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पटना जिले के बाढ़ अंतर्गत भदौर थाना क्षेत्र के शहजादपुर बथोई में दो भाइयों के बीच जमीन विवाद को लेकर जमकर मारपीट हुई है। दोनों भाइयों के बीच भूमि विवाद के चलते बहस हुई, जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हो गई।
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पटना जिले के बाढ़ अंतर्गत भदौर थाना क्षेत्र के शहजादपुर बथोई में दो भाइयों के बीच जमीन विवाद को लेकर जमकर मारपीट हुई है। दोनों भाइयों के बीच भूमि विवाद के चलते बहस हुई, जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हो गई।
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- बिहार के पटना में उपचुनाव से पहले उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब से भरा एक ट्रक पकड़ा है। विभाग ने हरियाणा से लाई जा रही 37 लाख रुपये मूल्य की शराब की बड़ी खेप को जब्त किया है। इस कार्रवाई के दौरान कुल 10,104 बोतल अवैध शराब बरामद की गई है और मौके से दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।1
- पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत बेलछी प्रखंड के बराह गांव में प्रेम और समर्पण की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। यहाँ अरुण धाम की संस्थापक चंद्रकांता देवी ने अपने पति के निधन के 12 वर्ष बाद भी उनके प्रति अपने प्रेम, समर्पण और किए गए वादे को पूरी निष्ठा से जीवित रखा है। मंदिर निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद उन्होंने अपने दिवंगत पति की प्रतिमा के पास जाकर अपनी शादी की 29वीं वर्षगांठ मनाई। इस विशेष अवसर पर चंद्रकांता देवी ने पति की प्रतिमा के समक्ष केक काटा, पुष्प अर्पित किए और भावुक होकर उन्हें याद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके जीवनसाथी भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका साथ और उनकी यादें हमेशा उनके जीवन का हिस्सा रहेंगी।1
- समस्तीपुर के पटोरी व्यवहार न्यायालय भवन स्थल चयन के मामले को लेकर तीनों प्रखंड के जनप्रतिनिधियों और संघर्ष मोर्चा संघ के सदस्यों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पटोरी व्यवहार न्यायालय पर संघर्ष समिति के सदस्यों ने हिस्सा लिया और कई अहम जानकारियां साझा कीं। बैठक में मौजूद पटोरी प्रखंड प्रमुख सुरेश राय ने हर विपरीत परिस्थिति का सामना करने का दृढ़ निर्णय लिया है। उन्होंने इस मामले को लेकर हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाने का बड़ा फैसला किया है।1
- पटना के बख्तियारपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-31) पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज कर दिया गया है। पटना में 23 जून से 29 जून तक चले अभियान के बाद, अब 9 जुलाई से बख्तियारपुर प्रखंड के सालिमपुर और बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है, जो 13 जुलाई तक जारी रहेगी। इसी कड़ी में शनिवार को जगदंबा मंदिर से मोगलपुरा पेट्रोल पंप तक सड़क के उत्तरी हिस्से में बने अस्थायी और अवैध कब्जों को प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में हटा दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान बीसीपीएल के राजीव कुमार, प्रशासनिक मजिस्ट्रेट राजीव रंजन, कृषि समन्वयक, बख्तियारपुर थाना के एसआई शत्रुघ्न कुमार और जिला पुलिस बल के जवान तैनात रहे। बीसीपीएल के राजीव कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय राजमार्ग की दोनों ओर मिलाकर कुल 200 फीट राइट ऑफ वे (ROW) के दायरे में किसी भी तरह का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 13 अप्रैल 2026 के आदेश और बिहार के मुख्य सचिव की 26 मई 2026 की समीक्षा बैठक के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। इसके तहत NHAI ने 10 जून 2026 को पटना के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर प्रशासनिक और पुलिस सहयोग की मांग की थी, जिसके बाद अब पूरे पटना-बख्तियारपुर NH-31 कॉरिडोर में चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाया जा रहा है।1
- बिहार के समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक चकोठी मठ में हुई भीषण चोरी की घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। चोरों ने मंदिर के गर्भगृह को निशाना बनाकर करीब 200 वर्ष पुरानी भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की अष्टधातु की दुर्लभ प्रतिमाओं के साथ सोने और चांदी के कई बहुमूल्य आभूषण चोरी कर लिए हैं। चोरी गई इन ऐतिहासिक प्रतिमाओं और आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह घटना इसलिए भी बेहद गंभीर है क्योंकि इसी ऐतिहासिक चकोठी मठ में बीते 24 जून को भगवान विष्णु के 24 अवतारों की स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ था। इस धार्मिक समारोह में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया था। ऐसे चर्चित और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल पर हुई इस बड़ी वारदात ने मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस सनसनीखेज चोरी का खुलासा सोमवार की सुबह तब हुआ, जब मठ के महामंडलेश्वर रामसेवक दास शास्त्री हमेशा की तरह ब्रह्म मुहूर्त में पूजा-अर्चन के लिए मंदिर का पट खोलने पहुंचे। उन्होंने देखा कि मंदिर का ताला टूटा हुआ था और अंदर का सामान बिखरा पड़ा था। गर्भगृह से भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की अष्टधातु प्रतिमाएं तथा उन पर सजे बहुमूल्य आभूषण गायब थे। महामंडलेश्वर के अनुसार, चोरी गई प्रतिमाओं पर सोने का धनुष, स्वर्ण कंगन, माता सीता का स्वर्ण मुकुट, सोने की छतरी, चांदी का मुकुट, किशोरी जी की सोने की चेन तथा लक्ष्मी माता की सोने की चेन जैसे बहुमूल्य आभूषण लगे हुए थे। इसमें अकेले भगवान राम की अष्टधातु प्रतिमा की कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है, जबकि अन्य प्रतिमाओं और आभूषणों को मिलाकर कुल डेढ़ करोड़ रुपये की चोरी का अनुमान है। घटना की सूचना मिलते ही खानपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी के साथ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके। इस बड़ी वारदात के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है, और उन्होंने प्रशासन से दुर्लभ प्रतिमाओं की जल्द बरामदगी और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।3
- पटना के बाढ़ अनुमंडल के पंडारक प्रखंड अंतर्गत भदौर थाना क्षेत्र के शहजादपुर बथोई में जमीन विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच जमकर मारपीट हुई है। यह विवाद तब बढ़ गया जब बड़े भाई विकास कुमार अपने पिता की मृत्यु के बाद अपनी मां को अपने साथ ले जाने के लिए गांव आए थे। उनके छोटे भाई नीतीश कुमार ने मां को जाने देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। जख्मी विकास कुमार के अनुसार, जब छोटे भाई ने मां को साथ भेजने से मना किया, तो उन्होंने घर में रखे अपने इनवर्टर और बैटरी को ले जाने की बात कही। नीतीश कुमार इसके लिए भी तैयार नहीं हुआ और दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद देखते ही देखते लाठी-डंडे चलने लगे। इस दौरान नीतीश कुमार ने अपने बड़े भाई विकास कुमार के सिर पर चाकू से दो-तीन बार प्रहार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से जख्मी विकास कुमार को इलाज के लिए बाढ़ के अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया है। पीड़ित परिवार के पिता वृक्षन यादव उर्फ बनारस यादव की लगभग 2 महीने पहले ही मृत्यु हुई थी, जो एफसीआई में कार्यरत थे। इस घटना को लेकर भदौर थाना से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो पाया।1