अस्पताल ले
गए, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि नरेंद्र परिवार में सबसे बड़ा था और बाहर रहकर मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हालांकि परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को वापस घर ले आए। थाना मारहरा के एसओ केके लोधी ने गुरुवार सुबह बताया कि पुलिस ने पंचायतनामा की प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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- *मोदी जी और योगी जी को भगवान मानने में कोई बुराई नहीं है, क्योंकि उनके पास हमें कुछ देने की क्षमता है.* *पत्थरों के आगे गिड़गिड़ाओगे, वो आपको कुछ देने वाले नहीं हैं.* - यूपी में BJP विधायक श्याम प्रकाश1
- उन्नाव जनपद के नवाबगंज क्षेत्र स्थित एक गैस एजेंसी एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। यहां गैस वितरण व्यवस्था में कथित* अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों ने आम उपभोक्ताओं के बीच भारी नाराजगी पैदा कर दी है। मामला उस समय तूल पकड़ गया जब गैस पर्ची कटवाने पहुंचे एक युवक ने *खुलेआम चल रहे “रकम के खेल*” का विरोध किया—और आरोप है कि इसके बाद उसके *साथ मारपीट की गई।* *प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एजेंसी परिसर में लंबी लाइन लगी हुई थी, लेकिन कई लोगों को नजरअंदाज करते हुए कुछ चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी जा रही थी*। आरोप है कि ₹1500 तक की अतिरिक्त रकम लेकर “ब्लैक” में पर्ची काटी जा रही थी, जबकि सामान्य उपभोक्ता घंटों लाइन में खड़े रहकर भी खाली हाथ लौट रहे थे। "*पीड़ित रमेश, जो नवाबगंज नगर पंचायत कार्यालय के सामने का* निवासी बताया जा रहा है, ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा—“यहां नियम नहीं, पैसा चल रहा है। जो पैसे दे रहा है, उसे तुरंत गैस मिल रही है, बाकी लोग परेशान हो रहे हैं।” रमेश का कहना है कि जब उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाया, तो एजेंसी कर्मचारियों ने पहले अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और फिर कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। *घटना के बाद एजेंसी परिसर में हंगामा मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची* और किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में लिया। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने केवल मामला शांत कराने तक ही अपनी भूमिका सीमित रखी और किसी भी पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की। *इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या गैस एजेंसियों पर वाकई खुलेआम अवैध वसूली का खेल चल रहा है*? यदि हां, तो जिम्मेदार अधिकारी अब तक चुप क्यों हैं? आम जनता की शिकायतों को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है? और सबसे बड़ा सवाल—क्या आम आदमी अपने हक के लिए आवाज उठाने पर सुरक्षित है? *स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पहले भी गैस वितरण में गड़बड़ी और फर्जी बुकिंग जैसे आरोप सामने आ चुके हैं,* लेकिन हर बार मामला दबा दिया जाता है। इससे साफ जाहिर होता है कि कहीं न कहीं सिस्टम में बड़ी खामियां हैं और जिम्मेदार लोग आंखें मूंदे बैठे हैं। *अब जरूरत है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले, निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे"*। केवल मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कर देना समस्या का समाधान नहीं है। जब तक भ्रष्टाचार पर सख्त प्रहार नहीं होगा, तब तक आम जनता इसी तरह शोषण का शिकार होती रहेगी। 👉 नवाबगंज के लोगों की मांग: “हमें सिर्फ शांति नहीं, न्याय चाहिए जिला उन्नाव रिपोर्टर अमन सिंह RK News24 Media1
- इटावा। जनपद के थाना सैफई क्षेत्र में एक बड़ी लापरवाही ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। हरदोई गांव में बीड़ी की चिंगारी से गेहूं की सूखी फसल में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के खेत भी इसकी चपेट में आ गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और उन्होंने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन तेज लपटों के सामने उनकी कोशिशें नाकाफी साबित हुईं। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। तब तक करीब चार बीघा गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह राख हो चुकी थी, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसी तरह थाना क्षेत्र के ग्राम उझियानी में भी गेहूं की फसल में आग लगने की घटना सामने आई। हालांकि यहां ग्रामीणों की सतर्कता के चलते दमकल के पहुंचने से पहले ही सबमर्सिबल पंप और ट्यूबवेल चलाकर आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक कई बीघा फसल जल चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही सैफई के अग्निशमन अधिकारी आशीष मोहर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दमकल टीम को मौके पर भेजा। उन्होंने बताया कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे और बड़े नुकसान को टाला जा सका। आग की घटनाओं के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर फसलों में हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। प्रशासन ने पीड़ित किसानों को हर संभव सहायता और मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खेतों में इस तरह की लापरवाही (बीड़ी या सिगरेट जलाना) अक्सर बड़े हादसों का कारण बनती है। उन्होंने प्रशासन से जागरूकता अभियान चलाने और सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।1
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- Post by Urvashi singh1