ऑनलाइन गैमिंग एप के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पाँच अभियुक्ता सहित आठ गिरफ्तार कब्जे से 18 मोबाइल,4 लैपटॉप, 155 फर्जी सिम,45 हजार रुपये नगद सहित अन्य सामान बरामद ग्रेटर नोएडा संवाददाता,थाना बिसरख पुलिस ने ने गोपनीय सूचना के आधार पर ऑनलाइन गैमिंग एप/ऑनलाइन गैंबलिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन अभियुक्त गर्व पुत्र राजकुमार चौहान निवासी वंदना वाटिका तिलपता सूरजपुर गौतमबुद्धनगर मूल पता ज़िरौली धूम सिंह अलीगढ़, अजय सिहं पुत्र रामेश्वर सिहं निवासी सहदिला चाप वेस्टर्न मार्ग लेन 4 नई दिल्ली मूल पता फदौरा दक्षिण मोहल्ला गाजीपुर उत्तर प्रदेश, सोनल उर्फ अनिरुद्ध पुत्र राजेंद्र निवासी टॉवर आर 14 एवेन्यू गौर सिटी 2 गौतमबुद्धनगर मूल गुप्तेश्वर रोड़ जबलपुर मध्यप्रदेश और पाँच अभियुक्ता रुचि पुत्री अशोक निवासी रॉयल रेजिडेंसी, बिसरख गौतमबुद्धनगर मूल पता एका फिरोजाबाद, कोमल पुत्री सुनील सिंह निवासी आंबेडकर पार्क के पास बागू थाना–क्रॉसिंग गाजियाबाद मूल पता कटरा थाना सचेंडी कानपुर उत्तरप्रदेश,सुषमा पुत्री दिलवर रावत निवासी कुसुम गार्डन छपरौला बादलपुर गौतमबुद्धनगर मूल पता आगोचर चमोली उत्तराखंड, तनीषा पुत्री विशाल मित्तल निवासी सेक्टर-11 प्रताप विहार गाजियाबाद, सानिया सिंह पुत्री कमल प्रताप निवासी शेर सिंह निवास ग्राम पटवाड़ी थाना बिसरख गौतमबुद्धनगर मूल पता दहरकला थाना कन्हई प्रतापगढ़ उत्तरप्रदेश को चौथी मंजिल गौर सिटी सेन्टर निकट चार मूर्ति चौराहा से बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने 18 एन्ड्राईड मोबाइल फोन,4 लैपटॉप, 155 प्रयोगशुदा फर्जी सिम भिन्न-भिन्न कम्पनी,50 पेमेन्ट क्यूआर कोड, 2 कम्प्यूटर मॉनीटर, 4 वाई-फाई माडम,10 पेज डाटाशीट, 10 कॉलिंग हेडफोन और 45,000 रुपये नगद बरामद किए हैं। अभियुक्तगण ऑनलाईन गेमिंग खिलवाने का कार्य करते हैं। मजाबुक, मजे से जीतो एक गेमिंग एप है जिसमें लोगों को ज्यादा पैसा जीतने का लालच दिया जाता है जिस पर लोग उसमें पैसा लगाते हैं। लोगों के द्वारा लगाये गये पैसे पर पहले उन्हे छोटी-मोटी राशि जितवा देते हैं जिससे उनका लालच बढ़े और वो अधिक पैसा लगायें। लेकिन फिर जब लोग ज्यादा पैसा लगाने लगते हैं तब धीरे-धीरे उनका पैसा डूबना शुरू हो जाता है। अभियुक्तगण द्वारा पूछताछ करने पर बताया गया कि हमारा मजाबुक, मजे से जीतो नाम से गेमिंग एप है जिसमें क्रिकेट, कैसीनो, एवियेटर, रोलेट, हरालाल (नंबरिंग गेम) आदि गेम लोगों से खिलवाते हैं और बैंटिग लगवाते है। अभियुक्त अनिरूद्ध, इन सभी को कॉलिंग के लिए डाटा निकालकर देता है। इसके द्वारा ऐसे व्यक्तियों का डाटा दिया जाता है, जिन्होने कभी ऑनलाईन गेम खेले हों या इस तरह के एडवर्टाइज में इंटरेस्ट दिखाया हो। अन्य लोग उन्हें कॉल करते हैं और आनलाईन गेम खेलकर ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने का लालच देते हैं। अभियुक्त अनिरुद्ध सिहं ही कॉल करने के लिए फोन, लैपटॉप आदि आदि सामान उपलब्ध करवाता है तथा सिम कार्ड फर्जी आईडी पर खरीदे जाते हैं। यह लोगो को बेटिंग करने के लिए प्रेरित करते हैं तथा उन्हे लुभाने के लिए बोनस का लालच देते हैं। शुरू-शुरू में ग्राहक पैसा लगाने में हिचकते हैं तो उन्हें 1500 रुपये तक फ्री में गेम खेलने के लिए देते हैं जिन्हें ग्राहक खातों से निकाल नहीं सकते हैं। जब ग्राहक खेलना शूरू करता है तो शूरू में उसको जितवाते हैं जिससे ग्राहक पैसे लगाने के लिए प्रेरित हो। जब ग्राहक पैसे लगाने के लिये तैयार हो जाता है तो उससे रजिस्ट्रेशन करने के लिए 500 रुपये माँगे