दतिया में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा एक बार फिर अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए कार्यकर्ताओं का उन्होंने झालमुड़ी खिलाकर स्वागत किया। खास बात यह रही कि नरोत्तम मिश्रा खुद झालमुड़ी वाले की तरह “झालमुड़ी... झालमुड़ी...” की आवाज लगाते नजर आए। उनकी आवाज सुनते ही कार्यकर्ता पहुंचते गए और झालमुड़ी का दोना लेकर उत्साह जताते रहे। इसका वीडियो गुरुवार सुबह 10 बजे से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस पूरे आयोजन को दतिया विधानसभा उपचुनाव की संभावित तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। दतिया सीट रिक्त घोषित होने के बाद नरोत्तम मिश्रा लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। वे छोटे-बड़े कार्यक्रमों में पहुंच रहे हैं और आम लोगों से संपर्क बढ़ा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने फीता काटकर एक पानी के प्याऊ का उद्घाटन भी किया था। अब झालमुड़ी वाला अंदाज भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
दतिया में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा एक बार फिर अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए कार्यकर्ताओं का उन्होंने झालमुड़ी खिलाकर स्वागत किया। खास बात यह रही कि नरोत्तम मिश्रा खुद झालमुड़ी वाले की तरह “झालमुड़ी... झालमुड़ी...” की आवाज लगाते नजर आए। उनकी आवाज सुनते ही कार्यकर्ता पहुंचते गए और झालमुड़ी का दोना लेकर उत्साह जताते रहे। इसका वीडियो गुरुवार सुबह 10 बजे से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस पूरे आयोजन को दतिया विधानसभा उपचुनाव की संभावित तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। दतिया सीट रिक्त घोषित होने के बाद नरोत्तम मिश्रा लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। वे छोटे-बड़े कार्यक्रमों में पहुंच रहे हैं और आम लोगों से संपर्क बढ़ा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने फीता काटकर एक पानी के प्याऊ का उद्घाटन भी किया था। अब झालमुड़ी वाला अंदाज भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
- दतिया में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर ने छह खरीदी केंद्र प्रभारियों और एक सर्वेयर को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। मामला मिट्टी मिला और गीला गेहूं तौलने से जुड़ा है। जांच में कई केंद्रों पर अनियमितताएं पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। नोटिस प्राप्त करने वालों में चरवरा केंद्र के योकेश दांगी, कामद के अवधेश दांगी, इमलिया के पुष्पेंद्र दांगी, बड़ौनकलां के प्रमोद तिवारी, पठरा के अंकित गुर्जर तथा शांति इन्फ्रा एग्रो वेयरहाउस के सर्वेयर सूरज लोधी शामिल हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है। खरीदी केंद्रों पर धांधली को लेकर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है।1
- जनगणना कर में बाधा डालने बालो को प्रशासन की दो टूक,SDM ने खुद संभाला मोर्चा दतिया। राष्ट्र के विकास की नींव मानी जाने वाली जनगणना की प्रक्रिया में व्यवधान डालने वाले असामाजिक तत्वों को प्रशासन ने कड़ा संदेश दिया है। दतिया के शहरी क्षेत्र में गणना कार्य में आ रही अड़चनों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम (SDM) लोकेंद्र सरल ने न केवल त्वरित कार्रवाई की, बल्कि स्वयं मौके पर उपस्थित होकर कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराया। शिकायत और तत्काल संज्ञान... घटनाक्रम की शुरुआत बुधवार को हुई एक उच्च स्तरीय जनगणना समीक्षा बैठक से हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में प्रगणक कल्पना गोस्वामी ने अपने क्षेत्र की विषम परिस्थितियों को प्रशासन के सामने रखा। उन्होंने बताया कि नगर पालिका क्षेत्र के HLV क्रमांक-138 में कुछ असामाजिक तत्व लगातार जनगणना के कार्य में अवरोध पैदा कर रहे हैं। प्रगणकों के साथ अभद्र व्यवहार और उन्हें डराने-धमकाने की घटनाओं के कारण फील्ड स्टाफ में असुरक्षा का भाव पैदा हो गया था। प्रगणक की इस पीड़ा और कार्य में आ रही बाधा को एसडीएम लोकेंद्र सरल ने अत्यंत गंभीरता से लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही या व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैदान में उतरे अधिकारी, पुलिस की बढ़ी गश्त... बैठक के अगले ही दिन, गुरुवार सुबह करीब 10 बजे एसडीएम लोकेंद्र सरल दलबल के साथ सीधे प्रभावित क्षेत्र में जा पहुंचे। किसी दफ्तर से निर्देश देने के बजाय उन्होंने खुद जमीन पर उतरकर स्थिति का जायजा लेना उचित समझा। उनके साथ नगर पालिका क्षेत्र के जनगणना प्रभारी जितेंद्र शर्मा भी मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में जनगणना प्रगणकों ने अपना कार्य पुनः शुरू किया। इस दौरान एसडीएम ने स्थानीय पुलिस को कड़े निर्देश जारी किए कि क्षेत्र में राउंड द क्लॉक पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। प्रशासन का उद्देश्य साफ था: गणना करने वाले कर्मचारियों को एक सुरक्षित और निर्भीक माहौल प्रदान करना ताकि आंकड़ों का संकलन बिना किसी दबाव या डर के हो सके। राष्ट्रीय कार्य में बाधा पड़ सकती है भारी... प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई ने असामाजिक तत्वों के हौसले पस्त कर दिए हैं। