इजराइल दौरे और ट्रेड डील पर सियासी घमासान, राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा का पलटवार इकबाल खान। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अमेरिका के साथ व्यापार समझौता रद्द करने की चुनौती दिए हुए 24 घंटे से ज्यादा हो गए, लेकिन वे खामोशी से इजराइल निकल गए। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि एक बार तो मोदी जेफरी एप्स्टीन के कहने पर इजराइल में “नाच-गाना” कर चुके हैं, अबकी बार वहां किसके कहने पर और किस दबाव में गए हैं, या क्या देश के हितों के खिलाफ कोई सौदा करके आएंगे। उधर भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आपकी तरह गोपनीय छुट्टियां मनाने थाईलैंड और कोलंबिया नहीं जाते और न ही देश की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। भाजपा ने कहा कि प्रधानमंत्री इजराइल में संसद को संबोधित कर रहे हैं और भारत के लिए उन्नत रक्षा तकनीक, जिसे सुदर्शन चक्र जैसी क्षमता बताया जा रहा है, हासिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।दोनों दलों के बीच विदेश नीति और व्यापार समझौतों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। फिलहाल, इस मुद्दे पर सियासी आरोप-प्रत्यारोप जारी है।
इजराइल दौरे और ट्रेड डील पर सियासी घमासान, राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा का पलटवार इकबाल खान। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अमेरिका के साथ व्यापार समझौता रद्द करने की चुनौती दिए हुए 24 घंटे से ज्यादा हो गए, लेकिन वे खामोशी से इजराइल निकल गए। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि एक बार तो मोदी जेफरी एप्स्टीन के कहने पर इजराइल में “नाच-गाना” कर चुके हैं, अबकी बार वहां किसके कहने पर और किस दबाव में गए हैं, या क्या देश के हितों के खिलाफ कोई सौदा करके आएंगे। उधर भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आपकी तरह गोपनीय छुट्टियां मनाने थाईलैंड और कोलंबिया नहीं जाते और न ही देश की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। भाजपा ने कहा कि प्रधानमंत्री इजराइल में संसद को संबोधित कर रहे हैं और भारत के लिए उन्नत रक्षा तकनीक, जिसे सुदर्शन चक्र जैसी क्षमता बताया जा रहा है, हासिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।दोनों दलों के बीच विदेश नीति और व्यापार समझौतों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। फिलहाल, इस मुद्दे पर सियासी आरोप-प्रत्यारोप जारी है।
- इकबाल खान। जिले में एक बकरी का बच्चा कुएं में गिर गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि बकरी के बच्चे को बचाने के लिए ग्रामीणों ने एक छोटे बच्चे को रस्सी के सहारे कुएं में नीचे उतारा। बच्चा नीचे जाकर बकरी के बच्चे को पकड़ लेता है। इसके बाद ऊपर खड़े लोग रस्सी खींचकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लेते हैं। घटना के दौरान मौके पर कई ग्रामीण मौजूद थे। हालांकि इस तरीके को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे बहुत खतरे वाला तो कुछ हिम्मत और सूझबूझ बता रहे हैं, तो कुछ इसे जोखिम भरा कदम मान रहे हैं।फिलहाल, यह वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- वाह! क्या बात है, शेरनी होली का आनंद ही अलग है! 🎉 बीकानेर की होली तो वर्ल्ड फेमस है, तमाम जगहों से लोग यहां आते हैं इस त्यौहार को मनाने। होली के रंग-बिरंगे गुलाल, हंसी-मजाक, कॉमेडी... सब कुछ है यहां! बीकानेर पधारो साहब, होली का मजा ले जाओ! 🌈 क्या आप भी बीकानेर की होली देखने आए हैं या फिर यहां के बारे में सुनकर उत्साहित हो रहे हैं?1
- Post by SSSO News1
- श्री डूंगरगढ़ में निजी बस ऑपरेटर की हड़ताल से आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित1
- नागौर/पादूकलां,,पादूकलां कस्बे के बस्सी की ढाणी स्थित खाटू श्याम मंदिर पादूकलां में आयोजित तीन दिवसीय लख्खी मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। पहले ही दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा क्षेत्र “मिनी खाटू” में तब्दील नजर आया, दिव्य श्रृंगार और दूधिया रोशनी से जगमगाया मंदिर मेले के प्रथम दिन बाबा श्याम का आकर्षक व दिव्य श्रृंगार किया गया। रंग-बिरंगी रोशनी से सजा मंदिर परिसर दूधिया प्रकाश में नहाया हुआ दिखाई दिया। श्याम प्रेमी डीजे की भक्तिमय धुनों पर नाचते-गाते हुए निशान लेकर मंदिर पहुंचे और “जय श्री श्याम”, “तीन बाण धारी”, “खाटू नरेश लखदातार” के जयकारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया। यात्रा के दौरान सैकड़ों श्रद्धालु नंगे पांव ध्वज लेकर जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। सबसे पीछे सतरंगी फूलों से सजे रथ में विराजित थे खाटू श्याम जी। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया।4
- Post by Raju Jat4
- Post by Balogar Malaksar1
- इकबाल खान, बीकानेर। बीकानेर में पारंपरिक लोक वाद्य चंग की थाप पर लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रंग-बिरंगे साफों और पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवाओं व बुजुर्गों ने चंग बजाते हुए फाग गीत गाए और माहौल को खुशनुमा बना दिया। चंग की गूंज के साथ लोकगीतों और नृत्य ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बीकानेर की पहचान उसकी समृद्ध लोक संस्कृति से है और चंग की परंपरा वर्षों से यहां के त्योहारों की शान रही है। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक गीतों के साथ आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश भी दिया गया।1