उत्तर प्रदेश की सियासत से इस वक्त एक बेहद दिलचस्प और बड़ी सियासी हलचल की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ कहे जाने वाले जनपद मथुरा में, एक तरफ जहाँ मुख्यमंत्री का दौरा चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर एक अलग ही राजनीतिक दृश्य देखने को मिला। मथुरा की पावन धरती पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों ने एक विशाल रैली निकालकर अपनी ताकत का पुरजोर अहसास कराया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा आगमन के बीच ही, बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बेहद उत्साह, जोश और भारी जनसैलाब के साथ सड़कों पर उतरकर एक बड़ी रैली का आयोजन किया। नीले झंडों और गगनभेदी नारों के साथ निकली इस रैली ने सीधे तौर पर यह साबित कर दिया कि बहुजन समाज का कैडर और उनके समर्थक आज भी जमीन पर पूरी तरह से जागरूक और सक्रिय हैं। 'मायावती की सेना' कहे जाने वाले इन कार्यकर्ताओं का यह शक्ति प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब सूबे के मुखिया खुद जिले में मौजूद थे, जिसने इस रैली के सियासी मायनों को कई गुना बढ़ा दिया है। रैली में उमड़ी इस भारी भीड़ ने विरोधियों के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें बहुजन आंदोलन को कमजोर आंका जा रहा था। कार्यकर्ताओं के इस जबरदस्त उत्साह ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि उनका वोट बैंक और उनका कैडर आज भी अपनी नेता कुमारी मायावती के पीछे मजबूती से खड़ा है और आने वाले समय की राजनीतिक चुनौतियों के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। इस अचानक हुए शक्ति प्रदर्शन ने न सिर्फ मथुरा बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में नई चर्चाएं छेड़ दी हैं और रणनीतिकारों को अपने समीकरणों पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। मुख्यमंत्री के दौरे के ठीक बीच में बहुजन समाज पार्टी की इस हुंकार ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में ऊंट किस करवट बैठेगा, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। मथुरा की सड़कों से शुरू हुई यह सियासी गूंज आने वाले दिनों में क्या रंग लाती है, इस पर GD News Network की नजर लगातार बनी रहेगी।
उत्तर प्रदेश की सियासत से इस वक्त एक बेहद दिलचस्प और बड़ी सियासी हलचल की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ कहे जाने वाले जनपद मथुरा में, एक तरफ जहाँ मुख्यमंत्री का दौरा चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर एक अलग ही राजनीतिक दृश्य देखने को मिला। मथुरा की पावन धरती पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों ने एक विशाल रैली निकालकर अपनी ताकत का पुरजोर अहसास कराया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा आगमन के बीच ही, बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बेहद उत्साह, जोश और भारी जनसैलाब के साथ सड़कों पर उतरकर एक बड़ी रैली का आयोजन किया। नीले झंडों और गगनभेदी नारों के साथ निकली इस रैली ने सीधे तौर पर यह साबित कर दिया कि बहुजन समाज का कैडर और उनके समर्थक आज भी जमीन पर पूरी तरह से जागरूक और सक्रिय हैं। 'मायावती की सेना' कहे जाने वाले इन कार्यकर्ताओं का यह शक्ति प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब सूबे के मुखिया खुद जिले में मौजूद थे, जिसने इस रैली के सियासी मायनों को कई गुना बढ़ा दिया है। रैली में उमड़ी इस भारी भीड़ ने विरोधियों के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें बहुजन आंदोलन को कमजोर आंका जा रहा था। कार्यकर्ताओं के इस जबरदस्त उत्साह ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि उनका वोट बैंक और उनका कैडर आज भी अपनी नेता कुमारी मायावती के पीछे मजबूती से खड़ा है और आने वाले समय की राजनीतिक चुनौतियों के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। इस अचानक हुए शक्ति प्रदर्शन ने न सिर्फ मथुरा बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में नई चर्चाएं छेड़ दी हैं और रणनीतिकारों को अपने समीकरणों पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। मुख्यमंत्री के दौरे के ठीक बीच में बहुजन समाज पार्टी की इस हुंकार ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में ऊंट किस करवट बैठेगा, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। मथुरा की सड़कों से शुरू हुई यह सियासी गूंज आने वाले दिनों में क्या रंग लाती है, इस पर GD News Network की नजर लगातार बनी रहेगी।
