एमसीबी जिले में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 रविवार को पूरी तरह से शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश के लिए आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए जिले में कुल तीन परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे। जिला प्रशासन ने इन केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी, यातायात प्रबंधन और परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की थीं, जिससे परीक्षा बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सकी। जिले में परीक्षा के लिए कुल 811 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 724 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 87 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार कुल उपस्थिति लगभग 89 प्रतिशत दर्ज की गई। केंद्र क्रमांक 1719101, केंद्रीय विद्यालय, झारखंड में पंजीकृत 355 अभ्यर्थियों में से 320 उपस्थित रहे और 35 अनुपस्थित थे। केंद्र क्रमांक 1719102, केंद्रीय विद्यालय, मनेन्द्रगढ़ में 312 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 283 उपस्थित और 29 अनुपस्थित थे। वहीं, केंद्र क्रमांक 1719103, विवेकानंद पी.जी. कॉलेज, मनेन्द्रगढ़ में पंजीकृत 144 अभ्यर्थियों में से 121 परीक्षा में शामिल हुए और 23 अनुपस्थित रहे। परीक्षा के दौरान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया गया। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की पहचान का सत्यापन, सुरक्षा जांच और आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण निर्धारित मानकों के अनुरूप किया गया। सभी केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात थे और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू की गई थी। जिला प्रशासन ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई और व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए पेयजल, छायादार प्रतीक्षा स्थल और आवश्यक मार्गदर्शन की व्यवस्था भी की गई थी, साथ ही अभिभावकों और परिजनों के लिए भी परीक्षा केंद्रों के बाहर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गईं। परीक्षा के शांतिपूर्ण, पारदर्शी और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न होने पर जिला प्रशासन ने सभी केंद्राध्यक्षों, पर्यवेक्षकों, सुरक्षा कर्मियों, अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रशासन ने कहा कि सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों और जिम्मेदार कार्यशैली के कारण ही परीक्षा का सफल आयोजन संभव हो सका। नीट (यूजी) 2026 के इस सफल आयोजन को जिले में प्रशासनिक दक्षता, प्रभावी परीक्षा प्रबंधन और सुव्यवस्थित समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया, जिसने अभ्यर्थियों को निष्पक्ष, सुरक्षित और अनुकूल वातावरण में परीक्षा देने का अवसर प्रदान किया।
एमसीबी जिले में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 रविवार को पूरी तरह से शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश के लिए आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए जिले में कुल तीन परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे। जिला प्रशासन ने इन केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी, यातायात प्रबंधन और परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की थीं, जिससे परीक्षा बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सकी। जिले में परीक्षा के लिए कुल 811 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 724 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 87 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार कुल उपस्थिति लगभग 89 प्रतिशत दर्ज की गई। केंद्र क्रमांक 1719101, केंद्रीय विद्यालय, झारखंड में पंजीकृत 355 अभ्यर्थियों में से 320 उपस्थित रहे और 35 अनुपस्थित थे। केंद्र क्रमांक 1719102, केंद्रीय विद्यालय, मनेन्द्रगढ़ में 312 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 283 उपस्थित और 29 अनुपस्थित थे। वहीं, केंद्र क्रमांक 1719103, विवेकानंद पी.जी. कॉलेज, मनेन्द्रगढ़ में पंजीकृत 144 अभ्यर्थियों में से 121 परीक्षा में शामिल हुए और 23 अनुपस्थित रहे। परीक्षा के दौरान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया गया। