बाराबंकी में मुहर्रम के यौम-ए-आशूर के अवसर पर गम, अकीदत और भाईचारे का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ शहर की सड़कों पर दिनभर 'या हुसैन, या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं। मातमी अंजुमनों ने नौहाख्वानी और सीनाजनी करते हुए ताजियों के साथ जुलूस निकाला, जिसमें नंगे पैर चल रहे अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों को याद कर गम का इजहार किया। शाम तक विभिन्न क्षेत्रों से आए ताजिये शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कर्बला पहुँचे, जहाँ धार्मिक परंपराओं के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान, मुहर्रम जुलूस में शहर के बेगमगंज मोहल्ले में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एसोसिएशन बाराबंकी द्वारा लगाई गई सबील लोगों के आकर्षण और राहत का केंद्र बनी। खास बात यह रही कि एसोसिएशन से जुड़े हिंदू और मुस्लिम समुदाय के पत्रकारों ने मिलकर इस सेवा कार्य को अंजाम दिया। भीषण गर्मी के बीच, पत्रकारों और उनके सहयोगियों ने हजारों लोगों को कोल्ड ड्रिंक और ठंडा पानी वितरित कर इंसानियत, सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब का मजबूत संदेश दिया। इस सबील पर जुलूस में शामिल अकीदतमंदों, बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की लगातार भीड़ जुटी रही, और प्यास से बेहाल लोगों को राहत मिलने पर उनके चेहरों पर सुकून साफ दिखाई दिया। कई लोगों ने पत्रकारों की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज में एकता और भाईचारे की बेहतरीन मिसाल बताया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अरविंद कुमार सिंह गोप, सांसद तनुज पुनिया, पूर्व एमएलसी राजेश यादव, पूर्व मंत्री राकेश वर्मा, चेयरमैन प्रतिनिधि सुरेंद्र वर्मा, सदर विधायक धर्मराज सिंह उर्फ सुरेश यादव, पूर्व विधायक रामगोपाल रावत, सभासद ताज बाबा राइन, वरिष्ठ पत्रकार महंत बीपी दास बाबा, दानिश खान, सलमान उर्फ सल्लू, वैस सलमानी, हसमत अली गुड्डू, शानू समेत अनेक गणमान्य लोगों ने पहुँचकर पत्रकारों का उत्साहवर्धन किया। अन्य व्यवस्थाओं में, फजलुर्रहमान पार्क में शहर और आसपास के क्षेत्रों के ताजिये एकत्र हुए, जिसके बाद मातमी जुलूस घंटाघर, धनोखर चौराहा, निबलेट और बेगमगंज होते हुए कर्बला पहुँचा। पूरे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे। मुहर्रम मेले के दौरान धनोखर चौराहे से लेकर बेगमगंज कर्बला तक का इलाका एक मेले में तब्दील नजर आया, जहाँ बच्चों के लिए खिलौनों की दुकानें, झूले, चाट-पकौड़ी, पराठा-हलवा और अन्य खानपान की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ रही। इस तरह, एक ओर मातम और अकीदत का माहौल था तो दूसरी ओर सामाजिक मेल-मिलाप और सौहार्द की झलक भी देखने को मिली। मुहर्रम के इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एसोसिएशन की सबील ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि धर्म और समुदाय से ऊपर उठकर मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। हिंदू-मुस्लिम पत्रकारों की इस संयुक्त पहल ने बाराबंकी की गंगा-जमुनी संस्कृति को एक बार फिर मजबूती से सामने रखा, जो इंसानियत और भाईचारे की एक बेमिसाल मिसाल बनी।
बाराबंकी में मुहर्रम के यौम-ए-आशूर के अवसर पर गम, अकीदत और भाईचारे का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ शहर की सड़कों पर दिनभर 'या हुसैन, या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं। मातमी अंजुमनों ने नौहाख्वानी और सीनाजनी करते हुए ताजियों के साथ जुलूस निकाला, जिसमें नंगे पैर चल रहे अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों को याद कर गम का इजहार किया। शाम तक विभिन्न क्षेत्रों से आए ताजिये शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कर्बला पहुँचे, जहाँ धार्मिक परंपराओं के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान, मुहर्रम जुलूस में शहर के बेगमगंज मोहल्ले में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एसोसिएशन बाराबंकी द्वारा लगाई गई सबील लोगों के आकर्षण और राहत का केंद्र बनी। खास बात यह रही कि एसोसिएशन से जुड़े हिंदू और मुस्लिम समुदाय के पत्रकारों ने मिलकर इस सेवा कार्य को अंजाम दिया। भीषण गर्मी के बीच, पत्रकारों और उनके सहयोगियों ने हजारों लोगों को कोल्ड ड्रिंक और ठंडा पानी वितरित कर