टूट गई जंगल की सबसे मशहूर दोस्ती! नहीं रहे 'जय-वीरू'... गिर के दो शेरों की कहानी सुनकर भर आएंगी आंखें" टूट गई जंगल की सबसे मशहूर दोस्ती! नहीं रहे 'जय-वीरू'... गिर के दो शेरों की कहानी सुनकर भर आएंगी आंखें" नमस्कार आप देख रहे हैं भारत vision live "दोस्ती की मिसाल सिर्फ इंसानों में ही नहीं, जंगल में भी देखने को मिलती है। गिर के दो शेर 'जय' और 'वीरू' ने अपनी पूरी जिंदगी साथ बिताई, साथ राज किया और आखिरकार मौत ने भी दोनों को ज्यादा दिनों तक अलग नहीं रखा। इनकी कहानी आज पूरे देश को भावुक कर रही है।" गुजरात के गिर जंगल से एक ऐसी खबर आई है जिसने वन्यजीव प्रेमियों की आंखें नम कर दी हैं। गिर नेशनल पार्क के सबसे मशहूर शेर 'जय' और 'वीरू' अब इस दुनिया में नहीं रहे। दोनों शेरों का जन्म एक साथ हुआ था और पिछले कई वर्षों तक उन्होंने गिर के जंगल पर साथ मिलकर राज किया। उनकी दोस्ती इतनी गहरी थी कि एक शिकार करता तो दूसरा निगरानी करता। जहां आमतौर पर एक झुंड का नेतृत्व एक ही शेर करता है, वहीं जय और वीरू ने मिलकर अपने समूह का नेतृत्व किया और यही बात उन्हें सबसे अलग बनाती थी। उनकी दोस्ती की चर्चा देश-विदेश तक पहुंची। Narendra Modi भी गिर दौरे के दौरान इन मशहूर शेरों को देखने पहुंचे थे। साल 2022 में उनकी अनोखी कहानी पर "The Majestic Journey of Jai & Veeru" नाम से एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई गई। लेकिन जून 2025 में किस्मत ने दोनों दोस्तों को अलग कर दिया। दूसरे शेरों के एक दल के हमले में दोनों बुरी तरह घायल हो गए और पहली बार एक-दूसरे से बिछड़ गए। वीरू ने 11 जून को दम तोड़ दिया, जबकि जय ने कई दिनों तक जिंदगी की जंग लड़ी और आखिरकार 29 जुलाई को उसने भी अंतिम सांस ली। दोनों की मौत के साथ गिर जंगल की सबसे मशहूर दोस्ती का अंत हो गया। लेकिन जय और वीरू की कहानी हमेशा यह याद दिलाएगी कि दोस्ती सिर्फ इंसानों की नहीं होती, जंगल के राजा भी उसे आखिरी सांस तक निभाना जानते हैं। "जय और वीरू अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन गिर के जंगल की हवाएं, पेड़ और पगडंडियां उनकी अमर दोस्ती की कहानी हमेशा सुनाती रहेंगी।" 🦁💔
टूट गई जंगल की सबसे मशहूर दोस्ती! नहीं रहे 'जय-वीरू'... गिर के दो शेरों की कहानी सुनकर भर आएंगी आंखें" टूट गई जंगल की सबसे मशहूर दोस्ती! नहीं रहे 'जय-वीरू'... गिर के दो शेरों की कहानी सुनकर भर आएंगी आंखें" नमस्कार आप देख रहे हैं भारत vision live "दोस्ती की मिसाल सिर्फ इंसानों में ही नहीं, जंगल में भी देखने को मिलती है। गिर के दो शेर 'जय' और 'वीरू' ने अपनी पूरी जिंदगी साथ बिताई, साथ राज किया और आखिरकार मौत ने भी दोनों को ज्यादा दिनों तक अलग नहीं रखा। इनकी कहानी आज पूरे देश को भावुक कर रही है।" गुजरात के गिर जंगल से एक ऐसी खबर आई है जिसने वन्यजीव प्रेमियों की आंखें नम कर दी हैं। गिर नेशनल पार्क के सबसे मशहूर शेर 'जय' और 'वीरू' अब इस दुनिया में नहीं रहे। दोनों शेरों का जन्म एक साथ हुआ था और पिछले कई वर्षों तक उन्होंने गिर के जंगल पर साथ मिलकर राज किया। उनकी दोस्ती इतनी गहरी थी कि एक शिकार करता तो दूसरा निगरानी करता। जहां आमतौर पर एक झुंड का नेतृत्व एक ही शेर करता है, वहीं जय और वीरू ने मिलकर अपने समूह का नेतृत्व किया और यही बात उन्हें सबसे अलग बनाती थी। उनकी दोस्ती की चर्चा देश-विदेश तक पहुंची। Narendra Modi भी गिर दौरे के दौरान इन मशहूर शेरों को देखने पहुंचे थे। साल 2022 में उनकी अनोखी कहानी पर "The Majestic Journey of Jai & Veeru" नाम से एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई गई। लेकिन जून 2025 में किस्मत ने दोनों दोस्तों को अलग कर दिया। दूसरे शेरों के एक दल के हमले में दोनों बुरी तरह घायल हो गए और पहली बार एक-दूसरे से बिछड़ गए। वीरू ने 11 जून को दम तोड़ दिया, जबकि जय ने कई दिनों तक जिंदगी की जंग लड़ी और आखिरकार 29 जुलाई को उसने भी अंतिम सांस ली। दोनों की मौत के साथ गिर जंगल की सबसे मशहूर दोस्ती का अंत हो गया। लेकिन जय और वीरू की कहानी हमेशा यह याद दिलाएगी कि दोस्ती सिर्फ इंसानों की नहीं होती, जंगल के राजा भी उसे आखिरी सांस तक निभाना जानते हैं। "जय और वीरू अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन गिर के जंगल की हवाएं, पेड़ और पगडंडियां उनकी अमर दोस्ती की कहानी हमेशा सुनाती रहेंगी।" 🦁💔
