संकल्प फाउंडेशन के पूर्व छात्र और भारतीय सेना के वर्तमान सैनिक, ग्राम किशोर निवासी अजीत राजपूत आठ माह का सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पहली बार सैनिक वर्दी में अपने गृह क्षेत्र लौटे। पिपरिया रेलवे स्टेशन पर उनका और उनके साथी युवा सैनिक का भव्य स्वागत किया गया, जहाँ देशभक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर संकल्प फाउंडेशन के पदाधिकारियों, युवाओं और परिजनों ने पुष्पमालाएँ पहनाकर और ढोल-नगाड़ों के साथ दोनों जवानों का अभिनंदन किया। अजीत राजपूत ने भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए संकल्प फाउंडेशन के माध्यम से लगभग दो वर्षों तक तैयारी की थी। शुरुआती दो प्रयासों में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने अंतिम प्रयास में सफलता प्राप्त कर भारतीय सेना में चयनित हुए। चयन के बाद उन्होंने आठ माह का कठोर सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया और पासिंग आउट परेड के बाद पहली बार अपने गृह क्षेत्र पहुँचे। इस स्वागत समारोह में संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री केसर सिंह चौधरी, लोटन सिंह रघुवंशी, बलराम पाटर, तुलसीराम अहिरवार, श्याम लाल कहार, जितेंद्र पुर्वीया, फाउंडेशन के संचालक निरंजन वैष्णव, समाजसेवी कैलाश बाथरे, मनोज नागोत्रा सहित कई गणमान्य नागरिक, सैकड़ों युवा और परिजन उपस्थित थे। अजीत राजपूत की यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। उनके संघर्ष, धैर्य और समर्पण का संदेश है कि निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे सम्मान समारोह अन्य युवाओं को भी मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दोनों युवा सैनिकों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं और देशसेवा के लिए उनका उत्साहवर्धन किया।
संकल्प फाउंडेशन के पूर्व छात्र और भारतीय सेना के वर्तमान सैनिक, ग्राम किशोर निवासी अजीत राजपूत आठ माह का सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पहली बार सैनिक वर्दी में अपने गृह क्षेत्र लौटे। पिपरिया रेलवे स्टेशन पर उनका और उनके साथी युवा सैनिक का भव्य स्वागत किया गया, जहाँ देशभक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर संकल्प फाउंडेशन के पदाधिकारियों, युवाओं और परिजनों ने पुष्पमालाएँ पहनाकर और ढोल-नगाड़ों के साथ दोनों जवानों का अभिनंदन किया। अजीत राजपूत ने भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए संकल्प फाउंडेशन के माध्यम से लगभग दो वर्षों तक तैयारी की थी। शुरुआती दो प्रयासों में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने अंतिम प्रयास में सफलता प्राप्त कर भारतीय सेना में चयनित हुए। चयन के बाद उन्होंने आठ माह का कठोर सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया
और पासिंग आउट परेड के बाद पहली बार अपने गृह क्षेत्र पहुँचे। इस स्वागत समारोह में संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री केसर सिंह चौधरी, लोटन सिंह रघुवंशी, बलराम पाटर, तुलसीराम अहिरवार, श्याम लाल कहार, जितेंद्र पुर्वीया, फाउंडेशन के संचालक निरंजन वैष्णव, समाजसेवी कैलाश बाथरे, मनोज नागोत्रा सहित कई गणमान्य नागरिक, सैकड़ों युवा और परिजन उपस्थित थे। अजीत राजपूत की यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। उनके संघर्ष, धैर्य और समर्पण का संदेश है कि निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे सम्मान समारोह अन्य युवाओं को भी मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दोनों युवा सैनिकों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं और देशसेवा के लिए उनका उत्साहवर्धन किया।
- मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जिले के कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने हाल ही में ग्राम छेड़का का एक बेहद सराहनीय और जमीनी दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय संस्कृति और शासकीय योजनाओं की समीक्षा करना था। अपने दौरे के दौरान, कलेक्टर ने प्रशासनिक औपचारिकताएं छोड़कर गांव की गलियों में बच्चों और ग्रामीणों के साथ पारंपरिक खेल 'गिल्ली-डंडा' का आनंद लिया, जिससे उनकी बचपन की यादें ताज़ा हो गईं। उन्होंने गांव के माहौल को करीब से समझने के लिए बैलगाड़ी की सवारी भी की। जिले के प्रशासनिक मुखिया को इस सहज अंदाज में अपने बीच पाकर स्थानीय ग्रामीणों और बच्चों में भारी उत्साह देखने को मिला। ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्राम छेड़का स्थित होमस्टे में रात्रि विश्राम किया। इस पूरे अनुभव के माध्यम से, कलेक्टर ने ग्रामीण जीवन की सहजता, संस्कृति और परंपराओं का अनुभव किया और गांव की मिट्टी से अपना जुड़ाव दर्शाया।1
- Post by Harish Pal3
- राजस्थान के चूरू शहर में शनिवार दोपहर मौसम ने अचानक बेहद रौद्र रूप धारण कर लिया, जिसके चलते दिन के समय ही रात जैसा गहरा अंधेरा छा गया। इस दौरान तेज धूल भरी आंधी और एक विशाल रेतीले बवंडर ने पूरे आसमान को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयावह रेतीले तूफान के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई।1
- नर्मदापुरम के सोहागपुर में राम रहीम रोटी बैंक समिति के माध्यम से ज़रूरतमंदों, बेघर, बेसहारा लोगों और नर्मदा परिक्रमावासियों को गरमा गरम और स्वादिष्ट भोजन कराया गया। इस पुण्य कार्य में कई सेवाभावी महानुभावों ने संयुक्त रूप से अपना योगदान दिया, जिसके तहत व्यंजनों के साथ भोजन वितरित किया गया। गंगाजली पूजन (तेरहवीं) के कार्यक्रम के पश्चात, रामगंज वार्ड निवासी श्री अमन कुशवाहा ने अपने छोटे भाई स्वर्गीय श्री हर्ष कुशवाहा की स्मृति में, तिलक वार्ड निवासी श्री पीयूष श्रीवास और निखिल श्रीवास ने अपनी माताजी स्वर्गीय श्रीमती सुधा श्रीवास की याद में, तथा सेमरी हरचंद निवासी श्री मनोहरलाल मेहर, बृजेश मेहर और गोविंदराम मेहर ने अपने पिताजी स्वर्गीय श्री विश्राम मेहर (शिक्षक) की स्मृति में यह भोजन सेवा की। इसके अलावा, समाजसेवी श्रीमती सुनीता शिवहरे ने पूर्णिमा के अवसर पर और गांधी वार्ड निवासी श्री लखन नायक ने नर्मदा पूजन एवं भंडारे के पश्चात भोजन वितरण का कार्य संपन्न कराया। इन सभी आयोजनों के माध्यम से पुण्य लाभ अर्जित किया गया, जिसके लिए राम रहीम रोटी बैंक समिति ने सभी सेवाभावी महानुभावों का हृदय से आभार व्यक्त किया है।1
- रायसेन नगर पालिका परिषद ने एक शानदार पहल करते हुए 'स्वच्छता चौपाटी' का निर्माण किया है, जो इंदौर की प्रसिद्ध 'छप्पन' की तर्ज पर विकसित हो रही है। इस चौपाटी के साथ ही, यहाँ फ्री ऑक्सीजन पार्क की भी बेहतरीन व्यवस्था की गई है, जो रायसेन के निवासियों को आकर्षित कर रही है। नगर पालिका की यह पहल शहर में स्वच्छता और स्वास्थ्य के लिए एक अनूठी व्यवस्था प्रदान कर रही है।1
- मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के दीवानगंज क्षेत्र के ग्राम सेमरी की अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही अंजना यादव ने 27 मई 2026 को सुबह 5:24 बजे विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह कर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। एक साधारण ग्रामीण परिवार से आने वाली अंजना की यह उपलब्धि उनकी अथक मेहनत, साहस और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। अपने एवरेस्ट अभियान के दौरान अंजना यादव ने राष्ट्रभक्ति का भी संदेश दिया। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के एक वर्ष पूर्ण होने पर पहले 6119 मीटर ऊँची लाबुचे पीक पर इसका बैनर लहराकर भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को नमन किया था। इसके बाद, उन्होंने विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट पर भी 'ऑपरेशन सिंदूर' का बैनर फहराकर देशवासियों तक राष्ट्रप्रेम और वीर सैनिकों के सम्मान का संदेश पहुँचाया। अंजना ने अपने अभियान के माध्यम से "फिट इंडिया, हिट इंडिया" का संदेश देते हुए लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। इसके साथ ही, उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए "माँ के नाम एक पेड़" अभियान का संदेश देते हुए नागरिकों से अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने का आग्रह भी किया। अंजना यादव ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के प्रोत्साहन, सहयोग एवं मार्गदर्शन को देते हुए उनका विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के समर्थन और शुभकामनाओं ने उनके इस कठिन एवरेस्ट अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंजना ने पूरे भारतवर्ष के आशीर्वाद, शुभकामनाओं और प्रेम को भी अपनी सफलता का आधार बताया, जिसकी बदौलत वे इस चुनौतीपूर्ण अभियान को पूरा कर सकीं। उन्होंने देशवासियों, अपने परिवार, पति, माता-पिता, मित्रों, समर्थकों और उन सभी लोगों का हृदय से धन्यवाद किया जिन्होंने हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया। अपनी इस उपलब्धि को देश, प्रदेश, परिवार, समर्थकों और उन सभी लोगों को समर्पित करते हुए जिन्होंने उनके सपनों को साकार करने में सहयोग दिया, अंजना यादव ने कहा कि यह सफलता विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। एवरेस्ट विजय के बाद अंजना यादव 1 जून 2026 को भारत वापस लौट रही हैं, जहाँ उनके भव्य स्वागत की तैयारियाँ की जा रही हैं। उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मजबूत इरादों और निरंतर प्रयासों से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।1
- भारतीय रेलवे ने जबलपुर-नई दिल्ली (हज़रत निज़ामुद्दीन) श्रीधाम एक्सप्रेस (12191/12192) में एक बड़ा बदलाव किया है, जहाँ पुराने आईसीएफ (ICF) कोचों को हटाकर आधुनिक एलएचबी (LHB) कोच लगाए गए हैं। यह परिवर्तन यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा में सुधार के लिए किया गया है। ट्रेन ने 30 मई 2026 से जबलपुर से और 31 मई 2026 से निज़ामुद्दीन से पहली बार एलएचबी रैक के साथ चलना शुरू किया है। एलएचबी कोच बेहतर सुरक्षा प्रदान करते हैं क्योंकि वे एंटी-टेलीस्कोपिक होते हैं, जिसका मतलब है कि हादसे की स्थिति में डिब्बे एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते, जिससे सुरक्षा कई गुना बढ़ जाती है। इन कोचों में एयर सस्पेंशन तकनीक भी है, जो झटके कम करती है और यात्रा को अधिक आरामदायक बनाती है। नए रैक में कुल 22 कोच शामिल किए गए हैं, जिनमें 1 फर्स्ट एसी, 2 सेकेंड एसी, 5 थर्ड एसी, 1 थर्ड एसी इकोनॉमी, 7 स्लीपर क्लास, 4 सामान्य श्रेणी और 2 पावर कार/एसएलआरडी कोच हैं। इन आधुनिक कोचों की बेहतर रफ्तार के कारण भोपाल से दिल्ली जाने वाली यात्रा के समय में करीब 58 मिनट की कमी आई है।1
- रायसेन जिले के सिलवानी में पुलिस ने लाल घाटी से चोरी हुई एक बाइक के मामले में बड़ा खुलासा किया है। इस दौरान पुलिस ने दो शातिर चोरों, असगर अली और शाहिद खान को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों चोर एक बंद टपरिया में चोरी की गई बाइक के पुर्जे खोलकर उन्हें कबाड़ में बेचने की तैयारी कर रहे थे।1