सरपंची की रेस में फिर ब्रेक, आरक्षण लॉटरी टलने से दावेदारों की धड़कनें बढ़ीं* *18 सितंबर को प्रस्तावित थी लॉटरी, नई तारीख का इंतजार; गांवों में एक ही चर्चा—किसके नाम खुलेगी आरक्षण की पर्ची?* फूलियाकलां (के एम कुरेशी)ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित दावेदारों को एक बार फिर झटका लगा है। 18 सितंबर को प्रस्तावित ग्राम पंचायतों की आरक्षण लॉटरी आगे टलने से चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे दावेदारों का इंतजार और बढ़ गया है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से जहां संभावित प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हैं, वहीं गांवों की चौपालों से लेकर चाय की थड़ियों और होटलों तक चुनावी चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। दावेदारों के बीच इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आरक्षण की लॉटरी कब निकलेगी और किस पंचायत में सरपंच की सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी? लॉटरी की पर्ची किसके पक्ष में खुलेगी, इस पर गांवों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। महीनों की तैयारी, एक पर्ची पर टिका भविष्य सरपंच पद की दावेदारी को लेकर कई संभावित प्रत्याशी पिछले कई महीनों से गांव में सक्रिय हैं। सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी बढ़ाने से लेकर ग्रामीणों से व्यक्तिगत संपर्क तक का दौर जारी है। लेकिन आरक्षण की स्थिति साफ नहीं होने के कारण दावेदार खुलकर अपनी उम्मीदवारी घोषित करने से बच रहे हैं। आरक्षण की एक पर्ची कई दावेदारों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकती है और कई नए चेहरों के लिए चुनावी मैदान खोल सकती है। यही वजह है कि संभावित दावेदारों की निगाहें अब सरकार के अगले आदेश पर टिकी हैं। मंदिरों में धोक, मनौतियों में मांगा मनचाहा आरक्षण सरपंच बनने की तैयारी कर रहे कई दावेदार अब राजनीतिक गणित के साथ भगवान का सहारा भी ले रहे हैं। कोई मंदिरों में धोक लगा रहा है तो कोई अपने पक्ष में आरक्षण निकलने की मनौती मांग रहा है। दावेदारों के बीच चर्चा है कि यदि पंचायत उनकी पसंद के वर्ग के लिए आरक्षित हो गई तो चुनावी तैयारी को गति मिलेगी, लेकिन आरक्षण बदलते ही पूरा समीकरण उलट सकता है। चौपालों पर चुनाव नहीं, आरक्षण की पर्ची सबसे बड़ा मुद्दा लॉटरी टलने के बाद गांवों में चुनावी चर्चा और तेज हो गई है। चौपाल, चाय की थड़ी और होटल अब चुनावी मंथन के प्रमुख केंद्र बन गए हैं। ग्रामीण संभावित दावेदारों के नाम गिनाने के साथ उनके सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों का आकलन कर रहे हैं। कहीं पुराने चुनावों के आंकड़ों पर चर्चा हो रही है तो कहीं नए चेहरों की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। ग्रामीणों के बीच सवाल उछल रहे हैं— सीट किस वर्ग के लिए खुलेगी? कौन मैदान में उतरेगा? किसके पक्ष में बनेगा माहौल? और आरक्षण बदलने पर कौन किसके साथ खड़ा होगा? समर्थकों ने भी संभाला मोर्चा संभावित दावेदारों के समर्थक भी अब सक्रिय नजर आने लगे हैं। गांव में बैठकों और छोटी-छोटी चर्चाओं के जरिए संभावित उम्मीदवारों की ताकत और कमजोरियों का हिसाब लगाया जा रहा