कटनी पुलिस के 02 अधिकारी सेवा-निवृत्त, सम्मानपूर्वक दी गई विदाई, पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया सम्मान *प्रेस नोट जिला कटनी* *कटनी पुलिस के 02 अधिकारी सेवा-निवृत्त, सम्मानपूर्वक दी गई विदाई, पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया सम्मान* दिनांक 31 मार्च 2026 को कटनी पुलिस विभाग में दीर्घकालीन सेवाएं प्रदान करने वाले कटनी पुलिस के 02 अधिकारी कार्यवाहक सउनि श्री दिनेश गौतम, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक श्री रमाकांत दुबे के सेवा-निवृत्ति अवसर पर सम्मानपूर्वक विदाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस विभाग कटनी के दोनों अधिकारियों द्वारा अपने सेवाकाल के दौरान विभाग में उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाएं प्रदान की गईं। कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक श्री दिनेश गौतम दिनांक 12.04.1986 को आरक्षक के पद पर एवं कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक श्री रमाकांत दुबे द्वारा दिनांक 08.03.1986 को आरक्षक पद पर भर्ती होकर विभिन्न दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया गया। दिनांक 31 मार्च 2026 को अधिवार्षिकीय आयु पूर्ण कर दोनों अधिकारी एवं कर्मचारी सेवा-निवृत्त हुए। सेवा-निवृत्ति के अवसर पर पुलिस अधीक्षक कटनी श्री अभिनय विश्वकर्मा द्वारा शाल-श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य एवं स्वस्थ जीवन की कामना की जाकर उनके परिजनों से सौहार्दपूर्ण चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक श्री विश्वकर्मा द्वारा अपने उद्बोधन में बताया गया कि दोनों अधिकारियों के पुलिस सेवा में अनुशासन, निष्ठा एवं कर्तव्यपरायणता सर्वोपरि है तथा सेवानिवृत्त अधिकारियों की सेवाएं विभाग के लिए सदैव अनुकरणीय रहेंगी। सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संतोष डेहरिया, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पच्चीसिया, एसडीओपी वि.गढ श्री वीरेन्द्र धार्वे , डीएसपी मुख्यालय श्री रत्नेश मिश्रा, सूबेदार अंजू लकड़ा सहित पुलिस अधीक्षक कार्यालय का समस्त स्टॉफ एवं सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
कटनी पुलिस के 02 अधिकारी सेवा-निवृत्त, सम्मानपूर्वक दी गई विदाई, पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया सम्मान *प्रेस नोट जिला कटनी* *कटनी पुलिस के 02 अधिकारी सेवा-निवृत्त, सम्मानपूर्वक दी गई विदाई, पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया सम्मान* दिनांक 31 मार्च 2026 को कटनी पुलिस विभाग में दीर्घकालीन सेवाएं प्रदान करने वाले कटनी पुलिस के 02 अधिकारी कार्यवाहक सउनि श्री दिनेश
गौतम, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक श्री रमाकांत दुबे के सेवा-निवृत्ति अवसर पर सम्मानपूर्वक विदाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस विभाग कटनी के दोनों अधिकारियों द्वारा अपने सेवाकाल के दौरान विभाग में उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाएं प्रदान की गईं। कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक श्री दिनेश गौतम दिनांक 12.04.1986 को आरक्षक के पद पर एवं कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक श्री रमाकांत दुबे द्वारा दिनांक 08.03.1986 को आरक्षक पद पर भर्ती होकर विभिन्न दायित्वों
का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया गया। दिनांक 31 मार्च 2026 को अधिवार्षिकीय आयु पूर्ण कर दोनों अधिकारी एवं कर्मचारी सेवा-निवृत्त हुए। सेवा-निवृत्ति के अवसर पर पुलिस अधीक्षक कटनी श्री अभिनय विश्वकर्मा द्वारा शाल-श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य एवं स्वस्थ जीवन की कामना की जाकर उनके परिजनों से सौहार्दपूर्ण चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक श्री विश्वकर्मा द्वारा अपने उद्बोधन में बताया गया कि दोनों अधिकारियों के
