चित्तौडगढ : हिंदुस्तान जिंक द्वारा चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में सभी शिफ्ट में कार्य के लिए महिलाओं के नेतृत्व वाली ‘तेजस्विनी’ ऑल-वुमन शिफ्ट शुरू चित्तौड़गढ़।भारत की मेटल्स और माइनिंग इंडस्ट्री के लिए एक अहम कदम उठाते हुए, विश्व की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक उत्पादक एवं शीर्ष पांच सिल्वर उत्पादक में से एक, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में सभी शिफ्ट में कार्य के लिए महिलाओं के नेतृत्व वाली ‘तेजस्विनी’ ऑल-वुमन शिफ्ट की शुरूआत की है। यह विश्व की सबसे बड़ी और सबसे अधिक टेक्नोलॉजी वाली एडवांस्ड जिंक स्मेल्टिंग सुविधाओं में से एक है। यह पहल कंपनी की एक इनक्लूसिव वर्कफोर्स बनाने और हेवी इंडस्ट्री में मुख्य ऑपरेशनल भूमिकाओं में महिलाओं के लिए लीडरशिप के अवसर देने में महत्वपूर्ण कदम है। चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में काम करने से महिला इंजीनियर और ऑपरेटर बड़े पैमाने पर मेटलर्जिकल ऑपरेशन के केंद्र में होती हैं, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी ट्रांजिशन एप्लीकेशन के लिए जिंक उत्पादन में अहम भूमिका निभाती हैं। तेजस्विनी पहल के जरिए, हिंदुस्तान जिंक महिलाओं को ग्लोबल मेटल इंडस्ट्री में सबसे एडवांस्ड स्मेल्टिंग इकोसिस्टम में आवश्यक प्रोसेस को लीड करने में मदद कर रहा है। ऐसे समय में जब माइनिंग और मेटल सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक रूप से सीमित रही है, हिंदुस्तान जिंक महिलाओं को जरूरी ऑपरेशनल कार्यो का प्रतिनिधित्व करने में महत्वपूर्ण कदम उठाकर इंडस्ट्री के नियमों को पुनःपरिभाषित कर रहा है। अब महिलाओं की संख्या इसके वर्कफोर्स का 26.3 प्रतिशत है, जो इस सेक्टर में सबसे अधिक है, कंपनी पारंपरिक रूप से पुरुषों के दबदबे वाली इंडस्ट्री में जेंडर डायवर्सिटी के लिए नए बेंचमार्क सेट कर रही है। 30 महिला प्रोफेशनल्स की समर्पित टीम इन यूनिट्स में कोर प्रोसेस ऑपरेशन, मेंटेनेंस और सेफ्टी कार्यो का जिम्मा उठाएगी जो कोर मैन्युफैक्चरिंग भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस पहल से लीचिंग और प्यूरिफिकेशन वन और टू और चंदेरिया स्मेल्टिंग काॅम्प्लेक्स में पूरी तरह से महिलाओं के नेतृत्व वाली ऑपरेशनल शिफ्ट की शुरुआत हुई है। यह कंपनी के हाइड्रोमेटलर्जी ऑपरेशन का एक जरूरी हिस्सा है जो सीधे जिंक प्रोडक्शन थु्रपुट और प्रोडक्ट क्वालिटी पर असर डालता है। इस पहल को हाइड्रो की प्लांट मैनेजर एलएण्डपी वन तान्या सिंह लीड कर रही हैं, जो हिंदुस्तान जिंक के सेफ्टी-फर्स्ट कल्चर को बनाए रखते हुए ऑपरेशनल एक्सीलेंस को मजबूत करने में टीम को गाइड करेंगी। पिछले कुछ सालों में, कंपनी ने अंडरग्राउंड माइनिंग और स्मेल्टिंग से लेकर डिजिटल कंट्रोल रूम और लीडरशिप रोल तक, माइनिंग और मेटल ऑपरेशन में महिलाओं के लिए मौके बढ़ाए हैं। ये कोशिश वेदांता ग्रुप की अपनी वर्कफोर्स में 35 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी के अनुसार हैं, जिसमें हिंदुस्तान जिंक इस सेक्टर में इस विजन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। हिंदुस्तान जिंक के सीईओ एवं होल-टाइम डायरेक्टर, अरुण मिश्रा ने कहा कि, “ हमारा मानना है कि माइनिंग का भविष्य अलग-अलग टैलेंट, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और सबको साथ लेकर चलने के