बाढ़ संभावित क्षेत्रों का नपा अध्यक्ष-सीएमओ ने किया औचक निरीक्षण* नालों और नालियों से पानी निकासी के समुचित इंतजाम करने के दिए निर्देश सारनी और पाथाखेड़ा के संवेदनशील क्षेत्रों का किया निरीक्षण नियमित रूप से कचरा उठाने, सफाई कामगारों को आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ ही काम पर आने के निर्देश बारिश के दिनों में संभावित बाढ़ की स्थिति से बचने के लिए नगर पालिका सतत निगरानी कर रही है। शुक्रवार को नगर पालिका अध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं उपयंत्रियों की टीम ने सारनी और पाथाखेड़ा के संवेदनशील क्षेत्रों में निरीक्षण किया। स्वच्छता टीम को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। नगर पालिका परिषद सारनी ने बाढ़ प्रबंधन को लेकर पहले से ही टीमें तैनात कर दी थी। इनकी निगरानी के लिए शुक्रवार को अल सुबह नगर पालिका अध्यक्ष किशोर बरदे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी हितेश शाक्य, उपयंत्री रविंद्र वराठे, कमलेश पटेल व अन्य टीम ने सारनी और पाथाखेड़ा क्षेत्र के वार्डों का औचक निरीक्षण किया। सुबह 7.30 बजे ही टीम वार्डों में पहुंच गई। कुछ स्थानों पर सफाई कामगार नहीं मिलने पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने नाराजगी जताई। नगर पालिका अध्यक्ष ने सफाई कामगारों से कहा कि नगर पालिका द्वारा उन्हें समुचित मात्रा में सुरक्षा उपकरण दिए गए हैं। वे इसे पहनकर ही काम पर आएं। क्षेत्रीय पार्षदों के साथ समन्वय बनाकर सफाई व्यवस्था बनाए रखें। मुख्य नगर पालिका अधिकारी हितेश शाक्य ने दोनों क्षेत्रों के सफाई पर्यवेक्षक, सुपरवाइजरों को निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में नालों और नालियों में बाढ़ जैसी स्थिति ना बनें। इनसे पानी निकलने की समुचित व्यवस्था हों। इसकी पुरी जिम्मेदारी संबंधित की है। उन्होंने कहा कि वार्डों में सफाई के बाद निकला कचरा हर हाल में उसी दिन उठाया जाकर ट्रैचिंग ग्राउंड पहुंच जाएं। ऐसी स्थिति में किसी भी तरह संक्रमण से बचा जा सकता है। नालियों में मच्छररोधी पाउडर का छिड़काव भी नियमित रूप से किया जाएं। इस दौरान निर्माणाधीन मंच का भी निरीक्षण किया गया।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों का नपा अध्यक्ष-सीएमओ ने किया औचक निरीक्षण* नालों और नालियों से पानी निकासी के समुचित इंतजाम करने के दिए निर्देश सारनी और पाथाखेड़ा के संवेदनशील क्षेत्रों का किया निरीक्षण नियमित रूप से कचरा उठाने, सफाई कामगारों को आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ ही काम पर आने के निर्देश बारिश के दिनों में संभावित बाढ़ की स्थिति से बचने के लिए नगर पालिका सतत निगरानी कर रही है। शुक्रवार को नगर पालिका अध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं उपयंत्रियों की टीम ने सारनी और पाथाखेड़ा के संवेदनशील क्षेत्रों में निरीक्षण किया। स्वच्छता टीम को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। नगर पालिका परिषद सारनी ने बाढ़ प्रबंधन को लेकर पहले से ही टीमें तैनात कर दी थी। इनकी निगरानी के लिए शुक्रवार को अल सुबह नगर पालिका अध्यक्ष किशोर बरदे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी हितेश शाक्य, उपयंत्री रविंद्र वराठे, कमलेश पटेल व अन्य टीम ने सारनी और पाथाखेड़ा क्षेत्र के वार्डों का औचक निरीक्षण किया। सुबह 7.30 बजे ही टीम वार्डों में पहुंच गई। कुछ स्थानों पर सफाई कामगार नहीं मिलने पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने नाराजगी जताई। नगर पालिका अध्यक्ष ने सफाई कामगारों से कहा कि नगर पालिका द्वारा उन्हें समुचित मात्रा में सुरक्षा उपकरण दिए गए हैं। वे इसे पहनकर ही काम पर आएं। क्षेत्रीय पार्षदों के साथ समन्वय बनाकर सफाई व्यवस्था बनाए रखें। मुख्य नगर पालिका अधिकारी हितेश शाक्य