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थाना समाधान दिवस में डीएम-एसपी ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं 👉जनपद में प्राप्त 69 शिकायतों में से 27 का मौके पर निस्तारण, शेष के लिए पुलिस-राजस्व की संयुक्त टीमें भेजी गईं। ➡️ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय द्वारा दी गई वाइट 👇👇 रविन्द्र गौतम ✍️
Ravindra Gautam
थाना समाधान दिवस में डीएम-एसपी ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं 👉जनपद में प्राप्त 69 शिकायतों में से 27 का मौके पर निस्तारण, शेष के लिए पुलिस-राजस्व की संयुक्त टीमें भेजी गईं। ➡️ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय द्वारा दी गई वाइट 👇👇 रविन्द्र गौतम ✍️
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- वकील पर 10 लाख मांगने का आरोप! SP से शिकायत, जांच की मांग!!... अधिवक्ता पर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने व ब्लैकमेल करने का आरोप, एसपी से शिकायत गांधीनगर निवासी पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार, एफआईआर दर्ज कर वकालत लाइसेंस रद्द करने की मांग उरई (जालौन)। नगर के गांधीनगर निवासी एक व्यक्ति ने हाई कोर्ट के एक वकील पर ब्लैकमेल करने, 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और पैसे न देने पर पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाकर बर्बाद करने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर शिकायती पत्र सौंपते हुए आरोपी वकील के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने और उसका वकालत का लाइसेंस रद्द कराने की गुहार लगाई है। गांधीनगर निवासी महेंद्र कुमार वर्मा पुत्र स्व. गयाप्रसाद वर्मा ने एसपी को दिए पत्र में बताया कि उन्होंने कोंच निवासी एक वकील को अपना पारिवारिक वकील नियुक्त किया था। आरोप है कि वकील ने एट और मगरायां स्थित विवादित जमीनों के सौदों के नाम पर उनसे लाखों रुपये का लेन-देन कराया। बाद में एग्रीमेंट कटवाने और सौदों के नाम पर आरोपी वकील 10 लाख रुपये कमीशन की मांग करने लगा। पीड़ित का आरोप है कि पैसे न देने पर आरोपी वकील ने उनकी बिना जानकारी के रिकॉर्ड की गई कॉल रिकॉर्डिंग उनके दोस्तों और पत्नी के मोबाइल पर भेजना शुरू कर दिया है। साथ ही रिकॉर्डिंग को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि वकील खुद को हाई कोर्ट का अधिवक्ता व पत्रकार बताकर रोब गालिब करता है और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहा है। एसपी ने मामले की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1
- मेरी मम्मी ने जमीन बेचकर मुझे B.Ed. कराया, लेकिन पिछले 4 साल से कोई वैकेंसी नहीं आई है। मेरी मम्मी ने जमीन बेचकर मुझे B.Ed. कराया, लेकिन पिछले 4 साल से कोई वैकेंसी नहीं आई है।1
- अतीक अहमद के पुत्र के जनाजे में शामिल होनें झाँसी जेल सें भाई अली प्रयागराज सुरक्षा के साथ1
- 🎤UP : डेटिंग ऐप टिंडर के ज़रिए 6 करोड़ से अधिक की हुई ठगी,5 को बनाया शिकार🖥️ 📌डेटिंग ऐप पर होते है वसूली का खेल दोस्ती,ब्लैकमेल और फर्जी केस 📌डेटिंग ऐप से उगाही गैंग,5 बेगुनाह जेल मे 📌हथियार,नोट और ब्लैकमेल! फर्जी एफआईआर से वसूली का बन गया सिंडिकेट डेटिंग ऐप जो दोस्ती, आपत्तिजनक तस्वीरें और फिर लाखों करोड़ों की वसूली!यही होता है इन फर्जी ऐपो पर दरसल प्रयागराज की रहने वाली पल्लवी सिंह राजपूत की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो किसी का भी होश उड़ा दे. आरोप है कि डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को फंसाकर ये महिला पैसे ऐंठती है और बात न मानने पर सीधे रेप और मर्डर की कोशिश का केस दर्ज करा देती है. इस साजिश का शिकार होकर अबतक 5 लोग जेल जा चुके हैं, जबकि 14 से ज्यादा मुकदमों में ये खुद आरोपी है। अब इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई गई है.... वीओ: हाथ में अवैध असलहा, बिस्तर पर नोटों के बंडल और बेखौफ अंदाज.. किसी पेशेवर अपराधी गिरोह को दर्शाने वाली यह तस्वीर प्रयागराज की पल्लवी सिंह राजपूत की है, जिसे लोग 'स्वीटी तिवारी' पल्लवी जैसे कई उपनामों से भी जानते हैं. आरोप है कि पल्लवी ने डेटिंग ऐप्स को अपनी अवैध कमाई का जरिया बना कर आधुनिक तकनीक और डेटिंग ऐप्स को एक बड़े रंगदारी सिंडिकेट में तब्दील कर दिया.. पीड़ित के मुताबिक पल्लवी डेटिंग ऐप पर पुरुषों से दोस्ती करती है, फिर उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाकर उनसे ब्लैकमेलिंग करके धन उगाही करती है..