Shuru
Apke Nagar Ki App…
Cabinet Sub-Committee report on reservation is currently pending with the Lieutenant Governor for approval; Minister Sakina itoo.
Sanam Aijaz
Cabinet Sub-Committee report on reservation is currently pending with the Lieutenant Governor for approval; Minister Sakina itoo.
More news from जम्मू और कश्मीर and nearby areas
- Post by Sanam Aijaz1
- Dr. Veeri remains optimistic that his bill will be tabled for full discussion in the Assembly. While he recently withdrew a separate bill regarding the protection of the River Jhelum following government assurances, he continues to push for reservation reform as a "constitutional necessity" to safeguard open merit.1
- Har dard insaan ko sabar deta hai aur har sabar insaan ko badal deta hai.1
- Post by Mudasir Manzoor1
- Post by Makhandin4
- Post by JK PLUS MEDIA News1
- 📰 पांगी (चंबा), 31 मार्च: जनजातीय क्षेत्र पांगी के चलौली गांव में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। यह घटना एक बार फिर लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली और सरकारी तंत्र की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के बीचों-बीच बनी सड़क अत्यंत संकरी है और वहां किसी प्रकार की सुरक्षा दीवार भी नहीं लगाई गई है। हैरानी की बात यह है कि ऐसी खतरनाक सड़क को भी विभाग द्वारा फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है। जब बस इस स्थान से गुजर रही थी, तो कुछ क्षणों के लिए यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। यदि जरा सी चूक हो जाती, तो यह हादसा बेहद भयावह रूप ले सकता था, जिससे न केवल बस सवार लोग बल्कि आसपास के रिहायशी मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे। धरवास पंचायत के उप प्रधान ने इस मामले में सीधे तौर पर लोक निर्माण विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर ऐसी ही घटना हुई थी और इसकी सूचना विभाग को दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई सुधार कार्य नहीं किया गया। इस वर्ष फिर वही स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे विभाग की लापरवाही साफ झलकती है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पांगी में तैनात कनिष्ठ अभियंता से लेकर सहायक अभियंता और अधिशाषी अभियंता तक सभी अधिकारी क्षेत्र से ही संबंधित होने के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। उनका ध्यान विकास कार्यों के बजाय निजी स्वार्थों पर अधिक केंद्रित है, जिससे क्षेत्र के लोगों को जोखिम उठाना पड़ रहा है। वहीं, क्षेत्र में अधिशाषी अभियंता की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक गुट विशेष अधिकारी को संरक्षण देकर उसे उच्च पद पर बैठाने की कोशिश में लगा हुआ है, जबकि क्षेत्र को अनुभवी और जिम्मेदार नेतृत्व की आवश्यकता है। गांववासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस सड़क का चौड़ीकरण कर सुरक्षा दीवार नहीं लगाई गई, तो वे लोक निर्माण विभाग के कार्यालय का घेराव करने के साथ-साथ सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस घटना के बाद संबंधित विभाग और सरकार कितनी गंभीरता दिखाते हैं और कब तक इस खतरनाक सड़क का सुधार कार्य किया जाता है।1
- Post by Sanam Aijaz1