सोनभद्र के विंढमगंज स्थित ग्राम पंचायत हरनाकछार में सोमवार सुबह लगभग 11 बजे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास प्लस सर्वेक्षण-2024 से संबंधित स्थायी पात्रता सूची के सत्यापन के लिए एक खुली बैठक आयोजित की गई। यह बैठक पंचायत भवन परिसर में ग्राम पंचायत प्रशासक की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें ग्राम प्रधान रीना देवी, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि निरंजन सोनी, ग्राम विकास अधिकारी अरुण वर्मा, रमेश कुमार गुप्ता, सम्पूर्णानन्द गुप्ता, सुरेश गुप्ता, पूर्व ग्राम प्रधान बंशीधर भारती सहित सैकड़ों ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री आवास योजना के संभावित लाभार्थियों के नामों पर चर्चा करते हुए पात्रता सूची का वाचन किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार, यह सत्यापन पात्र और जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उपस्थित ग्रामीणों से सूची में शामिल नामों को लेकर आपत्तियां और सुझाव भी आमंत्रित किए गए। ग्राम पंचायत प्रशासन ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीन और कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अंतिम सूची शासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर पात्र परिवारों को योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। यह बैठक शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई, और ग्रामीणों ने योजना के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की।
सोनभद्र के विंढमगंज स्थित ग्राम पंचायत हरनाकछार में सोमवार सुबह लगभग 11 बजे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास प्लस सर्वेक्षण-2024 से संबंधित स्थायी पात्रता सूची के सत्यापन के लिए एक खुली बैठक आयोजित की गई। यह बैठक पंचायत भवन परिसर में ग्राम पंचायत प्रशासक की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें ग्राम प्रधान रीना देवी,
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि निरंजन सोनी, ग्राम विकास अधिकारी अरुण वर्मा, रमेश कुमार गुप्ता, सम्पूर्णानन्द गुप्ता, सुरेश गुप्ता, पूर्व ग्राम प्रधान बंशीधर भारती सहित सैकड़ों ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री आवास योजना के संभावित लाभार्थियों के नामों पर चर्चा करते हुए पात्रता सूची का वाचन किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन
के निर्देशानुसार, यह सत्यापन पात्र और जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उपस्थित ग्रामीणों से सूची में शामिल नामों को लेकर आपत्तियां और सुझाव भी आमंत्रित किए गए। ग्राम पंचायत प्रशासन ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीन और कच्चे मकानों में
रहने वाले गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अंतिम सूची शासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर पात्र परिवारों को योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। यह बैठक शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई, और ग्रामीणों ने योजना के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की।
- सोनभद्र जिले के विंढमगंज थाना क्षेत्र के पकरी गाँव में 21 जून 2026, रविवार की रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ आपसी विवाद के दौरान एक पुत्र पर अपने ही पिता की डंडे से पीटकर हत्या करने का आरोप लगा है। यह घटना रात लगभग 10 बजे की बताई जा रही है, जिससे पूरे गाँव में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों में शोक का माहौल व्याप्त है। मृतक की पत्नी चंद्रावती के अनुसार, उनके पुत्र सोनू कुमार का अपने पिता श्रीनाथ से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद के दौरान सोनू कुमार ने डंडे से हमला कर अपने पिता को गंभीर रूप से घायल कर दिया। परिजन और ग्रामीण जब तक कुछ समझ पाते, तब तक श्रीनाथ की हालत गंभीर हो चुकी थी और उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तुरंत मौके पर पहुँची, जिसके बाद थाना प्रभारी संतोष सिंह और उपनिरीक्षक सुनील कुमार राय भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पुत्र सोनू कुमार को हिरासत में ले लिया है। ग्रामीणों के अनुसार, सोनू कुमार की मानसिक स्थिति लंबे समय से ठीक नहीं बताई जा रही थी और वह अक्सर असामान्य व्यवहार करता तथा बड़बड़ाता रहता था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उसकी मानसिक स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जाँच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है तथा मामले की गहनता से जाँच की जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक और चर्चा का माहौल बना हुआ है।2
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पानी की गंभीर समस्या के चलते एक युवक ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए 150 फीट ऊंचे एक टावर पर चढ़ गया। पानी की कमी से परेशान युवक की इस हरकत से पूरे गांव में अचानक हड़कंप मच गया।1
- सोनभद्र जिले के रेडिया गाँव में बच्चों द्वारा आग से खेलते समय एक घर में भीषण आग लग गई। इस घटना में घर के भीतर रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। आग लगने के तुरंत बाद, गाँव के लोगों ने मिलकर घर में मौजूद लोगों की जान बचाने में सफलता प्राप्त की। हालांकि, वे घर को पूरी तरह से जलने से नहीं रोक पाए। कुछ समय बाद प्रशासन और आग बुझाने वाली गाड़ी मौके पर पहुँची, जिनकी मदद से आग पर काबू पाया गया और घर को पूरी तरह राख होने से बचाया जा सका। इस घटना के बाद, ग्राम पंचायत में लोगों ने प्रभावित परिवार को सरकारी सुविधा के तहत मुआवजा दिलाने के संबंध में बातचीत की है, ताकि उन्हें कुछ आर्थिक सहायता मिल सके।1
- एक सरकारी अस्पताल में मरीजों के साथ अत्यंत असंवेदनशील व्यवहार सामने आया है। इस घटना में मरीजों से सीधे कहा जा रहा है कि वे ‘प्राइवेट में जाकर इलाज कराओ’। यह आचरण सरकारी अस्पतालों में रोगी देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर चिंताएँ पैदा करता है, जिस पर व्यापक रूप से आपत्ति जताई जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा स्थित वार्ड 3, गुलाब तिराहा, गजराज नगर में सरकारी फंड के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां नाली निर्माण के लिए स्वीकृत धन को कथित तौर पर ठेकेदार राजू शर्मा द्वारा अपने एक रिश्तेदार के मकान में लगाया जा रहा है। जनता के पैसों के इस दुरुपयोग को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायत की गई है, जहाँ सरकारी निधि का पैसा निजी कार्य में इस्तेमाल किया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश में एक पत्रकार के घर पर आधी रात को पुलिस ने छापा मारा है। यह कार्रवाई तब हुई जब पत्रकार ने एक घोटाले का पर्दाफाश किया था। घोटाले के इस खुलासे के तुरंत बाद, पुलिस की जीपें पत्रकार के घर पहुंचीं और उन्होंने छापा मारा।1
- सोनभद्र जिले के म्योरपुर थाना क्षेत्र के देवपहरी पहाड़ के पास देवरी गांव में पेयजल संकट से नाराज़ एक युवक करीब 150 फीट ऊंचे ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ गया। यह घटना गांव में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को लेकर विरोध जताने के लिए हुई, जिसके कारण क्षेत्र में हड़कंप मच गया। युवक का आरोप था कि ग्राम प्रधान से कई बार शिकायत के बावजूद भी इस गंभीर समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। उसने मौके पर ग्राम प्रधान को बुलाने और समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने तक टावर से नीचे उतरने से इनकार कर दिया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रविकांत मिश्रा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, जहां सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ भी जमा हो गई थी। करीब तीन घंटे तक चला यह हाईवोल्टेज ड्रामा तब समाप्त हुआ जब प्रशासन की ओर से पेयजल समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया। रात करीब 8 बजे युवक सुरक्षित टावर से नीचे उतरा, जिसके बाद प्रशासन और ग्रामीणों, दोनों ने राहत की सांस ली।1