अंबाह के कथा वाचक जितेंद्र उपाध्याय जी महाराज का पिनाहट 1500 मीटर लंबी पगड़ी से हुआ भव्य स्वागत अंबाह। अंबाह निवासी प्रसिद्ध कथा वाचक जितेंद्र उपाध्याय जी महाराज का उत्तरप्रदेश के पिनाहट क्षेत्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। कथा स्थल मेदी पुरा अड्डा, पिनाहट जिला आगरा में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं धर्मप्रेमी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने कथा वाचक जितेंद्र उपाध्याय जी महाराज को 1500 मीटर लंबी पगड़ी बांधकर सम्मानित किया। इस अद्भुत स्वागत को देखने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। पूरे कथा स्थल पर जयघोष, भक्ति संगीत और धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। अंबाह के कथावाचक जितेंद्र उपाध्याय जी का पनाहट में 1500 मीटर का साफ़ा पहनाकर किया सम्मान
अंबाह के कथा वाचक जितेंद्र उपाध्याय जी महाराज का पिनाहट 1500 मीटर लंबी पगड़ी से हुआ भव्य स्वागत अंबाह। अंबाह निवासी प्रसिद्ध कथा वाचक जितेंद्र उपाध्याय जी महाराज का उत्तरप्रदेश के पिनाहट क्षेत्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। कथा स्थल मेदी पुरा अड्डा, पिनाहट जिला आगरा में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं धर्मप्रेमी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने कथा वाचक जितेंद्र उपाध्याय जी महाराज को 1500 मीटर लंबी पगड़ी बांधकर सम्मानित किया। इस अद्भुत स्वागत को देखने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। पूरे कथा स्थल पर जयघोष, भक्ति संगीत और धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। अंबाह के कथावाचक जितेंद्र उपाध्याय जी का पनाहट में 1500 मीटर का साफ़ा पहनाकर किया सम्मान
- चार धाम यात्रा के उपरांत घर लौटते समय मां ने त्यागा अपना शरीर मातृत्व दिवस विशेष,अब केवल स्मृति शेष,, मातृ दिवस विशेष,, लेख, मातृ दिवस पर एक मां ने अपने परिजनों को बिलखता हुआ छोड़कर जाना , अद्वितीय छति, अंबाह। चार धाम यात्रा से लौटते वक्त मुरैना और बामोर के बीच स्वर्गलोक सिधार गई।आज दिनांक 10 मई 2026 को पोरसा तहसील के फूलसहाय पुरा निवासी ए.एस.आई.वाचाराम सिंह तोमर (सेवानिवृत SAF) की धर्मपत्नी सविता तोमर का चार धाम यात्रा से लौटते समय सांस लेने में समस्या आने लगी इसके बाद एंबुलेंस के माध्यम से ग्वालियर के लिए आते वक्त बामोर में उनकी तबीयत अधिक बिगड़ी और अचानक उनकी हृदय गति रुक गई और लगभग प्रातः 9:00 बजे देवलोक को प्रस्थान कर गईं। वहीं दूसरी और आज पूरे देश भर में मातृ दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है तो वहीं ऐसी ईश्वर की नियति पर भी प्रश्न चिन्ह लगाने वाली हृदयविदारक घटना चर्चा का विषय बनी हुई है1
- तालाब में घर बना लिए पानी की समस्या गांव जल का नगरा में तालाब में अतिक्रमण कर लिया है तालाब में मकान बना लिए हैं जिससे पानी रोड पर भरा हुआ है आम जनता को आने जाने में बहुत ज्यादा परेशानी होती है कुछ लोगों के घरों में पानी भरा हुआ है रकबा 444 और 445 है1
- विश्व विख्यात शांतिधाम पोरसा में , औषधि व पंच दृव्य से किया गया अभिषेक, चंबल अंचल के पोरसा का विश्वप्रसिद्ध शांति धाम, गिनीज वर्ल्ड बुक में दर्ज है जहां पर औषधि वृक्ष और रोग निवारण औषधीय का अनूठा संग्रह भी परिसर में उपलब्ध है। सोमवार को औषधि और पंचदृव्य के साथ महाकाल का अभिषेक किया गया और यह संदेश दिया गया की औषधियों का उपयोग जीवन एक अभिन्न अंग हैं।1
- मुरैना के कलुआ गांव में 24 घंटे का अखंड भजन-कीर्तन श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान पूरा गांव भक्तिमय माहौल में डूब गया और भगवान के भजनों से गूंजता रहा। समापन पर विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया, जिससे आपसी भाईचारा और प्रेम बढ़ा।1
