https://youtu.be/mQ9f-tpDMsw?si=2MPsemyG-4BFTjIR #Bhopal गौ सम्मान आव्हान अभियान को लेकर देश के साधु संतों के नेतृत्व में प्रदेश स्तरीय बैठक संपन्न गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा मिले एवं गौ हत्या पर रोक लगे" “गौ सम्मान आह्वान अभियान” आज एक व्यापक जन-जागरण का स्वर बन चुका है। विश्व के इतिहास में पहली बार गाय माता और नंदी बाबा की अध्यक्षता में चल रहा राष्ट्रव्यापी गो सम्मान आह्वान अभियान। भोपाल/24 मार्च , राजधानी भोपाल के गुफ़ा मन्दिर में मध्यप्रदेश के कार्यकर्ताओं का एक दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग पूज्य संतो के सानिध्य में संपन्न हुआ जिसमें राज्य के सभी जिलों के जिला प्रभारी,तहसील संयोजक एवं गो प्रेमियों ने गो की सेवा , सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करवाने हेतु एक कठोर केंद्रीय कानून बनाने की बात कही । क्योंकि गो राष्ट्र की अर्थव्यवस्था का मेरुदंड है। गो नहीं रही तो राष्ट्र की अर्थव्यवस्था और धर्मव्यवस्था डगमगा जाएगी और इनके डगमगाने से राष्ट्र का पतन निश्चित है। क्योंकि गो सकारात्मक ऊर्जा का जीता जागता प्रत्यक्ष प्रमाण है इस बात को धर्म और विज्ञान की कसौटी पर कसकर वर्तमान में राष्ट्र के श्रेष्ठ विशेषज्ञों ने सिद्ध करके प्रमाणित किया है। संसार में जितने भी अच्छे-अच्छे या बुरे-बुरे कार्य होते हैं उसके पीछे दो ऊर्जा काम करती हैं पहली सात्विक ऊर्जा और दूसरी तामसिक ऊर्जा और गोमाता से सात्विक ऊर्जा मिलती है । अब निर्णय हमारे हाथ में है गो का संवर्धन और संरक्षण करके राष्ट्र में अच्छे काम को बढ़ाना है या बचे हुए शेष गो वंश को कटवाकर राष्ट्र के अंदर अपराधिक गतिविधियां, हत्याचार, दुराचार,बेरोजगारी, भुखमरी, नशा, आलस्य जैसी शारीरिक और मानसिक कमजोरी को फैलाना है। इन सभी विषयों पर वृंदावन की पवित्र भूमि पर संतों और गो भक्तों ने मिलकर गहन चिंतन मंथन किया। और अंतिम निर्णय पर पहुंचे की संपूर्ण राष्ट्र में इन विषयों को लेकर जन जागृति की जाए और 27 अप्रैल को गो सम्मान दिवस के रूप में घोषित करके जन-जन को अपने अपने तहसील कार्यालय में जाकर तहसीलदार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम से गो की सेवा,सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करवाने हेतु प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। मध्यप्रदेश के गो भक्तों ने पूज्य संतो की पावन सन्निधि में इस अभियान की राजधानी भोपाल से हुंकार भरी। अभियान का उद्देश्य आने वाली 27 अप्रैल को भारत की 5410 तहसीलों में प्रार्थना पत्र देना है गौ माता को राष्ट्र माता गौ हत्या बंद हो एवं गौ माता की सेवा सुरक्षा और सम्मान के लिए केंद्रीय कानून बनाने हेतु केंद्र एवं प्रदेश सरकार से अनुरोध करना है। अब तक देश के विभिन्न क्षेत्रों में संत-महात्माओं, गौभक्तों, सामाजिक संगठनों और राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों से निरंतर संवाद किया गया है। जनसभाएँ, बैठकें और समर्थन अभियान के माध्यम से इस आंदोलन को मजबूत आधार मिला है। प्रतिदिन हजारों गौभक्त इस अभियान से जुड़ रहे हैं। बड़े पैमाने पर साधु-संत, धर्माचार्य और विभिन्न सेवाभावी संगठन अपना समर्थन प्रदान कर रहे हैं। यह अभियान वर्तमान