लखनऊ के सरोजिनी नगर स्थित मेदांता अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे एक 'लुटेरा अस्पताल' बताया गया है। मऊ के एक शिक्षा मित्र का दस वर्षीय बेटा, जिसे 6 अप्रैल को ब्रेन हेमरेज हुआ था, वर्तमान में अस्पताल में भर्ती है। परिजनों का आरोप है कि बच्चा 6 अप्रैल से ही वेंटिलेटर पर है और उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है, बल्कि लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रहने के कारण शरीर के निचले हिस्से में घाव (बेड सोर) हो गए हैं और सड़न शुरू हो गई है। परिजनों के अनुसार, अब तक वे 40 लाख रुपये का बिल भुगतान कर चुके हैं। जब पिता ने थक-हारकर बच्चे को अस्पताल से डिस्चार्ज कर वापस ले जाने की इच्छा जताई, तो उनसे अस्पताल प्रशासन द्वारा लगभग 2.5 लाख रुपये बिल के और 6 लाख रुपये मेडिकल के नाम पर और मांगे जा रहे हैं। कई स्तरों पर प्रयास करने के बाद, डॉक्टर राजेश कपूर ने केवल 47,000 रुपये की छूट दी और यह स्पष्ट किया कि उनकी अथॉरिटी इससे अधिक नहीं है और शेष पूरी राशि का भुगतान करना ही होगा। इस मामले को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। शिक्षा और चिकित्सा के निजीकरण का विरोध करते हुए यह मांग की गई है कि सरकार को इस मामले की जांच करनी चाहिए और ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित परिवार की बेबसी को देखते हुए अस्पताल को बंद करने की अपील की जा रही है, ताकि आम आदमी को गलत इलाज और आर्थिक लूट के इस चंगुल से बचाया जा सके।
लखनऊ के सरोजिनी नगर स्थित मेदांता अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे एक 'लुटेरा अस्पताल' बताया गया है। मऊ के एक शिक्षा मित्र का दस वर्षीय बेटा, जिसे 6 अप्रैल को ब्रेन हेमरेज हुआ था, वर्तमान में अस्पताल में भर्ती है। परिजनों का आरोप है कि बच्चा 6 अप्रैल से ही वेंटिलेटर पर है और उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है, बल्कि लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रहने के कारण शरीर के निचले हिस्से में घाव (बेड सोर) हो गए हैं और सड़न शुरू हो गई है। परिजनों के अनुसार, अब तक वे 40 लाख रुपये का बिल भुगतान कर चुके हैं। जब पिता ने थक-हारकर बच्चे को अस्पताल से डिस्चार्ज कर वापस ले जाने की इच्छा जताई, तो उनसे अस्पताल प्रशासन द्वारा लगभग 2.5 लाख रुपये बिल के और 6 लाख रुपये मेडिकल के नाम पर और मांगे जा रहे हैं। कई स्तरों पर प्रयास करने के बाद, डॉक्टर राजेश कपूर ने केवल 47,000 रुपये की छूट दी और यह स्पष्ट किया कि उनकी अथॉरिटी इससे अधिक नहीं है और शेष पूरी राशि का भुगतान करना ही होगा। इस मामले को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। शिक्षा और चिकित्सा के निजीकरण का विरोध करते हुए यह मांग की गई है कि सरकार को इस मामले की जांच करनी चाहिए और ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित परिवार की बेबसी को देखते हुए अस्पताल को बंद करने की अपील की जा रही है, ताकि आम आदमी को गलत इलाज और आर्थिक लूट के इस चंगुल से बचाया जा सके।
- बाराबंकी के त्रिवेदीगंज में रौनी पंचायत स्थित महाभारत कालीन पौराणिक अवसानेश्वर मंदिर में आगामी त्योहार के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय पहुंचे। शनिवार को अधिकारियों ने मंदिर और मेला परिसर का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान मंदिर कमेटी के सदस्यों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए मंदिर के मुख्य द्वार के पास एक खोया-पाया केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि भीड़ में बिछड़े लोगों की मदद की जा सके। इसके साथ ही पूरे मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी निगरानी एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से की जाएगी। भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए पार्किंग स्थल और बैरिकेड्स की उचित व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों ने मंदिर के घाट का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने आचार्य शैलेन्द्र शास्त्री की मौजूदगी में मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक रितेश कुमार सिंह, सीओ समीर कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी मधुमिता सिंह, खंड विकास अधिकारी पूजा सिंह, सीएचसी अधीक्षक प्रियंका सिंह, जयशंकर पाण्डेय, मुकुल पटेल सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी और सभी विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।4
- बाराबंकी के बदोसराय थाने की पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी बैनामा के जरिए 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान घटना में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट कार भी बरामद की है। यह पूरा मामला चन्दवारा निवासी कृष्णावती द्वारा दी गई तहरीर के बाद सामने आया, जिन्होंने टिकैतनगर के डेरेराजा निवासी बंशीलाल की जमीन का सौदा किया था लेकिन बाद में उन्हें अपने साथ हुई इस बड़ी ठगी का पता चला। धोखाधड़ी की इस वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से काम किया। उन्होंने पीड़िता के बेटे को ग्राम डेरेराजा में 13 बीघा जमीन दिखाई और आरोपी बंशी को फर्जी तरीके से असली जमीन मालिक बंशीलाल बनाकर पेश कर दिया। इसके बाद सिरौलीगौसपुर तहसील में कृष्णावती के नाम गाटा संख्या 487/1.2890 हेक्टेयर का बैनामा करा दिया गया। इस सौदे के बदले आरोपियों ने आरटीजीएस के जरिए 15 लाख रुपये और 30 लाख रुपये नकद लेकर कुल 45 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित परिवार को इस जालसाजी की भनक तब लगी जब वे जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे। इस संबंध में थाना बदोसराय में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से कार्रवाई करते हुए सभी छह आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुनील कुमार वर्मा उर्फ सुशील, रविनन्दन द्विवेदी, विनोद कुमार, राजकुमार, नन्दकिशोर और फर्जी भू-स्वामी बना बंशी शामिल हैं।1