ने दोनों क्षेत्रों के सफाई पर्यवेक्षक, सुपरवाइजरों को निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में नालों और नालियों में बाढ़ जैसी स्थिति ना बनें। इनसे पानी निकलने की समुचित व्यवस्था हों। इसकी पुरी जिम्मेदारी संबंधित की है। उन्होंने कहा कि वार्डों में सफाई के बाद निकला कचरा हर हाल में उसी दिन उठाया जाकर ट्रैचिंग ग्राउंड पहुंच जाएं। ऐसी स्थिति में किसी भी तरह संक्रमण से बचा जा सकता है। नालियों में मच्छररोधी पाउडर का छिड़काव भी नियमित रूप से किया जाएं। इस दौरान निर्माणाधीन मंच का भी निरीक्षण किया गया।
- एक माह में ही टेढ़ा हुआ नया बिजली का खंभा, बिजली विभाग की लापरवाही से मंडरा रहा हादसे का खतरा पुराने थाने के पास नाली में लगाया गया था खंभा, नगर पालिका ने पहले ही जताई थी आपत्ति आमला। नगर के मुख्य मार्ग स्थित पुराने थाना परिसर के समीप बिजली विभाग द्वारा लगाया गया नया बिजली का खंभा महज एक माह के भीतर ही टेढ़ा हो गया है। खंभे की झुकी हुई स्थिति अब राहगीरों और आसपास के दुकानदारों के लिए चिंता का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद अब तक सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार बिजली विभाग ने यह खंभा नाली के किनारे स्थापित किया था। नगर पालिका ने खंभा लगाए जाने के समय ही बिजली विभाग को इसकी जानकारी देते हुए आगाह किया था कि नाली के किनारे लगाया गया खंभा भविष्य में खतरा बन सकता है। इसके बावजूद विभाग ने चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया। लगातार हो रही बारिश के कारण खंभे के आसपास की जमीन कमजोर होती जा रही है, जिससे खंभा और अधिक झुक गया है। यदि समय रहते इसे सीधा कर सुरक्षित नहीं किया गया या किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया, तो इसके गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है। यह मार्ग नगर का व्यस्ततम मार्ग है, जहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग से मांग की है कि खंभे का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और आवश्यक मरम्मत अथवा पुनः स्थापना की जाए। लोगों का कहना है कि हादसा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय विभाग को पहले ही सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।2
- 9 लाख की लूट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, ₹10 हजार का इनामी बदमाश पुलिस के शिकंजे में पड़ोसी ने दी थी बैंक से रुपये ले जाने की सूचना, उसी इनपुट पर रची गई थी वारदात की साजिश; मुख्य आरोपी पर हत्या, लूट, चोरी समेत 8 से अधिक मामले दर्ज1
- आठनेर में प्रशासन की कार्रवाई से उठे सवाल बस स्टैंड से हटाया गया फल विक्रेताओं कों रोज़ी-रोटी पर संकट? आठनेर में प्रशासन की कार्रवाई से उठे सवाल बस स्टैंड से हटाया गया फल विक्रेताओं कों रोज़ी-रोटी पर संकट? आठनेर (बैतूल)। नगर परिषद आठनेर में बस स्टैंड परिसर में अचानक चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान ने शहर में चर्चाओं का बाज़ार गर्म कर दिया है। नवपदस्थ तहसीलदार की 'सिंघम स्टाइल' एंट्री के साथ पुलिस, राजस्व विभाग और नगर परिषद की संयुक्त टीम सड़कों पर उतरी। अभियान की शुरुआत में सबसे पहले कार्रवाई की गाज़ बस स्टैंड पर लगे गरीब फल-फ्रूट विक्रेताओं और उनके अस्थायी ठेलों पर गिरी। कार्रवाई के बाद से जहाँ एक तरफ सड़क पर कुछ देर के लिए जगह साफ नज़र आई, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन की निष्पक्षता और संवेदनशीलता पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गरीब फल विक्रेताओं की रोज़ी-रोटी पर संकट अचानक हुई इस कार्रवाई से दैनिक फल विक्रेताओं की आजीविका पर गहरा संकट मंडराने लगा है। स्थानीय लोगों और प्रभावित दुकानदारों का पूछना है कि क्या कार्रवाई से पहले इन गरीब विक्रेताओं के लिए किसी वैकल्पिक