पुलिस सेवा में अनुशासन, निष्ठा एवं कर्तव्यपरायणता सर्वोपरि है तथा सेवानिवृत्त अधिकारियों की सेवाएं विभाग के लिए सदैव अनुकरणीय रहेंगी। सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संतोष डेहरिया, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पच्चीसिया, एसडीओपी वि.गढ श्री वीरेन्द्र धार्वे , डीएसपी मुख्यालय श्री रत्नेश मिश्रा, सूबेदार अंजू लकड़ा सहित पुलिस अधीक्षक कार्यालय का समस्त स्टॉफ एवं सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
- बनौली में भीषण आग का तांडवः जलकर खाक हुआ आशियाना, गाँव में दहशत बनौलीः कल देर शाम बनौली गाँव में उस समय हड़कंप मच गया,1
- शारदा मंदिर में हटाई गई दुकाने 📰🗞 प्रशासन नहीं दे रहा जवाब ? क्या अतिक्रमण के नाम पर गरीबों के ऊपर हो रहा अत्याचार ? #sntnewspinch #mashardamandir❤️ #shardamatamaihar❣️❣️1
- ग्राम पंचायत बिहार क्रमांक 2 में पानी का संकट गहराया हैंड पंप खराब सरपंच परेशान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उपखंड सतना उपयंत्री आर पटेल जी रामपुर बघेलान हैंड पंप बनाने के लिए आश्वासन दिया गया लेकिन एक महापूर्व पूर्व से लगातार जनता के चुने हुए प्रतिनिधि आदरणीय सरपंच नीरज साकेत जी के द्वारा बोला गया लेकिन गया प्रसाद साकेत जी मोबाइल नंबर 79 87 39 89 09 जो हैंडपंप सुधारने का कार्य देखते हैंवह सुनने को तैयार नहीं सरकार के द्वारा सिर्फ मुफ्त में माह में पेमेंट लेकर बैठने का कार्य कर रहे हैं ऐसे मनमानी कर्मचारियों को तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह परिहार गया प्रसाद जी से बात किया उन्होंने आश्वासन दिया कि मैं रामनवमी के बाद बनवा दूंगा लेकिन अब फोन लगाने पर फोन नहीं उठाते हैं ऐसे कर्मचारियों को पदभार मुक्त कर देना चाहिए इस समाचार के माध्यम से मैं माननीय मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि ऐसे कर्मचारियों को जो कार्य न करें उन्हें पद से हटा देना चाहिए गर्मी में लोग प्याऊ खुलवाते हैं तालाब में पानी जीव जंतु के लिए भरा रहता है पर गया प्रसाद जी मनमानी पर उतर आए हैं भूपेंद्र सिंह परिहार जिला अध्यक्ष सतना भारतीय जन् मोर्चा पार्टी2
- रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र, संजय गांधी अस्पताल (SGMH) से एक बार फिर अनुशासनहीनता का मामला सामने आया है। अस्पताल के वार्ड के भीतर एक युवती द्वारा भोजपुरी गाने पर रील बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। क्या है पूरा मामला? वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवती अस्पताल के वार्ड के अंदर मशहूर भोजपुरी गीत 'उड़वा तारु गर्दा' पर डांस कर रही है। बताया जा रहा है कि उक्त युवती अस्पताल में कार्यरत किसी ठेका कंपनी की कर्मचारी है, क्योंकि वीडियो में उसने अस्पताल का आईडी कार्ड भी पहन रखा है। मरीज के इलाज के लिए बने संवेदनशील क्षेत्र (वार्ड) में इस तरह के मनोरंजन और रील बनाने की घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने नाराजगी जाहिर की है। लोगों का कहना है कि जहां मरीज जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हैं, वहां कर्मचारियों द्वारा रील बनाना न केवल मर्यादा के खिलाफ है, बल्कि ड्यूटी के प्रति लापरवाही को भी दर्शाता है। अधीक्षक ने लिया कड़ा संज्ञान मामला चर्चा में आने के बाद संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा: "अस्पताल परिसर और खासकर वार्डों के भीतर इस तरह की गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। मामले