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प्रखंड अंतर्गत क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल की गड़बड़ियों और अन्य समस्याओं से जल्द राहत मिलने वाली है। माननीय सभापति सह लोकप्रिय विधायक प्रकाश राम जी के विशेष निर्देश पर बिजली विभाग द्वारा एक विशेष बिजली शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में उपभोक्ता अपने गलत बिजली बिल, मीटर से जुड़ी समस्याओं और अन्य शिकायतों का मौके पर ही समाधान पा सकेंगे। विधायक प्रकाश राम जी के इस प्रयास से क्षेत्र के लोगों में भारी उत्साह है और इसे आम जनता के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। यह विशेष शिविर 25 मई 2026, सोमवार को सुबह 10:00 बजे से चंदवा के बिजली विभाग कार्यालय में लगेगा। क्षेत्र के सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि यदि उनके बिजली बिल या कनेक्शन में कोई भी समस्या है, तो वे चंदवा बिजली विभाग कार्यालय पहुंचकर इस शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

12 hrs ago
user_देवसुंदर यादव (DS)
देवसुंदर यादव (DS)
Local News Reporter चंदवा, लातेहार, झारखंड•
12 hrs ago
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प्रखंड अंतर्गत क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल की गड़बड़ियों और अन्य समस्याओं से जल्द राहत मिलने वाली है। माननीय सभापति सह लोकप्रिय विधायक प्रकाश राम जी के विशेष निर्देश पर बिजली विभाग द्वारा एक विशेष बिजली शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में उपभोक्ता अपने गलत बिजली बिल, मीटर से जुड़ी समस्याओं और अन्य शिकायतों का मौके पर ही समाधान पा सकेंगे। विधायक प्रकाश राम जी के इस प्रयास से क्षेत्र के लोगों में भारी उत्साह है और इसे आम जनता के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। यह विशेष शिविर 25 मई 2026, सोमवार को सुबह 10:00 बजे से चंदवा के बिजली विभाग कार्यालय में लगेगा। क्षेत्र के सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि यदि उनके बिजली बिल या कनेक्शन में कोई भी समस्या है, तो वे चंदवा बिजली विभाग कार्यालय पहुंचकर इस शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

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  • चंदवा के चकला-बाना स्थित रेशमी मेटेलिक्स प्लांट गेट के सामने रविवार से मैनपावर कर्मियों और प्रभावित ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कंपनी ने नौकरी नियमितीकरण, लंबित भुगतान और विस्थापितों के पुनर्वास से जुड़े अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। आंदोलनकारियों ने बताया कि 14 जनवरी से कई कर्मियों का भुगतान रोक दिया गया है, और वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को अब तक नियमित नहीं किया गया है। अपनी मांगों को लेकर, प्रदर्शनकारियों ने एक सात सूत्री मांग पत्र सौंपा है, जिसमें नौकरी नियमित करने, लंबित पीएफ-वीडीए भुगतान, भूमि मुआवजा देने और विस्थापित परिवारों को रोजगार या एन्युटी का लाभ उपलब्ध कराने की मांग की गई है। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो वे जिला प्रशासन को सूचना देकर कंपनी का कार्य पूरी तरह बंद करा देंगे। इस संबंध में, कंपनी प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
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    चंदवा के चकला-बाना स्थित रेशमी मेटेलिक्स प्लांट गेट के सामने रविवार से मैनपावर कर्मियों और प्रभावित ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कंपनी ने नौकरी नियमितीकरण, लंबित भुगतान और विस्थापितों के पुनर्वास से जुड़े अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। आंदोलनकारियों ने बताया कि 14 जनवरी से कई कर्मियों का भुगतान रोक दिया गया है, और वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को अब तक नियमित नहीं किया गया है।

