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मध्य प्रदेश के दमोह जिले की जबेरा विधानसभा क्षेत्र में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री धर्मेंद्र लोधी द्वारा हर शनिवार को आयोजित की जाने वाली जनसुनवाई लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। इस जनसुनवाई में दूर-दराज के गांवों से लोग अपनी शिकायतें और उम्मीदें लेकर मंत्री के पास पहुंचते हैं। हालांकि, इस व्यवस्था को लेकर अब यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि जब हर मंगलवार को प्रशासनिक तौर पर कलेक्टर की जनसुनवाई आयोजित की जाती है, तो आखिर मंत्री धर्मेंद्र लोधी को हर शनिवार अलग से जनसुनवाई शुरू करने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई? इसी सवाल का सच जानने के लिए मंत्री धर्मेंद्र लोधी और अपनी समस्याएं लेकर वहां पहुंचे ग्रामीणों से सीधी बातचीत पर आधारित एक विशेष ग्राउंड रिपोर्ट सामने आई है।
Pushpendra Lodhi
मध्य प्रदेश के दमोह जिले की जबेरा विधानसभा क्षेत्र में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री धर्मेंद्र लोधी द्वारा हर शनिवार को आयोजित की जाने वाली जनसुनवाई लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। इस जनसुनवाई में दूर-दराज के गांवों से लोग अपनी शिकायतें और उम्मीदें लेकर मंत्री के पास पहुंचते हैं। हालांकि, इस व्यवस्था को लेकर अब यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि जब हर मंगलवार को प्रशासनिक तौर पर कलेक्टर की जनसुनवाई आयोजित की जाती है, तो आखिर मंत्री धर्मेंद्र लोधी को हर शनिवार अलग से जनसुनवाई शुरू करने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई? इसी सवाल का सच जानने के लिए मंत्री धर्मेंद्र लोधी और अपनी समस्याएं लेकर वहां पहुंचे ग्रामीणों से सीधी बातचीत पर आधारित एक विशेष ग्राउंड रिपोर्ट सामने आई है।
More news from Damoh and nearby areas
- दमोह में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार पेट्रोल पंपों को सील कर दिया है। दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि जांच के दौरान इन पेट्रोल पंपों के लाइसेंस समाप्त पाए गए थे, जिसके बाद प्रशासन द्वारा यह कदम उठाया गया है।1
- तेंदूखेड़ा में सरकारी ITI कॉलेज की वापसी की मांग अब बेहद तेज हो गई है। यहाँ के स्थानीय छात्रों और युवाओं ने राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा है और कॉलेज को जल्द से जल्द दोबारा शुरू करने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि कॉलेज बंद हो जाने के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए दूसरे स्थानों पर पलायन करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस ज्ञापन के सौंपे जाने के बाद अब सभी की नजरें इस मामले में आगे आने वाले सरकारी फैसले पर टिकी हुई हैं। कॉलेज वापस शुरू कराने को लेकर युवाओं में भारी उत्सुकता है और वे पुरजोर तरीके से यह नारा बुलंद कर रहे हैं कि तेंदूखेड़ा के छात्रों की एक ही मांग है—उन्हें सरकारी ITI कॉलेज वापस चाहिए।1
- दमोह जिले के रामपुरा गांव में एक बेहद गंभीर और बड़ी घटना घटी है, जहां खुलेआम संविधान और नारी शक्ति को कुचला गया है। इस मामले में रूपनारायण तिवारी नामक व्यक्ति सबसे बड़ा गवार साबित हुआ, जिसने एक नारी को अत्यंत गंदी-गंदी गालियां दीं और उसे लगातार धमकाता रहा। इस घटना को लेकर अब गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर रूपनारायण तिवारी जैसे गुंडों को सरकार क्यों शरण देती है। इस संकट की घड़ी में पीड़ित महिला का साथ देने के लिए मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तो छोड़िए, कोई स्थानीय जनप्रतिनिधि भी आगे नहीं आया। ऐसे में आज भी यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि आखिर क्यों राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा देश में नारी शक्ति पर इतना जोर दिया गया था, जब पीड़ितों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। इस पूरी परिस्थिति में दमोह के सपा नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र कुशवाहा ही पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से डटे रहे और उनके समर्थन में खड़े नजर आए।1
