राजस्थान लोक सेवा आयोग:मोबाइल में था लीक पेपर, बिना देखे सेंटर में घुस गया कटारा का भांजा; इसलिए हो गया था फेल राजस्थान लोक सेवा आयोग:मोबाइल में था लीक पेपर, बिना देखे सेंटर में घुस गया कटारा का भांजा; इसलिए हो गया था फेल जयपुर1 घंटे पहले राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) पेपर लीक मामले में एसओजी जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा के भांजे विजय डामोर के पास परीक्षा से ठीक पहले मोबाइल में सॉल्व्ड पेपर पहुंच चुका था, लेकिन वह मोबाइल देख नहीं पाया और इसका लाभ नहीं उठा सका। एडीजी एसओजी विशाल बंसल के अनुसार, बाबूलाल कटारा का भांजा विजय डामोर भूगोल विषय से परीक्षा दे रहा था। चूंकि उस विषय का पेपर कटारा के पास नहीं था, इसलिए उन्होंने आरोपी अनिल उर्फ शेर सिंह से अलग डील की। शर्त के तहत 60 लाख रुपए के साथ शेर सिंह को विजय डामोर के लिए सामान्य ज्ञान और भूगोल का पेपर भी उपलब्ध कराना था। डील के मुताबिक शेर सिंह ने परीक्षा के दिन समय से पहले पेपर विजय डामोर के मोबाइल पर भेज दिया, लेकिन उसने परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले मोबाइल चेक नहीं किया। उसे पता ही नहीं चला कि व्हाट्सएप पर पेपर आ चुका है और वह बिना देखे ही सेंटर में चला गया। इस कारण मोबाइल में पेपर होने के बावजूद वह किसी भी तरह का अनुचित लाभ नहीं ले पाया। इसके चलते वह बाद में परीक्षा में पास भी नहीं हो पाया था। एसओजी जांच में सामने आया कि बाबूलाल कटारा का नाम मार्च 2023 में सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक में सामने आया था। पूछताछ में एसआई भर्ती परीक्षा-2022 और प्रथम श्रेणी लेक्चरर भर्ती (अर्थशास्त्र) में भी उसकी भूमिका उजागर हुई। अब कृषि विज्ञान भर्ती परीक्षा-2022 में भी संलिप्तता सामने आई है। एसओजी का दावा है कि कटारा ने 18 महीने में पेपर लीक नेटवर्क से करोड़ों कमाए। ज्यादा अंक मिलने पर हुआ शक, पूछताछ में नेटवर्क उजागर हो गया एसपी कुंदन कांवरिया ने बताया कि आरोपी अशोक कुमार यादव ने शेर सिंह मीणा गैंग के सदस्य विनोद रेवाड़ से 7 लाख रुपए में सॉल्व्ड पेपर खरीदा था। उसे केवल विषय का पेपर मिला। जांच में उसकी बीएड और एमएससी की अंकतालिकाएं फर्जी पाई गईं। सामान्य ज्ञान में कमजोर प्रदर्शन के बावजूद कृषि विज्ञान में ज्यादा अंक मिलने पर शक हुआ और पूछताछ में पूरा नेटवर्क उजागर हो गया। विजय डामोर आरपीएससी सदस्य बनने की नियुक्ति भी जांच के घेरे में बाबूलाल कटारा ने 15 अक्टूबर 2020 को आरपीएससी सदस्य के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। उनकी नियुक्ति राज्य सरकार की सिफारिश पर तत्कालीन राज्यपाल कलराज मिश्र के आदेश से हुई थी। अब ईडी जांच में यह दावा सामने आया है कि सदस्य बनने के लिए भी करोड़ों रुपए की डील हुई थी। एसओजी नियुक्ति प्रक्रिया की भी जांच कर रही है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग:मोबाइल में था लीक पेपर, बिना देखे सेंटर में घुस गया कटारा का भांजा; इसलिए हो गया था फेल राजस्थान लोक सेवा आयोग:मोबाइल में था लीक पेपर, बिना देखे सेंटर में घुस गया कटारा का भांजा; इसलिए हो गया था फेल जयपुर1 घंटे पहले राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) पेपर लीक मामले में एसओजी जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा के भांजे विजय डामोर के पास परीक्षा से ठीक पहले मोबाइल में सॉल्व्ड पेपर पहुंच चुका था, लेकिन वह मोबाइल देख नहीं पाया और इसका लाभ नहीं उठा सका। एडीजी एसओजी विशाल बंसल के अनुसार, बाबूलाल कटारा का भांजा विजय डामोर भूगोल विषय से परीक्षा दे रहा था। चूंकि उस विषय का पेपर कटारा के पास नहीं था, इसलिए उन्होंने आरोपी अनिल उर्फ शेर सिंह से अलग डील की। शर्त के तहत 60 लाख रुपए के साथ शेर सिंह को विजय डामोर के लिए सामान्य ज्ञान और भूगोल का पेपर भी उपलब्ध कराना था। डील के मुताबिक शेर सिंह ने परीक्षा के दिन समय से पहले पेपर विजय डामोर के मोबाइल पर भेज दिया, लेकिन उसने परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले मोबाइल चेक नहीं किया। उसे पता ही नहीं चला कि व्हाट्सएप पर पेपर आ चुका है और वह बिना देखे ही सेंटर में चला गया। इस कारण मोबाइल में पेपर होने के बावजूद वह किसी भी तरह का अनुचित लाभ नहीं ले पाया। इसके चलते वह बाद में परीक्षा में पास भी नहीं हो पाया था। एसओजी जांच में सामने आया कि बाबूलाल कटारा का नाम मार्च 