हजारीबाग में झील परिसर को 'नो व्हीकल ज़ोन' बनाने के मुद्दे पर एक बड़ा खुलासा हुआ है। उपमहापौर अविनाश कुमार यादव ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम की बैठक में झील परिसर को 'नो व्हीकल ज़ोन' घोषित करने का कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था। उनके अनुसार, निगम ने केवल इस विषय पर निर्णय लेने के लिए जिला प्रशासन से अनुरोध किया था और नगर निगम ने खुद इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी थी। उपमहापौर ने यह भी कहा कि 'नो व्हीकल ज़ोन' बनने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि जनता की सुविधा और जनभावनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस खुलासे के बाद हजारीबाग में 'नो व्हीकल ज़ोन' पर चल रही बहस और तेज हो गई है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या झील परिसर को पूरी तरह वाहनों से मुक्त करना चाहिए, या सीमित वाहनों की अनुमति देकर लोगों की सुविधा बनाए रखनी चाहिए। लोगों से सीधे पूछा जा रहा है कि यदि उनकी गाड़ी झील परिसर तक नहीं जा सके, तो क्या वे इस फैसले का समर्थन करेंगे। झील परिसर में 'नो व्हीकल ज़ोन' का मुद्दा अब जनता के हित में है या परेशानी का नया कारण, इस पर गरमागरम बहस छिड़ी हुई है।
हजारीबाग में झील परिसर को 'नो व्हीकल ज़ोन' बनाने के मुद्दे पर एक बड़ा खुलासा हुआ है। उपमहापौर अविनाश कुमार यादव ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम की बैठक में झील परिसर को 'नो व्हीकल ज़ोन' घोषित करने का कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था। उनके अनुसार, निगम ने केवल इस विषय पर निर्णय लेने के लिए जिला प्रशासन से अनुरोध किया था और नगर निगम ने खुद इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी थी। उपमहापौर ने यह भी कहा कि 'नो व्हीकल ज़ोन' बनने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि जनता की सुविधा और जनभावनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस खुलासे के बाद हजारीबाग में 'नो व्हीकल ज़ोन' पर चल रही बहस और तेज हो गई है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या झील परिसर को पूरी तरह वाहनों से मुक्त करना चाहिए, या सीमित वाहनों की अनुमति देकर लोगों की सुविधा बनाए रखनी चाहिए। लोगों से सीधे पूछा जा रहा है कि यदि उनकी गाड़ी झील परिसर तक नहीं जा सके, तो क्या वे इस फैसले का समर्थन करेंगे। झील परिसर में 'नो व्हीकल ज़ोन' का मुद्दा अब जनता के हित में है या परेशानी का नया कारण, इस पर गरमागरम बहस छिड़ी हुई है।
- भारत सरकार की प्रोत्साहन योजना के तहत SIS SECURITY कंपनी में सुरक्षा कर्मचारियों की सीधी भर्ती की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत, प्रत्येक नए सुरक्षा कर्मचारी को उनके वेतन के अतिरिक्त ₹15,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह विशेष भर्ती अभियान हजारीबाग जिले में चलाया जा रहा है, जिसमें विभिन्न थाना परिसरों में भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। भर्ती के लिए देश के किसी भी शहर या राज्य के युवा आवेदन कर सकते हैं।1
- आज टोंगी पंचायत में मंडा पर्व संपन्न हो गया। यह आयोजन टोंगी, हजारीबाग क्षेत्र से संबंधित है।1
- रामगढ़ जिले के मांडू स्थित सीसीएल कॉलोनी के माइनस क्वार्टर का छज्जा गिर गया। इस घटना के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।1
- यदि किसी व्यक्ति में कुछ कर गुजरने का दृढ़ हौसला हो, तो सफलता निश्चित रूप से उसके कदम चूमती है। यह संदेश एक प्रेरक भाव व्यक्त करता है कि संकल्प और साहस के बल पर कोई भी व्यक्ति अपनी राह में आने वाली बाधाओं को पार कर सकता है और सफलता प्राप्त कर सकता है।1
- बगोदर और नवादा के बीच एक बेहद रोमांचक मुकाबला खेला गया, जिसमें जीत-हार का फैसला आखिरी ओवर तक नहीं हो सका। इस मैच में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, लेकिन यह जानकारी नहीं दी गई है कि अंततः दोनों में से कौन सी टीम चैंपियन बनी।1
- हजारीबाग नगर निगम के उपमहापौर अविनाश कुमार यादव ने स्पष्ट किया है कि झील परिसर को 'नो व्हीकल जोन' बनाने का प्रस्ताव नगर निगम की बैठक में पारित नहीं हुआ है। उन्होंने इस विषय पर चल रहे फैसले की प्रक्रिया पर एक नया मोड़ ला दिया है और बताया कि यह कदम नगर निगम द्वारा अनुमोदित नहीं है। उपमहापौर के अनुसार, 24/4 को हुई बैठक में केवल जिला प्रशासन को पत्राचार के माध्यम से इस मुद्दे पर निर्णय लेने का अनुरोध किया गया था। नगर निगम ने स्वयं इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है। अविनाश कुमार यादव का मानना है कि झील परिसर को 'नो व्हीकल जोन' नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि वे कोई भी फैसला लेते समय जनभावनाओं और लोगों की सुविधाओं को प्राथमिकता दें। इस नए विवाद के बाद, यह मुद्दा लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है, और उपमहापौर ने जनता से इस पर अपनी राय साझा करने का आह्वान किया है।1
- रामगढ़ जिले के पतरातू अंचल अंतर्गत रसदा मौजा में एक गंभीर भूमि विवाद सामने आया है। बताया गया है कि 3.20 एकड़ आदिवासी ज़मीन पर गैर-आदिवासियों द्वारा अवैध रूप से कब्ज़ा कर लिया गया है। यह घटना आदिवासी भूमि के अतिक्रमण और उनके ख़तियानी ज़मीन के अधिकारों के उल्लंघन को उजागर करती है, जिस पर जल, जंगल और ज़मीन के सिद्धांतों के तहत तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।1
- कांग्रेस नेता भूपेश बघेल और अजय शर्मा ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब राज्यसभा की एक सीट को लेकर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के बीच विवाद चल रहा है।1
- रामगढ़ जिले के कुजू स्थित सीसीएल कॉलोनी में एक माइंस क्वार्टर का छज्जा अचानक गिर गया। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया, हालांकि गनीमत यह रही कि इसमें कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और एक संभावित गंभीर दुर्घटना टल गई। यह घटना सीसीएल कॉलोनी में आवासों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है।1