- मैनपुरी में एक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्घाटन जिलाधिकारी (डीएम) मैनपुरी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अभियान को स्वास्थ्य विभाग और नगरपालिका द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत एक वाहन रैली निकालकर की गई। यह विशेष अभियान 1 जुलाई से शुरू होकर 31 जुलाई तक चलेगा। अभियान का नेतृत्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) मैनपुरी आर. सी. गुप्ता करेंगे। सीएमओ गुप्ता के अनुसार, इस अभियान के तहत घर-घर और गांव-गांव जाकर लोगों को संचारी रोगों से बचने के उपाय बताए जाएंगे। अभियान के शुभारंभ अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के तमाम कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे।1
- उत्तराखंड में दलित नाबालिग केतन लाल हत्याकांड के बाद नगीना सांसद और भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने आखिरकार पीड़ित परिवार से मुलाकात की। तीन दिनों की कोशिशों के बाद हुई इस भावुक मुलाकात में, जब केतन की बेटियां बिलखते हुए चंद्रशेखर आजाद से लिपटीं, तो उनकी आँखें भी नम हो गईं। इस दौरान केतन के पिता धनपाल लाल, माता रुकमा देवी और बहनों ने उन्हें पूरी दर्दनाक घटना विस्तार से सुनाई, जिससे चंद्रशेखर आजाद भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। परिवार से मिलने से पहले, चंद्रशेखर आजाद को टिहरी सीमा में प्रवेश के दौरान पुलिस ने रोकने का प्रयास किया था, लेकिन वे पीड़ित परिवार से मिलने की अपनी जिद पर कायम रहे। परिवार के दर्द को महसूस करने के बाद, चंद्रशेखर आजाद ने यह दृढ़ संकल्प व्यक्त किया कि जब तक पुलिस पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा का पुख्ता भरोसा नहीं देती, तब तक वह गांव में ही रहेंगे। इस हृदय विदारक घटना के बाद अब सवाल उठाया गया है कि क्या पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए, और लोगों से इस पर अपनी राय देने का आग्रह किया गया है।1
- भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष चुने जाने के बाद, माननीय आलोक कुमार गुप्ता का बेवर में पहली बार आगमन हुआ, जहाँ नगरवासियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया। नगर भ्रमण के दौरान उनका उत्साहपूर्वक अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर बेवर नगर के चेयरमैन श्री सरित कांत भाटिया ने भी उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर जोरदार स्वागत किया। इसके पश्चात, मुख्य अतिथि आलोक कुमार गुप्ता किशनपुर गढ़िया गांव पहुंचे। यहाँ तेली मोदी एकता समाज के प्रदेश अध्यक्ष राजीब राठौर मोदी के नेतृत्व में समाज के लोगों ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया। इस कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि विजेंद्र सिंह चौहान, सुमित सिकरवार, और भाजपा के जिला अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने प्रदेश उपाध्यक्ष का स्वागत करते हुए उन्हें अपनी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।4
- मैनपुरी जिले के कुर्रा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम सहन से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक देवर पर अपनी भाभी से मारपीट करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि देवर ने भाभी को अपने कमरे में खींच लिया और उसके साथ क्रूरता से मारपीट की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को स्तब्ध कर दिया है। पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है, जिसके बाद पुलिस वायरल वीडियो को आधार बनाकर पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- जलेसर क्षेत्र के अल्लेहपुर गाँव में श्रीमद्भागवत कथा के समापन के पश्चात् एक विशाल और भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। आयोजक मंडल ने निकटवर्ती क्षेत्रों के सभी गाँवों में निमंत्रण भेजकर लोगों से प्रसाद ग्रहण करने की अपील की थी, जिसके परिणामस्वरूप दोपहर से देर रात्रि तक भंडारे में भारी भीड़ जुटी। इस भव्य आयोजन में राजनेताओं ने भी उत्साह और सद्भाव के साथ प्रसाद पाया, जहाँ अपार जन समूह की भीड़ देखी गई।1
