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टीकमगढ़: नगर पालिका की 55 दुकानों पर से प्रशासन ने अवैध कब्जा हटाकर दुकानें की‌ सील टीकमगढ़: नगर पालिका की 55 दुकानों पर से प्रशासन ने अवैध कब्जा हटाकर दुकानें की‌ सील टीकमगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में अवैध रूप से कब्जा की गई 55 दुकानों पर मंगलवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। नगर पालिका और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने सभी दुकानों को सील कर कब्जे में ले लिया। अबैध कव्जा हटाने की कार्यवाही के दौरान कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय भी मौजूद रहे । *कटर से काटे गए ताले, सामान निकाला बाहर* कार्यवाही के दौरान कुछ दुकानों के ताले कटर से काटकर अंदर रखा सामान बाहर निकाला गया। इसके बाद दुकानों को सील कर उन पर नोटिस चस्पा* किए गए। *कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई* यह कार्रवाई कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय* के निर्देश पर की गई। टीएल बैठक में नगर पालिका की करीब 55 दुकानों पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया था। कलेक्टर ने सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया और प्रभारी अध्यक्ष डिप्टी कलेक्टर अंजली शर्मा को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के आदेश पर एसडीएम संस्कृति लिटोरिया, तहसीलदार सत्येंद्र सिंह गुर्जर, एसडीओपी राहुल कटारे सहित नगर पालिका की टीम ने *कलेक्ट्रेट के सामने, मां कर्मा बाई मार्केट और पुरानी तहसील सहित विभिन्न स्थानों पर चिन्हित दुकानों पर दबिश देकर कार्रवाई की। *राजस्व नुकसान और नए सिरे से होगा आवंटन* कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने बताया कि अवैध कब्जे के कारण नगर पालिका को *राजस्व का नुकसान* हो रहा था और दुकानों के नियमानुसार आवंटन में भी बाधा आ रही थी। अब इन 55 दुकानों को खाली कराकर *नए सिरे से आवंटन प्रक्रिया* शुरू की जाएगी। उन्होंने सीएमओ और प्रभारी अध्यक्ष को निर्देश दिए कि अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही जितने समय तक दुकानों पर अवैध कब्जा रहा है, उसका हिसाब लगाकर संबंधित दुकानदारों से वसूली की जाए। वाईट कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय टीकमगढ़

4 hrs ago
user_MUHAMMAD KHWAJA JOURNALIST
MUHAMMAD KHWAJA JOURNALIST
Media company पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

टीकमगढ़: नगर पालिका की 55 दुकानों पर से प्रशासन ने अवैध कब्जा हटाकर दुकानें की‌ सील टीकमगढ़: नगर पालिका की 55 दुकानों पर से प्रशासन ने अवैध कब्जा हटाकर दुकानें की‌ सील टीकमगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में अवैध रूप से कब्जा की गई 55 दुकानों पर मंगलवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। नगर पालिका और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने सभी दुकानों को सील कर कब्जे में ले लिया। अबैध कव्जा हटाने की कार्यवाही के दौरान कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय भी मौजूद रहे । *कटर से काटे गए ताले, सामान निकाला बाहर* कार्यवाही के दौरान कुछ दुकानों के ताले कटर से काटकर अंदर रखा सामान बाहर निकाला गया। इसके बाद दुकानों को सील कर उन पर नोटिस चस्पा* किए गए। *कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई* यह कार्रवाई कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय* के निर्देश पर की गई। टीएल बैठक में नगर पालिका की करीब 55 दुकानों पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया था। कलेक्टर ने सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया और प्रभारी अध्यक्ष डिप्टी कलेक्टर अंजली शर्मा को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के आदेश पर एसडीएम संस्कृति लिटोरिया, तहसीलदार सत्येंद्र सिंह गुर्जर, एसडीओपी राहुल कटारे सहित नगर पालिका की टीम ने *कलेक्ट्रेट के सामने, मां कर्मा बाई मार्केट और पुरानी तहसील सहित विभिन्न स्थानों पर चिन्हित दुकानों पर दबिश देकर कार्रवाई की। *राजस्व नुकसान और नए सिरे से होगा आवंटन* कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने बताया कि अवैध कब्जे के कारण नगर पालिका को *राजस्व का नुकसान* हो रहा था और दुकानों के नियमानुसार आवंटन में भी बाधा आ रही थी। अब इन 55 दुकानों को खाली कराकर *नए सिरे से आवंटन प्रक्रिया* शुरू की जाएगी। उन्होंने सीएमओ और प्रभारी अध्यक्ष को निर्देश दिए कि अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही जितने समय तक दुकानों पर अवैध कब्जा रहा है, उसका हिसाब लगाकर संबंधित दुकानदारों से वसूली की जाए। वाईट कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय टीकमगढ़

