पत्रकार से कथित भाजपा नेता की मारपीट की घटना तथा उसके बाद दर्ज एफ़आईआर में भाजपा के बड़े नेताओं के नाम शामिल न होने को लेकर उठी चर्चाओं के संदर्भ में कल एक विस्तृत पोस्ट आपसे साझा किया गया था। आज उसी विश्लेषण का वीडियो वर्शन प्रस्तुत है। हम यह स्पष्ट करना आवश्यक समझते हैं कि यह पूरा विश्लेषण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दस्तावेज़ों, बयानों तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर किया गया है। इस प्रस्तुति का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष या किसी राजनीतिक दल के प्रति वैमनस्यता रखना नहीं है। चूँकि पक्ष और विपक्ष की राजनीति का सीधा प्रभाव हमारे सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा कानून व्यवस्था पर पड़ता है, इसलिए व्यापक जनहित में यह विश्लेषण आपके समक्ष रखा जा रहा है। यह भी स्पष्ट रहे कि किसी भी आरोप या निष्कर्ष पर अंतिम निर्णय केवल सक्षम संवैधानिक संस्थाएँ ही करती हैं। अतः दर्शकों से निवेदन है कि प्रस्तुत तथ्यों को अपने विवेक से देखें, समझें और निर्णय लें। #Ambikapur #Surguja #Chhattisgarh #GroundReality #Journalism #PublicInterest #Democracy #LocalPolitics #Accountability #TruthMatters #AkilTheActivist पत्रकार से कथित भाजपा नेता की मारपीट की घटना तथा उसके बाद दर्ज एफ़आईआर में भाजपा के बड़े नेताओं के नाम शामिल न होने को लेकर उठी चर्चाओं के संदर्भ में कल एक विस्तृत पोस्ट आपसे साझा किया गया था। आज उसी विश्लेषण का वीडियो वर्शन प्रस्तुत है। हम यह स्पष्ट करना आवश्यक समझते हैं कि यह पूरा विश्लेषण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दस्तावेज़ों, बयानों तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर किया गया है। इस प्रस्तुति का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष या किसी राजनीतिक दल के प्रति वैमनस्यता रखना नहीं है। चूँकि पक्ष और विपक्ष की राजनीति का सीधा प्रभाव हमारे सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा कानून व्यवस्था पर पड़ता है, इसलिए व्यापक जनहित में यह विश्लेषण आपके समक्ष रखा जा रहा है। यह भी स्पष्ट रहे कि किसी भी आरोप या निष्कर्ष पर अंतिम निर्णय केवल सक्षम संवैधानिक संस्थाएँ ही करती हैं। अतः दर्शकों से निवेदन है कि प्रस्तुत तथ्यों को अपने विवेक से देखें, समझें और निर्णय लें। #Ambikapur #Surguja #Chhattisgarh #GroundReality #Journalism #PublicInterest #Democracy #LocalPolitics #Accountability #TruthMatters #AkilTheActivist
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- Post by दैनिक भास्कर डंडई1
- Gram panchayat kewri janpad panchayat lakhanpur ki mahila apni samshya md news k samachh byan karti .gram panchayat mai bhari bhrastachar hua hai.khas report himanshu raj md news ambikapur ditt .surguja cg.7805838076.2
- दुबई पर ईरान का हमला! आसमान से बरसीं मिसाइलें, देखिए तबाही का सबसे खौफनाक वीडियो. #DubaiUnderAttack #IranMissileStrike #DubaiNews #MiddleEastConflict #WarFootage #Israel #Iran #War #LatestNews #Prabhatkhabar1
- जहाँ दिनांक 16.02.2026 की रात्रि में घर लौट रही थी,जिस समय एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म किया प्रकरण में 02 आरोपी गिरफ्तार सत्यप्रकाश यादव और पीताम्बर लहरे को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है,मामले की गंभीरता को देखते हुए 𝐃𝐈𝐆 एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर,डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई थी,टीम ने सत प्रतिशत प्रयास करते हुए पत्थलगांव एवं सीतापुर क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।1
- Post by Men of jharkhand1