है। किस दावेदार के पास कितना जनसमर्थन है, कौन किसके साथ है और आरक्षण बदलने की स्थिति में किस खेमे का समीकरण किसके पक्ष में जाएगा—इन सवालों पर गांवों में खूब चर्चा हो रही है। नए चेहरों की भी खुल सकती है राह आरक्षण लॉटरी के बाद कई ऐसे चेहरे भी चुनावी मैदान में सामने आ सकते हैं, जो फिलहाल पर्दे के पीछे रहकर अपनी तैयारी कर रहे हैं। आरक्षित वर्ग के अनुसार नए दावेदारों के सामने आने की संभावना से चुनावी मुकाबले के समीकरण भी पूरी तरह बदल सकते हैं। वहीं, जिन संभावित दावेदारों ने सामान्य सीट मानकर अपनी तैयारी शुरू कर रखी है, उनके लिए आरक्षण की स्थिति किसी बड़े झटके से कम नहीं होगी। अब सरकार के अगले आदेश का इंतजार 18 सितंबर को प्रस्तावित लॉटरी आगे बढ़ाए जाने के बाद अब सभी की निगाहें सरकार की ओर से घोषित होने वाली नई तारीख पर हैं। आरक्षण लॉटरी निकलने के बाद ही यह तस्वीर साफ होगी कि किस पंचायत में कौन दावेदार चुनावी मैदान में उतर सकेगा। फिलहाल गांवों में चुनावी माहौल बनने लगा है, लेकिन असली मुकाबले की शुरुआत आरक्षण की पर्ची खुलने के बाद ही होगी। तब तक हर दावेदार खुद को दौड़ में मानकर चल रहा है और समर्थक अपने-अपने उम्मीदवार की जीत का गणित बैठा रहे हैं। एक पर्ची... और बदल जाएगा पूरा चुनावी गणित।
सरपंची की रेस में फिर ब्रेक, आरक्षण लॉटरी टलने से दावेदारों की धड़कनें बढ़ीं* *18 सितंबर को प्रस्तावित थी लॉटरी, नई तारीख का इंतजार; गांवों में एक ही चर्चा—किसके नाम खुलेगी आरक्षण की पर्ची?* फूलियाकलां (के एम कुरेशी)ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित दावेदारों को एक बार फिर झटका लगा है। 18 सितंबर को प्रस्तावित ग्राम पंचायतों की आरक्षण लॉटरी आगे टलने से चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे दावेदारों का इंतजार और बढ़ गया है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से जहां संभावित प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हैं, वहीं गांवों की चौपालों से लेकर चाय की थड़ियों और होटलों तक चुनावी चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। दावेदारों के बीच इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आरक्षण की लॉटरी कब निकलेगी और किस पंचायत में सरपंच की सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी? लॉटरी की पर्ची किसके पक्ष में खुलेगी, इस पर गांवों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। महीनों की तैयारी, एक पर्ची पर टिका भविष्य सरपंच पद की दावेदारी को लेकर कई संभावित प्रत्याशी पिछले कई महीनों से गांव में सक्रिय हैं। सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी बढ़ाने से लेकर ग्रामीणों से व्यक्तिगत संपर्क तक का दौर जारी है। लेकिन आरक्षण की स्थिति साफ नहीं होने के कारण दावेदार खुलकर अपनी उम्मीदवारी घोषित करने से बच रहे हैं। आरक्षण की एक पर्ची कई दावेदारों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकती है और कई नए चेहरों के लिए चुनावी मैदान खोल सकती है। यही वजह है कि संभावित दावेदारों की निगाहें अब सरकार के अगले आदेश पर टिकी हैं। मंदिरों में धोक, मनौतियों में मांगा मनचाहा आरक्षण सरपंच बनने की तैयारी कर रहे कई