- दमोह की कृषि उपज मंडी में किसानों से प्रति बोरी 200 ग्राम अतिरिक्त तौल किए जाने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। किसान नेता हरिश्चंद्र पटेल ने आरोप लगाया है कि इस संबंध में कई बार शासन-प्रशासन को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पूर्व मंडी अध्यक्ष खरगराम पटेल ने भी मौके पर अतिरिक्त तौल देखकर नाराजगी जताई थी और कलेक्टर प्रताप नारायण यादव से इसकी शिकायत की थी। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही कलेक्टर ने मंडी का निरीक्षण कर निर्धारित तौल सुनिश्चित करने तथा किसानों और व्यापारियों की सुरक्षा के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद व्यापारियों द्वारा अधिक तौल कर किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है। सोमवार दोपहर 2 बजे मंडी परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें इस अतिरिक्त तौल का दावा किया गया है। इस खुली लूट का वीडियो सामने आने के बाद किसानों में भारी रोष है। किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।1
- कटनी जिले की रीठी तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बरहटा में विश्वकर्मा परिवार के तत्वावधान में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है। यहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचकर भगवान की लीलाओं का रसपान कर रहे हैं और पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है। कथा के क्रम में आज भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मिणी के दिव्य विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथावाचक ने इस पावन प्रसंग का महत्व बताते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी का विवाह केवल एक वैवाहिक प्रसंग नहीं, बल्कि धर्म, प्रेम, आस्था और सत्य की विजय का प्रतीक है। इस प्रसंग को सुनकर पांडाल का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के साथ भगवान की आराधना की और कथा श्रवण कर धर्म व सदाचार का संदेश ग्रहण किया। इस दौरान पूरा क्षेत्र राधे-श्याम के जयकारों से गूंज उठा। आयोजक विश्वकर्मा परिवार ने बताया कि इस सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य समाज में धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। कथा के समापन तक प्रतिदिन इसी तरह विभिन्न दिव्य प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।1
- दमोह में एक बड़ी कार्रवाई के तहत चार पेट्रोल पंपों को सील कर दिया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि जांच के दौरान इन पेट्रोल पंपों पर यह सील करने की कार्रवाई की गई है।1
- दमोह कलेक्टर ने लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एक बड़ा कदम उठाते हुए महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी अनिल जैन को जिले के प्रभार से हटा दिया है। कलेक्टर द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के बाद अब उक्त अधिकारी की भूमिका केवल पटेरा तक ही सीमित रहेगी। इसके साथ ही, अनिल जैन के खिलाफ जांच के निर्देश भी जारी किए गए हैं। उनके विरुद्ध एक जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है और पूरे मामले की गहनता से जांच करने के आदेश दिए गए हैं।1
- दमोह क्षेत्र के अंतर्गत बुंदेलखंड में एक 80 साल के दादा ने अपने पारंपरिक भजन से तहलका मचा दिया है। उन्होंने तमूरा बजाकर उस भजन को प्रस्तुत किया और सिखाया है, जिसे वे आज से 80 साल पहले अंग्रेजी शासन के दौरान गाया करते थे और तब अंग्रेज भी इसे सुना करते थे। बुजुर्ग की इस अनूठी प्रस्तुति को देखकर यह साबित होता है कि सुरीली आवाज के लिए किसी महंगे या अच्छे साज-बाज का होना बिल्कुल जरूरी नहीं है। इस कलात्मक वीडियो को साझा करते हुए 'AAJ EK SACH NEWS' ने लोगों से इसे शेयर करने और फॉलो करने की अपील की है। इसके साथ ही, मंच ने गांव, खेड़ों और शहरों के लोगों को बिना किसी डर के भ्रष्टाचार या अन्य मुद्दों से जुड़े वीडियो भेजने का आह्वान किया है, ताकि उन्हें समाचार पत्र में प्रकाशित कर जनता की आवाज को पूरा समर्थन दिया जा सके।1