में अपने प्रथम चरण में है। इस चरण में राष्ट्रव्यापी समर्थन एकत्रित कर समाज को एकजुट किया जा रहा है। आगामी चरणों में इसे और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। इसी क्रम में 27 अप्रैल को देश के विभिन्न स्थानों पर तहसील स्तर पर सामूहिक रूप से निवेदन-पत्र सौंपे जाएंगे, ताकि गौ माता को “राष्ट्र माता” का दर्जा प्रदान करने की मांग शासन-प्रशासन तक सशक्त रूप से पहुँच सके। यह ऐतिहासिक पहल समाज की सामूहिक आस्था और संकल्प का प्रतीक होगी। आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि गौ माता के सम्मान एवं संरक्षण से जुड़ी इस जनआस्था को ध्यान में रखते हुए, विषय पर सकारात्मक विचार कर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने की कृपा करें। हमारी संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ - गायों की रक्षा के लिए समर्थन दें और इस याचिका पर हस्ताक्षर करें। अदिति न्यूज से सतीश लमानिया की रिपोर्ट
https://youtu.be/mQ9f-tpDMsw?si=2MPsemyG-4BFTjIR #Bhopal गौ सम्मान आव्हान अभियान को लेकर देश के साधु संतों के नेतृत्व में प्रदेश स्तरीय बैठक संपन्न गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा मिले एवं गौ हत्या पर रोक लगे" “गौ सम्मान आह्वान अभियान” आज एक व्यापक जन-जागरण का स्वर बन चुका है। विश्व के इतिहास में पहली बार गाय माता और नंदी बाबा की अध्यक्षता में चल रहा राष्ट्रव्यापी गो सम्मान आह्वान अभियान। भोपाल/24 मार्च , राजधानी भोपाल के गुफ़ा मन्दिर में मध्यप्रदेश के कार्यकर्ताओं का एक दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग पूज्य संतो के सानिध्य में संपन्न हुआ जिसमें राज्य के सभी जिलों के जिला प्रभारी,तहसील संयोजक एवं गो प्रेमियों ने गो की सेवा , सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करवाने हेतु एक कठोर केंद्रीय कानून बनाने की बात कही । क्योंकि गो राष्ट्र की अर्थव्यवस्था का मेरुदंड है। गो नहीं रही तो राष्ट्र की अर्थव्यवस्था और धर्मव्यवस्था डगमगा जाएगी और इनके डगमगाने से राष्ट्र का पतन निश्चित है। क्योंकि गो सकारात्मक ऊर्जा का जीता जागता प्रत्यक्ष प्रमाण है इस बात को धर्म और विज्ञान की कसौटी पर कसकर वर्तमान में राष्ट्र के श्रेष्ठ विशेषज्ञों ने सिद्ध करके प्रमाणित किया है। संसार में जितने भी अच्छे-अच्छे या बुरे-बुरे कार्य होते हैं उसके पीछे दो ऊर्जा काम करती हैं पहली सात्विक ऊर्जा और दूसरी तामसिक ऊर्जा और गोमाता से सात्विक ऊर्जा मिलती है । अब निर्णय हमारे हाथ में है गो का संवर्धन और संरक्षण करके राष्ट्र में अच्छे काम को बढ़ाना है या बचे हुए शेष गो वंश को कटवाकर राष्ट्र के अंदर अपराधिक गतिविधियां, हत्याचार, दुराचार,बेरोजगारी, भुखमरी, नशा, आलस्य जैसी शारीरिक और मानसिक कमजोरी को फैलाना है। इन सभी विषयों पर वृंदावन की पवित्र भूमि पर संतों और गो भक्तों ने मिलकर गहन चिंतन मंथन किया। और अंतिम निर्णय पर पहुंचे की संपूर्ण राष्ट्र में इन विषयों को लेकर जन जागृति की जाए और 27 अप्रैल को गो सम्मान दिवस के रूप में घोषित करके जन-जन को अपने अपने तहसील कार्यालय में जाकर तहसीलदार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम से गो की