कल्चर से आगे बढ़ेगा। तेजस्विनी का लॉन्च इंडस्ट्रियल परफॉर्मेंस को पावर देने वाले कोर ऑपरेशनल रोल में महिलाओं के लिए अच्छे अवसर देने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारे स्मेल्टिंग ऑपरेशन में महिलाओं को जरूरी प्रोसेस का नेतृत्व करने में निर्पूण बनाकर, हम अपनी टैलेंट पाइपलाइन को मजबूत कर रहे हैं, साथ ही यह लीडरशिप और काबिलियत पारंपरिक इंडस्ट्री की सीमाओं से आगे हैं। जैसे-जैसे हम अपने लंबे समय के ग्रोथ के लक्ष्यों को पूरा कर रहे हैं, इस तरह के प्रयास अधिक प्रोग्रेसिव और भविष्य के लिए तैयार माइनिंग सेक्टर को बनाने में मदद करेंगी।” जैसे-जैसे भारत इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ में अपने लक्ष्यों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है, हिंदुस्तान जिंक यह दिखाना जारी रखे हुए है कि कैसे सबको साथ लेकर चलने वाले वर्कप्लेस ऑपरेशनल एक्सीलेंस और इनोवेशन को बढ़ावा दे सकते हैं। तेजस्विनी जैसी पहल और लोगों पर केंद्रित पॉलिसी में अपने लगातार निवेश के जरिए, कंपनी मेटल और माइनिंग इंडस्ट्री के लिए नए बेंचमार्क सेट कर रही है। कंपनी ने भारत की पहली अंडरग्राउंड ऑल-वुमन माइन रेस्क्यू टीम शुरू की है, महिला इंजीनियर्स को नाइट शिफ्ट, टेली-रिमोट माइनिंग ऑपरेशन और स्मेल्टिंग कंट्रोल रूम लीड करने में मदद की है, और वी सेफ ऐप इंटीग्रेशन, सीसीटीवी सर्विलांस, बायोमेट्रिक एक्सेस सिस्टम, महिला सुरक्षाकर्मी और नाइट ट्रांसपोर्टेशन सुविधाओं जैसी पहलों के जरिए वर्कप्लेस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कर्मचारी कॉन्फिडेंस, सेफ्टी और लीडरशिप के साथ काम कर सकें और साथ ही अधिक अलग-अलग तरह का और भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स तैयार हो सके।
चित्तौडगढ : हिंदुस्तान जिंक द्वारा चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में सभी शिफ्ट में कार्य के लिए महिलाओं के नेतृत्व वाली ‘तेजस्विनी’ ऑल-वुमन शिफ्ट शुरू चित्तौड़गढ़।भारत की मेटल्स और माइनिंग इंडस्ट्री के लिए एक अहम कदम उठाते हुए, विश्व की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक उत्पादक एवं शीर्ष पांच सिल्वर उत्पादक में से एक, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में सभी शिफ्ट में कार्य के लिए महिलाओं के नेतृत्व वाली ‘तेजस्विनी’ ऑल-वुमन शिफ्ट की शुरूआत की है। यह विश्व की सबसे बड़ी और सबसे अधिक टेक्नोलॉजी वाली एडवांस्ड जिंक स्मेल्टिंग सुविधाओं में से एक है। यह पहल कंपनी की एक इनक्लूसिव वर्कफोर्स बनाने और हेवी इंडस्ट्री में मुख्य ऑपरेशनल भूमिकाओं में महिलाओं के लिए लीडरशिप के अवसर देने में महत्वपूर्ण कदम है। चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में काम करने से महिला इंजीनियर और ऑपरेटर बड़े पैमाने पर मेटलर्जिकल ऑपरेशन के केंद्र में होती हैं, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी ट्रांजिशन एप्लीकेशन के लिए जिंक उत्पादन में अहम भूमिका निभाती हैं। तेजस्विनी पहल के जरिए, हिंदुस्तान जिंक महिलाओं को ग्लोबल मेटल इंडस्ट्री में सबसे एडवांस्ड स्मेल्टिंग इकोसिस्टम में आवश्यक प्रोसेस को लीड करने में मदद कर रहा है। ऐसे समय में जब माइनिंग और मेटल सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक रूप से सीमित रही है, हिंदुस्तान जिंक महिलाओं को जरूरी ऑपरेशनल कार्यो का प्रतिनिधित्व करने में महत्वपूर्ण कदम उठाकर इंडस्ट्री के नियमों को पुनःपरिभाषित कर रहा है। अब महिलाओं की संख्या इसके वर्कफोर्स का 26.3 प्रतिशत है, जो इस सेक्टर में सबसे अधिक है, कंपनी पारंपरिक रूप से पुरुषों के दबदबे वाली इंडस्ट्री में जेंडर डायवर्सिटी के लिए नए बेंचमार्क सेट कर रही है। 