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की पहचान का सत्यापन, सुरक्षा जांच और आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण निर्धारित मानकों के अनुरूप किया गया। सभी केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात थे और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू की गई थी। जिला प्रशासन ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई और व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए पेयजल, छायादार प्रतीक्षा स्थल और आवश्यक मार्गदर्शन की व्यवस्था भी की गई थी, साथ ही अभिभावकों और परिजनों के लिए भी परीक्षा केंद्रों के बाहर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गईं। परीक्षा के शांतिपूर्ण, पारदर्शी और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न होने पर जिला प्रशासन ने सभी केंद्राध्यक्षों, पर्यवेक्षकों, सुरक्षा कर्मियों, अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रशासन ने कहा कि सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों और जिम्मेदार कार्यशैली के कारण ही परीक्षा का सफल आयोजन संभव हो सका। नीट (यूजी) 2026 के इस सफल आयोजन को जिले में प्रशासनिक दक्षता, प्रभावी परीक्षा प्रबंधन और सुव्यवस्थित समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया, जिसने अभ्यर्थियों को निष्पक्ष, सुरक्षित और अनुकूल वातावरण में परीक्षा देने का अवसर प्रदान किया।
- कोरिया कलेक्टर ने एक स्कूल का दौरा कर बच्चों को पढ़ाया। इस दौरान, उन्होंने वहां के शिक्षकों को भी फटकार लगाई। कलेक्टर ने कड़े शब्दों में कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।3
- अनूपपुर जिले के निगवानी के मुख्य बाजार में लंबे समय से एक खतरनाक गड्ढा लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई, हालांकि गनीमत रही कि एक बड़ा हादसा टल गया। पीड़ित बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच से की तो उन्होंने गंभीरता दिखाने के बजाय "जो करना हो कर लो" जैसा असंवेदनशील जवाब दिया। यदि यह आरोप सही है, तो यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बाजार क्षेत्र में रोजाना सैकड़ों लोग और बच्चे आते-जाते हैं, ऐसे में प्रशासन और पंचायत से तत्काल इस गड्ढे की मरम्मत कर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है। सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए।1
- भारत भूषण तिवारी का एक लाइव एनकाउंटर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्पष्ट रूप से कई गोलियां चलती दिख रही हैं। वीडियो के माध्यम से दर्शाया गया है कि कैसे एक अकेले इंसान पर कई गोलियां चलाई गईं और उसे "फील्डिंग लगाकर" घेरा गया। वायरल वीडियो के साथ यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि किसी व्यक्ति को यह ज्ञात हो जाए कि उसे पागलखाने भेजकर सच में पागल करने की साजिश रची जा रही है, तो उसके पास केवल एक ही विकल्प बचता है। ऐसे में, उस व्यक्ति ने सचमुच पागल बनने की बजाय एक क्रांतिकारी बनकर सीने में गोली लेना बेहतर समझा। इस घटना के संदर्भ में, लोगों से अपनी राय मांगी गई है कि क्या यह कदम सही था।1
- मरवाही वनमंडल के मरवाही वन परिक्षेत्र में, सिवनी प. स. वृत्त के घुसरिया बीट में 21 जून 2026 को दोपहर 12:30 बजे चार हाथियों का एक दल विचरण करते देखा गया है। इन हाथियों के कारण घुसरिया, चिचगोहना और कुम्हारी क्षेत्रों में कुल 11 फसलों का नुकसान हुआ है, हालांकि किसी भी मकान को कोई क्षति या जनहानि की सूचना नहीं है। वर्तमान में, ये चारों हाथी मरवाही वनमंडल के मरवाही परिक्षेत्र में घुसरिया परिसर के कक्ष क्रमांक 2051 के नजदीकी राजस्व क्षेत्र सोन नदी के किनारे पलास और लेंटाना के झुरमुट में घूम रहे हैं। ये हाथी मध्यप्रदेश से घुसरिया परिसर में प्रवेश किए हैं और इनके मरवाही परिसर, सचराटोला परिसर और पंडरी परिसर की ओर जाने की संभावना है। परिसर रक्षक नागेश साहू (घुसरिया) और रामकुमार ओटृऻ (मरवाही) सहित मरवाही वन परिक्षेत्र के कर्मचारी हाथियों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और हाथियों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग ने स्थिति को सामान्य बताया है। अधिक जानकारी के लिए मरवाही वन मंडल, वन परिक्षेत्र मरवाही के मोबाइल नंबर 7828465059 और 8718915506 पर संपर्क किया जा सकता है।4
- अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देश पर अवैध खनिज उत्खनन करने वाले माफिया के खिलाफ लगातार चल रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की गई है। 20 जून, 2026 को वेंकटनगर चौकी पुलिस को ग्राम कदमसरा में मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम भेलमा गूजर नाला से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर एक ट्रेक्टर-ट्रॉली लपटा की ओर रेत बेचने जा रही है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम मुण्डा से लपटा की ओर जाने वाले मार्ग पर दबिश दी और अवैध रेत का परिवहन कर रहे एक ट्रेक्टर-ट्रॉली को पकड़ा। इस कार्रवाई में 20 वर्षीय चालक आशीष राठौर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर ट्रेक्टर-ट्रॉली की जाँच की गई तो उसमें 02 घन मीटर रेत खनिज लोड पाया गया। चालक आशीष राठौर, निवासी ग्राम मुण्डा, थाना जैतहरी ने पूछताछ में बताया कि ट्रेक्टर (रजिस्ट्रेशन नंबर MP65ZC7738) उसके पिता होरीलाल राठौर के नाम पर है, जो मजदूरी करने उड़ीसा गए हैं। उसने स्वीकार किया कि रेत गूजर नाला से लाई गई थी और उसके पास रेत परिवहन से संबंधित कोई वैध कागजात (टीपी) नहीं थे। आशीष राठौर ने ट्रेक्टर के रजिस्ट्रेशन कार्ड, बीमा कागजात और अपने लर्निंग लाइसेंस की छायाप्रतियां भी पेश कीं। आशीष राठौर द्वारा अवैध रूप से रेत (खनिज) चोरी कर परिवहन करना पाए जाने पर, उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 303(2), 305(ई), 317(5) और खनिज अधिनियम की धारा 4/21 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने नीले रंग के स्वराज 742 XT ट्रेक्टर (रजिस्ट्रेशन नंबर MP65ZC7738, इंजन नंबर DE.4001/SHF22348, चेसिस नंबर MBNBT53NDSCF74255) को उसकी ट्रॉली और उसमें लदी 02 घन मीटर अवैध रेत सहित जब्त कर लिया। जब्त किए गए ट्रेक्टर-ट्रॉली और अवैध रेत की कुल अनुमानित कीमत ₹5,03,000/- बताई गई है (जिसमें ट्रेक्टर-ट्रॉली की कीमत ₹5,00,000/- और रेत की कीमत ₹3,000/- शामिल है)। जब्त संपत्ति को वेंकटनगर चौकी परिसर में सुरक्षा के लिए खड़ा कराया गया है। इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी वेंकटनगर उप निरीक्षक प्रवीण कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक सुरेश कुमार अहिरवार और आरक्षक विजय टाटू की सराहनीय भूमिका रही।1
- सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते दो छोटे भाइयों ने मिलकर अपने बड़े भाई पांडे कोरवा की ईंट-पत्थर से ताबड़तोड़ प्रहार कर हत्या कर दी। यह घटना 20 जून की दोपहर को उनके घर में हुई थी, जिसके बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे। लखनपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रविवार को दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें एक आरोपी नाबालिग है। मृतक पांडे कोरवा (32 वर्ष), पिता रामधन कोरवा, ग्राम अलगा के बेंदोपानी निवासी था। उसके 25 वर्षीय छोटे भाई सरवन कोरवा और एक नाबालिग भाई उससे पुरानी रंजिश रखते थे। 20 जून की दोपहर उनके बीच फिर किसी बात को लेकर विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर सरवन कोरवा और नाबालिग भाई ने पांडे कोरवा को पहले पीटा, फिर ईंट-पत्थर से उसके सिर और कनपटी पर लगातार हमला किया, जिससे गंभीर चोट लगने के कारण वह लहूलुहान होकर मौके पर ही दम तोड़ गया। हत्या के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए, जिसकी सूचना परिजनों ने लखनपुर पुलिस को दी। हत्या की सूचना मिलने पर लखनपुर पुलिस और एफएसएल की टीम घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद, पुलिस ने मुखबिर की जानकारी पर दोनों आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों भाइयों ने अपने बड़े भाई से पुरानी रंजिश के कारण हत्या करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 103 (1) और 3 (5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की है। सरवन कोरवा को जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग आरोपी को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी लखनपुर एसआई संपत पोटाई, प्रधान आरक्षक सतीश कुमार सिंह, पीतांबर सिंह, आरक्षक सुरेश गुप्ता, रामकुमार यादव, आशीष चौहान और सोहन राजवाड़े शामिल थे।1
- अंबिकापुर में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का कार्यक्रम भव्यता के साथ मनाया गया। इस आयोजन में मुख्यमंत्री (सीएम) और कई मंत्रीगण भी उपस्थित रहे। यह उत्सव 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम पार्ट 2' के रूप में संपन्न हुआ।4
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में सामने आए एक हाई प्रोफाइल हत्याकांड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है।1