सेवा,सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करवाने हेतु प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। मध्यप्रदेश के गो भक्तों ने पूज्य संतो की पावन सन्निधि में इस अभियान की राजधानी भोपाल से हुंकार भरी। अभियान का उद्देश्य आने वाली 27 अप्रैल को भारत की 5410 तहसीलों में प्रार्थना पत्र देना है गौ माता को राष्ट्र माता गौ हत्या बंद हो एवं गौ माता की सेवा सुरक्षा और सम्मान के लिए केंद्रीय कानून बनाने हेतु केंद्र एवं प्रदेश सरकार से अनुरोध करना है। अब तक देश के विभिन्न क्षेत्रों में संत-महात्माओं, गौभक्तों, सामाजिक संगठनों और राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों से निरंतर संवाद किया गया है। जनसभाएँ, बैठकें और समर्थन अभियान के माध्यम से इस आंदोलन को मजबूत आधार मिला है। प्रतिदिन हजारों गौभक्त इस अभियान से जुड़ रहे हैं। बड़े पैमाने पर साधु-संत, धर्माचार्य और विभिन्न सेवाभावी संगठन अपना समर्थन प्रदान कर रहे हैं। यह अभियान वर्तमान में अपने प्रथम चरण में है। इस चरण में राष्ट्रव्यापी समर्थन एकत्रित कर समाज को एकजुट किया जा रहा है। आगामी चरणों में इसे और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। इसी क्रम में 27 अप्रैल को देश के विभिन्न स्थानों पर तहसील स्तर पर सामूहिक रूप से निवेदन-पत्र सौंपे जाएंगे, ताकि गौ माता को “राष्ट्र माता” का दर्जा प्रदान करने की मांग शासन-प्रशासन तक सशक्त रूप से पहुँच सके। यह ऐतिहासिक पहल समाज की सामूहिक आस्था और संकल्प का प्रतीक होगी। आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि गौ माता के सम्मान एवं संरक्षण से जुड़ी इस जनआस्था को ध्यान में रखते हुए, विषय पर सकारात्मक विचार कर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने की कृपा करें। हमारी संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ - गायों की रक्षा के लिए समर्थन दें और इस याचिका पर हस्ताक्षर करें। अदिति न्यूज से सतीश लमानिया की रिपोर्ट
- इंडक्शन चूल्हा फटने से बच्ची मां और दो बच्चे मौजूद थे नरसिंहपुर धर्मेंद्र जाट के यहां3
- सोहागपुर में गुरुवार शाम 4 बजे संदीपनी विद्यालय में जन शिक्षा केंद्र स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्रधान पाठक एवं प्रभारियों ने भाग लिया। बैठक में जिला स्तर से प्राप्त निर्देशों की जानकारी दी गई। नवीन शिक्षण सत्र 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा, जिसके तहत प्रवेश उत्सव मनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं फूल माला से स्वागत किया जाएगा तथा अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही विशेष भोज और पाठ्यपुस्तक वितरण भी सुनिश्चित करने को कहा गया। विद्यालयों में साफ-सफाई एवं रंग-रोगन कार्य समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कक्षा पहली में शत-प्रतिशत नामांकन और ड्रॉपआउट रोकने हेतु सर्वे कर जानकारी एकत्र करने पर जोर दिया गया। पोर्टल संबंधित कार्य समय पर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।1