30 महिला प्रोफेशनल्स की समर्पित टीम इन यूनिट्स में कोर प्रोसेस ऑपरेशन, मेंटेनेंस और सेफ्टी कार्यो का जिम्मा उठाएगी जो कोर मैन्युफैक्चरिंग भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस पहल से लीचिंग और प्यूरिफिकेशन वन और टू और चंदेरिया स्मेल्टिंग काॅम्प्लेक्स में पूरी तरह से महिलाओं के नेतृत्व वाली ऑपरेशनल शिफ्ट की शुरुआत हुई है। यह कंपनी के हाइड्रोमेटलर्जी ऑपरेशन का एक जरूरी हिस्सा है जो सीधे जिंक प्रोडक्शन थु्रपुट और प्रोडक्ट क्वालिटी पर असर डालता है। इस पहल को हाइड्रो की प्लांट मैनेजर एलएण्डपी वन तान्या सिंह लीड कर रही हैं, जो हिंदुस्तान जिंक के सेफ्टी-फर्स्ट कल्चर को बनाए रखते हुए ऑपरेशनल एक्सीलेंस को मजबूत करने में टीम को गाइड करेंगी। पिछले कुछ सालों में, कंपनी ने अंडरग्राउंड माइनिंग और स्मेल्टिंग से लेकर डिजिटल कंट्रोल रूम और लीडरशिप रोल तक, माइनिंग और मेटल ऑपरेशन में महिलाओं के लिए मौके बढ़ाए हैं। ये कोशिश वेदांता ग्रुप की अपनी वर्कफोर्स में 35 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी के अनुसार हैं, जिसमें हिंदुस्तान जिंक इस सेक्टर में इस विजन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। हिंदुस्तान जिंक के सीईओ एवं होल-टाइम डायरेक्टर, अरुण मिश्रा ने कहा कि, “ हमारा मानना है कि माइनिंग का भविष्य अलग-अलग टैलेंट, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और सबको साथ लेकर चलने के कल्चर से आगे बढ़ेगा। तेजस्विनी का लॉन्च इंडस्ट्रियल परफॉर्मेंस को पावर देने वाले कोर ऑपरेशनल रोल में महिलाओं के लिए अच्छे अवसर देने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारे स्मेल्टिंग ऑपरेशन में महिलाओं को जरूरी प्रोसेस का नेतृत्व करने में निर्पूण बनाकर, हम अपनी टैलेंट पाइपलाइन को मजबूत कर रहे हैं, साथ ही यह लीडरशिप और काबिलियत पारंपरिक इंडस्ट्री की सीमाओं से आगे हैं। जैसे-जैसे हम अपने लंबे समय के ग्रोथ के लक्ष्यों को पूरा कर रहे हैं, इस तरह के प्रयास अधिक प्रोग्रेसिव और भविष्य के लिए तैयार माइनिंग सेक्टर को बनाने में मदद करेंगी।” जैसे-जैसे भारत इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ में अपने लक्ष्यों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है, हिंदुस्तान जिंक यह दिखाना जारी रखे हुए है कि कैसे सबको साथ लेकर चलने वाले वर्कप्लेस ऑपरेशनल एक्सीलेंस और इनोवेशन को बढ़ावा दे सकते हैं। तेजस्विनी जैसी पहल और लोगों पर केंद्रित पॉलिसी में अपने लगातार निवेश के जरिए, कंपनी मेटल और माइनिंग इंडस्ट्री के लिए नए बेंचमार्क सेट कर रही है। कंपनी ने भारत की पहली अंडरग्राउंड ऑल-वुमन माइन रेस्क्यू टीम शुरू की है, महिला इंजीनियर्स को नाइट शिफ्ट, टेली-रिमोट माइनिंग ऑपरेशन और स्मेल्टिंग कंट्रोल रूम लीड करने में मदद की है, और वी सेफ ऐप इंटीग्रेशन, सीसीटीवी सर्विलांस, बायोमेट्रिक एक्सेस सिस्टम, महिला सुरक्षाकर्मी और नाइट ट्रांसपोर्टेशन सुविधाओं जैसी पहलों के जरिए वर्कप्लेस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कर्मचारी कॉन्फिडेंस, सेफ्टी और लीडरशिप के साथ काम कर सकें और साथ ही अधिक अलग-अलग तरह का और भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स तैयार हो सके।