- एटा शहर के प्राचीन कैलाश मंदिर से सटे ऐतिहासिक तालाब के किनारे नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के प्रयोग का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि निर्माण में पीले ईंट और अत्यधिक बालू का उपयोग किया जा रहा है, जिससे इसकी गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ेगा। इस विरोध के कारण कुछ समय के लिए निर्माण कार्य रोक दिया गया। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने मौके पर पहुंचकर घटिया कार्य का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं हो रहा है, बल्कि पीली ईंटों और अधिक मात्रा में बालू का प्रयोग किया जा रहा है। लोगों ने जोर देकर कहा कि प्राचीन कैलाश मंदिर और उससे जुड़ा तालाब शहर की ऐतिहासिक व धार्मिक धरोहर हैं, और ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर घटिया सामग्री का प्रयोग किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। इस मामले पर समाचार लिखे जाने तक नगर पालिका की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।1
- मैनपुरी के पूर्व सांसद और करहल विधायक तेज प्रताप यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने राम मंदिर के चंदा संग्रह से संबंधित सभी कथित आरोपियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की। यादव ने इसके साथ ही चेतावनी दी कि वर्ष 2027 में पूरे प्रदेश की जनता भगवान राम के नाम पर अब भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देगी।1
- कस्बा अवागढ़ स्थित बालमुकुंद ग्लोबल अकैडमी में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत उत्साह और उमंग के साथ हुई। विद्यालय के प्रवेश द्वार पर शिक्षक और शिक्षिकाएं बच्चों के स्वागत के लिए मौजूद थे। जैसे ही बच्चे स्कूल पहुँचे, उनका पारंपरिक तरीके से माथे पर तिलक लगाकर और फूल बरसाकर भव्य अभिनंदन किया गया। इस अनोखे अंदाज को देखकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे, वहीं कई बच्चे जो पहली बार स्कूल आए थे, उनके मन का संकोच भी शिक्षकों के स्नेहपूर्ण व्यवहार और गर्मजोशी से किए गए स्वागत ने दूर कर दिया। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी नई कक्षाओं में प्रवेश किया और नए सत्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन का पालन करने तथा अपने माता-पिता एवं शिक्षकों का सम्मान करने की प्रेरणा दी। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए भी प्रेरित किया। अभिभावकों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आत्मीय स्वागत से बच्चों के मन में विद्यालय के प्रति प्रेम बढ़ता है और वे पूरे उत्साह के साथ अपनी पढ़ाई की शुरुआत करते हैं। नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन बालमुकुंद ग्लोबल अकैडमी में बच्चों के चेहरों पर दिखाई देती मुस्कान यह बता रही थी कि विद्यालय का यह स्वागत समारोह उनके लिए लंबे समय तक यादगार रहेगा। इस मौके पर विद्यालय प्रबंधक डॉ. उमेश गोयल, विद्यालय निर्देशक अंकित गोयल, प्रिंसिपल कविता सिंह, एचओडी अंकित जैन के साथ-साथ मेघा कुलश्रेष्ठ, पूनम, गायत्री, सरिता, दिव्यांशी, श्रुति, सरिता, हृदेश, ललतेश, निधि, शोभा, विनम्रता, अंजू, दिनेश, पंकज, अरविंद और मनोज सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएँ मौजूद रहे। यह रविंद्र जादौन की एक खास रिपोर्ट है।2
- एटा के सकीट रोड स्थित राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में बुधवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर कुल 374 जोड़ों ने अपने नए वैवाहिक जीवन की शुरुआत की, जिनमें 360 हिंदू जोड़ों का विवाह वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों से संपन्न हुआ, जबकि 14 मुस्लिम जोड़ों का निकाह इस्लामिक परंपरा के अनुसार कराया गया। समारोह में राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, नगर पालिका परिषद एटा की अध्यक्ष सुधा गुप्ता, ब्लॉक प्रमुख शीतलपुर पुष्पेंद्र लोधी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया और उनके सुखद तथा समृद्ध दांपत्य जीवन की मंगल कामना की। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा का एक मज़बूत माध्यम बन रही है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रदेश सरकार पात्र परिवारों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिलाधिकारी ने समारोह के दौरान हुई वर्षा को नवदंपतियों के लिए एक शुभ संकेत बताते हुए इसे भगवान इंद्र का आशीर्वाद बताया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि योजना के तहत प्रत्येक जोड़े पर कुल एक लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। इस राशि में से 64 हजार रुपये सीधे वधू के बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं, 21 हजार रुपये की गृहस्थी उपयोगी सामग्री उपहार स्वरूप दी जाती है, और शेष 15 हजार रुपये विवाह समारोह के आयोजन एवं व्यवस्थाओं पर व्यय किए जाते हैं। जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता ही नहीं बल्कि सामाजिक सम्मान और समरसता को भी बढ़ावा दे रही है।1