दावेदार अब राजनीतिक गणित के साथ भगवान का सहारा भी ले रहे हैं। कोई मंदिरों में धोक लगा रहा है तो कोई अपने पक्ष में आरक्षण निकलने की मनौती मांग रहा है। दावेदारों के बीच चर्चा है कि यदि पंचायत उनकी पसंद के वर्ग के लिए आरक्षित हो गई तो चुनावी तैयारी को गति मिलेगी, लेकिन आरक्षण बदलते ही पूरा समीकरण उलट सकता है। चौपालों पर चुनाव नहीं, आरक्षण की पर्ची सबसे बड़ा मुद्दा लॉटरी टलने के बाद गांवों में चुनावी चर्चा और तेज हो गई है। चौपाल, चाय की थड़ी और होटल अब चुनावी मंथन के प्रमुख केंद्र बन गए हैं। ग्रामीण संभावित दावेदारों के नाम गिनाने के साथ उनके सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों का आकलन कर रहे हैं। कहीं पुराने चुनावों के आंकड़ों पर चर्चा हो रही है तो कहीं नए चेहरों की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। ग्रामीणों के बीच सवाल उछल रहे हैं— सीट किस वर्ग के लिए खुलेगी? कौन मैदान में उतरेगा? किसके पक्ष में बनेगा माहौल? और आरक्षण बदलने पर कौन किसके साथ खड़ा होगा? समर्थकों ने भी संभाला मोर्चा संभावित दावेदारों के समर्थक भी अब सक्रिय नजर आने लगे हैं। गांव में बैठकों और छोटी-छोटी चर्चाओं के जरिए संभावित उम्मीदवारों की ताकत और कमजोरियों का हिसाब लगाया जा रहा है। किस दावेदार के पास कितना जनसमर्थन है, कौन किसके साथ है और आरक्षण बदलने की स्थिति में किस खेमे का समीकरण किसके पक्ष में जाएगा—इन सवालों पर गांवों में खूब चर्चा हो रही है। नए चेहरों की भी खुल सकती है राह आरक्षण लॉटरी के बाद कई ऐसे चेहरे भी चुनावी मैदान में सामने आ सकते हैं, जो फिलहाल पर्दे के पीछे रहकर अपनी तैयारी कर रहे हैं। आरक्षित वर्ग के अनुसार नए दावेदारों के सामने आने की संभावना से चुनावी मुकाबले के समीकरण भी पूरी तरह बदल सकते हैं। वहीं, जिन संभावित दावेदारों ने सामान्य सीट मानकर अपनी तैयारी शुरू कर रखी है, उनके लिए आरक्षण की स्थिति किसी बड़े झटके से कम नहीं होगी। अब सरकार के अगले आदेश का इंतजार 18 सितंबर को प्रस्तावित लॉटरी आगे बढ़ाए जाने के बाद अब सभी की निगाहें सरकार की ओर से घोषित होने वाली नई तारीख पर हैं। आरक्षण लॉटरी निकलने के बाद ही यह तस्वीर साफ होगी कि किस पंचायत में कौन दावेदार चुनावी मैदान में उतर सकेगा। फिलहाल गांवों में चुनावी माहौल बनने लगा है, लेकिन असली मुकाबले की शुरुआत आरक्षण की पर्ची खुलने के बाद ही होगी। तब तक हर दावेदार खुद को दौड़ में मानकर चल रहा है और समर्थक अपने-अपने उम्मीदवार की जीत का गणित बैठा रहे हैं। एक पर्ची... और बदल जाएगा पूरा चुनावी गणित।
- केशव सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थी चेतना शिविर आयोजित शाहपुरा भैरू लाल लक्षकार केशव विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थी चेतना शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में जन जागरण और कानूनी जागरूकता लाना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप मंत्र के साथ दीप प्रज्वलन से हुई। उसके बाद सभी अतिथियों का तिलक लगाकर भगवा दुपट्टा से स्वागत किया गया। केशव विद्या मंदिर के निदेशक और कार्यक्रम अध्यक्ष रामेश्वर लाल धाकड़ ने विद्यालय की प्रस्तावना रखते हुए बताया कि विद्यालय में कक्षा 12वीं