Shuru
Apke Nagar Ki App…
सर्किट हाउस के एक हॉल में AAP सांसद संजय सिंह प्रतियोगी छात्रों के साथ संवाद कर रहे थे, जहाँ पेपर लीक के मुद्दे पर गहन चर्चा चल रही थी। इसी दौरान, ADM सत्यम मिश्रा और डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य हॉल में पहुँचे और उन्होंने पेपर लीक पर हो रही इस चर्चा को तुरंत रोकने का निर्देश दिया। अधिकारियों की इस कार्रवाई पर AAP सांसद संजय सिंह भड़क गए और उन्होंने उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई। सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंद कमरे में चल रही चर्चा के लिए किसी भी तरह की अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने अधिकारियों को यह भी याद दिलाया कि जिस परीक्षा के पेपर लीक पर वे चर्चा रोकने आए हैं, उसी परीक्षा को पास करके वे खुद अधिकारी बने हैं।
Seemanchal Bytes
सर्किट हाउस के एक हॉल में AAP सांसद संजय सिंह प्रतियोगी छात्रों के साथ संवाद कर रहे थे, जहाँ पेपर लीक के मुद्दे पर गहन चर्चा चल रही थी। इसी दौरान, ADM सत्यम मिश्रा और डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य हॉल में पहुँचे और उन्होंने पेपर लीक पर हो रही इस चर्चा को तुरंत रोकने का निर्देश दिया। अधिकारियों की इस कार्रवाई पर AAP सांसद संजय सिंह भड़क गए और उन्होंने उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई। सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंद कमरे में चल रही चर्चा के लिए किसी भी तरह की अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने अधिकारियों को यह भी याद दिलाया कि जिस परीक्षा के पेपर लीक पर वे चर्चा रोकने आए हैं, उसी परीक्षा को पास करके वे खुद अधिकारी बने हैं।
More news from दिल्ली and nearby areas
- BPA NEWS ने हाल ही में अपना सातवाँ स्थापना दिवस मनाया। इस खास अवसर पर BPA NEWS को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की गई हैं।1
- BPA NEWS चैनल ने अपना 7वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर चैनल को हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं।1
- राज्यसभा सांसद संजय सिंह छात्रों के साथ पेपर लीक के मुद्दे पर एक बंद कॉन्फ्रेंस रूम में चर्चा कर रहे थे, तभी उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस चर्चा को रोक दिया। पुलिस ने दावा किया कि इस आयोजन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। इस पर सांसद संजय सिंह ने पुलिस को जवाब देते हुए कहा कि अनुमति सार्वजनिक जगहों के लिए आवश्यक होती है, न कि किसी कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की जाने वाली चर्चा के लिए।1
- मशहूर पार्श्व गायिका और पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित सुमन कल्याणपुर का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ मुंबई में अंतिम विदाई दी गई, जहाँ उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। महाराष्ट्र सरकार ने भारतीय संगीत और सिनेमा में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए उनकी अंतिम यात्रा राजकीय सम्मान के साथ संपन्न कराने का आदेश दिया था। आज मुंबई के सांताक्रूज (पवन हंस) श्मशान घाट पर दिग्गज पार्श्व गायिका का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस दौरान उनके करीबियों और प्रशंसकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर अपना शोक व्यक्त किया। सुमन कल्याणपुर लंबे समय से बीमार चल रही थीं, जिसके बाद 31 मई को अपने आवास पर ही उन्होंने अंतिम सांस ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दिवंगत पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा कि सुमन कल्याणपुर जी के निधन से उन्हें बहुत दुख हुआ है, और उनकी सुरीली आवाज तथा दिल को छू लेने वाली गायकी ने हमारे सांस्कृतिक जगत को समृद्ध किया है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि अपने गीतों के जरिए उन्होंने संगीत प्रेमियों और भारतीय सिनेमा के प्रशंसकों के दिलों में एक खास जगह बनाई थी, और उन्होंने उनके परिवार तथा प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए 'ओम शांति' कहा।1
- आलम मलिक ने लोगों से अपने सोशल मीडिया चैनलों को फॉलो करने का आग्रह किया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम और फेसबुक चैनलों के नाम "alam_malik143143" के रूप में बताए हैं, और दर्शकों से इन हैंडल्स पर उन्हें फॉलो करने का निवेदन किया है।1
- नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के एक बयान से देश में भारी हंगामा मच गया है। रविवार को नेपाल की संसद में सांसदों के सवालों का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि 'सिर्फ भारत ने ही नेपाल की ज़मीन पर अतिक्रमण नहीं किया है, बल्कि नेपाल ने भी कई जगह भारतीय क्षेत्र पर अतिक्रमण किया है।' उनके इस बयान की नेपाल में तीव्र आलोचना हो रही है, जिससे उनकी सरकार बैकफुट पर आती दिख रही है। नेपाल के अख़बार 'द काठमांडू पोस्ट' में इस पूरे विवाद पर छपे एक लेख के अनुसार, प्रधानमंत्री बालेन शाह पहले इस बात को लेकर ट्रोल हो रहे थे कि वे बोल नहीं रहे हैं, लेकिन जब उन्होंने संसद में अपनी बात रखी, तो उनके बयान ने और बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी विवाद पर पूछे गए सवालों के जवाब में शाह ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री बनने के बाद ही पता चला कि नेपाल ने भी भारत की ज़मीन पर कई जगह अतिक्रमण किया है। इस बयान के बाद संसद में तत्काल हंगामा मच गया और विपक्षी सांसदों ने उनके बयान को संसदीय रिकॉर्ड से हटाने की मांग की। नेपाल में सीमा मामलों के जानकारों और पूर्व राजनयिकों ने भी शाह के बयान पर सवाल उठाए हैं, जिससे वह आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं। भारत और नेपाल के बीच लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी को लेकर लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है, जिस पर दोनों देश अपना-अपना दावा करते हैं। शाह ने यह भी बताया कि नेपाल सरकार इस मुद्दे पर पहले ही भारत और चीन को कूटनीतिक संदेश भेज चुकी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल भारत और चीन से ही नहीं, बल्कि ब्रिटिश सरकार से भी बात की है, क्योंकि उनका मानना है कि इंग्लैंड को भी इस मामले में रुचि लेनी चाहिए, क्योंकि यह विवाद उस दौर से जुड़ा है जब भारत पर ब्रिटिश शासन था। शाह के अनुसार, इन सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीतिक बातचीत के ज़रिए ही होना चाहिए।1
- गुजरात के बारडोली स्थित धूलिया रोड चौंफुली पर एक आम बेचने वाले और बगल की दुकानों के मालिकों के बीच विवाद हो गया।1