इंसानियत, सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब का मजबूत संदेश दिया। इस सबील पर जुलूस में शामिल अकीदतमंदों, बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की लगातार भीड़ जुटी रही, और प्यास से बेहाल लोगों को राहत मिलने पर उनके चेहरों पर सुकून साफ दिखाई दिया। कई लोगों ने पत्रकारों की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज में एकता और भाईचारे की बेहतरीन मिसाल बताया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अरविंद कुमार सिंह गोप, सांसद तनुज पुनिया, पूर्व एमएलसी राजेश यादव, पूर्व मंत्री राकेश वर्मा, चेयरमैन प्रतिनिधि सुरेंद्र वर्मा, सदर विधायक धर्मराज सिंह उर्फ सुरेश यादव, पूर्व विधायक रामगोपाल रावत, सभासद ताज बाबा राइन, वरिष्ठ पत्रकार महंत बीपी दास बाबा, दानिश खान, सलमान उर्फ सल्लू, वैस सलमानी, हसमत अली गुड्डू, शानू समेत अनेक गणमान्य लोगों ने पहुँचकर पत्रकारों का उत्साहवर्धन किया। अन्य व्यवस्थाओं में, फजलुर्रहमान पार्क में शहर और आसपास के क्षेत्रों के ताजिये एकत्र हुए, जिसके बाद मातमी जुलूस घंटाघर, धनोखर चौराहा, निबलेट और बेगमगंज होते हुए कर्बला पहुँचा। पूरे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे। मुहर्रम मेले के दौरान धनोखर चौराहे से लेकर बेगमगंज कर्बला तक का इलाका एक मेले में तब्दील नजर आया, जहाँ बच्चों के लिए खिलौनों की दुकानें, झूले, चाट-पकौड़ी, पराठा-हलवा और अन्य खानपान की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ रही। इस तरह, एक ओर मातम और अकीदत का माहौल था तो दूसरी ओर सामाजिक मेल-मिलाप और सौहार्द की झलक भी देखने को मिली। मुहर्रम के इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एसोसिएशन की सबील ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि धर्म और समुदाय से ऊपर उठकर मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। हिंदू-मुस्लिम पत्रकारों की इस संयुक्त पहल ने बाराबंकी की गंगा-जमुनी संस्कृति को एक बार फिर मजबूती से सामने रखा, जो इंसानियत और भाईचारे की एक बेमिसाल मिसाल बनी।
- लखनऊ से प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा है कि यदि पार्टी को केवल एक परिवार या किसी एक जगह से ही उम्मीदवारों का चयन करना होता, तो उनकी सूची बहुत पहले ही जारी हो चुकी होती। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 'सर्व समाज' की पार्टी है, जो समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। पंकज चौधरी ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि इसी मजबूत टीम के दम पर वे 2027 के चुनावों में विजय प्राप्त करेंगे। इसके साथ ही, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सख्त लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी स्पष्ट किया है और मैं भी यह दोहराता हूं कि एसआईटी जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।1
- प्रज्ञा मिश्रा ने कहा कि बकरी चोरी और दान चोरी जैसे अपराधों में लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है और उन्हें जेल भी जाना पड़ता है। इसी क्रम में सिंधी समाज के राजू मनवाणी ने बताया कि विश्व हिंदू सिंधी सेवा संस्थान द्वारा 26 जनवरी 2021 को राम मंदिर को एक किलो की 200 चांदी की ईंटें भेंट की गई थीं। मनवाणी के अनुसार, इस दान के बावजूद उन्हें आज तक इसकी रसीद नहीं मिली है।1
- पहले टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम को आयरलैंड के हाथों 34 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस मैच में अभिषेक की फिफ्टी भी टीम के काम नहीं आ सकी, जिसके चलते भारत यह मुकाबला हार गया। इस हार के साथ ही भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर के कार्यकाल की शुरुआत भी निराशाजनक रही है।1
