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बदायूं जिले के दातागंज नगर में एक 12 वर्षीय बच्चे पर बंदरों के झुंड ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद बच्चे को इलाज के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। यह वारदात मंगलवार शाम लगभग 7 बजे ख्वाजा नगर मोहल्ले में हुई। गुलाम मुस्तफा, जो रियासहत अली के पुत्र हैं, अपने घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहे थे, तभी अचानक बंदरों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बंदरों के हमले के बाद साथ खेल रहे अन्य बच्चे डरकर भाग गए। आसपास के लोगों ने तुरंत दौड़कर गुलाम मुस्तफा को बचाया, लेकिन तब तक बंदरों ने उसे गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। परिवार ने तत्काल उसे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, जहाँ उसका इलाज जारी है।
Mahesh Pal Gautam
बदायूं जिले के दातागंज नगर में एक 12 वर्षीय बच्चे पर बंदरों के झुंड ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद बच्चे को इलाज के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। यह वारदात मंगलवार शाम लगभग 7 बजे ख्वाजा नगर मोहल्ले में हुई। गुलाम मुस्तफा, जो रियासहत अली के पुत्र हैं, अपने घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहे थे, तभी अचानक बंदरों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बंदरों के हमले के बाद साथ खेल रहे अन्य बच्चे डरकर भाग गए। आसपास के लोगों ने तुरंत दौड़कर गुलाम मुस्तफा को बचाया, लेकिन तब तक बंदरों ने उसे गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। परिवार ने तत्काल उसे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, जहाँ उसका इलाज जारी है।
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- राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम बापू को नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में बड़ा झटका देते हुए उनकी उम्रकैद की सज़ा को बरकरार रखा है। हालांकि, जोधपुर पीठ ने उन्हें गैंगरेप और आपराधिक साजिश की धाराओं से आंशिक राहत देते हुए बरी कर दिया, लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उन पर रेप, POCSO और अन्य गंभीर धाराओं में दोष साबित होता है। जानकारी के अनुसार, आसाराम फिलहाल मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत पर बाहर हैं, लेकिन हाईकोर्ट ने उन्हें तत्काल सरेंडर करने का निर्देश दिया है। इसी मामले में सह-आरोपी शरतचंद्र और शिल्पी को कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है। यह पूरा मामला साल 2013 में जोधपुर आश्रम में एक नाबालिग छात्रा से हुए दुष्कर्म से संबंधित है, जिसमें 2018 में विशेष POCSO कोर्ट ने आसाराम को उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। इस फैसले का वीडियो और खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसे लोग एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम मान रहे हैं।1
- बिल्सी में आवास योजना की दूसरी किस्त जारी कर दी गई है। लाभार्थियों से आग्रह किया गया है कि वे अपने काम की शुरुआत करें। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी जी का धन्यवाद व्यक्त किया गया है।2
- Post by Shyam Babu Kashyap1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के आंवला क्षेत्र स्थित मनौना धाम से डेढ़ वर्षीय एक मासूम का अपहरण हुआ था, जिसे पुलिस ने मुठभेड़ के बाद सकुशल बरामद कर लिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस और शातिर बदमाशों के बीच देर रात मुठभेड़ हुई, जिसमें गोली लगने से दो आरोपी घायल हो गए। यह घटना 24 मई की है, जब एक सफाई कर्मचारी के डेढ़ साल के बच्चे का अपहरण कर लिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर SOG, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की पांच विशेष टीमें गठित की गई थीं। लगातार जांच-पड़ताल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी बच्चे को बाइक से दिल्ली ले जाकर बेचने की फिराक में थे। इस सूचना के आधार पर फुलासी तिराहे पर चेकिंग के दौरान संदिग्ध बाइक सवारों को रोकने का प्रयास किया गया। हालांकि, बदमाश पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने लगे, जिससे एक हेड कांस्टेबल घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से दोनों बदमाशों के पैर में चोट आई और उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से अवैध असलहे और अपहरण में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद की है। फिलहाल, घायल दोनों आरोपियों का इलाज जारी है और पुलिस इस मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई कर रही है। इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने दी है।1