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  • बैरवार में विधिक साक्षरता शिविर, छात्र-छात्राओं को मिले अधिकारों की जानकारी और स्कूल बैग बैरवार में विधिक साक्षरता शिविर, छात्र-छात्राओं को मिले अधिकारों की जानकारी और स्कूल बैग जतारा | संवाददाता टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत बैरवार स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छात्र-छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा संबंधी कानूनों एवं शिक्षा के महत्व से अवगत कराया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत बैरवार के सरपंच सुरेन्द्र सिंह दांगी ने विद्यार्थियों को स्कूल बैग वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टीकमगढ़ की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती प्रवीणा व्यास के मार्गदर्शन में तथा नालसा द्वारा संचालित "बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएँ" योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया। शिविर में प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री हरीश बानवंशी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में विशेष रूप से बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को घरेलू हिंसा, बाल विवाह निषेध, दहेज निषेध, पॉक्सो अधिनियम तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान सरपंच सुरेन्द्र सिंह दांगी ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी ताकत बताया और सभी छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग वितरित किए। विद्यालय परिवार एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की आवश्यकता बताई।
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    बैरवार
  में विधिक साक्षरता शिविर, छात्र-छात्राओं को मिले अधिकारों की जानकारी और स्कूल बैग
बैरवार
में विधिक साक्षरता शिविर, छात्र-छात्राओं को मिले अधिकारों की जानकारी और स्कूल बैग
जतारा | संवाददाता
टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत बैरवार स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छात्र-छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा संबंधी कानूनों एवं शिक्षा के महत्व से अवगत कराया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत बैरवार के सरपंच सुरेन्द्र सिंह दांगी ने विद्यार्थियों को स्कूल बैग वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टीकमगढ़ की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती प्रवीणा व्यास के मार्गदर्शन में तथा नालसा द्वारा संचालित "बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएँ" योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया।
शिविर में प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री हरीश बानवंशी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में विशेष रूप से बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को घरेलू हिंसा, बाल विवाह निषेध, दहेज निषेध, पॉक्सो अधिनियम तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान सरपंच सुरेन्द्र सिंह दांगी ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी ताकत बताया और सभी छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग वितरित किए। विद्यालय परिवार एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की आवश्यकता बताई।
    user_Mahendra Kumar Dubey
    Mahendra Kumar Dubey
