आक्रोशित दंतैल हाथी का आतंक: खाड़ा में बछिया की हत्या, सात मवेशियों को मार चुका, ग्रामीणों के घर तोड़े — दहशत में जी रहे लोग अनूपपुर, जिले के अनूपपुर तहसील अंतर्गत खाड़ा गांव में एक आक्रोशित दंतैल हाथी का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार रात हाथी ने एक तीन वर्षीय बछिया पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। वहीं एक ग्रामीण के कच्चे मकान को सातवीं बार तोड़कर पूरी तरह नष्ट कर दिया। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीण भय के साये में जीने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार, यह खतरनाक नर हाथी बीते लगभग एक माह से छत्तीसगढ़ सीमा पार कर अनूपपुर क्षेत्र में डेरा डाले हुए है। बीते पांच दिनों में ही यह सात पालतू मवेशियों को मार चुका है। रविवार को दिनभर खाड़ा बांध के पीछे जंगल में रहने के बाद रात में बाहर निकलकर पानी पीने पहुंचा और पास के खेत में चर रही बछिया को दौड़ाकर अपने दांतों से हमला कर मार डाला। हाथी ने इस दौरान खेत में लगे कटहल और बांस के पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाया तथा दो झोपड़ियों को तोड़ दिया। वहीं ग्रामीण मोहन सिंह के मकान पर सातवीं बार हमला कर उसे पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति यह है कि मोहन सिंह अपने परिवार सहित रिश्तेदार के यहां शरण लेने को मजबूर हैं। बताया जा रहा है कि हाथी को भगाने का प्रयास करने पर वह आक्रामक हो जाता है और लोगों को दौड़ाकर हमला करने की कोशिश करता है। इससे पहले भी सोनमौहरी और सेंदुरी गांव में छह मवेशियों को मार चुका है, जबकि एक मवेशी गंभीर रूप से घायल है। अमगवां, सोनमौहरी और खाड़ा के कई ग्रामीणों की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने जिले के प्रभारी मंत्री और वन राज्यमंत्री पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वहीं हाथी की निगरानी के लिए तैनात बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों पर भी लापरवाही के आरोप लगे हैं। बताया गया कि निगरानी के दौरान शासकीय वाहन का दुरुपयोग कर निजी कार्य किए जा रहे हैं। वन विभाग ने हाथी को रेस्क्यू कर क्षेत्र से बाहर करने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इस कारण ग्रामीणों में आक्रोश और भय दोनों व्याप्त है। इधर, जैतहरी क्षेत्र के धनगवां बीट के जंगल में तीन हाथियों का समूह पिछले तीन दिनों से डेरा डाले हुए है। हालांकि एक हाथी बीती रात छत्तीसगढ़ के मरवाही क्षेत्र की ओर लौट गया है। ग्रामीणों की मांग: ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द खतरनाक हाथी को क्षेत्र से हटाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि जन-धन की हानि को रोका जा सके।
आक्रोशित दंतैल हाथी का आतंक: खाड़ा में बछिया की हत्या, सात मवेशियों को मार चुका, ग्रामीणों के घर तोड़े — दहशत में जी रहे लोग अनूपपुर, जिले के अनूपपुर तहसील अंतर्गत खाड़ा गांव में एक आक्रोशित दंतैल हाथी का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार रात हाथी ने एक तीन वर्षीय बछिया पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। वहीं एक ग्रामीण के कच्चे मकान को सातवीं बार तोड़कर पूरी तरह नष्ट कर दिया। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीण भय के साये में जीने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार, यह खतरनाक नर हाथी बीते लगभग एक माह से छत्तीसगढ़ सीमा पार कर अनूपपुर क्षेत्र में डेरा डाले हुए है। बीते पांच दिनों में ही यह सात पालतू मवेशियों को मार चुका है। रविवार को दिनभर खाड़ा बांध के पीछे जंगल में रहने के बाद रात में बाहर निकलकर पानी पीने पहुंचा और पास के खेत में चर रही बछिया को दौड़ाकर अपने दांतों से हमला कर मार डाला। हाथी ने इस दौरान खेत में लगे कटहल और बांस के पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाया तथा दो झोपड़ियों को तोड़ दिया। वहीं ग्रामीण मोहन सिंह के मकान पर सातवीं बार हमला कर उसे पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति यह है कि मोहन सिंह अपने परिवार सहित रिश्तेदार के यहां शरण लेने को मजबूर हैं। बताया जा रहा है कि हाथी को भगाने का प्रयास करने पर वह आक्रामक हो जाता है और लोगों को दौड़ाकर हमला करने की कोशिश करता है। इससे पहले भी सोनमौहरी और सेंदुरी गांव में छह मवेशियों को मार चुका है, जबकि