अपनी मांगों को लेकर, प्रदर्शनकारियों ने एक सात सूत्री मांग पत्र सौंपा है, जिसमें नौकरी नियमित करने, लंबित पीएफ-वीडीए भुगतान, भूमि मुआवजा देने और विस्थापित परिवारों को रोजगार या एन्युटी का लाभ उपलब्ध कराने की मांग की गई है। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो वे जिला प्रशासन को सूचना देकर कंपनी का कार्य पूरी तरह बंद करा देंगे। इस संबंध में, कंपनी प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
    user_संजय यादव
    संजय यादव
    Local News Reporter चंदवा, लातेहार, झारखंड•
    10 hrs ago
  • लातेहार के बालूमाथ प्रखंड स्थित पिंडारकोम गांव में रविवार को NTPC, CCL और PNM कंपनियों के खिलाफ बसिया पंचायत के ग्रामीणों ने एक ऐतिहासिक ग्राम सभा का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण महापंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और कंपनियों की कार्यशैली के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त किया। ग्राम सभा में ग्रामीणों ने अपने जल, जंगल, जमीन और हक-अधिकारों की रक्षा के लिए अंत तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान रामकुमार यादव ने की, जिसमें बसिया पंचायत की मुखिया बिमला देवी विशेष रूप से उपस्थित रहीं, और मंच संचालन गंगेश्वर यादव ने किया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के फ़ायरब्रांड नेता सौरभ श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि NTPC, CCL और PNM कंपनियां स्थानीय लोगों को रोजगार देने में अनदेखी कर रही हैं, जबकि वे अपने हाइवा वाहन चलाना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि CCL द्वारा वर्ष 1962 में अधिग्रहित जमीन का उचित मुआवजा आज तक नहीं मिला है, और सेक्शन 9 लगाकर उनकी जमीनों पर नियंत्रण किया जा रहा है। इसके अलावा, प्रभावित परिवारों को रोजगार भी नहीं दिया जा रहा, बल्कि हाइवा परिचालन के माध्यम से उन्हें बेरोजगार करने की साजिश रची जा रही है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि CCL और PNM कंपनी ने मिलकर लगभग 700 स्थानीय ट्रकों को काम से बाहर कर दिया है, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के पास अपने ट्रक होने के बावजूद बाहरी हाइवा वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे उनके सामने दाल-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। बैठक में हाइवा परिचालन को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। ग्रामीणों ने तेज रफ्तार हाइवा वाहनों से लगातार बढ़ रहे सड़क दुर्घटनाओं के खतरे पर चिंता जताई, खासकर बच्चों के स्कूल आने-जाने और ग्रामीण क्षेत्रों में खेलने के दौरान। साथ ही, हाइवा से उड़ने वाली धूल के कारण लोगों में स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न शिकायतें भी सामने आईं, जो ट्रकों की तुलना में कहीं अधिक थीं। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि गांव में हाइवा परिचालन नहीं होने दिया जाएगा और स्थानीय ट्रकों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उपस्थित ग्रामीणों ने भगवान और धरती माता को साक्षी मानकर हाथ उठाकर यह संकल्प लिया कि वे अपने जल, जंगल, जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेंगे और किसी भी परिस्थिति में दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। मुखिया बिमला देवी ने जोर देकर कहा कि गांव की सहमति के बिना कोई भी कंपनी यहां कार्य नहीं कर सकती, और जल, जंगल, जमीन गांव की पहचान हैं जिनकी हर हाल में रक्षा की जाएगी। झामुमो नेता सौरभ श्रीवास्तव ने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों के हक और अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कंपनियों को स्थानीय हितों का सम्मान करने और विस्थापितों को न्याय सुनिश्चित करने की चेतावनी दी। ग्राम सभा ने स्थानीय हित में चौदह बिंदुओं का एक प्रस्ताव भी पारित किया, जिसमें ग्राम सभा को प्रदत्त शक्तियों के तहत निर्णय लिए गए हैं। इस प्रस्ताव में CCL के सीएमडी से मिलकर कोलियरी को पूर्व की तर्ज़ पर खोलने की प्रमुख मांग शामिल है। ग्रामीणों की भारी उपस्थिति और एकजुटता, तथा सौरभ श्रीवास्तव की हुंकार को देखते हुए, बालुमाथ क्षेत्र के तेतरियाखाँड़ की इस लड़ाई में पलड़ा ग्रामीणों के पक्ष में झुकने की चर्चा सरेआम है, और CCL पर बंद पड़े खदान को ग्रामीणों की मांग के अनुरूप तत्काल खोलने का दबाव भी बढ़ा है।
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    लातेहार के बालूमाथ प्रखंड स्थित पिंडारकोम गांव में रविवार को NTPC, CCL और PNM कंपनियों के खिलाफ बसिया पंचायत के ग्रामीणों ने एक ऐतिहासिक ग्राम सभा का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण महापंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और कंपनियों की कार्यशैली के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त किया। ग्राम सभा में ग्रामीणों ने अपने जल, जंगल, जमीन और हक-अधिकारों की रक्षा के लिए अंत तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान रामकुमार यादव ने की, जिसमें बसिया पंचायत की मुखिया बिमला देवी विशेष रूप से उपस्थित रहीं, और मंच संचालन गंगेश्वर यादव ने किया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के फ़ायरब्रांड नेता सौरभ श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि NTPC, CCL और PNM कंपनियां स्थानीय लोगों को रोजगार देने में अनदेखी कर रही हैं, जबकि वे अपने हाइवा वाहन चलाना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि CCL द्वारा वर्ष 1962 में अधिग्रहित जमीन का उचित मुआवजा आज तक नहीं मिला है, और सेक्शन 9 लगाकर उनकी जमीनों पर नियंत्रण किया जा रहा है। इसके अलावा, प्रभावित परिवारों को रोजगार भी नहीं दिया जा रहा, बल्कि हाइवा परिचालन के माध्यम से उन्हें बेरोजगार करने की साजिश रची जा रही है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि CCL और PNM कंपनी ने मिलकर लगभग 700 स्थानीय ट्रकों को काम से बाहर कर दिया है, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के पास अपने ट्रक होने के बावजूद बाहरी हाइवा वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे उनके सामने दाल-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है।

