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कानपुरी भौकाल! "ठाकुर हूँ मैं, Bakchodi नहीं करना मेरे साथ. ऐसी की तैसी कर दूंगी साली" #कानपुर में HDFC बैंक की अफसर आस्था सिंह ने बैंक के ग्राहक से कुछ इस तरह कहा
बृजेश मिश्रा “पत्रकार”
कानपुरी भौकाल! "ठाकुर हूँ मैं, Bakchodi नहीं करना मेरे साथ. ऐसी की तैसी कर दूंगी साली" #कानपुर में HDFC बैंक की अफसर आस्था सिंह ने बैंक के ग्राहक से कुछ इस तरह कहा
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- कितना प्यारा Song एरी सखी मंगल गाव री. Shivam Tiwari द्वारा Trending Song. Like, share, Subscribe1
- भगवान श्रीकृष्ण - सुदामा के अटूट मित्रता का मार्मिक झलक का चित्रण ---- अमेठी के नरैनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन व्यास गद्दी पर विराजमान कथा वाचक आचार्य विनोदानंद सरस्वती महाराज ने भागवत कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र,परीक्षित मोक्ष की कथा सुनाकर कथा के समापन प्रसंगों का सजीव वर्णन किया।कथा वाचक दांडी जी महराज ने सुदामा जी का भगवान कृष्ण के प्रति निश्चल प्रेम उनके द्वारा जाकर द्वारिका जाकर नंगे पैर आना भगवान का सुदामा का गले लगाना और सुदामा के चरणों को आंसुओ से धोना प्रंसग के लिए झांकी निकाली गई। इसके बाद कथा वाचक ने शुकदेव जी महराज द्वारा राजा परीक्षित को सात दिनों तक भागवत कथा सुनाने के बाद मृत्यु का भय निकल गया और तक्षक नाग के डसने से राजा परीक्षित भगवान के परमधाम को सिधार गए। अंतिम दिन कथा में भगवान की ली लाओ का वर्णन करने के बाद समापन किया अंतिम दिन कथा के बाद प्रसाद लेकर सभी श्रोताओं ने जयकारे लगाते हुए अपने परिवार के साथ अपने -अपने घरों को चले गए। अंतिम दिन की कथा में मुख्य यजमान धर्मेंद्र पाण्डेय व क्षेत्र के दूर दराज के लोग आकर भगवान की कथा का रसपान किया।1
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- थाना दिलीपपुर पुलिस द्वारा "हत्या" के अभियोग से संबंधित 02 अभियुक्तों को थाना क्षेत्रान्तर्गत पिपरी खालसा नहर पुलिया चौराहा के पास से गिरफ्तार किया एवं घटना में प्रयुक्त 01 अदद बांस का डण्डा बरामद कर अग्रिम विधिक कार्यवाही के संबंध में-क्षेत्राधिकारी पट्टी मनोज कुमार सिंह रघुवंशी ने क्या कुछ कहा देखें।1
- यूपी बजट सत्र शुरू, जानें आख़िर राज्यपाल से क्यों भीड़ गई मायावती #UPVidhansabha#eradioindia1
- आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (MCF) रायबरेली में सोमवार को वार्षिक प्रगति रिपोर्ट मीडिया के समक्ष पेश की गई। यह रिपोर्ट आरेडिका के जीएम प्रशांत कुमार मिश्र द्वारा पेश की गई,जिसमें फैक्ट्री द्वारा उत्पादन के विभिन्न पैरामीटरों को ध्यान में रखते हुए हासिल किए गए लक्ष्य के विषय में बताया गया। अरेडिका की इन उपलब्धियों का श्रेय उन्होंने कर्मचारी व स्टाफ की समर्पण की भावना से की जा रही जी तोड़ मेहनत को दिया। उन्होंने बताया,कि मंत्रालय द्वारा एमसीएफ को दिए गए वार्षिक कोच निर्माण के लक्ष्य को हम लोगों ने समय से पहले ही पूरा कर लिया है। हाई स्पीड ट्रेन निर्माण की दिशा में उन्होंने बताया कि एमसीएफ "वंदे भारत ट्रेन" के फाइनल टेस्टिंग को लगभग पूर्ण कर लिया है, जल्द ही इसी माह एमसीएफ द्वारा निर्मित पहली वंदे भारत ट्रेन देश को सौंपी जाएगी। यह एमसीएफ के लिए गर्व का क्षण है। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय रेल के इतिहास पर उनके द्वारा लिखी गई पुस्तक "टेल्स फ्राम रेल्स"का भी विमोचन किया, जिसमें चरणबद्ध तरीके से भारतीय रेल के विकास को दर्शाया गया है। बाईट:- प्रशांत कुमार मिश्र (GM, MCF)4
- इंतजार के बाद ठेंगहा बाइपास निर्माण ने पकड़ी गति, ग्रामीणों में खुशी की लहर अमेठी। प्रतापगढ़–अमेठी–गौरीगंज–मुसाफिरखाना को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-931 के चौड़ीकरण और सुधार कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अब तक लगभग 10 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। लंबे समय से प्रतीक्षित ठेंगहा बाइपास का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। ठेंगहा बाइपास निर्माण कार्य पूर्व में कुछ किसानों को मुआवजा न मिलने के कारण बाधित हुआ था। हालांकि अब निर्माण एजेंसी द्वारा लेवलिंग, चिन्हांकन और सर्वेक्षण जैसे आवश्यक कार्य लगभग पूरे कर लिए गए हैं। किसानों से फसल, पेड़ और अन्य अवरोध हटाने का आग्रह किया गया है। एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि शेष किसानों का मुआवजा भी शीघ्र वितरित कर दिया जाएगा, जिससे कार्य में और तेजी आएगी। ठेंगहा गांव के बीच से गुजरने वाली पुरानी मुख्य सड़क पर घनी आबादी और सीमित स्थान होने के कारण चौड़ीकरण संभव नहीं था। गांव की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 2.5 किलोमीटर लंबे बाइपास का प्रस्ताव तैयार किया गया। इस बाइपास का निर्माण 25 नवंबर से शुरू हुआ था, लेकिन मुआवजे से जुड़ी अड़चनों के कारण कुछ समय तक कार्य धीमा रहा। गांव के बीच से गुजरने वाली सड़क पर भारी वाहनों और बढ़ते यातायात के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती थी। इससे स्कूली बच्चों, स्थानीय निवासियों और दुकानदारों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बाइपास निर्माण से गांव में भीड़भाड़ कम होगी, दुर्घटनाओं की आशंका घटेगी और यातायात व्यवस्था सुचारु होगी। पूरे प्रोजेक्ट पर 1086.3 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 69.2 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को फोर लेन बनाया जाएगा, जिससे इसकी चौड़ाई सात मीटर से बढ़कर 10 मीटर हो जाएगी। चौड़ीकरण के तहत पेड़ों की कटाई, पटरी पर गिट्टी डालकर बेस तैयार करने का कार्य जारी है। परियोजना को अक्तूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह हाईवे लखनऊ–वाराणसी और प्रयागराज–अयोध्या कॉरिडोर को जोड़कर क्षेत्रीय विकास को नई गति देगा।1