- ऑनलाइन मंगाई गई कीटनाशक दवा पीने से एक किशोर की दुखद मौत हो गई है। घटना के बाद जब दूसरी डिलीवरी लेकर एक युवक मौके पर पहुँचा, तो ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि यह कीटनाशक और कई अन्य दवाएं कथित तौर पर फ्लिपकार्ट और मीशो जैसी ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स से मंगाई गई थीं। इस हृदय विदारक घटना से पूरे गांव में हड़कंप मचा हुआ है और मृतक किशोर के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और उन्होंने बताया है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- बरेली के कटरा चाँद खाँ स्थित जाटव बस्ती और मलिन बस्ती के निवासियों ने अपनी समस्याओं को लेकर नगर निगम पर धरना-प्रदर्शन किया। डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान सेवा समिति के अध्यक्ष सुनील सागर और रणवीर सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए नगर आयुक्त और महापौर को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कटरा चाँद खाँ की जाटव बस्ती, जिसे अंबेडकर भवन क्षेत्र एवं मलिन बस्ती भी कहते हैं, पिछले कई महीनों से टूटी सड़क, सीवर जाम और पेयजल संकट जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उनके अनुसार, नगर निगम द्वारा सड़क तोड़ने के बाद भी अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया है, जबकि आसपास के अन्य क्षेत्रों में यह कार्य संपन्न हो चुका है। सुनील सागर और रणवीर सिंह ने विशेष रूप से बताया कि खराब सड़कें और कीचड़ महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गए हैं, वहीं सीवर लाइन की समस्या और गंदगी से बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि दलित बस्ती के साथ विकास कार्यों में जानबूझकर भेदभाव किया जा रहा है। समिति ने सरकार के 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब सरकार समावेशी विकास की बात करती है, तो दलित बस्तियों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित क्यों रखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जाटव बस्ती एवं अंबेडकर भवन क्षेत्र की सड़क का निर्माण कार्य तत्काल पूरा किया जाए, सीवर लाइनों की सफाई और मरम्मत की जाए तथा नियमित और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित हो। इसके साथ ही, उन्होंने विकास कार्यों में किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने की कड़ी मांग की।1
- मंगलवार को बरेली के कटरा चाँद खाँ की जाटव बस्ती और मलिन बस्ती के निवासियों का गुस्सा नगर निगम में फूट पड़ा। डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान सेवा समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने बदहाल सड़क, सीवर जाम और पेयजल की गंभीर समस्याओं को लेकर नगर निगम पर धरना-प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। समिति के अध्यक्ष सुनील सागर और रणवीर सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने नगर आयुक्त और महापौर को ज्ञापन सौंपकर इन समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि नगर निगम ने कई महीने पहले क्षेत्र की सड़क तोड़ दी थी, लेकिन उसका निर्माण आज तक पूरा नहीं कराया गया है, जिसके कारण पूरी बस्ती में कीचड़ और गंदगी फैली हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि टूटी सड़क और सीवर की समस्या से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। लोगों ने यह भी कहा कि गंदगी और जलभराव के कारण बस्ती में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है, जबकि अन्य इलाकों में सड़कों का निर्माण हो गया है, दलित बस्ती की लगातार अनदेखी की जा रही है। समिति ने अपनी मांगों में कहा कि सड़क निर्माण का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए, सीवर लाइन की तुरंत सफाई और मरम्मत करवाई जाए, तथा बस्ती में साफ पेयजल की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।4