- चित्तौड़गढ़,16 अप्रैल 2026 । राजस्थान पुलिस का 77 वां स्थापना दिवस गुरुवार को पुलिस लाइन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सराहनीय कार्य करने पर 130 पुलिसकर्मियों का सम्मान किया गया। पौधारोपण व रक्तदान शिविर सहित अन्य कई कार्यक्रम आयोजित हुए। पुलिस अधीक्षक श्री मनीष त्रिपाठी सहित जिले के कई पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिस स्थापना दिवस पर आयोजित परेड का निरीक्षण श्री मनीष त्रिपाठी ने किया, परेड कमांडर अनिल पांडे संचित निरीक्षक के नेतृत्व में सलामी दी गई। पुलिस अधीक्षक ने राजस्थान पुलिस दिवस पर मौजूद पुलिसकर्मियों को शुभकामनाएं और बधाई दी। पुलिस विभाग में कर्तव्य निष्ठा एवं सराहनीय सेवाओं के लिए 10 वर्ष की लगातार बेदाग सेवा पूर्ण करने पर जिले के 20 पुलिसकर्मियों सर्वोत्तम सेवा चिन्ह तथा 54 पुलिसकर्मियों को अति उत्तम सेवा चिन्ह व 56 पुलिस कर्मी को उत्तम सेवा चिन्ह तथा प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुलिस स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन परिसर में पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों एवं कार्मिकों द्वारा उत्साहपूर्वक भाग लेकर विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए। इसी क्रम में जनसेवा एवं मानवता के प्रति समर्पण की भावना को प्रदर्शित करते हुए पुलिस लाइन में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जिसमें पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 34 यूनिट रक्तदान किया। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष राजस्थान में पुलिस के समस्त विभागों द्वारा 16 अप्रैल को राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस मनाया जाता है। 16 अप्रैल 1949 को सभी रियासतों की पुलिस ने विलीनीकरण करके राजस्थान पुलिस की स्थापना की थी। पुलिस अधीक्षक श्री मनीष त्रिपाठी ने इस अवसर पर कहा कि राजस्थान पुलिस अपनी गौरवशाली परंपराओं के अनुरूप कानून व्यवस्था शांति एवं सद्भाव को बनाए रखने के साथ हिंसा और अपराध की रोकथाम के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। पुलिस के जवानों ने नागरिकों की जान माल की सुरक्षा के लिए अनेक अवसरों पर त्याग एवं बलिदान के अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। पुलिस की कार्य प्रणाली में निरंतर सुधार लाने के साथ ही आम नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य कर पुलिस और निरंतर जनमित्र की भूमिका निभाने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अपने ध्येय वाक्य आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर को ध्यान में रखकर सदैव नागरिकों की सेवा के लिए तत्पर रहें। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री मनीष त्रिपाठी के अलावा एएसपी सरिता सिंह , एएसपी भगवत सिंह ही़गड़ सहित जिले के पुलिस उप अधीक्षक व कई थानाधिकारियों के साथ पुलिस कर्मी उपस्थित थे। पुलिस दिवस की पूर्व संध्या पर बुधवार को पुलिस लाइन में पुलिस के जवानों अधिकारियों व परिवार के सदस्यों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें पुलिसकर्मी के बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से वहां उपस्थित सभी लोगों व अधिकारियों का मन मोह लिया। इसी तरह से विभिन्न परीक्षाओं में बेहतर नंबर प्राप्त करने वाले बच्चों, मेधावी छात्रों व खेलकूद प्रतियोगिता में पुरस्कार प्राप्त को भी सम्मानित किया गया। जिन्हें पुलिस अधीक्षक ने मोमेंटो व प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।1