2023 में सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक में सामने आया था। पूछताछ में एसआई भर्ती परीक्षा-2022 और प्रथम श्रेणी लेक्चरर भर्ती (अर्थशास्त्र) में भी उसकी भूमिका उजागर हुई। अब कृषि विज्ञान भर्ती परीक्षा-2022 में भी संलिप्तता सामने आई है। एसओजी का दावा है कि कटारा ने 18 महीने में पेपर लीक नेटवर्क से करोड़ों कमाए। ज्यादा अंक मिलने पर हुआ शक, पूछताछ में नेटवर्क उजागर हो गया एसपी कुंदन कांवरिया ने बताया कि आरोपी अशोक कुमार यादव ने शेर सिंह मीणा गैंग के सदस्य विनोद रेवाड़ से 7 लाख रुपए में सॉल्व्ड पेपर खरीदा था। उसे केवल विषय का पेपर मिला। जांच में उसकी बीएड और एमएससी की अंकतालिकाएं फर्जी पाई गईं। सामान्य ज्ञान में कमजोर प्रदर्शन के बावजूद कृषि विज्ञान में ज्यादा अंक मिलने पर शक हुआ और पूछताछ में पूरा नेटवर्क उजागर हो गया। विजय डामोर आरपीएससी सदस्य बनने की नियुक्ति भी जांच के घेरे में बाबूलाल कटारा ने 15 अक्टूबर 2020 को आरपीएससी सदस्य के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। उनकी नियुक्ति राज्य सरकार की सिफारिश पर तत्कालीन राज्यपाल कलराज मिश्र के आदेश से हुई थी। अब ईडी जांच में यह दावा सामने आया है कि सदस्य बनने के लिए भी करोड़ों रुपए की डील हुई थी। एसओजी नियुक्ति प्रक्रिया की भी जांच कर रही है।
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨 🚖 ऑटो ड्राइवर ने कस्टमर से मांगे एक्स्ट्रा पैसे, हुआ विवाद! जयपुर शहर में एक बार फिर ऑटो किराए को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक ऑटो ड्राइवर द्वारा तय किराए से ज्यादा पैसे मांगने पर कस्टमर और ड्राइवर के बीच बहस हो गई। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और मामला चर्चा का विषय बन गया। 📢 आखिर कब रुकेगी मनमानी? 📢 क्या यात्रियों और ड्राइवरों के बीच बढ़ते विवादों का निकलेगा समाधान? देखिए इस मामले की खास रिपोर्ट और जानिए पूरा मामला विस्तार से। 👉 जुड़े रहें हमारे साथ 👍 कमेंट करें 📲 शेयर करें ⭐ फॉलो अवश्य करें 🎥 जस्ट जयपुर लाइव — आपकी आवाज़, आपकी खबर #BreakingNews #Jaipur #AutoDriver #JaipurNews #ViralNews #JustJaipurLive #DriverNews #RajasthanNews #AutoRickshaw #TrendingNews1
- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी। उनकी इस उपस्थिति ने राष्ट्रीय राजनीति में कई नए सियासी संकेतों और अटकलों को जन्म दिया है।1
- कांग्रेस पार्टी पर अपने सहयोगियों को धोखा देने और उन्हें 'पनौती' साबित होने का गंभीर आरोप लगा है। लालू परिवार, ममता और हाल ही में तमिलनाडु में DMK जैसी पार्टियों को कांग्रेस के साथ गठबंधन के बाद नुकसान उठाना पड़ा है। यह आरोप राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के गठबंधन समझौतों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।1
- राजस्थान की सरकारी स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) में 900 करोड़ रुपये से अधिक का बड़ा घोटाला सामने आया है। इस फर्जीवाड़े में अधिकारी, सरकारी डॉक्टर, निजी अस्पताल और दवा विक्रेता शामिल हैं, जिससे साढ़े 12 लाख लाभार्थी प्रभावित हुए। सरकार ने एक अधिकारी को हटाया और 200 से अधिक लोगों पर पुलिस में मामला दर्ज किया है।1
- जयपुर में 15 वर्षीय 9वीं की छात्रा के साथ पड़ोसी ने अपने होटल में दुष्कर्म किया। आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर कॉफी में नशीला पदार्थ मिलाकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।1
- महाराष्ट्र के संभाजीनगर में प्रशासन ने एक विकलांग महिला की मिट्टी के बर्तन की दुकान पर बुलडोजर चला दिया। अतिक्रमण हटाने के नाम पर की गई इस कार्रवाई से महिला का परिवार आर्थिक संकट में आ गया है, क्योंकि यही उसकी आजीविका का एकमात्र सहारा थी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भारी नाराजगी है और प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।1
- जयपुर के थानों में संचालित जनसुनवाई केंद्रों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का मानना है कि यहां अक्सर सिर्फ आश्वासन मिलते हैं, ठोस समस्याओं का समाधान नहीं।1
- एक यूज़र ने Shuru ऐप में स्वस्थ मनोरंजन के लिए एक अलग मंच बनाने की मांग की है। यूज़र का कहना है कि चुटकुले, किस्से और मनोरंजक वीडियो के लिए एक सेक्शन होना चाहिए। उन्होंने ऐप के संस्थापकों से इस अनुरोध पर विचार करने का आग्रह किया है।1