स्थान या स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था की गई थी? बिना किसी पूर्व वैकल्पिक इंतज़ाम के ठेलों को हटा देने से इन परिवारों के सामने रोज़ी-रोटी का सवाल खड़ा हो गया है। चुनिंदा कार्रवाई या निष्पक्ष प्रशासन? स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी असंतोष है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान का निशाना केवल कमजोर वर्ग ही क्यों बनता है? कॉम्प्लेक्स के बाहर बेतरतीब पार्किंग: बस स्टैंड स्थित कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों के बाहर ग्राहकों के वाहन सड़क तक खड़े रहते हैं, जिससे हर समय ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या इन रसूखदार कॉम्प्लेक्स मालिकों और अव्यवस्थित पार्किंग पर भी प्रशासन की 'सिंघम' वाली सख्ती देखने को मिलेगी? लाखों के बजट पर सवाल: हाल ही में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे। लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि चौड़ी हुई सड़क का फायदा आम जनता और सुगम यातायात को मिलने के बजाय अव्यवस्था की भेंट चढ़ रहा है। जनमानस के प्रमुख सवाल क्या आठनेर बस स्टैंड पर अतिक्रमण का दायरा सिर्फ गरीब फल विक्रेताओं तक ही सीमित था? क्या नगर परिषद बड़े व्यापारियों और कॉम्प्लेक्सों की अवैध पार्किंग पर डंडा चलाने की हिम्मत दिखाएगी? सड़कों के चौड़ीकरण पर खर्च हुए लाखों रुपये का वास्तविक लाभ आखिर किसे मिल रहा है? संवेदनशीलता और निष्पक्षता की परीक्षा आठनेर में हुई यह कार्रवाई अब प्रशासन की साख पर सवालिया निशान लगा रही है। यदि अतिक्रमण हटाना यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ज़रूरी है, तो गरीबों के पुनर्वास और बड़े अतिक्रमणकारियों पर समान कार्रवाई भी उतनी ही अनिवार्य है। देखना यह होगा कि नगर परिषद और तहसील प्रशासन आने वाले दिनों में अपनी निष्पक्षता साबित करता है या यह अभियान महज़ "कमज़ोरों पर कार्रवाई" बनकर रह जाएगा।1
- पुसली में कांग्रेस नेताओं ने मोहित गलफट मौत मामले में परिजनों से की मुलाकात, परिजनों से शोक संवेदना की व्यक्त 26 जुलाई रविवार को पुसली में एयरफोर्स में चयनित मोहित गलफट की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पुलिस ने कुएं से शव बरामद किया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है परन्तु आज तक मामले का खुलासा नहीं हो पाया वहीं कांग्रेस नेता हर्षवर्धन धोटे सहित नेताओं ने पुसली में मृतक मोहित गलफट के परिजनों और पिता से मुलाकात की शोक संवेदना व्यक्त की हर्षवर्धन धोटे ने पिता को भरोसा दिलाया की हम सब उनके साथ है मोहित के पिता मंचित गलफट ने जल्द बेटी की किन परिस्थितियों और किन कारणों से मौत हुई उसका खुलासा करने की बात कही कांग्रेस नेताओं ने उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया।1
- सुहागपुर के प्राचीन मंदिर में शिवलिंग से लिपटे साक्षात नागराज! 🐍✨ पुजारी माखन पंडित जी और मंदिर में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़ ने देखे अद्भुत दर्शन। पर असली भक्ति तो तब दिखी जब सर्प मित्र अबरार खान ने नागराज को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगलों में छोड़ा। आस्था, इंसानियत और जीव दया का यह अनूठा संगम! 🙏❤️ पूरी खबर के लिए 'इटारसी अपडेट' देखें। Hashtags: Trending & Local: #ItarsiUpdate #Soaghtpur #SohagpurNews #Hoshangabad #Narmadapuram #MPNews #ItarsiNews Aastha & Bhakti: #Mahadev #Shivling #Bholenath #HarHarMahadev #NaagDevta #ShivBhakti #SawanSpecial #Mandir #Aastha #Chamatkar Viral & Rescue: #SnakeRescue #AbrarKhan #SnakeLover #HumanityFirst #ViralReels #TrendingReels #ReelsIndia #JeevDaya #SocialMediaViral #ShivSmVaisnav सुहागपुर के प्राचीन मंदिर में शिवलिंग से लिपटे साक्षात नागराज! 