बैठक में हाइवा परिचालन को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। ग्रामीणों ने तेज रफ्तार हाइवा वाहनों से लगातार बढ़ रहे सड़क दुर्घटनाओं के खतरे पर चिंता जताई, खासकर बच्चों के स्कूल आने-जाने और ग्रामीण क्षेत्रों में खेलने के दौरान। साथ ही, हाइवा से उड़ने वाली धूल के कारण लोगों में स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न शिकायतें भी सामने आईं, जो ट्रकों की तुलना में कहीं अधिक थीं। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि गांव में हाइवा परिचालन नहीं होने दिया जाएगा और स्थानीय ट्रकों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उपस्थित ग्रामीणों ने भगवान और धरती माता को साक्षी मानकर हाथ उठाकर यह संकल्प लिया कि वे अपने जल, जंगल, जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेंगे और किसी भी परिस्थिति में दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। मुखिया बिमला देवी ने जोर देकर कहा कि गांव की सहमति के बिना कोई भी कंपनी यहां कार्य नहीं कर सकती, और जल, जंगल, जमीन गांव की पहचान हैं जिनकी हर हाल में रक्षा की जाएगी।

झामुमो नेता सौरभ श्रीवास्तव ने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों के हक और अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कंपनियों को स्थानीय हितों का सम्मान करने और विस्थापितों को न्याय सुनिश्चित करने की चेतावनी दी। ग्राम सभा ने स्थानीय हित में चौदह बिंदुओं का एक प्रस्ताव भी पारित किया, जिसमें ग्राम सभा को प्रदत्त शक्तियों के तहत निर्णय लिए गए हैं। इस प्रस्ताव में CCL के सीएमडी से मिलकर कोलियरी को पूर्व की तर्ज़ पर खोलने की प्रमुख मांग शामिल है। ग्रामीणों की भारी उपस्थिति और एकजुटता, तथा सौरभ श्रीवास्तव की हुंकार को देखते हुए, बालुमाथ क्षेत्र के तेतरियाखाँड़ की इस लड़ाई में पलड़ा ग्रामीणों के पक्ष में झुकने की चर्चा सरेआम है, और CCL पर बंद पड़े खदान को ग्रामीणों की मांग के अनुरूप तत्काल खोलने का दबाव भी बढ़ा है।
    user_MUKESH NATH
    MUKESH NATH
    चंदवा, लातेहार, झारखंड•
    11 hrs ago
  • दिल्ली के लाल किला में आयोजित जनजाति संस्कृति महा संगम कार्यक्रम में झारखंड के लातेहार जिले के पोचरा, माजर गांव निवासी सत्येंद्र सिंह खेरवार ने जनजाति हित, संस्कृति और समाज के उत्थान पर एक प्रभावशाली उद्बोधन दिया। इस कार्यक्रम में देश के गृहमंत्री अमित शाह भी मंच पर उपस्थित थे, जिन्होंने सत्येंद्र सिंह की बातों को गंभीरता से सुना। अपने संबोधन के दौरान, अमित शाह ने कई बार सत्येंद्र सिंह का नाम लेकर उनके कार्यों की सराहना की, जिससे लातेहार का नाम राष्ट्रीय मंच पर गूंज उठा। सत्येंद्र सिंह ने लातेहार जैसे छोटे जिले के माजर गांव से निकलकर एक संगठन के माध्यम से अपनी राष्ट्रीय पहचान बनाई है। उनका प्रारंभिक जीवन वनवासी कल्याण केंद्र में प्रखंड संगठन मंत्री के रूप में शुरू हुआ था। इस दौरान उन्हें स्व. डॉ. आर.पी. गुप्ता और उनकी धर्मपत्नी स्व. कुंती देवी का हर कदम पर मार्गदर्शन और सहयोग मिला। आज वे राष्ट्रीय स्तर पर जनजाति समाज की एक प्रमुख आवाज बन चुके हैं। नई दिल्ली में देशभर से आए लाखों जनजाति समाज के लोगों के बीच मंच से मार्गदर्शन देना लातेहार के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। एक छोटे गांव से निकलकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाना युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। माजर भले ही एक अविकसित गांव है, लेकिन इसके निवासी आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए वर्षों जेल में रहे थे। राष्ट्र और धर्म के लिए माजर गांव सदैव आगे रहा है।
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    दिल्ली के लाल किला में आयोजित जनजाति संस्कृति महा संगम कार्यक्रम में झारखंड के लातेहार जिले के पोचरा, माजर गांव निवासी सत्येंद्र सिंह खेरवार ने जनजाति हित, संस्कृति और समाज के उत्थान पर एक प्रभावशाली उद्बोधन दिया। इस कार्यक्रम में देश के गृहमंत्री अमित शाह भी मंच पर उपस्थित थे, जिन्होंने सत्येंद्र सिंह की बातों को गंभीरता से सुना। अपने संबोधन के दौरान, अमित शाह ने कई बार सत्येंद्र सिंह का नाम लेकर उनके कार्यों की सराहना की, जिससे लातेहार का नाम राष्ट्रीय मंच पर गूंज उठा।

