बैतूल में वर्षों से वनभूमि पर आश्रित आदिवासी परिवारों ने अपने वन अधिकार पत्र जारी करने और बेदखली की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव जितेंद्र सिंह इवने के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में वर्ष 2018 से लंबित प्रकरणों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की गई है, क्योंकि ये मामले पिछले सात साल से अटके हुए हैं। कलेक्टर बैतूल को दिए गए ज्ञापन में बाबूलाल पिता दादू बारस्कर, केशरलाल पिता घासीराम टांडिलकर, केशराम पिता बालाजी दिनकर, नंदलाल पिता चिरोजीलाल दिनकर, किशोरीलाल पिता बलीराम धुर्वे, भूरा पिता गन्नू धोटेकर, गोपाल पिता भूना बारस्कर और अर्जुन पिता कुंजीलाल इवने सहित अन्य आदिवासी सदस्यों ने बताया कि वे सभी अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं। ये परिवार ग्राम मालोद (नीमढाना), ग्राम पंचायत बोरकुड़, विकासखंड भीमपुर, तहसील भैंसदेही, जिला बैतूल में लगभग 45 से 50 वर्षों से परंपरागत वन निवासी के रूप में रह रहे हैं। उन्होंने अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम-2006 के तहत अपनी काबिज भूमि पर हक एवं वन अधिकार पत्र जारी करने की मांग की है। उपखण्ड स्तरीय समिति भैंसदेही ने 23 जुलाई 2018 को राजस्व आदेश जारी कर इन प्रकरणों को जिला स्तरीय समिति बैतूल को भेज दिया था, लेकिन आज तक जिला स्तरीय समिति द्वारा इन पर कोई वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वर्षा ऋतु शुरू होने वाली है और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उन्हें उनकी काबिज भूमि से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अत्यंत गरीब आदिवासी परिवारों से संबंधित हैं और उनका तथा उनके परिवारों का भरण-पोषण इसी भूमि पर कृषि कार्य कर होता है। ऐसे में, उन्होंने जिला प्रशासन से लंबित प्रकरणों की प्राथमिकता के आधार पर जांच कर वन अधिकार पत्र जारी करने और वर्तमान में काबिज भूमि से हटाने की कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की मांग की है। ज्ञापन के माध्यम से यह भी मांग की गई है कि जिला स्तरीय समिति उपखण्ड स्तरीय समिति भैंसदेही द्वारा वर्ष 2018 में भेजे गए प्रकरणों पर शीघ्र निर्णय ले और पात्र आवेदकों को वन अधिकार पत्र उपलब्ध कराए, जिससे वर्षों से अपने अधिकारों के इंतजार में बैठे आदिवासी परिवारों को आखिरकार न्याय मिल सके।
बैतूल में वर्षों से वनभूमि पर आश्रित आदिवासी परिवारों ने अपने वन अधिकार पत्र जारी करने और बेदखली की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव जितेंद्र सिंह इवने के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में वर्ष 2018 से लंबित प्रकरणों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की गई है, क्योंकि ये मामले पिछले सात साल से अटके हुए हैं। कलेक्टर बैतूल को दिए गए ज्ञापन में बाबूलाल पिता दादू बारस्कर, केशरलाल पिता घासीराम टांडिलकर, केशराम पिता बालाजी दिनकर, नंदलाल पिता चिरोजीलाल दिनकर, किशोरीलाल पिता
बलीराम धुर्वे, भूरा पिता गन्नू धोटेकर, गोपाल पिता भूना बारस्कर और अर्जुन पिता कुंजीलाल इवने सहित अन्य आदिवासी सदस्यों ने बताया कि वे सभी अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं। ये परिवार ग्राम मालोद (नीमढाना), ग्राम पंचायत बोरकुड़, विकासखंड भीमपुर, तहसील भैंसदेही, जिला बैतूल में लगभग 45 से 50 वर्षों से परंपरागत वन निवासी के रूप में रह रहे हैं। उन्होंने अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम-2006 के तहत अपनी काबिज भूमि पर हक एवं वन अधिकार पत्र जारी करने की मांग की है। उपखण्ड स्तरीय समिति भैंसदेही ने
23 जुलाई 2018 को राजस्व आदेश जारी कर इन प्रकरणों को जिला स्तरीय समिति बैतूल को भेज दिया था, लेकिन आज तक जिला स्तरीय समिति द्वारा इन पर कोई वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वर्षा ऋतु शुरू होने वाली है और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उन्हें उनकी काबिज भूमि से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अत्यंत गरीब आदिवासी परिवारों से संबंधित हैं और उनका तथा उनके परिवारों का भरण-पोषण इसी भूमि पर कृषि कार्य कर होता है। ऐसे
में, उन्होंने जिला प्रशासन से लंबित प्रकरणों की प्राथमिकता के आधार पर जांच कर वन अधिकार पत्र जारी करने और वर्तमान में काबिज भूमि से हटाने की कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की मांग की है। ज्ञापन के माध्यम से यह भी मांग की गई है कि जिला स्तरीय समिति उपखण्ड स्तरीय समिति भैंसदेही द्वारा वर्ष 2018 में भेजे गए प्रकरणों पर शीघ्र निर्णय ले और पात्र आवेदकों को वन अधिकार पत्र उपलब्ध कराए, जिससे वर्षों से अपने अधिकारों के इंतजार में बैठे आदिवासी परिवारों को आखिरकार न्याय मिल सके।
- बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में जादू-टोने के अंधविश्वास के चलते एक 12 वर्षीय नाबालिग अंकुश आहके की निर्मम हत्या कर दी गई है। मुलताई पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, दिनांक 22 जून 2026 को ताईखेड़ा निवासी संगीता आहके ने थाना मुलताई में अपने 12 वर्षीय बेटे अंकुश आहके की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जो दिनांक 20 जून 2026 को दोपहर लगभग 3 बजे से लापता था। फरियादिया ने बताया था कि गांव के ही सुदामा पिता मोहन इनवाती उसके बेटे को खेलने के बहाने अपने साथ ले गया था, जिसके बाद से वह वापस नहीं लौटा। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे और एसडीओपी मुलताई श्री शिव कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी मुलताई श्री विकास पटेल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर बालक की तलाश शुरू की गई। विवेचना के दौरान संदेही सुदामा पिता मोहन इनवाती को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर संदेह गहराने पर सुदामा ने खुलासा किया कि उसने अपने साथी राकेश उइके के साथ मिलकर अंकुश आहके की हत्या कर दी है। आरोपियों ने बताया कि उन्हें अंधविश्वास और जादू-टोने का शक था, इसी के चलते उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से अंकुश को घर से बुलाकर ले गए। इसके बाद दोनों आरोपियों ने लोहे की रॉड से हमला कर और रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद सबूत छिपाने के उद्देश्य से उन्होंने शव को बोरी में बांधकर ग्राम सालईढाना के जंगल स्थित नाले में फेंक दिया था। आरोपी सुदामा इनवाती की निशानदेही पर दूसरे आरोपी राकेश उइके को भी हिरासत में लिया गया, जिसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए शव छिपाने की जगह की जानकारी दी। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने ग्राम सालईढाना के जंगल में नाले से बोरी में बंधा शव बरामद किया, जिसकी पहचान मृतक अंकुश आहके के रूप में परिजनों ने की। इस मामले में थाना मुलताई में अपराध क्रमांक 524/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी, जिसमें हत्या के साक्ष्य मिलने पर धारा 103(1) और 3(5) बीएनएस का इजाफा किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में सुदामा पिता मोहन इनवाती (उम्र 18 वर्ष 3 माह) और राकेश पिता रमेश उइके (उम्र 36 वर्ष), दोनों निवासी ताईखेड़ा, थाना मुलताई शामिल हैं। इन दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के अंधविश्वास, जादू-टोना या अफवाहों पर विश्वास न करें, क्योंकि ऐसे अंधविश्वास समाज के लिए घातक होते हैं और कई बार निर्दोष लोगों की जान ले लेते हैं। उन्होंने किसी भी शंका या समस्या के समाधान के लिए कानून का सहारा लेने और तत्काल पुलिस को सूचना देने का आग्रह किया। पुलिस अधीक्षक ने समाज में जागरूकता, वैज्ञानिक सोच और कानून के प्रति विश्वास को ऐसे जघन्य अपराधों को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।4
- बैतूल जिले में एक ऐसा गांव सामने आया है, जहाँ तक पहुँचने के लिए न तो कोई सड़क है और न ही वहाँ बिजली की सुविधा उपलब्ध है।1
- मध्य प्रदेश के मुलताई में पुलिस ने जादू टोने के शक में एक 12 वर्षीय बच्चे की हत्या के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राकेश पिता रमेश उइके और सुदामा पिता मोहन इवनाती के रूप में हुई है।3
- बैतूल में कोतवाली पुलिस ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया। पुलिस की इस तत्पर कार्रवाई को जिले में महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी बैतूल सुनील लाटा के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शिकायत पर 22 जून 2026 को थाना कोतवाली बैतूल में सतीश उर्फ छोटू सिरसाम (23 वर्ष), निवासी ग्राम हिवरखेड़ी के खिलाफ अपराध क्रमांक 525/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(एम), 65(1), 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल) एवं 6 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार होने की कोशिश में था, लेकिन पुलिस टीम ने लगातार तलाश कर उसे महाराष्ट्र के परतवाड़ा क्षेत्र से अभिरक्षा में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी सतीश उर्फ छोटू सिरसाम ने अपना अपराध स्वीकार किया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर 23 जून 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक राकेश कुमार सरयाम, प्रधान आरक्षक अजय भलावी, आरक्षक उज्जवल दुबे, ओमकार और साइबर सेल के आरक्षक पंकज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम की इस तत्परता और पेशेवर कार्यप्रणाली की सराहना की है। बैतूल पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे सभी मामलों में त्वरित जांच के साथ आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।2