🐍✨ पुजारी माखन पंडित जी और मंदिर में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़ ने देखे अद्भुत दर्शन। पर असली भक्ति तो तब दिखी जब सर्प मित्र अबरार खान ने नागराज को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगलों में छोड़ा। आस्था, इंसानियत और जीव दया का यह अनूठा संगम! 🙏❤️ पूरी खबर के लिए 'इटारसी अपडेट' देखें। Hashtags: Trending & Local: #ItarsiUpdate #Soaghtpur #SohagpurNews #Hoshangabad #Narmadapuram #MPNews #ItarsiNews Aastha & Bhakti: #Mahadev #Shivling #Bholenath #HarHarMahadev #NaagDevta #ShivBhakti #SawanSpecial #Mandir #Aastha #Chamatkar Viral & Rescue: #SnakeRescue #AbrarKhan #SnakeLover #HumanityFirst #ViralReels #TrendingReels #ReelsIndia #JeevDaya #SocialMediaViral #ShivSmVaisnav1
- मूंग खरीदी पर सरकार ने किया वादाखिलाफी, किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे: संतोष पटवारे मूंग खरीदी पर सरकार ने किया वादाखिलाफी, किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे: संतोष पटवारे मूंग खरीदी को लेकर हाल ही में हुए किसान आंदोलन के बाद भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान सरकार और किसान नेताओं के बीच जो सहमति बनी थी, उसका पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे किसान स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। पटवारे ने बताया कि आंदोलन के दौरान सरकार पहले खरीदी को प्रतिशत के आधार पर तय करने की बात कर रही थी। उन्होंने कहा, "हमें प्रतिशत की गणना समझ में नहीं आती, इसलिए हमने प्रति एकड़ खरीदी की मांग रखी। हमारी मांग साढ़े तीन क्विंटल प्रति एकड़ थी, जबकि सरकार तीन क्विंटल प्रति एकड़ पर सहमत हो गई थी।" उन्होंने दावा किया कि पहली बैठक बिना अंतिम सहमति के समाप्त हो गई थी, लेकिन बाद में मंत्री ने स्वयं फोन कर दोबारा चर्चा के लिए बुलाया। दूसरी बैठक में मंत्री ने स्पष्ट रूप से तीन क्विंटल प्रति एकड़ मूंग खरीदी का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद वर्तमान में किसानों के जो बिल जारी हो रहे हैं, उनमें लगभग 7 क्विंटल 15 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की खरीदी दिखाई दे रही है, जबकि चर्चा 7.5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के समतुल्य खरीदी को लेकर हुई थी। पटवारे ने कहा कि व्यवहारिक रूप से किसानों को इससे भी कम उपज का भुगतान मिलेगा, क्योंकि 50 किलो से कम की मात्रा का अलग बिल नहीं बनता। ऐसे में सरकार द्वारा किया गया आश्वासन पूरी तरह लागू होता दिखाई नहीं दे रहा है। खाद वितरण व्यवस्था पर भी उठाए सवाल संतोष पटवारे ने बताया कि आंदोलन की दूसरी प्रमुख मांग खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की परेशानी को देखते हुए 10 दिनों के लिए पोर्टल बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अब किसान आधार कार्ड और बही की प्रति के आधार पर भी खाद प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नौ महीने पहले शुरू किए गए पोर्टल में अब तक आवश्यक सुधार नहीं हो पाए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि व्यवस्था में सुधार की गति बेहद धीमी है। उनका कहना था कि यदि तकनीकी व्यवस्था किसानों के हित में बनाई गई है तो उसका लाभ भी किसानों को समय पर मिलना चाहिए। बार-बार आंदोलन समाधान नहीं पटवारे ने कहा कि किसान बार-बार आंदोलन नहीं करना चाहते। सरकार और किसान संगठनों के बीच जो सहमति बनी है, उसका ईमानदारी से पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व से भी चर्चा की जाएगी तथा क्षेत्र के सांसद और विधायकों से व्यवस्था में सुधार के लिए प्रभावी पहल करने का आग्रह किया जाएगा।1
- बोरदही पुलिस ने 10,000 के फरार आरोपी देवा उर्फ देवानंद इवने उमरी नवेगांव कों किया गिरफतार2