सिसई में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाने का विधायक प्रतिनिधि ने दी जानकारी सिसई प्रखंड के कुदरा पंचायत भवन में बृहस्पतिवार को आदिवासी समुदाय के लोगों के द्वारा विश्व आदिवासी दिवस मनाने की तैयारी को लेकर बैठक किया गया। बैठक की अध्यक्षता विधायक प्रतिनिधि सह कुदरा मुखिया प्रकाश उरांव के द्वारा किया गया। जहां सर्वसहमति से 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाने का निर्णय लिया गया। प्रकाश उरांव ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता हैं। विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा, उनकी संस्कृति व भाषा के संरक्षण, और समाज में उनके योगदान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की स्वदेशी आबादी पर कार्य समूह की पहली बैठक जिनेवा में इसी दिन (9 अगस्त) को हुई थी। दिसंबर 1994 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने आधिकारिक तौर पर 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इसे पहली बार आधिकारिक रूप से वर्ष 1995 में मनाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासी भाई-बहनों के जल, जंगल, जमीन और मानवाधिकारों की रक्षा करना हैं। लोक कला, खान-पान और भाषाओं को बचाकर रखना हैं। और साथ में गरीबी , स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी समस्याओं के समाधान के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयास तेज करना हैं। बैठक में आदिवासी समुदाय के साथ भारी संख्या में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सिसई में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाने का विधायक प्रतिनिधि ने दी जानकारी सिसई प्रखंड के कुदरा पंचायत भवन में बृहस्पतिवार को आदिवासी समुदाय के लोगों के द्वारा विश्व आदिवासी दिवस मनाने की तैयारी को लेकर बैठक किया गया। बैठक की अध्यक्षता विधायक प्रतिनिधि सह कुदरा मुखिया प्रकाश उरांव के द्वारा किया गया। जहां सर्वसहमति से 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाने का निर्णय लिया गया। प्रकाश उरांव ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता हैं। विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा, उनकी संस्कृति व भाषा के संरक्षण, और समाज में उनके योगदान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की स्वदेशी आबादी पर कार्य समूह की पहली बैठक जिनेवा में इसी दिन (9 अगस्त) को हुई थी। दिसंबर 1994 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने आधिकारिक तौर पर 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इसे पहली बार आधिकारिक रूप से वर्ष 1995 में मनाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासी भाई-बहनों के जल, जंगल, जमीन और मानवाधिकारों की रक्षा करना हैं। लोक कला, खान-पान और भाषाओं को बचाकर रखना हैं। और साथ में गरीबी , स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी समस्याओं के समाधान के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयास तेज करना हैं। बैठक में आदिवासी समुदाय के साथ भारी संख्या में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
- सिसई बंद व धरना प्रदर्शन रहा पूरी तरह सफल, चार सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सीओ को सौंपा गया ज्ञापन सिसई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सिसई की ज्वलंत समस्याओं और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आज सिसई बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित एक दिवसीय शांति पूर्ण धरना प्रदर्शन और सिसई बंद पूरी तरह सफल रहा। अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में आज सिसई प्रखंड मुख्यालय के समीप स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने एक दिवसीय धरना दिया। इसके साथ ही स्थानीय व्यवसायियों ने स्वेच्छा से अपने-अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद रखकर आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। धरना प्रदर्शन के बाद समिति के शिष्टमंडल