सत्येंद्र सिंह ने लातेहार जैसे छोटे जिले के माजर गांव से निकलकर एक संगठन के माध्यम से अपनी राष्ट्रीय पहचान बनाई है। उनका प्रारंभिक जीवन वनवासी कल्याण केंद्र में प्रखंड संगठन मंत्री के रूप में शुरू हुआ था। इस दौरान उन्हें स्व. डॉ. आर.पी. गुप्ता और उनकी धर्मपत्नी स्व. कुंती देवी का हर कदम पर मार्गदर्शन और सहयोग मिला। आज वे राष्ट्रीय स्तर पर जनजाति समाज की एक प्रमुख आवाज बन चुके हैं।

नई दिल्ली में देशभर से आए लाखों जनजाति समाज के लोगों के बीच मंच से मार्गदर्शन देना लातेहार के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। एक छोटे गांव से निकलकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाना युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। माजर भले ही एक अविकसित गांव है, लेकिन इसके निवासी आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए वर्षों जेल में रहे थे। राष्ट्र और धर्म के लिए माजर गांव सदैव आगे रहा है।
    user_Vikash Tiwary
    Vikash Tiwary
    पत्रकार लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    55 min ago
  • कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में भटकल के पास एक नदी में सीपियां इकट्ठा करने गए आठ लोगों की डूबने से मौत हो गई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद दो अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मरने वालों में सात महिलाएं शामिल थीं। यह घटना तब हुई जब ये लोग नदी में सीपियां चुन रहे थे।
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    कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में भटकल के पास एक नदी में सीपियां इकट्ठा करने गए आठ लोगों की डूबने से मौत हो गई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद दो अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

मरने वालों में सात महिलाएं शामिल थीं। यह घटना तब हुई जब ये लोग नदी में सीपियां चुन रहे थे।
    user_Er KHAN Sir
    Er KHAN Sir
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    9 hrs ago
  • आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में मनाने के उद्देश्य से बरवाडीह थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। रविवार को अंचलाधिकारी लवकेश सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य विषय पर्व के दौरान कानून व्यवस्था को बनाए रखना था, जिस पर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक का आयोजन विशेष रूप से बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए किया गया।
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    आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में मनाने के उद्देश्य से बरवाडीह थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। रविवार को अंचलाधिकारी लवकेश सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

