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मथुरा के फरह क्षेत्र स्थित कुरकन्दा मोड़ पर निर्जला एकादशी के पावन पर्व के अवसर पर गुरुवार को मीठे शरबत का वितरण किया गया। तपती गर्मी के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग मथुरा-आगरा पर सुबह से शाम तक यह आयोजन चलता रहा, जहाँ आते-जाते राहगीरों को रोक-रोक कर मीठा शरबत पिलाया गया। इस पहल को मानवता की एक मिसाल के तौर पर देखा गया। कुरकन्दा गांव निवासी ठाकुर विजयपाल सिंह ने इस संबंध में जानकारी प्रदान की, जिसमें यह भी रेखांकित किया गया कि सेवा, सहयोग और मानवता ही समाज को मजबूत बनाने के सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
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मथुरा के फरह क्षेत्र स्थित कुरकन्दा मोड़ पर निर्जला एकादशी के पावन पर्व के अवसर पर गुरुवार को मीठे शरबत का वितरण किया गया। तपती गर्मी के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग मथुरा-आगरा पर सुबह से शाम तक यह आयोजन चलता रहा, जहाँ आते-जाते राहगीरों को रोक-रोक कर मीठा शरबत पिलाया गया। इस पहल को मानवता की एक मिसाल के तौर पर देखा गया। कुरकन्दा गांव निवासी ठाकुर विजयपाल सिंह ने इस संबंध में जानकारी प्रदान की, जिसमें यह भी रेखांकित किया गया कि सेवा, सहयोग और मानवता ही समाज को मजबूत बनाने के सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
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- मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र में मौजा-मगोरा के नगला लठाकुरी में एक सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध निर्माण का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में स्थानीय निवासी बहादुर सिंह ने गोवर्धन के तहसीलदार को लिखित शिकायत सौंपी है, जिसमें कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता बहादुर सिंह (पुत्र लक्ष्मण सिंह) का आरोप है कि मौजा-मगोरा के खसरा संख्या 841 पर स्थित सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध रूप से निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि तहसील के पटवारी ने इस मामले में गलत रिपोर्ट पेश की है, जिससे अवैध निर्माण करने वालों को बढ़ावा मिल रहा है। प्रार्थना पत्र के माध्यम से पीड़ित और ग्रामीणों ने तहसीलदार से इस अवैध निर्माण को तुरंत रुकवाने की गुहार लगाई है। इसके साथ ही, गलत रिपोर्ट पेश करने वाले तहसील कर्मियों के खिलाफ उचित और दंडात्मक कार्रवाई की भी मांग की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, संबंधित अधिकारियों, जिनमें एसएचओ मगोरा और रा.नि./लेखपाल शामिल हैं, को मौके पर शांति-व्यवस्था बनाए रखते हुए अवैध निर्माण रोकने और मामले की सही जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हालाँकि, समय 05:57 मिनट पर तहसीलदार महोदय का फोन नंबर बंद पाया गया।1
- श्री माँ उमा शक्तिपीठ गौरी चण्डी माई मंदिर में इक्कीसवाँ प्राण प्रतिष्ठा दिवस समारोह अत्यंत धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर में विशेष आयोजन किए गए, जिसमें भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।1
- मथुरा वृंदावन नगर निगम द्वारा की गई तोड़फोड़ की कार्यवाही को लेकर व्यापारियों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस कार्रवाई के कारण स्थानीय व्यापारी समुदाय में भारी असंतोष व्याप्त है।1
- मथुरा जनपद के कोसीकलां स्थित ग्राम कोटवन इंडस्ट्रीज एरिया में फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं पर्यावरण को गंभीर रूप से प्रदूषित कर रहा है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। आरोप है कि कोटवन औद्योगिक क्षेत्र में कुछ फैक्ट्रियां बिना मानकों का पालन किए चल रही हैं। इन इकाइयों से निकलने वाले जहरीले-काले धुएं और बदबू से क्षेत्र के 3 हजार से अधिक ग्रामीण परेशान हैं। सैकड़ों वृद्ध, महिलाएं और बच्चे एलर्जी, खुजली, सांस फूलने और फेफड़ों में संक्रमण जैसी बीमारियों से पीड़ित हो चुके हैं। विशेष रूप से, एक टायर प्लांट के खिलाफ कोटवन नबीपुर के ग्रामीण कई बार आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन हर बार कुछ दिनों के लिए फैक्ट्री बंद होकर फिर से चालू हो जाती है। प्रदूषण विभाग द्वारा इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इन औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला जहरीला धुआं सिर्फ ग्रामीणों के लिए ही नहीं, बल्कि यहां काम करने वाले मजदूरों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहा है। दिनभर कंडम टायरों को बॉयलर में डालकर उनसे निकलने वाले तेल, तार और कार्बन को इकट्ठा करने वाले मजदूरों का जीवन भी खतरे में है। टायर प्लांट के भीतर काम करने वाले मजदूर सिर से लेकर पैर तक कार्बन से काले पड़े रहते हैं। यह देखना बाकी है कि योगी सरकार इन ग्रामीण वासियों की पुकार सुनती है या नहीं, क्योंकि टायर प्लांट से निकलने वाला धुआं लोगों की परेशानी का बड़ा कारण बन गया है और एनजीटी व सरकार दोनों ही खामोश हैं।2
- अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय ने भरत तिवारी एनकाउंटर से जुड़े अहम सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ आखिरकार कब कार्रवाई की जाएगी।1
- लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है, इसी कड़ी में धर्मनगरी मथुरा और वृंदावन में भी बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया जा रहा है। नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा के नेतृत्व में दमकल विभाग, विकास प्राधिकरण, आवास विकास और पुलिस प्रशासन की एक संयुक्त टीम लगातार दूसरे दिन भी इस कार्रवाई में जुटी रही। इस संयुक्त अभियान के तहत अब तक लगभग 30 व्यावसायिक संस्थानों को सील किया जा चुका है, जिनमें बेसमेंट में संचालित लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटर, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। जांच में कई संस्थान अग्नि सुरक्षा और भवन मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, जिसके चलते प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। हालाँकि, इस कार्रवाई के बीच एक बड़ा सवाल वृंदावन की संकरी गलियों में संचालित हजारों गेस्ट हाउसों को लेकर खड़ा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन क्षेत्रों में आग लगने जैसी आपात स्थिति में दमकल वाहनों का पहुँचना बेहद कठिन है, जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस पर प्रशासन ने बताया है कि जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई जा रही है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और वृंदावन सहित ऐसे सभी संस्थानों का सर्वे कराया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि नियमों का पालन न करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। लखनऊ हादसे के बाद मथुरा प्रशासन की यह कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता का संदेश दे रही है, लेकिन अब देखना होगा कि वृंदावन की तंग गलियों में संचालित गेस्ट हाउसों और अन्य संस्थानों पर प्रशासन कब तक प्रभावी कार्रवाई कर पाता है।2
- मथुरा के मगोर्रा क्षेत्र में एक युवक को पानी की पाइपलाइन हटाना उस समय भारी पड़ गया, जब गाँव के ही दबंगों ने उस पर जानलेवा हमला कर लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने पीड़ित का अपहरण करने का भी प्रयास किया। स्थानीय पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से क्षुब्ध पीड़ित ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। एसएसपी को दिए गए शिकायती पत्र में बछगाँव निवासी पीड़ित बबलू ने बताया कि उसके मकान के ऊपर से होकर नामजद लोगों की पानी की पाइपलाइन जा रही थी। सुरक्षा के लिहाज से बबलू ने बीते 18 मई को यह पाइपलाइन हटवा दी थी। बबलू के अनुसार, वह किसी काम से अपना ट्रैक्टर लेकर सौंख कस्बा गया था, तभी नामजद लोग गाँव से ही उसके पीछे लगे हुए थे। मौका पाकर आरोपियों ने अपने दो अन्य अज्ञात साथियों के साथ मिलकर उसे घेर लिया। खुद को बचाने के लिए बबलू एक घर के अंदर घुस गया, लेकिन हमलावरों ने घर के अंदर दाखिल होकर उसे लाठी-डंडों से लहूलुहान कर दिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है, और गुरुवार की शाम 4 बजे सामने आया यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1