जालौन: महेवा ब्लॉक में मनरेगा के नाम पर कथित ‘डिजिटल घोटाला मॉडल’ का खुलासा, 7% कमीशन सिंडिकेट के आरोप जालौन: महेवा ब्लॉक में मनरेगा के नाम पर कथित ‘डिजिटल घोटाला मॉडल’ का खुलासा, 7% कमीशन सिंडिकेट के आरोप जालौन जिले के महेवा ब्लॉक में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्राम पंचायत निपनियां और पिथउपुर में कागजों पर काम दिखाकर भुगतान निकालने, फर्जी हाजिरी लगाने और डिजिटल सिस्टम के दुरुपयोग के जरिए बड़े पैमाने पर घोटाले की आशंका जताई जा रही है। फर्जी हाजिरी और NMMS ऐप के दुरुपयोग के आरोप सूत्रों के अनुसार, एक ही फोटो का इस्तेमाल कर कई दिनों की उपस्थिति दर्ज की गई। NMMS ऐप पर अपलोड की गई तस्वीरों में गड़बड़ी, दूसरी अनिवार्य फोटो का अभाव और फिर भी भुगतान स्वीकृत होने जैसे मामलों ने सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि 16 से 24 मार्च के बीच लगातार फर्जी हाजिरी दर्ज कर मजदूरी निकाली गई। जमीन पर काम नहीं, फाइलों में पूरा ग्रामीणों का कहना है कि जिन कार्यों—जैसे सड़क, नाला और समतलीकरण—का रिकॉर्ड में उल्लेख है, वे जमीन पर नजर नहीं आते। कई स्थानों पर पहले से समतल जमीन को भी कागजों में समतलीकरण दिखाया गया। पिथउपुर में 300 से अधिक मजदूरों की हाजिरी दर्ज होने का दावा है, जबकि मौके पर काम नहीं दिखा। कमीशन सिस्टम के आरोप मामले में यह भी आरोप है कि बिना 7% कमीशन दिए फाइलें आगे नहीं बढ़तीं। बीडीओ कार्यालय पर ‘सेटिंग सेंटर’ की तरह काम करने के आरोप लगाए गए हैं, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों की प्रतिक्रिया डीसी मनरेगा के स्तर से सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद अनियमितताओं पर रोक नहीं लगने के आरोप हैं। वहीं, सीडीओ के.के. सिंह ने मामले में जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है। सिस्टम पर उठे सवाल पूरा मामला सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह अनियमितता केवल महेवा ब्लॉक तक सीमित है या जिले के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह का पैटर्न चल रहा है। डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम की विश्वसनीयता और जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगे हैं। आगे क्या प्रशासनिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला मनरेगा के क्रियान्वयन में बड़ी लापरवाही और संभावित संगठित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
जालौन: महेवा ब्लॉक में मनरेगा के नाम पर कथित ‘डिजिटल घोटाला मॉडल’ का खुलासा, 7% कमीशन सिंडिकेट के आरोप जालौन: महेवा ब्लॉक में मनरेगा के नाम पर कथित ‘डिजिटल घोटाला मॉडल’ का खुलासा, 7% कमीशन सिंडिकेट के आरोप जालौन जिले के महेवा ब्लॉक में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्राम पंचायत निपनियां और पिथउपुर में कागजों पर काम दिखाकर भुगतान निकालने, फर्जी हाजिरी लगाने और डिजिटल सिस्टम के दुरुपयोग के जरिए बड़े पैमाने पर घोटाले की आशंका जताई जा रही है। फर्जी हाजिरी और NMMS ऐप के दुरुपयोग के आरोप सूत्रों के अनुसार, एक ही फोटो का इस्तेमाल कर कई दिनों की उपस्थिति दर्ज की गई। NMMS ऐप पर अपलोड की गई तस्वीरों में गड़बड़ी, दूसरी अनिवार्य फोटो का अभाव और फिर भी भुगतान स्वीकृत होने जैसे मामलों ने सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि 16 से 24 मार्च के बीच लगातार फर्जी हाजिरी दर्ज कर मजदूरी निकाली गई। जमीन पर काम नहीं, फाइलों में पूरा ग्रामीणों का कहना है कि जिन कार्यों—जैसे सड़क, नाला और समतलीकरण—का रिकॉर्ड में उल्लेख है, वे जमीन पर