- Post by DS7NEWS NETWORK1
- 🌹🙏SRI LAKSHMINATH ♥️ BHAGVAN SIV ♥️ SANKAR JI VASAKRAJ ♥️ MAHARAJ GOVIND SAWARIYA SETH 🌺 🙏🏽 ♥️ JI AAPKI ♥️ 🙏🏽 JAY HO ♥️ 🙏🏽 SDA SARVDA AAP HI AAP HO HARI OM 🕉 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI 🕉 🌹 🌷 🙏🏽 🕉 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI 🕉 🌹 🌷 🙏🏽 🕉 SIVAY NAMAH ♥️⚘️1
- 50 बेड की सुविधा मिलेगी, विधायक बोले-जल्द मिलेगा नवीन अस्पताल भवन। बेगूं। विधायक डॉ. सुरेश धाकड़ ने बुधवार को उप जिला अस्पताल में दो नए वार्डों का लोकार्पण किया। इन वार्डों के शुरू होने से अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाओं का विस्तार होगा और क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। उप जिला अस्पताल में ये नव-निर्मित वार्ड डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) फंड से तैयार किए गए हैं। इन वार्डों में 50 बेड की सुविधा उपलब्ध होगी । विधायक डॉ. धाकड़ ने इस अवसर पर कहा कि सरकार जनता को अच्छी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उप जिला अस्पताल का नया भवन भी शीघ्र ही बनकर तैयार होगा, जिससे मरीजों को और अधिक सुविधाएं मिल सकेंगी। विधायक ने क्षेत्र के विकास कार्यों की जानकारी देते हुए यह भी कहा कि प्रदेश की भजनलाल शर्मा सरकार में विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। लोकार्पण के बाद विधायक डॉ. धाकड़ ने अस्पताल का निरीक्षण किया और भर्ती मरीजों से उनकी स्वास्थ्य स्थिति व मिल रही सुविधाओं के बारे में चर्चा की। विधायक ने इसके बाद अधिकारियों की बैठक ली और आवश्यक निर्देश भी दिए ।4
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- Post by Dev karan Mali1
- छोटी सादड़ी खंडेला मार्ग पर सगस बावजी के कलश स्थापित करने पर नगर में एक भव्य जुलुस निकाला गया जिसमें कई श्रद्धालुओं ने भाग लिया नाचते गाते इस जुलूस की शोभा बढ़ाने के लिए ऊंट गाड़ी घोड़ा आदि जुलूस में कलश यात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे तेज गर्मी के बावजूद काफी उत्साह बना रहा लोगों ने जगह-जगह पर जुलूस का भव्य स्वागत भी किया पानी की व्यवस्था भी की4
- बेगूं - एडीएम रावतभाटा विनोद मल्होत्रा की अध्यक्षता में बुधवार 15 अप्रैल 2026 को पंचायत समिति सभागार बेगूं में अधिकारियों की बैठक लेकर फ्लैगशिप योजनाओं, विभागीय योजनाओं, बजट घोषणाओं की समीक्षा की और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने सहित आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उपखंड अधिकारी अंकित सामरिया ने बताया कि बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर ने समस्त ग्राम पंचायतों में स्थित सामुदायिक स्वच्छता परिसर में पानी एवं सफाई व्यवस्था हेतु विकास अधिकारी पंचायत समिति बेगूं को निर्देशित किया गया। पुलिस उप अधीक्षक बेगूं को क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के साथ ही बेगूं शहर में ट्रैफिक समस्या को दुरुस्त करने हेतु निर्देशित किया । तहसीलदार बेगूं एवं समस्त भू.