की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है। युवती की पहचान की जा रही है, जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कर्मचारी और ठेका कंपनी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।" अस्पताल की छवि पर असर संजय गांधी अस्पताल विंध्य क्षेत्र का सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है, जहां रीवा के अलावा आसपास के कई जिलों से मरीज आते हैं। इससे पहले भी सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर अस्पताल सुर्खियों में रहा है। अब वार्ड के अंदर रील बनाने की इस घटना ने प्रबंधन के अनुशासन के दावों की पोल खोल दी है। रिपोर्ट: ब्यूरो चीफ, मध्य भारत न्यूज़ (अमरपाटन/रीवा)1
- खेरे धाम (सगोड़ी खुर्द) में 2 अप्रैल को जवारे घट विसर्जन, भव्य शोभायात्रा से गूंजेगा नगर1
- Post by Unchehra news1
- Post by Hakikat MP संवाद न्यूज2
- दमोह -रेलवे स्टेशन मार्ग बंद शराब दुकान खोले जाने के विरोध में आम लोग सड़कों पर उतरे दमोह के स्टेशन चौराहा पर व्यापारियों ने किया चक्का जाम, स्टेशन रोड पर खुलने वाली शराब दुकान का विरोध,कोतवाली पुलिस व ट्रैफिक पुलिस मौजूद |1
- मध्य प्रदेश का किसान एक बार फिर व्यवस्था की चक्की में पिसने को मजबूर है। एक तरफ राज्य की मोहन सरकार ने 1 अप्रैल से समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी का ढिंढोरा पीटा, तो दूसरी तरफ हकीकत के धरातल पर किसान अपनी उपज लेकर दर-दर भटक रहा है। ताजा अपडेट के अनुसार, कई संभागों में खरीदी की तारीख को आगे बढ़ाकर 10 से 15 अप्रैल कर दिया गया है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। शिवराज सिंह के '8 गुना आय' वाले दावे पर सवाल सदन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में दावा किया कि केंद्र के प्रयासों से किसानों की आय कई मामलों में 8 गुना तक बढ़ गई है। लेकिन विपक्ष और किसान संगठनों का कहना है कि ये दावे केवल कागजों और दूरबीनों तक सीमित हैं। हकीकत का आईना: जमीनी स्तर पर किसान कर्ज के बोझ तले दबा है। तारीखों का खेल: कर्ज की किश्त (KCC) चुकाने की आखिरी तारीख (31 मार्च) निकल चुकी है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर खरीदी शुरू न होने के कारण किसान को मजबूरी में अपना अनाज कम दामों पर व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है। "मध्य प्रदेश का लाल, किसानों का हाल बेहाल" सबसे बड़ा कटाक्ष देश के कृषि मंत्री पर हो रहा है, जो स्वयं मध्य प्रदेश की माटी से आते हैं। आरोप लग रहे हैं कि जिस राज्य ने उन्हें इस ऊंचाई तक पहुँचाया, आज वहीं का किसान सुरक्षा, संवेदना और समाधान के लिए तरस रहा है। "सरकार ने पहले 16 मार्च की तारीख दी, फिर 1 अप्रैल और अब इसे फिर बढ़ा दिया गया है। क्या सरकार के पास बारदाने (जूट बैग) की कमी है या किसान की मेहनत की कोई कीमत नहीं?" — विपक्षी दलों का तीखा हमला। मुख्य मुद्दे जो किसानों को सता रहे हैं: कर्ज का चक्र: 31 मार्च तक कर्ज न चुका पाने पर ब्याज की छूट (Interest Subvention) खत्म हो जाती है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ गया है। लापरवाही का आलम: बार-बार खरीदी की तारीखें बदलना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। मजबूरी में कम दाम: सरकारी तुलाई शुरू न होने से बिचौलिए सक्रिय हैं और किसान ₹2625 (बोनस सहित MSP) की जगह औने-पौने दामों पर फसल बेच रहा है। निष्कर्ष: क्या कृषि मंत्री के 'आठ गुना आय' वाले दावों में मध्य प्रदेश के उन किसानों की गिनती भी शामिल है जो आज अपनी फसल के सही दाम के लिए उपार्जन केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं? यह सवाल आज प्रदेश के हर खेत-खलिहान में गूंज रहा है।1