चर्चा का मुख्य विषय पर्व के दौरान कानून व्यवस्था को बनाए रखना था, जिस पर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक का आयोजन विशेष रूप से बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए किया गया।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    11 hrs ago
  • झारखंड के लातेहार में पुलिस ने 5 लाख के इनामी नक्सली शिवनारायण सिंह उर्फ शिवा को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर उग्रवादी संगठन जेजेएमपी के एरिया कमांडर सुकुलदेव उरांव को भी दबोचा गया है।
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    झारखंड के लातेहार में पुलिस ने 5 लाख के इनामी नक्सली शिवनारायण सिंह उर्फ शिवा को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर उग्रवादी संगठन जेजेएमपी के एरिया कमांडर सुकुलदेव उरांव को भी दबोचा गया है।
    user_Nihit Kumar
    Nihit Kumar
    Latehar, Jharkhand•
    23 hrs ago
  • लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेन्हा से एक मामला सामने आया है, जहाँ एक चिकित्सक ने शक्ति का दुरुपयोग करते हुए सरकारी कार्य में हस्तक्षेप किया। यह घटना पुलिस हिरासत में आए एक आरोपी की उम्र और स्वास्थ्य सत्यापन को लेकर संबंधित चिकित्सक से हुई बहस से जुड़ी है। इस पूरे प्रकरण को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि यदि सरकारी कार्यों में ही चिकित्सक इस प्रकार शक्ति का दुरुपयोग करते हैं और हस्तक्षेप करते हैं, तो आम जनता के साथ उनका व्यवहार कैसा होगा और उन्हें कैसी सुविधाएँ मिलती होंगी। यह स्थिति जांच का विषय है।
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    लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेन्हा से एक मामला सामने आया है, जहाँ एक चिकित्सक ने शक्ति का दुरुपयोग करते हुए सरकारी कार्य में हस्तक्षेप किया। यह घटना पुलिस हिरासत में आए एक आरोपी की उम्र और स्वास्थ्य सत्यापन को लेकर संबंधित चिकित्सक से हुई बहस से जुड़ी है। इस पूरे प्रकरण को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि यदि सरकारी कार्यों में ही चिकित्सक इस प्रकार शक्ति का दुरुपयोग करते हैं और हस्तक्षेप करते हैं, तो आम जनता के साथ उनका व्यवहार कैसा होगा और उन्हें कैसी सुविधाएँ मिलती होंगी। यह स्थिति जांच का विषय है।
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
    9 hrs ago
  • लातेहार जिले के पिंडारकोम गांव में आयोजित एक ग्रामसभा में ग्रामीणों ने एनटीपीसी, सीसीएल और पीएनएम कंपनियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कंपनियों पर स्थानीय लोगों को रोजगार न देने, बाहरी हाईवा वाहनों को प्राथमिकता देने और उनकी जमीन संबंधी समस्याओं का समाधान न करने का आरोप लगाया। इस ग्रामसभा में शामिल हुए झामुमो नेता सौरभ श्रीवास्तव ने जल, जंगल और जमीन के अपने हक की इस लड़ाई में ग्रामीणों का अंतिम समय तक साथ देने का ऐलान किया। उन्होंने कंपनियों से स्थानीय हितों का सम्मान करने और विस्थापितों को न्याय प्रदान करने की मांग की। ग्रामसभा में मौजूद ग्रामीणों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने स्थानीय ट्रकों को प्राथमिकता देने और बंद पड़ी कोलियरियों को फिर से शुरू करने की भी मांग की।
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    लातेहार जिले के पिंडारकोम गांव में आयोजित एक ग्रामसभा में ग्रामीणों ने एनटीपीसी, सीसीएल और पीएनएम कंपनियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कंपनियों पर स्थानीय लोगों को रोजगार न देने, बाहरी हाईवा वाहनों को प्राथमिकता देने और उनकी जमीन संबंधी समस्याओं का समाधान न करने का आरोप लगाया।

इस ग्रामसभा में शामिल हुए झामुमो नेता सौरभ श्रीवास्तव ने जल, जंगल और जमीन के अपने हक की इस लड़ाई में ग्रामीणों का अंतिम समय तक साथ देने का ऐलान किया। उन्होंने कंपनियों से स्थानीय हितों का सम्मान करने और विस्थापितों को न्याय प्रदान करने की मांग की।

ग्रामसभा में मौजूद ग्रामीणों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने स्थानीय ट्रकों को प्राथमिकता देने और बंद पड़ी कोलियरियों को फिर से शुरू करने की भी मांग की।
    user_संजय यादव
    संजय यादव
    Local News Reporter चंदवा, लातेहार, झारखंड•
    12 hrs ago
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