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों को भी समझाइश दी कि जनगणना एक वैधानिक प्रक्रिया है और इसमें सहयोग करना हर नागरिक का कर्तव्य है। प्रगणकों को परेशान करना या सरकारी कार्य में बाधा डालना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है, जिसके लिए सख्त सजा का प्रावधान है। सुचारू रूप से बहाल हुआ कार्य... प्रशासनिक अमले और पुलिस बल की सक्रियता का सकारात्मक परिणाम देखने को मिला। दोपहर तक क्षेत्र में जनगणना का कार्य पूरी तरह सुचारू हो गया। प्रगणक कल्पना गोस्वामी और उनकी टीम ने अधिकारियों की उपस्थिति में अपना लक्ष्य पूरा किया। इस कार्रवाई की सराहना करते हुए अन्य प्रगणकों ने भी राहत की सांस ली है। जितेंद्र शर्मा ने कहा कि प्रशासन हर कदम पर प्रगणकों के साथ खड़ा है। यदि किसी अन्य क्षेत्र में भी ऐसी समस्या आती है, तो वहां भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाएगी। दतिया प्रशासन की इस सक्रियता ने यह सिद्ध कर दिया है कि सरकारी कार्यों में बाधा डालने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। एसडीएम लोकेंद्र सरल की इस पहल से न केवल प्रगणकों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि जनता में भी शासन की सजगता का एक कड़ा संदेश गया है। अब उम्मीद है कि जिले के बाकी क्षेत्रों में भी जनगणना का यह महाभियान बिना किसी रुकावट के अपने मुकाम तक पहुंचेगा।2
- गरौठा पूर्व विधायक समाजवादी पार्टी नेता दीप नारायण सिंह यादव की 24 करोड़ संपत्ति एक बार फिर की प्रशासन ने की कुर्क* गरौठा पूर्व विधायक समाजवादी पार्टी नेता दीप नारायण सिंह यादव की 24 करोड़ संपत्ति एक बार फिर की प्रशासन ने की कुर्क*1
- दतिया में धधकी नरवाई, हाईवे पर छाया धुआं; 50 मीटर तक घटी दृश्यता दतिया। जिले में खेतों में जलाई जा रही नरवाई अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है। लगातार लग रही आग की घटनाओं के चलते हाईवे और आसपास के क्षेत्रों में धुएं का घना गुबार छा गया, जिससे दृश्यता घटकर करीब 50 मीटर तक पहुंच गई। धुएं के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई स्थानों पर हादसे की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार जिले में अब तक नरवाई जलाने की करीब 50 घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई बेहद सुस्त नजर आ रही है। खेतों में आग लगने से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं सड़क किनारे फैला धुआं राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बन गया है। हाईवे पर धुएं की चादर छाने से वाहनों की रफ्तार धीमी करनी पड़ी। कई वाहन चालक हेडलाइट जलाकर निकलते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरक क्षमता प्रभावित होती है और वातावरण में प्रदूषण तेजी से बढ़ता है। इसके बावजूद किसान लगातार खेतों में आग लगा रहे हैं। प्रशासन द्वारा समय-समय पर चेतावनी और प्रतिबंध जारी किए जाने के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने जिले में सख्त निगरानी और जुर्माने की कार्रवाई की मांग की है, ताकि बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।1
- दतिया जिले के बडौनी थाना क्षेत्र स्थित उडीना गांव में एक 39 वर्षीय युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।1
- दतिया के भांडेर से 5 किलोमीटर दूर एक अनोखी मन्नत पूरी की जा रही है। इस खास घटना का सीधा प्रसारण उपलब्ध है, जिसे आप देख सकते हैं।1
- दतिया के नवागत पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने पदभार ग्रहण करने से पहले माँ पीतांबरा मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। उनके साथ धार के डीजीपी मयंक अवस्थी भी मौजूद रहे, जिन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। अब मयूर खंडेलवाल जिले की कानून-व्यवस्था की कमान संभालेंगे।1
- दतिया जिले में पदभार संभालते ही नवागत पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल एक्शन मोड में नजर आए। गुरुवार को मां पीतांबरा के दर्शन के बाद उन्होंने साफ संकेत दिए कि जिले में अपराध और गुंडागर्दी पर सख्ती से नियंत्रण उनकी पहली प्राथमिकता होगी। इसी रणनीति के तहत गोदन थाना क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर और आदतन बदमाशों की परेड कराई गई। पुलिस ने बदमाशों को थाने बुलाकर न केवल हाजिरी लगवाई, बल्कि उन्हें अपराध की दुनिया छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने की समझाइश भी दी। इस दौरान थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा ने एक नई पहल करते हुए बदमाशों की “पाठशाला" शुरू कराई, जहां उन्हें कानून का पालन करने, परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी समझने और मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा कि अवैधानिक गतिविधियों में लिप्त लोगों पर लगातार नजर रखी जाएगी। यदि किसी भी हिस्ट्रीशीटर की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। थाना परिसर में आयोजित इस परेड के दौरान बदमाशों को चेतावनी के साथ यह संदेश भी दिया गया कि अपराध का रास्ता अंततः परिवार और भविष्य दोनों को बर्बाद करता है। पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराधियों में सकारात्मक सुधार लाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। नवागत एसपी मयूर खंडेलवाल की इस शुरुआत को जिले में कानून व्यवस्था को लेकर बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस अब अपराधियों में खौफ और आम लोगों में भरोसा पैदा करने की रणनीति पर काम करती नजर आ रही है।1