    Voice of people जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • डारगुवा में चोरी का मामला: 20–21 दिन बाद भी नहीं हुआ खुलासा, पीड़ित ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल डारगुवा में चोरी का मामला: 20–21 दिन बाद भी नहीं हुआ खुलासा, पीड़ित ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल बल्देवगढ़ (टीकमगढ़)। थाना बल्देवगढ़ की चौकी देवरदा अंतर्गत ग्राम डारगुवा में हुई चोरी की वारदात का अब तक खुलासा नहीं होने से पीड़ित परिवार में नाराजगी है। पीड़ित महिपाल सिंह बुंदेला, पिता हीरा सिंह बुंदेला ने लिखित आवेदन देकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पीड़ित के अनुसार, लगभग 20 से 21 दिन पूर्व अज्ञात चोर उनके घर में घुस गए थे। आरोप है कि चोरों ने गोदरेज अलमारी का ताला तोड़कर उसमें रखे सोने-चांदी के आभूषण एवं नगदी चोरी कर ली। घटना के संबंध में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। महिपाल सिंह बुंदेला का आरोप है कि उन्होंने अपने आवेदन में गांव के कुछ लोगों पर चोरी में संलिप्त होने का संदेह व्यक्त करते हुए उनके नाम भी बताए हैं, लेकिन रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद आज तक न तो चोरी का खुलासा किया गया है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र आरोपियों को गिरफ्तार करने तथा चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है।
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    डारगुवा में चोरी का मामला: 20–21 दिन बाद भी नहीं हुआ खुलासा, पीड़ित ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
डारगुवा में चोरी का मामला: 20–21 दिन बाद भी नहीं हुआ खुलासा, पीड़ित ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
बल्देवगढ़ (टीकमगढ़)। थाना बल्देवगढ़ की चौकी देवरदा अंतर्गत ग्राम डारगुवा में हुई चोरी की वारदात का अब तक खुलासा नहीं होने से पीड़ित परिवार में नाराजगी है। पीड़ित महिपाल सिंह बुंदेला, पिता हीरा सिंह बुंदेला ने लिखित आवेदन देकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
पीड़ित के अनुसार, लगभग 20 से 21 दिन पूर्व अज्ञात चोर उनके घर में घुस गए थे। आरोप है कि चोरों ने गोदरेज अलमारी का ताला तोड़कर उसमें रखे सोने-चांदी के आभूषण एवं नगदी चोरी कर ली। घटना के संबंध में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
महिपाल सिंह बुंदेला का आरोप है कि उन्होंने अपने आवेदन में गांव के कुछ लोगों पर चोरी में संलिप्त होने का संदेह व्यक्त करते हुए उनके नाम भी बताए हैं, लेकिन रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद आज तक न तो चोरी का खुलासा किया गया है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है।
पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र आरोपियों को गिरफ्तार करने तथा चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है।
    user_रिपोर्टधर्मेंद्र सिंह लोधी
    रिपोर्टधर्मेंद्र सिंह लोधी
    बलदेवगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बड़ी जेसीबी रुकी, तो छोटी जेसीबी ले आए ! आखिर कब बचेगा किशोर सागर तालाब? छतरपुर का किशोर सागर तालाब आज केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि शहर की पर्यावरणीय धरोहर और आने वाली पीढ़ियों की अमानत है। लेकिन सवाल यह है कि क्या कुछ प्रभावशाली लोगों के स्वार्थ के सामने इस धरोहर का अस्तित्व समाप्त होने दिया जाएगा? स्थानीय लोगों के अनुसार, तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में लंबे समय से हस्तक्षेप और भराव की शिकायतें सामने आती रही हैं। जब बड़ी मशीनों से काम पर सवाल उठे, मीडिया ने मुद्दा उठाया और जनप्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप किया, तब लगा कि शायद तालाब को राहत मिलेगी। लेकिन अब आरोप हैं कि छोटी मशीनों के जरिए वही काम फिर शुरू हो गया है। यदि यह सच है, तो यह केवल नियमों की अनदेखी नहीं, बल्कि कानून और पर्यावरण दोनों को चुनौती देने जैसा है। सबसे बड़ा सवाल प्रशासन से है
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    बड़ी जेसीबी रुकी, तो छोटी जेसीबी ले आए ! आखिर कब बचेगा किशोर सागर तालाब?
छतरपुर का किशोर सागर तालाब आज केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि शहर की पर्यावरणीय धरोहर और आने वाली पीढ़ियों की अमानत है। लेकिन सवाल यह है कि क्या कुछ प्रभावशाली लोगों के स्वार्थ के सामने इस धरोहर का अस्तित्व समाप्त होने दिया जाएगा?