- सीतापुर विधानसभा में आगामी होली पर्व को शांति एवं सौंदर्यपूर्ण मनाने के विषय में विस्तृत चर्चा। सीतापुर। आगामी होली पर्व को शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सीतापुर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में तहसीलदार रूपाली मेश्राम एवं थाना प्रभारी अखिलेश सिंह ने नगर एवं ग्राम प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम दान कुजूर, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तिलक बेहरा, भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष जागेश्वर अगरिया, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष विष्णु अग्रवाल, बदरूद्दीन ऐराकी, पार्षद भवानी सिंह, अंकुर दास, भोलाराम , निखिल राज सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि होली के दौरान शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा वाहन जब्त किया जाएगा। साथ ही मुखौटा बेचने एवं पहनने पर प्रतिबंध की जानकारी देते हुए कहा गया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस द्वारा विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी अखिलेश सिंह ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से अपील की कि सभी मिलकर होली का पर्व आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाएं तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।1
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- राजू हक्क फुजक धज्जिया वजक्क जन्फुज कलगक1
- गारु :पलामू टाइगर रिजर्व के बारेसांढ़ वन क्षेत्र में अतिरिक्त प्रभार को लेकर सुलग रही चिंगारी अब लपटों में बदल चुकी है। आंदोलन के सातवें दिन परेवाटांड़ गांव गुस्से का केंद्र बन गया। सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए। हाथों में तख्तियां, आंखों में आक्रोश और जुबां पर तीखे नारे—पूरा इलाका आंदोलित रहा।“तरुण कुमार सिंह वापस जाओ”, “घूसखोर रेंजर वापस जाओ” और “जल, जंगल, जमीन हमारा है” के नारों से आसमान गूंज उठा। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी आवाज अगर अब भी अनसुनी रही, तो हालात और विस्फोटक होंगे। *गांव-गांव में उबल रहा आक्रोश* डेढ़गांव, बगईकोना, झुमरी, टेनटांड, कुजरूम, लाटू और मायापुर—हर गांव में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। सात दिनों से जारी आंदोलन अब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि जनविद्रोह का रूप लेता जा रहा है।परेवाटांड़ की सभा में महिलाएं सबसे आगे दिखीं। बुजुर्गों ने कहा, “जंगल हमारी जिंदगी है, इसे दूर बैठकर नहीं बचाया जा सकता।” युवाओं ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन प्रखंड से जिला मुख्यालय तक पहुंचेगा। *300 किलोमीटर दूर से ‘निगरानी’—कैसे बचेगा जंगल?* ग्रामीणों का आरोप है कि जिस अधिकारी की मूल तैनाती लगभग 300 किलोमीटर दूर आनंदपुर क्षेत्र में है, उन्हें बारेसांढ़ जैसे संवेदनशील वन क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है।लोग सवाल उठा रहे हैं क्या इतनी दूरी से जंगल की रक्षा संभव है? क्या अवैध कटाई, शिकार और वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हो पाएगा?बारेसांढ़ क्षेत्र जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां के जंगल सिर्फ वन्यजीवों का घर नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की आजीविका का आधार हैं। ग्रामीणों का कहना है कि “दूर बैठे अफसर” से जंगल और जनता दोनों असुरक्षित हैं। *पूर्व रेंजर का तबादला बना चिंगारी* पूर्व रेंजर नन्द कुमार मेहता के तबादले को लेकर भी लोगों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके कार्यकाल में विभाग और जनता के बीच तालमेल बेहतर था।कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव में तबादला किया गया। हालांकि विभाग ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। *ज्ञापन के बाद भी चुप्पी, बढ़ा असंतोष* ग्रामीणों ने डीएफओ कुमार आशीष को लिखित आवेदन देकर मौजूदा अतिरिक्त प्रभार समाप्त करने और नियमित रेंजर की नियुक्ति की मांग की है।लेकिन सात दिन बीतने के बाद भी ठोस निर्णय नहीं होने से गुस्सा और भड़क उठा है। लोगों का कहना है कि “अगर प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो हालात बेकाबू हो सकते हैं।” *अल्टीमेटम: होगा घेराव* प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है—यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो वन विभाग कार्यालय का घेराव किया जाएगा। आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाने की रणनीति भी तैयार है।बारेसांढ़ में परेवाटांड़ से उठी यह आग अब शांत होती नहीं दिख रही। प्रशासन की अगली चाल तय करेगी कि यह आंदोलन सुलझेगा या फिर बड़ा टकराव जन्म लेगा।फिलहाल एक बात साफ है—बारेसांढ़ में जंगल ही नहीं, जनभावनाएं भी धधक रही हैं।2