तक शिक्षा और बीएसटीसी संचालित है। विद्यालय से अब तक 65 राष्ट्रीय खिलाड़ी, स्काउट गाइड के 19 राष्ट्रपति अवार्ड और 140 राज्यपाल अवार्ड प्राप्त छात्र निकल चुके हैं, साथ ही भीलवाड़ा जिले की मेरिट में भी कई छात्रों ने स्थान बनाया है। विशिष्ट अतिथि एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया ने छात्रों को किसी भी अप्रिय घटना पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी दी। मुख्य अतिथि न्यायिक मजिस्ट्रेट मनजीत सिंह मोंगा ने बच्चों को अपहरण से बचने के उपायों, अपहरणकर्ता गिरोहों द्वारा बच्चों को भ्रमित करने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही विधिक सहायता, मौलिक कर्तव्य और मौलिक अधिकारों की जानकारी दी। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि दशरथ रेगर, विनोद गुर्जर, भंवर लाल शर्मा मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत सत्यदेव धाकड़, शशिकला शर्मा, रेखा व्यास, रंजना पौंड्रिक, मंजू दाधीच और विकास खटीक ने किया। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य रेखा वैष्णव ने किया।1
- नसीराबाद के लोहरवाड़ा में गूंजे गणपति के जयकारे, श्री सिद्धिविनायक महाराज का विशाल मेला धूमधाम से भरा नसीराबाद के लोहरवाड़ा में गूंजे गणपति के जयकारे, श्री सिद्धिविनायक महाराज का विशाल मेला धूमधाम से भरा1
- मध्यप्रदेश के केबिनेट मंत्री ने किए श्री सवाई भोज मंदिर के दर्शन महंत श्री श्री 1008 सुरेश दास जी महाराज का लिया आशीर्वाद लक्ष्मी नारायण गोरा है मध्यप्रदेश के वीर तेजा कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष आसींद/ आसींद कस्बे में गुर्जर समाज के अंतरराष्ट्रीय तीर्थ स्थल श्री सवाई भोज एवं भगवान देवनारायण मंदिर पर भादवी छठ के चलते श्रद्धालुओं का आना जारी है वही आज मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं वीर तेजा कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण गोरा सवाई भोज मंदिर पहुंचे जहां श्री सवाई भोज एवं भगवान श्री देव नारायण मंदिर के दर्शन किए और बड़े सवाई भोज महंत श्री श्री 1008 श्री सुरेश दास जी महाराज का आशीर्वाद लिया वही मंदिर ट्रस्ट की ओर से उनका स्वागत सत्कार किया, इस मौके पर जन टीवी से बात करते हुए मध्य प्रदेश के केबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण गोरा ने बताया की मेरा सौभाग्य है जिसके चलते आज सवाई भोज एवं भगवान श्री देव नारायण जी महाराज के दर्शन करने का लाभ मिला है आसींद मंजूर 94138895964
- व्हाट्सएप स्टेटस लगाए और पैसे कमाने का मौका पाए लाइक करें सब्सक्राइब करें Ajmer दूसरे राउंड में कांग्रेस के जीते हुए पार्षद पहुंच शपथ लेने दैनिक न्यूज़ अजमेर1
- अजमेर में दुकान का ताला तोड़कर चोरी! ₹70 हजार तक की नकदी पार, CCTV में कैद हुआ चोर अजमेर के कृष्ण गंज थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर में एक दुकान में चोरी की वारदात सामने आई है। 14 सितंबर की सुबह करीब 3 से 4 बजे अज्ञात चोरों ने दुकान का ताला तोड़कर गल्ले में रखे ₹1600 नकद और मिट्टी के गुल्लक में जमा करीब ₹60 से ₹70 हजार की रकम चोरी कर ली। वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। पीड़ित की शिकायत पर कृष्ण गंज थाना पुलिस ने BNS की धारा 305(a) के तहत मामला दर्ज कर CCTV फुटेज के आधार पर जांच और चोरों की तलाश शुरू कर दी है।1