- बाराबंकी जनपद के रामनगर थाना क्षेत्र में मोहर्रम के पवित्र अवसर पर अकीदत और गम का माहौल देखने को मिला। आदर्श नगर पंचायत रामनगर सहित ग्राम पंचायत गनेशपुर, महादेवा और आसपास के क्षेत्रों से मुस्लिम समाज के लोग ताजिया लेकर पहुंचे, जिससे पूरा क्षेत्र हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में गमगीन नजर आया। मोहर्रम के मौके पर निकाले गए ताजिया जुलूस में मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। जुलूस में शामिल युवा आगे-आगे चलते हुए मातम कर रहे थे, हाथों में ताजिया लिए और दिलों में इमाम हुसैन की शहादत की याद संजोए अकीदतमंदों ने पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ जुलूस निकाला। मातम के दौरान युवाओं ने 'या हुसैन' की सदाओं के साथ अपने गम का इजहार किया। काले कपड़े पहने कई लोग भी गम का इजहार करते दिखे, जिसमें बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। ताजियों को आकर्षक तरीके से सजाया गया था, जिन्हें देखने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ भी जुटी रही। सुबह से ही क्षेत्र में एक अलग माहौल था, जहाँ लोगों ने अपने घरों से निकलकर ताजिया जुलूस में शिरकत की और रास्ते भर मातम करते हुए इमाम हुसैन व कर्बला के शहीदों को याद किया। पूरे क्षेत्र में शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहा। जुलूस के दौरान पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा; रामनगर थाना क्षेत्र में पुलिस कर्मी तैनात थे और त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए निगरानी कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि मोहर्रम केवल गम का त्योहार नहीं, बल्कि इंसाफ, सच्चाई और कुर्बानी की याद दिलाने वाला अवसर है। हर वर्ष की तरह इस बार भी रामनगर क्षेत्र में लोगों ने पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ ताजिया निकाला और मातम कर इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। मोहर्रम के इस मौके पर रामनगर, गनेशपुर और महादेवा क्षेत्रों में भाईचारे और आपसी सौहार्द की एक मिसाल पेश की गई।1
- नई दिल्ली से लेखक एवं स्तंभकार उदय माहुरकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो संदेश जारी कर भारत में पोर्नोग्राफी पर कड़े कानून बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन पर अश्लील सामग्री की आसान उपलब्धता बच्चों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों का एक बड़ा कारण बन रही है। माहुरकर ने हाल की कुछ जघन्य घटनाओं का उल्लेख करते हुए दावा किया कि देश में ऐसे कई मामले सामने आते हैं, जबकि बड़ी संख्या में घटनाएं दर्ज भी नहीं हो पातीं। उन्होंने जोर दिया कि इसी कारण से इस पर अंकुश लगाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि उनका संगठन Social & Cultural Studies Foundation (SCSF) अश्लील सामग्री के प्रसार पर रोक लगाने के लिए एक अभियान चला रहा है। इसी के तहत, उन्होंने सरकार से अश्लील सामग्री के प्रसारकों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कानून बनाने की अपील की है। माहुरकर ने यह भी कहा कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की बात करने वालों को इस मुद्दे को गंभीरता से उठाना चाहिए।1
- नव नियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा ने बीजेपी कार्यालय पहुँचकर मीडिया से बातचीत की और दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पार्टी लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि 2027 में पार्टी उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ फिर से सरकार बनाएगी। इसी दौरान, सुरेश राणा ने समाजवादी पार्टी के 'पीडीए' (PDA) को लेकर एक तीखा बयान देते हुए कहा कि अखिलेश यादव का यह 'पीडीए' असली नहीं है। राणा ने सपा के 'पीडीए' का मतलब बताते हुए कहा कि इसमें 'पी' का अर्थ पाकिस्तान है।1
- भारत समाचार के डिबेट कार्यक्रम में राम मंदिर से जुड़ी चोरी के मामले पर चर्चा की गई, जिसमें बताया गया कि इस घटना में 7 से 8 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इस दौरान, वीरेंद्र सिंह ने 'चंदा चोरी' के असली गुनहगारों को लेकर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर किसने सोना, चांदी और पैसा लूटा है और इस 'चंदा चोरी' के पीछे असली दोषी कौन हैं।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में राजघाट पुल से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। दरअसल, पुल के स्ट्रक्चर पर चढ़कर एक महिला गंगा नदी में छलांग लगाने ही वाली थी कि तभी एक युवक ने बिना कोई शोर किए चुपचाप स्ट्रक्चर पर चढ़ाई की। सही मौके पर पहुँचकर युवक ने महिला को पकड़ लिया और उसे खींचकर नीचे ले आया, जिससे उसकी जान बच गई। कुछ ही सेकंड की सूझबूझ और हिम्मत ने एक ज़िंदगी को बचाने में अहम भूमिका निभाई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जहाँ लोग महिला की फिल्मी अंदाज़ में जान बचाने वाले इस युवक की बहादुरी की जमकर सराहना कर रहे हैं।1