स्थानीय लोगों के अनुसार, तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में लंबे समय से हस्तक्षेप और भराव की शिकायतें सामने आती रही हैं। जब बड़ी मशीनों से काम पर सवाल उठे, मीडिया ने मुद्दा उठाया और जनप्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप किया, तब लगा कि शायद तालाब को राहत मिलेगी। लेकिन अब आरोप हैं कि छोटी मशीनों के जरिए वही काम फिर शुरू हो गया है। यदि यह सच है, तो यह केवल नियमों की अनदेखी नहीं, बल्कि कानून और पर्यावरण दोनों को चुनौती देने जैसा है।
सबसे बड़ा सवाल प्रशासन से है
    user_पत्रकार धर्मेंद्र बुन्देला
    पत्रकार धर्मेंद्र बुन्देला
    Local News Reporter लौंडी, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • Thana Kshetra mein Laga fir se jaam ek yuvak ki Hui hatya satai Thana Kshetra mein Laga fir se jaan satik Thana Kshetra ke aspataal mein Hui ek yuvak ki maut doctor na hone ke Karan
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    Thana Kshetra mein Laga fir se jaam ek yuvak ki Hui hatya
satai Thana Kshetra mein Laga fir se jaan satik Thana Kshetra ke aspataal mein Hui ek yuvak ki maut doctor na hone ke Karan
    user_Rockiy Bhai
    Rockiy Bhai
    Engineer लौंडी, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • *पलेरा के युवा वैज्ञानिक प्रखर विश्वकर्मा नई दिल्ली में 'भारत के सबसे युवा उभरते इनोवेटर' अवार्ड से सम्मानित* _नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्पेस पॉलिसी कॉन्फ्रेंस में मिला राष्ट्रीय सम्मान; 15 की उम्र में स्टार्टअप शुरू कर 40 से अधिक देशों के लिए कर रहे काम_ पलेरा। नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित होटल 'द इम्पीरियल' में आयोजित राष्ट्रीय स्पेस पॉलिसी कॉन्फ्रेंस (अंतरिक्ष नीति सम्मेलन) में मध्य प्रदेश के पलेरा नगर का नाम देश भर में रोशन हुआ। बंसल इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के मेकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र और उभरते युवा वैज्ञानिक प्रखर विश्वकर्मा को अंतरिक्ष विज्ञान में उत्कृष्ट योगदान और नवोन्मेषी शोध के लिए 'भारत के सबसे युवा उभरते इनोवेटर' (यंगेस्ट इमर्जिंग इनोवेटर) के राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है। उनकी इस अभूतपूर्व सफलता से क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में हर्ष की लहर है। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन का संयुक्त आयोजन ITU-APT फाउंडेशन ऑफ इंडिया और फोरम ग्लोबल द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश की नई अंतरिक्ष नीतियों के प्रभाव तथा उनके व्यावहारिक फायदों को आम जनता तक पहुँचाने की रूपरेखा तैयार करना था। इस वैश्विक मंच पर भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT), TRAI, ISRO, IN-SPACe, अमेजन और अमेरिका के FCC स्पेस ब्यूरो जैसी संस्थाओं के शीर्ष अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान भारत के तेजी से बदलते स्पेस इकोसिस्टम और निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी, विशेषकर 'स्काईरूट एयरोस्पेस' के 'विक्रम-1' मिशन की सफलता पर गहन मंथन हुआ। सम्मान प्राप्त करने के उपरांत प्रखर विश्वकर्मा ने इसरो की वरिष्ठ अधिकारी सोनाली नंदा, इंडियन स्पेस एसोसिएशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अनिल भट्ट (रिटायर्ड) और ITU-APT के अध्यक्ष भारत भाटिया सहित दिग्गजों से अपने आगामी