अगर कोई इसकी पैसों की मांग पूरी नहीं करता, तो उस पर सीधे बलात्कार और जान से मारने की कोशिश जैसी संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज करा दी जाती है. अबतक 5 बेगुनाह लोग इसके जाल में फंसकर जेल की हवा चुके हैं, जबकि कई लोग बदनामी के डर से पैसे दे चुके हैं... प्रयागराज के अलावा लखनऊ के विभूतिखंड और सुशांत गोल्फ सिटी थानों में भी इसके द्वारा ब्लैकमेलिंग के लिए कई मुकदमे दर्ज़ कराए गए हैं जबकि ये खुद 14 मुकदमों में वांछित है.. इलाहाबाद हाईकोट के अधिवक्ता नूर आलम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे गैंग का खुलासा किया है और मुख्यमंत्री से इस सिंडिकेट पर सख्त कार्रवाई की मांग की है..अब देखने वाली बात होगी कि कानून को ढाल बनाकर बेगुनाह लोगों को शिकार बनाने वाली इस महिला संगठित गिरोह पर पुलिस का शिकंजा कब कसता है... व्यूरो रिपोर्ट:राजधानी लखनऊ से soni news के लिये देवेन्द्र प्रताप सिंह लखनऊ2
- जालौन के प्राचीन पक्के तालाब से गैर कानूनी रूप से मतस्य आखेट किये जाने का मामला1
- कालपी में फिर चोरी! चोरों के हौसले बुलंद या पुलिस की निगरानी पर सवाल? कालपी में फिर चोरी! चोरों के हौसले बुलंद या पुलिस की निगरानी पर सवाल? पिछली चोरियों के खुलासे पर सवाल, अब उदनपुरा के सूने मकान में सेंध—कालपी की कानून व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी कालपी नगर एक बार फिर चोरी की वारदात को लेकर सुर्खियों में है। 8 अगस्त की रात मोहल्ला रामनगर-उदनपुरा (निकासा), वार्ड नंबर-5 में एक सूने मकान को चोरों द्वारा निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है और नगर में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। बताया गया कि मकान मालिक कमल सिंह पुत्र स्वर्गीय पश्चू अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं। घर बंद था। सुबह कमल सिंह के भाई गया प्रसाद की पत्नी जब झाड़ू लगाने पहुंचीं तो उन्होंने घर के दरवाजे के ताले टूटे देखे। इसकी सूचना उन्होंने अपने पति गया प्रसाद को दी। मौके पर पहुंचे गया प्रसाद ने घर की स्थिति देखी तो तीन ताले टूटे हुए थे, बक्सा खुला पड़ा था और सामान अस्त-व्यस्त था। इसके बाद पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलने पर टरननगंज चौकी प्रभारी सुरेश चंद्र अपने हमराही अभिषेक के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच शुरू की। परिजनों द्वारा फोन पर गृहस्वामी कमल सिंह से संपर्क कर घर में रखे सामान के बारे में जानकारी ली गई। कमल सिंह के मुताबिक घर में चार चांदी की बिछिया, सोने की अंगूठी और सोने की नाक की फूल सहित अन्य सामान रखा हुआ था। चोरी में वास्तव में कितना सामान गया है और उसकी कीमत कितनी है, यह पुलिस जांच और पीड़ित परिवार की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। कालपी में चोरी की घटनाओं को लेकर फिर उठे सवाल स्थानीय लोगों के मुताबिक कालपी नगर के अदलसराय, इंद्रानगर, रामगंज, हरिगंज और कांशीराम कॉलोनी सहित अलग-अलग इलाकों में पहले भी मोटरसाइकिल चोरी और अन्य चोरी की घटनाओं का जिक्र सामने आता रहा है। अब उदनपुरा में नई वारदात सामने आने के बाद नगरवासियों के बीच यह सवाल फिर उठ रहा है कि आखिर चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक कब लगेगी? अब पुलिस से जनता के सीधे सवाल आखिर कालपी नगर में चोरी का सिलसिला कब थमेगा? पहले हुई चोरी की घटनाओं का खुलासा कब होगा? क्या चोरों को पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है? बंद मकानों की जानकारी चोरों तक आखिर कैसे पहुंच रही है? क्या कालपी नगर में रात्रि गश्त और निगरानी व्यवस्था पर्याप्त है? अगर पुरानी घटनाओं की जांच चल रही है तो नई वारदातों को रोकने के लिए क्या रणनीति बनाई गई है? क्या पुलिस इस घटना का जल्द खुलासा कर चोरों तक पहुंच पाएगी? नगरवासियों का कहना है कि लगातार चोरी की घटनाओं से लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता और नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस अधीक्षक से कालपी नगर और क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत करने, पूर्व की चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा कराने और रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने की मांग की है। अब असली परीक्षा कालपी पुलिस की! नई चोरी की घटना की जांच शुरू हो चुकी है। अब देखना होगा कि पुलिस घटनास्थल से मिले सुरागों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चोरों तक कितनी जल्दी पहुंचती है। क्या इस घटना का जल्द खुलासा होगा? क्या पुरानी चोरी की घटनाओं की भी गुत्थी सुलझेगी? और सबसे बड़ा सवाल—क्या कालपी नगर में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर आखिरकार पूरी तरह लगाम लग पाएगी?3