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रीना सर्राफ को सनातन बोर्ड का मधुबनी जिला कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। इस नई जिम्मेदारी के साथ, उन्होंने महिलाओं और युवाओं को सनातन मूल्यों के साथ जोड़ने का संकल्प लिया है, जो सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Reporter Seraj
रीना सर्राफ को सनातन बोर्ड का मधुबनी जिला कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। इस नई जिम्मेदारी के साथ, उन्होंने महिलाओं और युवाओं को सनातन मूल्यों के साथ जोड़ने का संकल्प लिया है, जो सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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- मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के अधवारी गांव में एक जमीन विवाद ने बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है। कोर्ट के आदेश पर दखल-दिहानी कराने पहुंची प्रशासनिक टीम के सामने ही एक बुजुर्ग व्यक्ति ने आत्मदाह का प्रयास कर लिया, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। इस घटना से आक्रोशित भीड़ उग्र हो गई और मौके पर मौजूद कोर्ट कमिश्नर की जमकर पिटाई कर दी। घटना के उपरांत गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस बल तैनात कर मामले की जांच में जुट गई है।1
- मधुबनी जिले के खुटौना प्रखंड की कारमेघ उत्तरी पंचायत में 16 जून 2026 को एक 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया, जिसमें जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने भाग लिया। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजनों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है, जिसके प्रति सरकार अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। राज्य सरकार के निर्देश पर, जिले के 26 पंचायतों और सभी नगर निकाय क्षेत्रों के 15 वार्डों में भी ऐसे 'सहयोग शिविर' आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन की समस्याओं का शीघ्र निपटान, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और जनता तथा प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के प्रथम एवं तीसरे मंगलवार को आयोजित किया जाता है। 'सहयोग शिविर' के माध्यम से राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, जन वितरण प्रणाली, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, भूमि विवाद, पेंशन, आवास एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाता है। संबंधित विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ आमजनों की समस्याओं के निराकरण हेतु निर्देशित किया गया है। जिला प्रशासन ने संबंधित पंचायतों के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं को प्रशासन के समक्ष रखें तथा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।4
- दरभंगा के महथौर पंचायत स्थित पुतई गांव के वार्ड नंबर 01 में शिवनाथ सिंह के घर से राजा सलहेश स्थान तक जाने वाली सड़क कई सालों से जर्जर हालत में है। इस सड़क पर हर मौसम में पानी और कीचड़ जमा रहता है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। खासकर मंदिर जाने वाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह रास्ता बेहद खतरनाक बन गया है, जहाँ उन्हें सांप और बिच्छुओं के खतरे का भी सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार डीएम, बीडीओ, मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधियों से शिकायत की है, लेकिन आज तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पाया।1
- कमलापुल में एक युवक के डूबने का मामला सामने आया है। इस घटना के छह घंटे बीत जाने के बाद भी डूबे हुए युवक का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। मामले की जानकारी मिलने पर ब्रज किशोर यादव घटनास्थल पर पहुँचे हैं।1
- मधुबनी जिले के बेनीपट्टी प्रखंड अंतर्गत अधवारी गांव में एक जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। घटना के दौरान, एक आत्मदाह का प्रयास भी किया गया, जिसके बाद आक्रोशित भीड़ ने प्रशासन पर हमला कर दिया। यह घटना गांव में तनाव का माहौल बनाए हुए है और स्थिति की गंभीरता को उजागर करती है।1
- राजनगर प्रखंड की करहिया पूर्वी पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। मधुबनी नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती के नेतृत्व और पंचायत के मुखिया राजेश कुमार भंडारी के सहयोग से यह शिविर आयोजित किया गया था। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यान से सुना गया, साथ ही उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। जनसहभागिता और प्रशासनिक सहयोग के कारण इस शिविर का आयोजन सफल रहा।1
- मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के अधवारी गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बुजुर्ग ने प्रशासन के सामने विरोध करते हुए खुद को आग लगा ली। इस घटना के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। यह घटना तब हुई जब प्रशासन ज़मीन पर कब्ज़ा दिलाने के लिए मौके पर पहुंचा था। यह पूरा मामला भाइयों के बीच ज़मीनी विवाद से जुड़ा है, जिसके चलते प्रशासन की मौजूदगी में बुजुर्ग ने अपना विरोध जताते हुए यह कदम उठाया।1