अभि. निरीक्षक को फार्मर रजिस्ट्री से शेष रहे किसानों के रजिस्ट्रेशन हेतु एवं शेष रही पत्थरगढी को जल्द ही पूर्ण कर उपखण्ड अधिकारी बेगूं को रिपोर्ट भिजवाने के साथ ही पीडी पालना रिपोर्ट एवं 251 ए नवीन रास्तों के प्रस्ताव भिजवाने हेतु निर्देशित किया। अधिशाषी अभियंता एवीवीएनएल बेगूं द्वारा बताया गया कि कुसुम सी योजना के तहत 7 प्लान्ट है जिनकी क्षमता 17.39 मेगावाट है जिसमें से 3 प्लान्ट 8.19 मेगावाट के चालू कर दिये है। कुसुम ए के तहत 10 प्लान्ट है जिनकी क्षमता 15 मेगावाट है जिनमें से 2 पर कार्य प्रगति पर है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत 232 प्लान्ट स्थापित किये जा चुके है। एसडीएम द्वारा स्मार्ट मीटर के संबंध अपेक्षानुरूप प्रगति लाने हेतु अधिशाषी अभियंता एवीवीएनएल बेगूं एवं समस्त विभागध्यक्षों को अपने घरों पर सोलर पैनल लगवाने हेतु एवं आमजन को सोलर पेनल के संबंध में अवगत करवाने हेतु निर्देशित किया। सहायक अभियंता जन स्वा.अभि. विभाग बेगूं द्वारा बताया गया कि अमृत 2.0 के तहत 3 नये उच्च जलाशय को निर्माण होना है जिसमें से 1 का निर्माण कार्य चल रहा है। जिसके संबंध में एसडीएम द्वारा नियत समय में कार्य पूर्ण करने के साथ ही सहायक अभियंता को निरीक्षण दैनिक चार्ट तैयार कर पंचायतों में खराब हेडपंपों को सही करवाने एवं ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति हेतु नियमित रूप से सैम्पल लेने हेतु निर्देशित किया। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र बेगूं में क्षतिग्रस्त पाईपलाईन की मरम्मत हेतु अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका बेगूं एवं सहायक अभियंता जन स्वा.अभि. विभाग बेगूं को निर्देशित किया जिससे जल को दूषित होने से बचाया जाकर बीमारियां फैलने से रोका जा सके। शहरी क्षेत्र बेगूं मानसून पूर्व नालों की साफ-सफाई हेतु अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका बेगूं को निर्देशित किया एवं विभिन्न प्रकार के बकाया पट्टा आवेदन का निर्धारित समय सीमा में निस्तारण करने हेतु निर्देशित किया गया। प्रवर्तन अधिकारी रसद विभाग बेगूं से एनएफएसए अपीलों का समयबद्ध निस्तारण करवाने एवं एलपीजी गैस के स्टॉक के संबंध में चर्चा की गई तथा समय-समय पर निरीक्षण कर वर्तमान स्टॉक की सूचना उपखण्ड अधिकारी बेगूं को प्रेषित करने हेतु निर्देशित किया। एडीएम ने ब्राह्मणी रिवार फ्रंट बेगूं की प्रगति के बारे में अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका बेगूं से चर्चा की एवं नियमानुसार नियत समयावधि में कार्य पूर्ण करवाये जाने हेतु निर्देशित किया। नोडल अधिकारी पशुपालन विभाग बेगूं से स्वयं के कार्यालय के वर्किंग केपेसिटी के बारे में जानकारी ली एवं उपखण्ड अधिकारी बेगूं को समय-समय पर निरीक्षण हेतु निर्देशित किया। एडीएम मल्होत्रा ने बैठक के अंत में समस्त ब्लॉक स्तरीय अधिकारीगण को अपने कार्यालयों में साफ-सफाई रखने एवं समय पर कार्यालय में उपस्थित होने तथा रिकार्ड रूम में अनावश्यक रिकार्ड का नियमानुसार निस्तारण करने, सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज परिवादों का गुणवत्तपूर्णा निस्तारण, अपने कार्यालय में प्रतिदिन नियमित जनसुनवाई की व्यवस्था करने हेतु निर्देशित किया। बैठक में एसडीएम बेगूं अंकित सामरिया सहित ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।1