एक मवेशी गंभीर रूप से घायल है। अमगवां, सोनमौहरी और खाड़ा के कई ग्रामीणों की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने जिले के प्रभारी मंत्री और वन राज्यमंत्री पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वहीं हाथी की निगरानी के लिए तैनात बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों पर भी लापरवाही के आरोप लगे हैं। बताया गया कि निगरानी के दौरान शासकीय वाहन का दुरुपयोग कर निजी कार्य किए जा रहे हैं। वन विभाग ने हाथी को रेस्क्यू कर क्षेत्र से बाहर करने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इस कारण ग्रामीणों में आक्रोश और भय दोनों व्याप्त है। इधर, जैतहरी क्षेत्र के धनगवां बीट के जंगल में तीन हाथियों का समूह पिछले तीन दिनों से डेरा डाले हुए है। हालांकि एक हाथी बीती रात छत्तीसगढ़ के मरवाही क्षेत्र की ओर लौट गया है। ग्रामीणों की मांग: ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द खतरनाक हाथी को क्षेत्र से हटाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि जन-धन की हानि को रोका जा सके।
- मध्य प्रदेश के शहडोल नगर पालिका में आधी रात अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण फाइलें चुरा लीं। इस मिडनाइट स्कैम से पूरे राज्य में हड़कंप है और बड़े खुलासे की आशंका जताई जा रही है।1
- अंबिकापुर..कामोदा रिजॉर्ट की अवैध कब्जा वाली जमीम पर प्रशासन का चला बुलडोजर1
- छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में ‘ज्ञानभारतम’ अभियान के तहत 200 से 500 साल पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियां मिली हैं। इनमें श्रीमद् भागवत गीता और जमींदारी वंशावली जैसे कई प्राचीन ग्रंथ शामिल हैं, जिन्हें कलेक्टर की उपस्थिति में डिजिटल रूप से संरक्षित किया गया। यह पहल अमूल्य ऐतिहासिक ज्ञान को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखेगी।4
- सूरजपुर में नई कलेक्टर रेना जमील की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, विकास कार्यों और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण पर दिया जोर सूरजपुर जिले की नवपदस्थ कलेक्टर रेना जमील ने पदभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशासनिक प्राथमिकताओं को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। कलेक्टर रेना जमील ने साफ कहा कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान, पारदर्शिता और विकास कार्यों की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर काम करने और जनता से सीधा संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और राजस्व मामलों को प्राथमिकता में बताते हुए कहा कि जिले में लंबित मामलों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही कानून व्यवस्था और शासकीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा जारी बड़े प्रशासनिक फेरबदल में रेना जमील को सूरजपुर जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।1
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- कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक हुई संपन्न अधिकारी कर्मचारी रहे मौजूद शहडोल नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत नगर की जयस्तंभ चौक स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में सोमवार को समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई है,बैठक में जिले के कलेक्टर डॉक्टर केदार सिंह ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन की प्रकरणों का समय सीमा पर निराकरण करने की निर्देश दिए हैं,इस दौरान जिले के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के इंदौर में भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की जिला कार्यकारिणी की औपचारिक घोषणा की गई। विनोद शर्मा को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया, जिन्होंने पत्रकार हितों की रक्षा का संकल्प लिया। इस समारोह में जिला और तहसील स्तर के पदाधिकारियों को भी शपथ दिलाई गई, जिससे संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी।1
- मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा में गाय के साथ हुई अमानवीय घटना से स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे हैं। बड़ी संख्या में युवा थाने पहुँचकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।6