नजर नहीं आते। कई स्थानों पर पहले से समतल जमीन को भी कागजों में समतलीकरण दिखाया गया। पिथउपुर में 300 से अधिक मजदूरों की हाजिरी दर्ज होने का दावा है, जबकि मौके पर काम नहीं दिखा। कमीशन सिस्टम के आरोप मामले में यह भी आरोप है कि बिना 7% कमीशन दिए फाइलें आगे नहीं बढ़तीं। बीडीओ कार्यालय पर ‘सेटिंग सेंटर’ की तरह काम करने के आरोप लगाए गए हैं, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों की प्रतिक्रिया डीसी मनरेगा के स्तर से सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद अनियमितताओं पर रोक नहीं लगने के आरोप हैं। वहीं, सीडीओ के.के. सिंह ने मामले में जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है। सिस्टम पर उठे सवाल पूरा मामला सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह अनियमितता केवल महेवा ब्लॉक तक सीमित है या जिले के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह का पैटर्न चल रहा है। डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम की विश्वसनीयता और जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगे हैं। आगे क्या प्रशासनिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला मनरेगा के क्रियान्वयन में बड़ी लापरवाही और संभावित संगठित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
- टीकमगढ़ जिले के विकास खंड पलेरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत टीला नरैनी के रोड के पास डाल रखी करीब 4साल से केबिन जैसी काली डोरी लाखों रुपए की खराब हो रही है आखिर किस लिए आई थी यह डोरी फिर क्यों प्रयोग नहीं किया गया यह एक केबिन डोरी का सवाल नहीं है यह उन लापरवाह अधिकारियों की पोल खोल रहा है यह एक जांच का विषय है3
- शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 99747788631
- बिजली की एक चिंगारी और सब खत्म! (किसान का रो-रोकर बुरा हाल)1
- दिनांक 22/03/2026 को OBC,SC , STवर्ग के साथियों ने पन्ना जिला की ग्राम पंचायत मुड़वारी के मोटे की मडैयन में अमर शहीद वीरांगना अवंती बाई लोधी जी के बलिदान दिवस के उपलक्ष मुख्य अतिथि ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य आदरणीय श्री महेंद्र सिंह लोधी जी एवं पन्ना जिले की जिला अध्यक्ष श्री रामभगत कुशवाहा जी सहित सभी पदाधिकारी का बनौली, मोहंद्रा, पवई पड़रिया, महुआखेड़ा मुदवारी एवं मोटे की मढैया में जाते समय जगह-जगह स्वागत किया गया आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद आभार1
- सागर जिले के मालथौन से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ शासकीय महाविद्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का सात दिवसीय शिविर सवालों के घेरे में आ गया है।1
- औरैया में बारात के बीच एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब दूल्हे का भाई नाले में उतरकर अपना iPhone-17 ढूंढता नजर आया। एक दिन पहले EMI पर खरीदा फोन दिखाने के चक्कर में डांस करते वक्त हाथ से फिसलकर नाले में गिर गया। फिर क्या, भाई ने घंटों तलाश की, लेकिन नया फोन हाथ नहीं लगा। #iphone171
- रीवा के कोतवाली थाना में पदस्थ आरक्षक अमित सिंह चौहान बीच सड़क महिला के साथ मारपीट करने का वीडियो वायरल1
- बड़ागांव क्षेत्र के अंतर्गत गोपालपुर टिकट्डा पर हुआ एक्सीडेंट ट्रैक्टर और बोलेरो का ट्रैक्टर में जवारे विसर्जन करके बगाज माता से लौट रहे श्रद्धालु 20 से 22 लोग घायल बताए जा रहे हैं जिला चिकित्सालय अस्पताल में भर्ती कराया गया टीकमगढ़ मध्य प्रदेश से प्रभु दयाल गौतम1
- Post by ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)1