Bundelkhand क्षेत्र में केन-बेतवा रिवर लिंक प्रोजेक्ट को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। Chhatarpur में “चिता आंदोलन” और “पंचतत्व सत्याग्रह” जैसे प्रतीकात्मक प्रदर्शन सामने आए हैं, जहां लोग अलग-अलग तरीकों से अपनी बात रख रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन और पहचान को बचाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। चिता आंदोलन, जल सत्याग्रह, मिट्टी आंदोलन और उपवास जैसे माध्यमों से वे अपनी मांगों को सामने ला रहे हैं। विवाद का बड़ा कारण मुआवजा और पुनर्वास है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुआवजे को लेकर स्पष्टता नहीं है और वे “जमीन के बदले जमीन” तथा “गांव के बदले गांव” की मांग कर रहे हैं। वहीं पर्यावरण से जुड़े विशेषज्ञों ने भी चिंता जताई है कि इस परियोजना का असर Panna Tiger Reserve जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर पड़ सकता है, जिससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर प्रभाव पड़ने की आशंका है। यह पूरा मुद्दा अब विकास और स्थानीय अधिकारों के बीच संतुलन की बड़ी बहस बन चुका है, जिस पर सभी की नजर बनी हुई है।
Bundelkhand क्षेत्र में केन-बेतवा रिवर लिंक प्रोजेक्ट को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। Chhatarpur में “चिता आंदोलन” और “पंचतत्व सत्याग्रह” जैसे प्रतीकात्मक प्रदर्शन सामने आए हैं, जहां लोग अलग-अलग तरीकों से अपनी बात रख रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन और पहचान को बचाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। चिता आंदोलन, जल सत्याग्रह, मिट्टी आंदोलन और उपवास जैसे माध्यमों से वे अपनी मांगों को सामने ला रहे हैं। विवाद का बड़ा कारण मुआवजा और पुनर्वास है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुआवजे को लेकर स्पष्टता नहीं है और वे “जमीन के बदले जमीन” तथा “गांव के बदले गांव” की मांग कर रहे हैं। वहीं पर्यावरण से जुड़े विशेषज्ञों ने भी चिंता जताई है कि इस परियोजना का असर Panna Tiger Reserve जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर पड़ सकता है, जिससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर प्रभाव पड़ने की आशंका है। यह पूरा मुद्दा अब विकास और स्थानीय अधिकारों के बीच संतुलन की बड़ी बहस बन चुका है, जिस पर सभी की नजर बनी हुई है।
- Post by मांगीलाल सोलंकी (पत्रकार)✍️✍️1
- ताल:- बीती रात ताल के कोट नीचे इलाके में विवाह समारोह में डीजे वालों की कानफोडू प्रतियोगिता में एक घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया ताल की कई सामाजिक संस्थाओं ने और ताल व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष नटवर सोनी द्वारा भी कई बार सोशल मीडिया के माध्यम से भी कई बार पुलिस प्रशासन को अवगत कराया गया किन्तु प्रशासन के कान पर कोई असर नहीं हुआ घटना के बाद भी डीजे पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा है शायद प्रशासन को इसी को इंतजार था।1
- Post by Shivraj Singh ahirwar1
- आगर मालवा। बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर के पीछे कसाई देहरिया गांव जाने वाले मार्ग पर एक बरगद के पेड़ पर फांसी पर झूलता हुआ एक शव मिला। सुबह-सुबह जब राहगीरों की नजर पेड़ पर लटके शव पर पड़ी तो वे स्तब्ध रह गए। देखते ही देखते यह खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई और घटना स्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही आगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मामला आत्महत्या का है या फिर हत्या कर शव को पेड़ पर लटकाया गया है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और सभी संभावित पहलुओं पर जांच जारी है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को मृतक के बारे में कोई जानकारी हो तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।1
- Om Shri Mahakali Kutumb Darbar Chandrapur Yatra5
- 💔 लापरवाही की कीमत—एक मासूम की जान! रतलाम-बड़नगर की ये घटना सिर्फ एक खबर नहीं… एक कड़वी सच्चाई है। खुले बोरवेल आज भी ‘मौत के कुएं’ बने हुए हैं… और हर बार कोई न कोई मासूम इसकी भेंट चढ़ जाता है। 👉 अब वक्त है सख्त कानून का 👉 अब वक्त है जिम्मेदारी का 👉 अब वक्त है जागने का अगर आपके आसपास कोई खुला बोरवेल है—उसे तुरंत बंद करवाएं… क्योंकि अगला नंबर किसी और का नहीं होना चाहिए! Collector Office Ratlam CM Madhya Pradesh PMO India PRO Ratlam Raghav Chadha केशु निनामा मित्र मंडल Kamleshwar Dodiyar Jansampark Madhya Pradesh BHIM ARMY Adarsh Vasuniya ⚠️ Disclaimer: यह वीडियो जागरूकता के उद्देश्य से बनाया गया है। इसमें दिखाई गई जानकारी विभिन्न मीडिया स्रोतों और रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी व्यक्ति या संस्था की छवि को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं है। #सावधानBharat #BreakingNews #Ratlam #Badnagar #BorewellAccident #SafetyFirst #Awareness #SaveLives #IndiaNews #ViralVideo #PublicSafety #AlertIndia #JusticeForKids #StopNegligence #TrendingNow #NewsUpdate1
- Post by Manoj Kumar1
- महाकुंभ की वायरल मॉडल हर्षा रिछारिया ने अब संन्यास ले लिया है। उज्जैन में हर्षा रिछारिया अपना पिंडदान कर दिया है। अब वह स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जानी जाएगी। उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज ने संन्यास दीक्षा दी है। संन्यास परंपरा के अनुसार, उन्हें शिखा और दंड त्याग की विधि कराई गई। साथ ही पिंड दान और श्राद्ध कर्म भी कराए गए। पूर्व जीवन के त्याग और नए आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत है। उज्जैन में इसके लिए हर्षा ने धार्मिक अनुष्ठान किया है। उन्होंने अपने गुरुदेव के मार्गदर्शन में संन्यास का मार्ग अपनाया है। साथ ही वह संन्यास की मर्यादा का पालन करेगी। इस दौरान महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज ने कहा कि संन्यास दीक्षा एक गहन और अनुशासित प्रक्रिया है। इसमें व्यक्ति अपने पूर्व जीवन का त्याग कर आध्यात्मिक पथ पर चलता है। मेरा आग्रह है कि वे संन्यास की गरिमा को कभी कलंकित नहीं होने दें।1