- बाराबंकी के नवाबगंज तहसील अंतर्गत विकास खंड बंकी की ग्राम पंचायत सुरसण्डा की प्रशासक आशा देवी ने खुद पर और अपने पति धीरज कुमार पर लगे ₹1,10,000 की रिश्वत लेने के आरोपों को पूरी तरह से निराधार, झूठा और मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने इस संबंध में एक लिखित बयान जारी कर अपनी सफाई पेश की है। ग्राम पहलीपार मजरे सुरसण्डा निवासी आशा देवी का कहना है कि ग्राम इकरामपुर निवासी रीना कुमारी (पत्नी राकेश कुमार) द्वारा उन पर मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। बीते माह 6 जुलाई 2026 को जारी अपने लिखित बयान में प्रशासक आशा देवी ने तर्क दिया कि यदि वास्तव में उनसे इतनी बड़ी धनराशि ली गई होती, तो लाभार्थी अपना मुख्यमंत्री आवास नहीं बनवा पाती। आवास का निर्माण स्वयं इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि योजना की पूरी धनराशि लाभार्थी को प्राप्त हुई है और उनके विरुद्ध लगाए गए आरोप पूरी तरह तथ्यहीन हैं। आशा देवी ने आरोप लगाया कि उनकी और उनके पति की सामाजिक छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से यह साजिश रची जा रही है। उन्होंने घोषणा की है कि यदि इस मामले की किसी भी स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाती है, तो वे जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि जांच के बाद सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।4
- बाराबंकी जिले के विकास खंड बंकी की ग्राम पंचायत सुरसण्डा की प्रशासक आशा देवी ने खुद पर और अपने पति धीरज कुमार पर लगे रिश्वत के आरोपों को पूरी तरह से निराधार, झूठा और मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने इस संबंध में एक लिखित बयान जारी कर अपनी सफाई पेश की है। आशा देवी, जो तहसील नवाबगंज के ग्राम पहलीपार मजरे सुरसण्डा (पोस्ट रसौली) की निवासी हैं, ने इन आरोपों को अपनी छवि खराब करने की साजिश करार दिया है। मामले के अनुसार, ग्राम इकरामपुर निवासी रीना कुमारी (पत्नी राकेश कुमार) द्वारा प्रशासक आशा देवी और उनके पति पर मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर 1 लाख 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। इस पर अपनी सफाई देते हुए और बीते माह 6 जुलाई 2026 को जारी अपने लिखित बयान में आशा देवी ने कहा कि यदि वास्तव में उनसे इतनी बड़ी धनराशि ली गई होती, तो लाभार्थी अपना मुख्यमंत्री आवास नहीं बनवा पाती। उनके अनुसार, आवास का निर्माण स्वयं इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि योजना की पूरी धनराशि लाभार्थी को प्राप्त हुई है और उनके विरुद्ध लगाए गए आरोप पूरी तरह से तथ्यहीन हैं। आशा देवी ने आरोप लगाया कि उनकी और उनके पति की सामाजिक छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से ही यह झूठे आरोप गढ़े जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि इस मामले की किसी भी स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाती है, तो वे जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।4
- इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप से एक भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया है, जहाँ अचानक आई भीषण बाढ़ के बीच एक बाघ पानी के तेज़ बहाव में फंस गया था। इस आपदा के दौरान एक सुमात्रा हाथी ने आगे बढ़कर बाघ को बचाने का प्रयास किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह दुर्लभ घटना प्रकृति की संवेदनाओं को दर्शाती है, जहाँ जानवरों में भी एक-दूसरे की मदद करने की भावना देखने को मिली है। यह दृश्य इंसानों के लिए एक भावुक अनुभव के रूप में सामने आया है।1
- मैनपुरी के नुमाइश पंडाल में 11 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत एक सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में कुल 203 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया, जिनमें 189 हिंदू और 14 मुस्लिम जोड़े शामिल थे। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उपहार भेंट किए। समारोह के दौरान योजना की पात्रता और सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मीडिया से बातचीत में कुछ महिलाओं ने दावा किया कि उनकी वास्तविक शादी बाद में होगी और वे फिलहाल केवल योजना का लाभ उठाने के लिए इस आयोजन में शामिल हुई हैं। इसके अलावा, कार्यक्रम में एक जोड़ा अपने छोटे बच्चे के साथ मौजूद पाया गया, वहीं कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति के परिवार का एक जोड़ा भी इस योजना का लाभ लेने पहुंचा था। आयोजन की व्यवस्थाओं और ठेका प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कार्यक्रम का ठेका ऐसी फर्म को दिया गया है जिसका संबंध पहले औरैया में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में हुई कथित अनियमितताओं से रहा है और उस पर कार्रवाई भी हुई थी। इस बार भी कुछ लोगों ने लाभार्थियों को निर्धारित मानक के अनुरूप सामग्री न मिलने और भोजन व्यवस्था में कमी की शिकायतें दोहराईं। इन सभी आरोपों पर मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कहा है कि यदि किसी अपात्र द्वारा लाभ लेने या किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।4
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ की लेखिका और कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति जनहित सर्व समाज सेवा समिति की संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।1