वैज्ञानिक प्रोजेक्ट्स पर चर्चा की, जिसे वैज्ञानिकों ने खूब सराहा। प्रखर की यह उपलब्धि उनकी वर्षों की कठिन मेहनत का परिणाम है। महज 15 वर्ष की आयु में मध्य प्रदेश का पहला एयरोस्पेस स्टार्टअप 'एयरो एक्स स्पेस टेक्नोलॉजी' शुरू कर उन्होंने इतिहास रचा था। वर्तमान में उनका यह स्टार्टअप दुनिया के 40 से अधिक देशों के लिए रॉकेट, सैटेलाइट, ड्रोन और मिसाइल डिजाइनिंग पर कार्य कर रहा है। अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में प्रखर के नाम 400 से अधिक सर्टिफिकेट दर्ज हैं, साथ ही वे 13 नेशनल और 4 इंटरनेशनल अवॉर्ड्स से सम्मानित हो चुके हैं। अपनी शोध के साथ-साथ प्रखर सामाजिक उत्तरदायित्व भी निभा रहे हैं; वे वेबिनार, सेमिनार और कार्यशालाओं के माध्यम से स्कूली बच्चों तक मुफ्त स्पेस एजुकेशन पहुँचाने में जुटे हैं। पलेरा के स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और शैक्षणिक संस्थानों ने प्रखर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को क्षेत्र और देश के युवाओं के लिए बेहद प्रेरणादायक बताया है। *पलेरा के युवा वैज्ञानिक प्रखर विश्वकर्मा नई दिल्ली में 'भारत के सबसे युवा उभरते इनोवेटर' अवार्ड से सम्मानित* _नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्पेस पॉलिसी कॉन्फ्रेंस में मिला राष्ट्रीय सम्मान; 15 की उम्र में स्टार्टअप शुरू कर 40 से अधिक देशों के लिए कर रहे काम_ पलेरा। नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित होटल 'द इम्पीरियल' में आयोजित राष्ट्रीय स्पेस पॉलिसी कॉन्फ्रेंस (अंतरिक्ष नीति सम्मेलन) में मध्य प्रदेश के पलेरा नगर का नाम देश भर में रोशन हुआ। बंसल इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के मेकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र और उभरते युवा वैज्ञानिक प्रखर विश्वकर्मा को अंतरिक्ष विज्ञान में उत्कृष्ट योगदान और नवोन्मेषी शोध के लिए 'भारत के सबसे युवा उभरते इनोवेटर' (यंगेस्ट इमर्जिंग इनोवेटर) के राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है। उनकी इस अभूतपूर्व सफलता से क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में हर्ष की लहर है। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन का संयुक्त आयोजन ITU-APT फाउंडेशन ऑफ इंडिया और फोरम ग्लोबल द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश की नई अंतरिक्ष नीतियों के प्रभाव तथा उनके व्यावहारिक फायदों को आम जनता तक पहुँचाने की रूपरेखा तैयार करना था। इस वैश्विक मंच पर भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT), TRAI, ISRO, IN-SPACe, अमेजन और अमेरिका के FCC स्पेस ब्यूरो जैसी संस्थाओं के शीर्ष अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान भारत के तेजी से बदलते स्पेस इकोसिस्टम और निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी, विशेषकर 'स्काईरूट एयरोस्पेस' के 'विक्रम-1' मिशन की सफलता पर गहन मंथन हुआ। सम्मान प्राप्त करने के उपरांत प्रखर विश्वकर्मा ने इसरो की वरिष्ठ अधिकारी सोनाली नंदा, इंडियन स्पेस एसोसिएशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अनिल भट्ट (रिटायर्ड) और ITU-APT के अध्यक्ष भारत भाटिया सहित दिग्गजों से अपने आगामी वैज्ञानिक प्रोजेक्ट्स पर चर्चा की, जिसे वैज्ञानिकों ने खूब सराहा। प्रखर की यह उपलब्धि उनकी वर्षों की कठिन मेहनत का परिणाम है। महज 15 वर्ष की आयु में मध्य प्रदेश का पहला एयरोस्पेस स्टार्टअप 'एयरो एक्स स्पेस टेक्नोलॉजी' शुरू कर उन्होंने इतिहास रचा था। वर्तमान में