जाते हैं। इसके बाद लोगो को झाँसे में लेकर लोगों के द्वारा लगाये गये पैसे पर पहले उन्हे छोटी-मोटी राशि जितवा देते हैं जिससे उनका लालच बढ़े और वो और अधिक पैसा लगायें। लेकिन फिर जब लोग ज्यादा पैसा लगाने लगते हैं तो हम उन्हें हरवाना शूरू करते हैं क्योंकि गेम में कौन जीतेगा या कौन हारेगा इसका कन्ट्रोल अभियुक्तगण के पास होता है। अगर कोई गलती से जीत भी जाता है और अपनी राशि खाते में ट्राँसफर करने की बात करता है तो यह उसे ब्लाक कर देते हैं तथा पूरा पैसा हड़प कर जाते हैं। कूटरचित केवाईसी दस्तावेज के बारे में पूछने पर बताया कि हम लोग ये कूटरचित केवाईसी अपनी फोटो लगाकर सभी लोगों को दिखाने के लिए तैयार करते है। जिससे कि हमारे द्वारा कॉलिंग के लिए प्रयोग की जा रही सिम को अपने नाम पर जारी किया हुआ दिखा सके और हमें कोई पकड़ न सके। पेमेन्ट क्यूआर कोड के बारे में पूछा गया तो अभियुक्त अनिरुद्ध द्वारा बताया गया ये क्यूआर कोड हम लोग पहले से छपवाकर रखते हैं और जब हमें पेमेन्ट लेना होता है तब हम इन्हे एक्टिवेट करवाकर इनमें पैसा मँगा लेते हैं। अभियुक्तों से इण्डियन बैक, सैन्ट्रल बैंक आफ इण्डिया, बैंक आफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक, कैनरा बैंक आदि बैंको के विभिन्न खाता धारक एवं ट्रेडर्स के खातों की डिटेल मिली है। विभिन्न राज्यों के स्थानीय पतो पर रजिस्ट्रड प्री एक्टिवेटिड सिम प्राप्त हुए है।अभियुक्तगण शातिर किस्म के जालसाज अपराधी हैं।जिनके विरुद्ध पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्यवाही कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के उत्साहवर्धन हेतु डीसीपी सेंट्रल नोएडा द्वारा 15 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।
ऑनलाइन गैमिंग एप के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पाँच अभियुक्ता सहित आठ गिरफ्तार कब्जे से 18 मोबाइल,4 लैपटॉप, 155 फर्जी सिम,45 हजार रुपये नगद सहित अन्य सामान बरामद ग्रेटर नोएडा संवाददाता,थाना बिसरख पुलिस ने ने गोपनीय सूचना के आधार पर ऑनलाइन गैमिंग एप/ऑनलाइन गैंबलिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन अभियुक्त गर्व पुत्र राजकुमार चौहान निवासी वंदना वाटिका तिलपता सूरजपुर गौतमबुद्धनगर मूल पता ज़िरौली धूम सिंह अलीगढ़, अजय सिहं पुत्र रामेश्वर सिहं निवासी सहदिला चाप वेस्टर्न मार्ग लेन 4 नई दिल्ली मूल पता फदौरा दक्षिण मोहल्ला गाजीपुर उत्तर प्रदेश, सोनल उर्फ अनिरुद्ध पुत्र राजेंद्र निवासी टॉवर आर 14 एवेन्यू गौर सिटी 2 गौतमबुद्धनगर मूल गुप्तेश्वर रोड़ जबलपुर मध्यप्रदेश और पाँच अभियुक्ता रुचि पुत्री अशोक निवासी रॉयल रेजिडेंसी, बिसरख गौतमबुद्धनगर मूल पता एका फिरोजाबाद, कोमल पुत्री सुनील सिंह निवासी आंबेडकर पार्क के पास बागू थाना–क्रॉसिंग गाजियाबाद मूल पता कटरा थाना सचेंडी कानपुर उत्तरप्रदेश,सुषमा पुत्री दिलवर रावत निवासी कुसुम गार्डन छपरौला बादलपुर गौतमबुद्धनगर मूल पता आगोचर चमोली उत्तराखंड, तनीषा पुत्री विशाल मित्तल निवासी सेक्टर-11 प्रताप विहार गाजियाबाद, सानिया सिंह पुत्री कमल प्रताप निवासी शेर सिंह निवास ग्राम पटवाड़ी थाना बिसरख गौतमबुद्धनगर मूल पता दहरकला थाना कन्हई प्रतापगढ़ उत्तरप्रदेश को चौथी मंजिल गौर सिटी सेन्टर निकट चार मूर्ति चौराहा से बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने 18 एन्ड्राईड मोबाइल फोन,4 लैपटॉप, 155 प्रयोगशुदा फर्जी सिम भिन्न-भिन्न कम्पनी,50 पेमेन्ट क्यूआर कोड, 2 कम्प्यूटर मॉनीटर, 4 वाई-फाई माडम,10 पेज डाटाशीट, 10 कॉलिंग हेडफोन और 45,000 रुपये नगद