- तेंदुए का सफल रेस्क्यू: वन विभाग ने दिलहरी के ग्रामीणों को दिलाई दहशत से मुक्ति नरसिंहपुर। जिले के करेली वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम दिलहरी में पिछले कुछ समय से आतंक का पर्याय बने तेंदुए को बुधवार शाम वन विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। जंगल से भटककर तेंदुआ दिलहरी बीट के रहवासी इलाके में घुस गया था, जिससे ग्रामीण घरों में कैद होने को मजबूर थे। वन मंडलाधिकारी कल्पना तिवारी के निर्देशन में रेस्क्यू टीम ने घेराबंदी कर तेंदुए को सुरक्षित पकड़ा। स्वास्थ्य परीक्षण और प्राथमिक उपचार के बाद तेंदुए को बेहतर इलाज के लिए जबलपुर भेज दिया गया है। वन विभाग के अनुसार स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है।1
- रोड़ पर बहता हुया मल मूत्र श्रद्धालु अपनी सच्ची आस्था से नहाकर मंदिर जाते है परंतु रास्ते मे मलमूत्र के ऊपर से चलकर जाना पड़ता है नरसिंहपुर शहर के किसानी वार्ड नदी के पास के यह हालात है जो खुद अपनी कहानी बता रहे है। करीब 10 दिन से ज्यादा हो गये इस तरह रोड़ पर सीवरेज का गंदा पानी बहते हुय 24 घटे इसी तरह से सीवर लाइन के चेम्बर से गंदा पानी रोड़ पर वह रहा है।1
- Post by Namita Malviya1
- साईंखेड़ा के पास चलती बस पर हमला, कांच फोड़े—जांच जारी साईंखेड़ा से लगभग 2 किलोमीटर पहले गाडरवारा–भोपाल मार्ग पर चलने वाली शर्मा बस (क्रमांक MP 41 P-1389) पर कुछ उग्रवादी तत्वों द्वारा हमला किए जाने की सूचना मिली है। हमलावरों ने बस पर पथराव कर उसके कई कांच तोड़ दिए। घटना के समय बस में यात्री मौजूद थे, हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। हमले के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।2
- सोहागपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 15 वर्षीय गुमशुदा नाबालिग बालक को महज 2 घंटे में दस्तयाब कर परिजनों को सौंप दिया। शुक्रवार सुबह तला मोहल्ला निवासी मानसिक रूप से कमजोर बालक अचानक लापता हो गया था, जिसकी गुमशुदगी उसकी मां ने थाने में दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर तुरंत तलाश शुरू की। थाना सहायक उपनिरीक्षक गणेश राय ने बताया कि इस वर्ष अब तक थाना क्षेत्र में 3 बालक गुमशुदा हुए, जिनमें 1 मिल चुका है और 2 की तलाश जारी है। वहीं 6 गुमशुदा बालिकाओं में से 5 को खोजकर परिजनों को सौंपा जा चुका है। पुलिस ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जागरूकता की अपील की है। हाल ही में एक अन्य बालिका को भी 4 घंटे में खोज लिया गया था, जिस पर टीम को 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। 1 अप्रैल से “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत शेष बच्चों की तलाश तेज की जाएगी।1
- धमनी नदी का गहरी करण का कार्य शुरू . करेली शहर से निकलने वाली धमनी नदी का गहरी करण का कार्य शुरू, गंगा जल संवर्धन अभियान के तहत जन भागीदारी से धमनी नदी का गहरीकरण का कार्य का शुभारंभ किया गया। धमनी नदी ग्राम भिंडवार से निकलकर करेली शहर से होते हुए ग्राम रेवानगर से नर्मदा नदी मे जाकर मिलती हे धमनी नदी को पुनर्जीवित करने एंव गहरीकरण से किसानो को सिंचाई के लिये ओर करेली शहर मे गिरते वाटर लेबल की समस्या खत्म हो जायेगी इस जन भागीरथी अभियान में मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्रीकांत पाटर, पार्षद, जन प्रतिनिधि, कर्मचारी शामिल रहे1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1