उनका यह स्टार्टअप दुनिया के 40 से अधिक देशों के लिए रॉकेट, सैटेलाइट, ड्रोन और मिसाइल डिजाइनिंग पर कार्य कर रहा है। अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में प्रखर के नाम 400 से अधिक सर्टिफिकेट दर्ज हैं, साथ ही वे 13 नेशनल और 4 इंटरनेशनल अवॉर्ड्स से सम्मानित हो चुके हैं। अपनी शोध के साथ-साथ प्रखर सामाजिक उत्तरदायित्व भी निभा रहे हैं; वे वेबिनार, सेमिनार और कार्यशालाओं के माध्यम से स्कूली बच्चों तक मुफ्त स्पेस एजुकेशन पहुँचाने में जुटे हैं। पलेरा के स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और शैक्षणिक संस्थानों ने प्रखर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को क्षेत्र और देश के युवाओं के लिए बेहद प्रेरणादायक बताया है।
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    *पलेरा के युवा वैज्ञानिक प्रखर विश्वकर्मा नई दिल्ली में 'भारत के सबसे युवा उभरते इनोवेटर' अवार्ड से सम्मानित*

_नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्पेस पॉलिसी कॉन्फ्रेंस में मिला राष्ट्रीय सम्मान; 15 की उम्र में स्टार्टअप शुरू कर 40 से अधिक देशों के लिए कर रहे काम_


पलेरा। नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित होटल 'द इम्पीरियल' में आयोजित राष्ट्रीय स्पेस पॉलिसी कॉन्फ्रेंस (अंतरिक्ष नीति सम्मेलन) में मध्य प्रदेश के पलेरा नगर का नाम देश भर में रोशन हुआ। बंसल इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के मेकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र और उभरते युवा वैज्ञानिक प्रखर विश्वकर्मा को अंतरिक्ष विज्ञान में उत्कृष्ट योगदान और नवोन्मेषी शोध के लिए 'भारत के सबसे युवा उभरते इनोवेटर' (यंगेस्ट इमर्जिंग इनोवेटर) के राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है। उनकी इस अभूतपूर्व सफलता से क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में हर्ष की लहर है।
इस उच्चस्तरीय सम्मेलन का संयुक्त आयोजन ITU-APT फाउंडेशन ऑफ इंडिया और फोरम ग्लोबल द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश की नई अंतरिक्ष नीतियों के प्रभाव तथा उनके व्यावहारिक फायदों को आम जनता तक पहुँचाने की रूपरेखा तैयार करना था। इस वैश्विक मंच पर भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT), TRAI, ISRO, IN-SPACe, अमेजन और अमेरिका के FCC स्पेस ब्यूरो जैसी संस्थाओं के शीर्ष अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान भारत के तेजी से बदलते स्पेस इकोसिस्टम और निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी, विशेषकर 'स्काईरूट एयरोस्पेस' के 'विक्रम-1' मिशन की सफलता पर गहन मंथन हुआ। सम्मान प्राप्त करने के उपरांत प्रखर विश्वकर्मा ने इसरो की वरिष्ठ अधिकारी सोनाली नंदा, इंडियन स्पेस एसोसिएशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अनिल भट्ट (रिटायर्ड) और ITU-APT के अध्यक्ष भारत भाटिया सहित दिग्गजों से अपने आगामी वैज्ञानिक प्रोजेक्ट्स पर चर्चा की, जिसे वैज्ञानिकों ने खूब सराहा।
प्रखर की यह उपलब्धि उनकी वर्षों की कठिन मेहनत का परिणाम है। महज 15 वर्ष की आयु में मध्य प्रदेश का पहला एयरोस्पेस स्टार्टअप 'एयरो एक्स स्पेस टेक्नोलॉजी' शुरू कर उन्होंने इतिहास रचा था। वर्तमान में उनका यह स्टार्टअप दुनिया के 40 से अधिक देशों के लिए रॉकेट, सैटेलाइट, ड्रोन और मिसाइल डिजाइनिंग पर कार्य कर रहा है।
अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में प्रखर के नाम 400 से अधिक सर्टिफिकेट दर्ज हैं, साथ ही वे 13 नेशनल और 4 इंटरनेशनल अवॉर्ड्स से सम्मानित हो चुके हैं। अपनी शोध के साथ-साथ प्रखर सामाजिक उत्तरदायित्व भी निभा रहे हैं; वे वेबिनार, सेमिनार और कार्यशालाओं के माध्यम से स्कूली बच्चों तक मुफ्त स्पेस एजुकेशन पहुँचाने में जुटे हैं। पलेरा के स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और शैक्षणिक संस्थानों ने प्रखर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को क्षेत्र और देश के युवाओं के लिए बेहद प्रेरणादायक बताया है।
*पलेरा के युवा वैज्ञानिक प्रखर विश्वकर्मा नई दिल्ली में 'भारत के सबसे युवा उभरते इनोवेटर' अवार्ड से सम्मानित*
_नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्पेस पॉलिसी कॉन्फ्रेंस में मिला राष्ट्रीय सम्मान; 15 की उम्र में स्टार्टअप शुरू कर 40 से अधिक देशों के लिए कर रहे काम_
पलेरा। नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित होटल 'द इम्पीरियल' में आयोजित राष्ट्रीय स्पेस पॉलिसी कॉन्फ्रेंस (अंतरिक्ष नीति सम्मेलन) में मध्य प्रदेश के पलेरा नगर का नाम देश भर में रोशन हुआ। बंसल इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के मेकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र और उभरते युवा वैज्ञानिक प्रखर विश्वकर्मा को अंतरिक्ष विज्ञान में उत्कृष्ट योगदान और नवोन्मेषी शोध के लिए 'भारत के सबसे युवा उभरते इनोवेटर' (यंगेस्ट इमर्जिंग इनोवेटर) के राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है। उनकी इस अभूतपूर्व सफलता से क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में हर्ष की लहर है।
इस उच्चस्तरीय सम्मेलन का संयुक्त आयोजन ITU-APT फाउंडेशन ऑफ इंडिया और फोरम ग्लोबल द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश की नई अंतरिक्ष नीतियों के प्रभाव तथा उनके व्यावहारिक फायदों को आम जनता तक पहुँचाने की रूपरेखा तैयार करना था। इस वैश्विक मंच पर भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT), TRAI, ISRO, IN-SPACe, अमेजन और अमेरिका के FCC स्पेस ब्यूरो जैसी संस्थाओं के शीर्ष अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान भारत के तेजी से बदलते स्पेस इकोसिस्टम और निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी, विशेषकर 'स्काईरूट एयरोस्पेस' के 'विक्रम-1' मिशन की सफलता पर गहन मंथन हुआ। सम्मान प्राप्त करने के उपरांत प्रखर विश्वकर्मा ने इसरो की वरिष्ठ अधिकारी सोनाली नंदा, इंडियन स्पेस एसोसिएशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अनिल भट्ट (रिटायर्ड) और ITU-APT के अध्यक्ष भारत भाटिया सहित दिग्गजों से अपने आगामी वैज्ञानिक प्रोजेक्ट्स पर चर्चा की, जिसे वैज्ञानिकों ने खूब सराहा।
प्रखर की यह उपलब्धि उनकी वर्षों की कठिन मेहनत का परिणाम है। महज 15 वर्ष की आयु में मध्य प्रदेश का पहला एयरोस्पेस स्टार्टअप 'एयरो एक्स स्पेस टेक्नोलॉजी' शुरू कर उन्होंने इतिहास रचा था। वर्तमान में उनका यह स्टार्टअप दुनिया के 40 से अधिक देशों के लिए रॉकेट, सैटेलाइट, ड्रोन और मिसाइल डिजाइनिंग पर कार्य कर रहा है।
अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में प्रखर के नाम 400 से अधिक सर्टिफिकेट दर्ज हैं, साथ ही वे 13 नेशनल और 4 इंटरनेशनल अवॉर्ड्स से सम्मानित हो चुके हैं। अपनी शोध के साथ-साथ प्रखर सामाजिक उत्तरदायित्व भी निभा रहे हैं; वे वेबिनार, सेमिनार और कार्यशालाओं के माध्यम से स्कूली बच्चों तक मुफ्त स्पेस एजुकेशन पहुँचाने में जुटे हैं। पलेरा के स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और शैक्षणिक संस्थानों ने प्रखर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को क्षेत्र और देश के युवाओं के लिए बेहद प्रेरणादायक बताया है।