- मोरैना के मिरघान गाँव में स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र पिछले 9 सालों से बंद पड़ा है, जिससे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार व प्राथमिक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई हैं, जबकि ग्रामीणों की शिकायतें अनसुनी की जा रही हैं। इस गंभीर अनदेखी से बच्चों का स्वास्थ्य और शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है।1
- विश्व का नंबर-1 मुक्तिधाम बना आस्था का केंद्र, सोमवार को महाकाल का दिव्य अभिषेक पोरसा। अपने अनोखे स्वरूप और आध्यात्मिक पहचान के लिए प्रसिद्ध पोरसा का “विश्व का नंबर-1 मुक्तिधाम” सोमवार को शिवभक्ति से सराबोर नजर आया। यहां भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक औषधियों और पंचद्रव्यों से विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच हुए इस दिव्य अभिषेक को जनकल्याण, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया। श्रद्धालुओं का कहना है कि महाकाल का औषधीय अभिषेक न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि मानव कल्याण और वातावरण की शुद्धता के लिए भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है। सोमवार होने के कारण मुक्तिधाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन कर परिवार और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। पूरा परिसर भक्तिमय माहौल और शिवमय वातावरण से गूंज उठा। “विश्व का नंबर-1 मुक्तिधाम” अब केवल अंतिम संस्कार स्थल नहीं, बल्कि आस्था, अध्यात्म और सनातन संस्कृति का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। #पोरसा #मुक्तिधाम #महाकाल #हरहरमहादेव #शिवभक्ति4
- ब्रेकिंग न्यूज़ :- फतेहाबाद /आगरा नई बस्ती नयापुरा खंडेर में ग्रह कलेश के चलते पीड़ित ने आत्महत्या करने का किया प्रयास तथा बाइक में लगाई आग // प्राप्त घटना के बारे में मिली सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी की शुरुआत द्वारा की गई पुष्टि में ग्रह कलेश के चलते लोकेंद्र पुत्र गोकुल सिंह निवासी नई बस्ती नयापुरा खंडेर मैं पहले तो आत्महत्या करने का प्रयास किया तथा बाद में अपनी ही बाइक से पेट्रोल निकाल कर बाइक पर डालकर लगे आज घटना इतनी भयावे थी की देखने वालों के भी रोंगटे खड़े हो गए वहीं पड़ोसियों ने दोपहर में देखा कि तेज लपटों ने देखते ही देखते बाइक को पूरी तरह आपकी चपेट में ले लिया जिसे जलकर बाइक राख हो गई गनीमत रही कि किसी प्रकार की जन हानि नहीं हुई,, वही जानकारी यह भी प्राप्त हुई है कि पति-पत्नी का विवाद अंदरूनी कई दिनों से चल रहा था जिसे पत्नी को पति लोकेंद्र द्वारा ससुराल से पत्नी को लेने के लिए गया था जहां पर बताया गया है कि ससुराल जिन्होंने लोकेंद्र को गाली गलौज तथा मारापीटा जिसे आहत होकर लोकेंद्र ने जोखिम भरा कदम उठाने का यह दर्दनाक कार्य किया,, वहीं प्रशासन को भी परिजनों ने इस गंभीर घटना की किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी तथा परिजनों ने बूझकर गृह क्लेश की बात को दबाने का कार्य किया है,,1
- पोरसा मुक्तिधाम में दिखी भक्ति की अलौकिक छटा, सोमवार को महाकाल का हुआ विशेष अभिषेक पोरसा। सोमवार को पोरसा मुक्तिधाम परिसर में भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। अभिषेक में विभिन्न औषधियों एवं पंचद्रव्यों का उपयोग किया गया, जिसे जनकल्याण और लोकमंगल के लिए अत्यंत हितकारी माना जाता है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मुक्तिधाम परिसर में उमड़ पड़ी। वैदिक मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच भगवान महाकाल का दुग्ध, दही, घी, शहद, शक्कर सहित पंचद्रव्यों एवं औषधीय सामग्री से अभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यता है कि इस प्रकार का अभिषेक वातावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ समाज में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल से क्षेत्र में खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य और जनकल्याण की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा और शिवभक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। #पोरसा #महाकाल #शिवभक्ति #मुक्तिधाम #सोमवार_विशेष #हरहरमहादेव1