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यह है प्रगती तिवारी जोकि यादव समाज के लिए एक फिल्म लेकर आए हैं यादव जी की लव स्टोरी यादव जी को बहुत मानहानि हुई है इसके लिए इनके ऊपर मुकदमा चलाया गया है और जब तक यह लोग माफी नहीं मांगेंगे इनके ऊपर हम वीडियो पर वीडियो बनाते रहेंगे जय यादव जय माधव
Ramvilash Yadav
यह है प्रगती तिवारी जोकि यादव समाज के लिए एक फिल्म लेकर आए हैं यादव जी की लव स्टोरी यादव जी को बहुत मानहानि हुई है इसके लिए इनके ऊपर मुकदमा चलाया गया है और जब तक यह लोग माफी नहीं मांगेंगे इनके ऊपर हम वीडियो पर वीडियो बनाते रहेंगे जय यादव जय माधव
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by विंध्य वसुंधरा समाचार2
- करने आया हूं हम1
- उत्तर-पश्चिम इटली के कौरमायूर स्की रिसॉर्ट में एक बड़ा हिमस्खलन स्कीयर की ओर आया और सबको अपनी चपेट में ले लिया। ये बर्फ़ के बादलों जैसा था। फॉक्स न्यूज़ के अनुसार, रविवार को इटली की तरफ मोंट ब्लांक में हिमस्खलन के कारण दो स्कीयर की जान चली गई।1
- Post by Tikar se desh duniya ki khabar1
- नव विवाहिता की ससुराल में संदिग्ध मौत, मां बाप ने लगाया हत्या का आरोप मध्यप्रदेश के रीवा जिले में नव विवाहिता रीना साकेत की ससुराल में निर्मम हत्या का मामला सामने आया है। मृतिका के पिता सुखेंद्र साकेत ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की हत्या उसके पति रावेन्द्र साकेत, ससुर राम कीर्तन साकेत, सास बतसिया, जेठानी शिवानी साकेत और जेठ अनिल साकेत ने मिलकर की है। रीना साकेत के पिता सुखेंद्र साकेत और माँ ललिता साकेत, ग्राम सुरसा कला के निवासी हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की हत्या ससुराल वालों ने दहेज के लिए या अन्य किसी कारण से की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है। इस घटना ने समाज में एक बार फिर से दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मुद्दे को उठाया है। स्थानीय लोगों ने इस घटना की निंदा की है और आरोपियों को सजा दिलाने की मांग की है।1
- मोहनिया टनल में मौत का खेल: रील के चक्कर में कानून की खुली धज्जियां, कब जागेगा सिस्टम1
- खबर मध्यप्रदेश के रीवा से है जहा आज अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने यूजीसी रोल बैक के नारे लगाते हुए रैली निकाली तथा यह जन आंदोलन एक विशाल जन आंदोलन है जो एक क्रांति के रूप में रीवा में ही नहीं बल्कि पूरे भारत में देखने को मिलेगा1
- रीवा/मऊगंज। विंध्य क्षेत्र के रीवा और नवगठित जिला मऊगंज इन दिनों कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध वसूली, शराब माफियाओं की सक्रियता और दबंग तत्वों के बढ़ते प्रभाव से आमजन भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हैं। कई लोगों ने मौजूदा हालात को ‘जंगलराज’ की संज्ञा दी है। चेकपोस्टों पर अवैध वसूली के आरोप फरवरी 2026 से जुड़े कुछ वीडियो और शिकायतें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें हनुमना, मऊगंज और सोहागी पहाड़ स्थित आरटीओ चेकपोस्टों पर कथित रूप से अवैध वसूली का आरोप लगाया गया है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि 24 घंटे ट्रकों और अन्य व्यावसायिक वाहनों से वसूली की जा रही है। परिवहन एवं आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि यदि संबंधित लोगों को “हिस्सा” नहीं मिलता, तो वाहन चालकों और कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार सामने आ रही शिकायतों ने प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। शराब माफिया और नशीले पदार्थों की समस्या क्षेत्र में अवैध शराब और नशीली सिरप की बिक्री को लेकर भी चिंताएं बढ़ी हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई गांवों और कस्बों में खुलेआम अवैध शराब का कारोबार चल रहा है, जिससे युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो सामाजिक और आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। सरकार और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर उठे सवाल प्रदेश में गृह विभाग की जिम्मेदारी मोहन यादव के पास है। वहीं रीवा संभाग को प्रदेश स्तर पर उपमुख्यमंत्री का प्रतिनिधित्व भी प्राप्त है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर बढ़ती शिकायतों को लेकर सत्ता और विपक्ष—दोनों की चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि प्रशासनिक और राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई जाए तो चेकपोस्टों पर पारदर्शी व्यवस्था लागू कर अवैध वसूली पर रोक लगाई जा सकती है। सामाजिक प्रतिरोध की शुरुआत मनगवां क्षेत्र सहित विभिन्न इलाकों में कुछ सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे पर आवाज उठानी शुरू कर दी है। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि “जनप्रतिनिधि भले मौन हों, लेकिन समाज अब अन्याय के खिलाफ खड़ा होने की तैयारी कर रहा है।” सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और स्थानीय समाचार माध्यमों—जिनमें ‘दैनिक आजतक 24’ जैसे प्रकाशन शामिल हैं—द्वारा समय-समय पर इन मुद्दों को उजागर किया जा रहा है। बड़ी घटना की आशंका विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते आरटीओ बैरियरों और कथित शराब माफियाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो आपसी टकराव किसी बड़ी हिंसक घटना का रूप ले सकता है। क्षेत्र की जनता ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और चेकपोस्टों पर सीसीटीवी निगरानी व पारदर्शी डिजिटल प्रणाली लागू करने की मांग की है, ताकि कानून का राज स्थापित हो सके और आमजन को राहत मिल सके। (नोट: समाचार में उल्लिखित आरोप स्थानीय स्रोतों और वायरल वीडियो पर आधारित हैं। प्रशासनिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।)2