द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी के माध्यम से माननीय राज्यपाल, मुख्यमंत्री, लोहरदगा सांसद और स्थानीय विधायक के नाम चार सूत्री मांग पत्र अंचलाधिकारी अशोक बड़ाईक को सौंपा गया। अशोक बड़ाईक स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे थे। उनके आश्वासन के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया। *ज्ञापन में शामिल मुख्य मांगें* रेड़वा से महुआडीपा तक की पुरानी NH-43 जर्जर सड़क का ढलाई के साथ अतिशीघ्र कालीकरण सड़क निर्माण, सड़क के दोनों किनारों पर ढक्कनयुक्त पक्की नाली का निर्माण, सिसई बस पड़ाव में आम जनता के लिए सार्वजनिक शौचालय, पेयजल और यात्रियों के बैठने की अविलंब व्यवस्था,जामा मस्जिद से कुम्हार मोड़ एवं मदरसा रोड से सिसई तालाब तक सड़क किनारे फैली गंदगी का अतिशीघ्र स्थायी निस्तारण हो। *15 दिनों में मांगें पूरी न होने पर NH-43 जाम करने की चेतावनी* धरना प्रदर्शन में शामिल आम जनों ने स्पष्ट रूप से कहा कि सिसई प्रखंड की जनता पिछले कई वर्षों से इन बुनियादी समस्याओं का दंश झेल रही है। यदि प्रशासन और सरकार द्वारा अगले 15 दिनों के भीतर इन सभी मांगों को पूरा नहीं करती हैं तो सिसई प्रखंड के तमाम नागरिक मजबूरन रांची-गुमला NH-43 में चक्का जाम कर उग्र आंदोलन करेंगे। धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से संजय वर्मा, सदर सलमान अली,मो रब्बानी, जुबेर अंसारी,जफर इकबाल, दिलशाद अंसारी, रोहित शर्मा, पंकज कुमार साहु, आनंद साहु, मुकेश श्रीवास्तव डेविड, गजराज महतो, चामू उरांव, ओज जायसवाल, उमेश गोप, भाजपा सिसई मंडल अध्यक्ष संजय महतो, लक्ष्मीनारायण यादव, उमेश गोप, लालमोहन साहु, रोहित घंटी, रामानंद सिंह, सहित भारी संख्या में सभी समुदाय वर्ग के आम जन उपस्थित थे।1
- गुमला का डेली मार्केट में फटा पेयजल का पाइप लाइन पानी की बर्बादी साथ ही शहर का पेयजल दूषित1
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- लोकतंत्र का निर्माण अंधभक्ति से नहीं होता.😱 #shorts #shortvideo #puja #youtubeshorts #ranchi #news1
- पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों की बातें सुनकर हिल जाएगी सरकार छात्रों ने कहा हम लोगों का केवल भविष्य बर्बाद हो रहा है अब हम लोग पीछे हटने वाले नहीं हैं1
- Address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand Address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand1
- सिसई के बंटी कॉम्प्लेक्स में 'M K शू सेंटर' का भव्य उद्घाटन, एक जोड़ी जूते के साथ मोजा मुफ्त सिसई मेन स्थित बंटी कॉम्प्लेक्स की ऊपरी मंजिल पर नए प्रतिष्ठान 'M K शू सेंटर' का शुभारंभ हो गया है। दुकान का विधिवत उद्घाटन जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती राशिद कलाम के द्वारा विशेष दुआ कराकर किया गया। उद्घाटन समारोह के मौके पर परिसर में भारी संख्या में स्थानीय लोग और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। प्रतिष्ठान के संचालक एम डी हाशिम ने बताया कि ग्राहकों के लिए कैंपस, एशियन, स्पार्क, नाइकी और लखानी जैसी सभी नामी व ब्रांडेड कंपनियों के जूता, चप्पल और सैंडल का विशाल संग्रह उपलब्ध कराया गया है। ग्राहकों के लिए एक विशेष उद्घाटन ऑफर की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि दुकान से किसी भी कंपनी का एक जोड़ी जूता खरीदने पर ग्राहकों को एक सेट मोजा बिल्कुल मुफ्त (फ्री) दिया जाएगा। इस उद्घाटन समारोह को सफल बनाने में सदर सलमान अली, संजय वर्मा, मकीन अंसारी, कासिम, शाहनवाज, राजा, रब्बानी, अशरद, अफरोज अंसारी सहित कई स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने संचालक को नई दुकान की शुरुआत के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।2
- विश्वासघात की सारी हदें पार... सात फेरों के बंधन को ताक पर रखकर पत्नी पिछले 7 सालों से अपने बॉयफ्रेंड के साथ गुपचुप अफेयर चला रही थी। लेकिन कहते हैं ना कि झूठ की उम्र लंबी नहीं होती—आखिरकार पति ने दोनों को रंगे हाथों दबोच ही लिया! देखें कैसे पति की एंट्री से खुला इस 7 साल पुराने राज़ का काला चिट्ठा।1