Shuru
Apke Nagar Ki App…
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत छत्तीसगढ़ के बागबहार में 32 जोड़ों का विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ। विधि-विधान के साथ हुए इस समारोह से कई परिवारों को नया जीवन मिला और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल छा गया।
Ibnul khan
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत छत्तीसगढ़ के बागबहार में 32 जोड़ों का विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ। विधि-विधान के साथ हुए इस समारोह से कई परिवारों को नया जीवन मिला और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल छा गया।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- छत्तीसगढ़ के बागबहार में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का कार्यक्रम आयोजित किया गया। भाजपा महामंत्री आनंद शर्मा ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं दीं और इस योजना को जरूरतमंद परिवारों के लिए सरकार की सराहनीय पहल बताया।1
- छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव में 9 मई 2026 से तेंदू पत्ता संग्रहण का कार्य शुरू हो गया है। संग्राहकों को प्रति 100 बंडल पर 550 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा, जिससे अच्छी कमाई का अवसर मिलेगा।2
- राजस्थान के राजसमंद में बिजनोल पेट्रोल पंप लूटने की बड़ी साजिश नाकाम हुई, पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए बदमाशों के पास से एक अवैध पिस्टल, तलवार, चाकू और जिंदा कारतूस सहित कई हथियार बरामद हुए हैं। इनमें से कई आरोपियों पर पहले से ही लूट और हत्या जैसे संगीन मामले दर्ज हैं।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में 9 मई 2026 से तेंदूपत्ता तोड़ने का काम शुरू होगा। इसके लिए 100 बंडल तेंदूपत्ता पर ₹550 का भुगतान किया जाएगा, जिससे स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा। यह खबर उन ग्रामीणों के लिए है जो बेसब्री से इस दिन का इंतजार कर रहे थे।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत सैकड़ों पेड़ों के रहस्यमय ढंग से गायब होने पर बवाल मच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित सीमा से अधिक वन भूमि पर काम हुआ और बेशकीमती पेड़ जड़ से उखाड़कर बिना रिकॉर्ड हटा दिए गए। वन विभाग के अधिकारियों के विरोधाभासी बयानों ने मामले को और उलझा दिया है।1
- अंबिकापुर में 9 मई 2026 को भीषण बारिश हुई। इस अचानक हुई बरसात से पूरे इलाके का मौसम बदल गया।1
- सरगुजा जिले के मैनपाट में ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। स्वच्छ पेयजल की अनुपलब्धता से उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।1
- जशपुर टाइम्स ने कांसाबेल क्षेत्र के तेंदूपत्ता संग्राहकों से खास बातचीत की। संग्राहकों ने तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े अपने अनुभव और समस्याओं को साझा किया, जिससे उनकी वास्तविक स्थिति सामने आई।1