- बड़े भाई चन्द्र शेखर आजाद जी पर जिस तरह कायराना हमला किरा गया उसके विरोध मे आज दिल्ली के कनाट पैलेस पर भारी विरोध प्रर्दशन ये अम्बेडकरवादीयो कि ताकत ओर ये कमाया है भाई ने जय भीम 💙🙏1
- राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में भाजपा को मिला जनादेश जनसेवा, विकास और सुशासन के संकल्प पर जनता की मुहर है। हमारी सरकार शहरी विकास, बेहतर नागरिक सुविधाओं, सुदृढ़ आधारभूत ढांचे और पारदर्शी सुशासन के माध्यम से शहरों के सर्वांगीण विकास को नई गति दे रही है। इस ऐतिहासिक जनादेश के लिए प्रदेश की देवतुल्य जनता का हृदय से धन्यवाद एवं आभार! भाजपा के सभी कर्मठ कार्यकर्ताओं को उनके अथक परिश्रम और समर्पण के लिए हार्दिक बधाई! #सशक्त_शहर_समृद्ध_राजस्थान #कोने_कोने_में_भाजपा1
- शिक्षकों राज्य कर्मचारीयों समाजसेवियों का 15वां रक्तदान शिविर 17 सितंबर को शाहपुरा भैरू लाल लक्षकार ब्लॉक के शिक्षकों राज्य कर्मचारीयों समाजसेवियों द्वारा प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस के उपलक्ष में किया जाने वाला रक्तदान शिविर स्थानीय निकायों के चुनाव होने के कारण इस वर्ष 17 सितंबर को हर वर्ष की भांति राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कुंड गेट शाहपुरा में आयोजित किया जा रहा है आयोजन समिति के सदस्य शंकर सिंह राठौड़ एवं इस्माइल खान कायमखानी ने बताया कि उक्त शिविर में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे रक्त संग्रहण का कार्य राजकीय जिला महात्मा गांधी चिकित्सालय की टीम द्वारा किया जाएगा रक्तदान प्राप्त 9:30 बजे से प्रारंभ होगा कार्यक्रम संयोजक देवी लाल बेरवा ने बताया कि शाहपुरा ब्लॉक के शिक्षकों द्वारा प्रारंभ किया गया यह रक्तदान शिविर जिले के सबसे पुराने शिविरों में से है विगत 14 शिविरों में अब तक कल 1523 यूनिट रक्त जिले के राजकीय महात्मा गांधी चिकित्सालय को उपलब्ध करवाया गया है 17 सितंबर को आयोजित हो रहे 15 वा शिविर शिक्षकों राज्य कर्मचारियों के साथ ही अन्य समाजसेवी भी रक्तदान करेंगे हरित शाहपुरा के अध्यक्ष प्रताप सिंह राणावत एवं आयोजन समिति सदस्य सत्यनारायण खटीक ने बताया कि सभी रक्तदाताओं को गमला युक्त पौधा भेंट किया जाएगा और विद्यालय प्रांगण में एक पेड़ मां के नाम से कुछ नए पौधे भी लगाए जाएंगे और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा आयोजन समिति के सदस्य एवं किसान केसरी संघ के अध्यक्ष सूर्य प्रकाश ओझा आयोजन समिति के सदस्य पुखराज जोशी रकमा जिला अध्यक्ष सलीम डायर धर्मेंद्र सिंह सौदा सुधा पारीक अनिल बघेरवाल इंदिरा धूपिया रमेश चंद्र घूसर महावीर भील दिनेश टेंपन कमलेश कोली महेश कोली ईश्वर मीणा परमेश्वर प्रसाद कुमावत नयन बूला पुष्पेंद्र कुमार घूसर इकराम उल हक अंसारी लाड़ कंवर वर्षा व्यास चंद्रप्रकाश जोशी आशीष राय नारायण लाल जाट दिनेश भाटी गोपीलाल रेगर राजकुमार कोली सुनील दत्त शर्मा अनंत कुमार गौड़ महावीर सिंह गजराज सिंह राठौड़ द्वारा व्यापक जनसंपर्क किया जा रहा है और 15 वे रक्तदान शिविर की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई है1