    user_Manish Yadav
    Manish Yadav
    पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    1 day ago
  • जतारा मंगलवार की जनसुनवाई में भी 12:30 बजे तक तहसील में अधिकारी नदारद, लोगों ने जताई जतारा मंगलवार की जनसुनवाई में भी 12:30 बजे तक तहसील में अधिकारी नदारद, लोगों ने जताई नाराजगी जतारा | संवाददाता टीकमगढ़ जिले की जतारा तहसील में मंगलवार को जनसुनवाई के दिन भी प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर लगभग 12:30 बजे तक तहसील कार्यालय में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। कार्यालय में केवल चपरासी उपस्थित थे, जबकि अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूर-दराज से आए लोग घंटों इंतजार करते रहे। तहसील पहुंचे लोगों का कहना था कि यहां अक्सर अधिकारी समय पर नहीं पहुंचते। उनका आरोप है कि अधिकांश अधिकारी दोपहर 1:00 बजे से पहले कार्यालय नहीं आते, जिससे आम नागरिकों के जरूरी कार्य समय पर नहीं हो पाते और उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दिन भी अधिकारियों की अनुपस्थिति से लोगो में नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तहसील कार्यालय में अधिकारी निर्धारित समय पर उपस्थित रहें, ताकि आम जनता की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।
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    जतारा 
मंगलवार की जनसुनवाई में भी 12:30 बजे तक तहसील में अधिकारी नदारद, लोगों ने जताई 
जतारा 
मंगलवार की जनसुनवाई में भी 12:30 बजे तक तहसील में अधिकारी नदारद, लोगों ने जताई 
नाराजगी
जतारा | संवाददाता
टीकमगढ़ जिले की जतारा तहसील में मंगलवार को जनसुनवाई के दिन भी प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर लगभग 12:30 बजे तक तहसील कार्यालय में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। कार्यालय में केवल चपरासी उपस्थित थे, जबकि अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूर-दराज से आए लोग घंटों इंतजार करते रहे।
तहसील पहुंचे लोगों का कहना था कि यहां अक्सर अधिकारी समय पर नहीं पहुंचते। उनका आरोप है कि अधिकांश अधिकारी दोपहर 1:00 बजे से पहले कार्यालय नहीं आते, जिससे आम नागरिकों के जरूरी कार्य समय पर नहीं हो पाते और उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं।
मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दिन भी अधिकारियों की अनुपस्थिति से लोगो में नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तहसील कार्यालय में अधिकारी निर्धारित समय पर उपस्थित रहें, ताकि आम जनता की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।
    user_Mahendra Kumar Dubey
    Mahendra Kumar Dubey
    Voice of people जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • चित्रकूट प्रेमी को बंधक बनाकर के साथ गैंगरेप सारे आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया प्रेमी को बंधक बनाकर के साथ गैंगरेप
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    चित्रकूट प्रेमी को बंधक बनाकर के साथ गैंगरेप सारे आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया
प्रेमी को बंधक बनाकर के साथ गैंगरेप
    user_Manish Yadav
    Manish Yadav
    पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
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