बरामद किए हैं। अभियुक्तगण ऑनलाईन गेमिंग खिलवाने का कार्य करते हैं। मजाबुक, मजे से जीतो एक गेमिंग एप है जिसमें लोगों को ज्यादा पैसा जीतने का लालच दिया जाता है जिस पर लोग उसमें पैसा लगाते हैं। लोगों के द्वारा लगाये गये पैसे पर पहले उन्हे छोटी-मोटी राशि जितवा देते हैं जिससे उनका लालच बढ़े और वो अधिक पैसा लगायें। लेकिन फिर जब लोग ज्यादा पैसा लगाने लगते हैं तब धीरे-धीरे उनका पैसा डूबना शुरू हो जाता है। अभियुक्तगण द्वारा पूछताछ करने पर बताया गया कि हमारा मजाबुक, मजे से जीतो नाम से गेमिंग एप है जिसमें क्रिकेट, कैसीनो, एवियेटर, रोलेट, हरालाल (नंबरिंग गेम) आदि गेम लोगों से खिलवाते हैं और बैंटिग लगवाते है। अभियुक्त अनिरूद्ध, इन सभी को कॉलिंग के लिए डाटा निकालकर देता है। इसके द्वारा ऐसे व्यक्तियों का डाटा दिया जाता है, जिन्होने कभी ऑनलाईन गेम खेले हों या इस तरह के एडवर्टाइज में इंटरेस्ट दिखाया हो। अन्य लोग उन्हें कॉल करते हैं और
आनलाईन गेम खेलकर ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने का लालच देते हैं। अभियुक्त अनिरुद्ध सिहं ही कॉल करने के लिए फोन, लैपटॉप आदि आदि सामान उपलब्ध करवाता है तथा सिम कार्ड फर्जी आईडी पर खरीदे जाते हैं। यह लोगो को बेटिंग करने के लिए प्रेरित करते हैं तथा उन्हे लुभाने के लिए बोनस का लालच देते हैं। शुरू-शुरू में ग्राहक पैसा लगाने में हिचकते हैं तो उन्हें 1500 रुपये तक फ्री में गेम खेलने के लिए देते हैं जिन्हें ग्राहक खातों से निकाल नहीं सकते हैं। जब ग्राहक खेलना शूरू करता है तो शूरू में उसको जितवाते हैं जिससे ग्राहक पैसे लगाने के लिए प्रेरित हो। जब ग्राहक पैसे लगाने के लिये तैयार हो जाता है तो उससे रजिस्ट्रेशन करने के लिए 500 रुपये माँगे जाते हैं। इसके बाद लोगो को झाँसे में लेकर लोगों के द्वारा लगाये गये पैसे पर पहले उन्हे छोटी-मोटी राशि जितवा देते हैं जिससे उनका लालच बढ़े और वो और अधिक पैसा लगायें। लेकिन फिर जब लोग ज्यादा पैसा लगाने लगते हैं तो हम उन्हें हरवाना शूरू करते हैं क्योंकि गेम में कौन जीतेगा या कौन हारेगा इसका कन्ट्रोल अभियुक्तगण के पास होता है। अगर कोई गलती से जीत भी जाता है और अपनी राशि खाते में ट्राँसफर करने की बात करता है तो यह उसे ब्लाक कर देते हैं तथा पूरा पैसा हड़प कर जाते हैं। कूटरचित केवाईसी दस्तावेज के बारे में पूछने पर बताया कि हम लोग ये कूटरचित केवाईसी अपनी फोटो लगाकर सभी लोगों को दिखाने के लिए तैयार करते है। जिससे कि हमारे द्वारा कॉलिंग के लिए प्रयोग की जा रही सिम को अपने नाम पर जारी किया हुआ दिखा सके और हमें कोई पकड़ न सके। पेमेन्ट क्यूआर कोड के बारे में पूछा गया तो अभियुक्त अनिरुद्ध द्वारा बताया गया ये क्यूआर कोड हम लोग पहले से छपवाकर रखते हैं और जब हमें पेमेन्ट लेना होता है तब हम इन्हे एक्टिवेट करवाकर इनमें पैसा मँगा लेते हैं। अभियुक्तों से इण्डियन बैक, सैन्ट्रल बैंक आफ इण्डिया, बैंक आफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक, कैनरा बैंक आदि बैंको के विभिन्न खाता धारक एवं ट्रेडर्स के खातों की डिटेल मिली है। विभिन्न राज्यों के स्थानीय पतो पर रजिस्ट्रड प्री एक्टिवेटिड सिम प्राप्त हुए है।अभियुक्तगण शातिर किस्म के जालसाज अपराधी हैं।जिनके विरुद्ध पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्यवाही कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के उत्साहवर्धन हेतु डीसीपी सेंट्रल नोएडा द्वारा 15 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।
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