- परौर में पुलिस ने अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ तड़के सुबह-सुबह बड़ी कार्रवाई की, जिससे खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया। यह दबिश सुबह करीब 4:30 बजे दी गई, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने मौके से अवैध खनन में लगी मशीनें और कुल पांच वाहन पकड़े, जिनमें तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भी शामिल थीं। पुलिस की इस कार्रवाई को देखते ही अवैध खनन में लगे चालक अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर मौके से फरार हो गए, जबकि अन्य खनन कारोबारी भी पुलिस को देखकर भाग निकले। परौर पुलिस के इस सख्त एक्शन को खनन माफियाओं पर एक बड़ा प्रहार बताया गया है, जिसने उनकी कमर तोड़ दी है।1
- बरेली में समाजवादी महिला सभा ने नाबल्टी चौराहे पर भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें बढ़ती महंगाई, महिला असुरक्षा, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अन्य जनसमस्याओं को उठाया गया। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव के निर्देश पर हुए इस प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि महिला सभा की कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में जनता के बीच मेलोडी मिठाइयाँ बांटते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व समाजवादी महिला सभा की जिलाध्यक्ष स्मिता और महानगर अध्यक्ष सरताज गजल अंसारी ने किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए और आम जनता को महंगाई तथा विभिन्न जनसमस्याओं के प्रति जागरूक किया। उन्होंने 'मेलोडी खाओ, भूल जाओ' की लय में कई प्रभावशाली नारे लगाए, जैसे 'मेलोडी खाओ—महंगाई भूल जाओ', 'मेलोडी खाओ—सिलेंडर की मूल्य वृद्धि भूल जाओ', 'मेलोडी खाओ—डीजल की मूल्य वृद्धि भूल जाओ', 'मेलोडी खाओ—पेट्रोल की मूल्य वृद्धि भूल जाओ', 'मेलोडी खाओ—सी.एन.जी. की मूल्य वृद्धि भूल जाओ', 'मेलोडी खाओ—नौकरियां भूल जाओ', 'मेलोडी खाओ—आरक्षण भूल जाओ', 'मेलोडी खाओ—बिजली भूल जाओ', 'मेलोडी खाओ—शिक्षा भूल जाओ', 'मेलोडी खाओ—भ्रष्टाचार भूल जाओ', 'मेलोडी खाओ—कानून व्यवस्था भूल जाओ', 'मेलोडी खाओ—स्वास्थ्य सुविधाएं भूल जाओ', 'मेलोडी खाओ—महिला सम्मान भूल जाओ', 'मेलोडी खाओ—नीट परीक्षा भूल जाओ', और 'मेलोडी खाओ—सोना चांदी भूल जाओ'। महिला कार्यकर्ताओं ने बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के बीच पहुंचकर मेलोडी वितरित करते हुए कहा कि जैसे मेलोडी की मिठास लोगों को पसंद आती है, वैसे ही जनता अपने जीवन में राहत और खुशहाली चाहती है, लेकिन भाजपा सरकार ने महंगाई और बेरोजगारी से उनका जीवन कड़वा बना दिया है। जिलाध्यक्ष स्मिता ने कहा कि गैस सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल, बिजली और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे महिलाएं घर चलाने में परेशानी का सामना कर रही हैं, लेकिन सरकार जनसमस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने बताया कि इस बार समाजवादी महिला सभा ने विरोध का एक नया और रचनात्मक तरीका अपनाकर सरकार तक जनता की आवाज पहुंचाने का काम किया है। महानगर अध्यक्ष सरताज गजल अंसारी ने जोर दिया कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति लगातार बिगड़ रही है, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा और भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने संकल्प लिया कि समाजवादी महिला सभा जनता के हर मुद्दे को सड़क पर मजबूती से उठाती रहेगी। महिला सभा के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता की तकलीफों की आवाज है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही महंगाई पर नियंत्रण नहीं किया और जनसमस्याओं का समाधान नहीं किया तो इस आंदोलन को और भी तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में प्रदेश महासचिव महिला सभा भारती चौहान, महानगर उपाध्यक्ष समयून खान, जैनब फातिमा, शशि चन्द्रा, ममता सागर, निष्ठा पटेल, मंजू यादव, रेखा, नीलम, शिवाना, शैलजा कनौजिया, सैयद शाहीन, फरहीन, शबाना सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।1