- बैतूल में कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में एक ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने इस बात पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है कि स्मार्ट मीटर लोगों की सहमति के बिना स्थापित किए जा रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल रहे।1
- ग्राम पंचायत हर्निया के टांडी ठाना क्षेत्र में बिजली विभाग की घोर लापरवाही ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता और खतरे का कारण बन गई है। क्षेत्र में अनेक स्थानों पर बिजली के तार अत्यंत जर्जर और खुले हुए लटके हैं, जिनसे लगातार चिंगारियां निकल रही हैं। इस स्थिति ने ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और किसी भी वक्त एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, तेज हवा और बारिश के दौरान यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है, जब तार आपस में टकराने से चिंगारियां अधिक निकलती हैं, जिससे आग लगने और करंट फैलने का गंभीर खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने इस खतरनाक स्थिति की जानकारी कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को दी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। खुले तार आबादी वाले क्षेत्रों, गलियों और मुख्य रास्तों के ठीक ऊपर से गुजर रहे हैं, जहाँ बच्चों और मवेशियों का आवागमन लगातार जारी रहता है, जिससे हर पल बड़े हादसे की आशंका बढ़ जाती है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तत्काल इन जर्जर तारों को बदलने और आवश्यक मरम्मत कार्य कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो वे प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ ज्ञापन सौंपकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की है।2
- बैतूल जिले के भैसदेही थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जूनापानी में पानी पिलाने को लेकर हुआ एक मामूली विवाद एक युवक की मौत का कारण बन गया। इस गंभीर मामले में भैसदेही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हत्या के तीनों आरोपियों को घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया। पुलिस के अनुसार, यह घटना 21 जून 2026 को हुई जब फरियादी प्रवीण मरकाम अपने पुत्र विशाल मरकाम की ससुराल ग्राम जूनापानी में बहू को लेने गए थे। इसी दौरान पानी पिलाने की बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया, जो बढ़कर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी तक पहुँच गया। इस दौरान आकाश मरकाम (25 वर्ष) घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। युवक की मौत के बाद भैसदेही पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे और एसडीओपी भैसदेही भूपेन्द्र सिंह मौर्य के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर ग्राम जूनापानी निवासी सुनील वाडिवा (47 वर्ष), अनिल वाडिवा (40 वर्ष) एवं शिवम वाडिवा (21 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। हत्या जैसे गंभीर प्रकरण के त्वरित खुलासे और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी में थाना भैसदेही की पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस टीम में थाना प्रभारी एवं निरीक्षक राजेश सातनकर, उप निरीक्षक आशीष कुमरे, उप निरीक्षक जयवंती श्रवणकर, प्रधान आरक्षक पंजाबराव परते, आरक्षक नारायण जाट, मनोज, तनवीर, सोनू कुमार, सुनील इवनाती, नरेन्द्र तथा महिला आरक्षक जिया शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ने टीम की कार्यप्रणाली की सराहना की है। बैतूल पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी पारिवारिक, सामाजिक या आपसी विवाद को हिंसक रूप न दें और कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस एवं प्रशासन की सहायता लें, साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।2
- पुरानी रंजिश के चलते हुई हत्या के मामले में साई खेड़ा पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।1