- डमरू चौराहा डेलापीर पर कांवड़ियों का फूल-मालाओं से स्वागत पीस कमेटी ऑफ इंडिया ने डमरू चौराहा डेलापीर पर कांवड़ियों का फूल-मालाओं से स्वागत पीस कमेटी ऑफ इंडिया ने पेश की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बरेली। कांवड़ यात्रा के दौरान आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश देते हुए पीस कमेटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम इकबाल ने अपनी पूरी टीम के साथ डमरू चौराहा, डेलापीर पहुंचकर कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की और फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान नदीम इकबाल ने कहा कि पीस कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से हर वर्ष कांवड़ियों का इसी तरह स्वागत किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस बार संगठन ने हर मंदिर पर प्रत्येक सोमवार को मेडिकल कैंप लगाने की जिम्मेदारी भी ली है, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि बरेली की पहचान आपसी भाईचारे, प्रेम और गंगा-जमुनी तहजीब से है और पीस कमेटी ऑफ इंडिया इसी संदेश को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। पुष्पवर्षा और स्वागत कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष रहीम खान, मोनू खान, आजम खान, खुशनुमा खान, प्रदेश मीडिया प्रभारी सैयद सलमान तथा , सलाहकार डॉ. सैयद शहाबुद्दीन सहित पीस कमेटी ऑफ इंडिया के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- भमोरा बाईपास पर विशाल कांवड़ शिविर एवं भंडारे का शुभारंभ, श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम बरेली। सावन माह में कांवड़ यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बदायूं-बरेली रोड स्थित भमोरा बाईपास, आंवला में विशाल कांवड़ शिविर एवं भंडारे का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों और जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने संयुक्त रूप से किया। शुभारंभ के बाद सभी ने शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर महापौर डॉ. उमेश गौतम, विधान परिषद सदस्य कुंवर महाराज सिंह, नवाबगंज विधायक डॉ. एम.पी. आर्य, बिथरी चैनपुर विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष आंवला आदेश प्रताप सिंह, संबंधित अधिकारी एवं मंदिर के पुजारीगण मौजूद रहे। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाएं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। शिविर में श्रद्धालुओं के लिए विश्राम गृह, पूजा स्थल, कांवड़ स्टैंड, विशाल भंडारा, स्वच्छ पेयजल सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जाए और समय-समय पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं जिलाधिकारी ने स्वयं कांवड़ यात्रियों को भोजन परोसकर उनका स्वागत किया और सफल एवं सुरक्षित कांवड़ यात्रा की शुभकामनाएं दीं।1
- इस दौरान नदीम इकबाल ने कहा कि पीस कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से हर वर्ष कांवड़ियों का इसी तरह स्वागत किया जाता है। चौराहा डेलापीर पर कांवड़ियों का फूल-मालाओं से स्वागत पीस कमेटी ऑफ इंडिया ने पेश की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बरेली। कांवड़ यात्रा के दौरान आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश देते हुए पीस कमेटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम इकबाल ने अपनी पूरी टीम के साथ डमरू चौराहा, डेलापीर पहुंचकर कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की और फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान नदीम इकबाल ने कहा कि पीस कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से हर वर्ष कांवड़ियों का इसी तरह स्वागत किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस बार संगठन ने हर मंदिर पर प्रत्येक सोमवार को मेडिकल कैंप लगाने की जिम्मेदारी भी ली है, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि बरेली की पहचान आपसी भाईचारे, प्रेम और गंगा-जमुनी तहजीब से है और पीस कमेटी ऑफ इंडिया इसी संदेश को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। पुष्पवर्षा और स्वागत कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष करीम खान, मोनू खान, आजम खान, खुशनुमा खान, प्रदेश मीडिया प्रभारी सैयद सलमान तथा डॉ. सैयद शहाबुद्दीन सहित पीस कमेटी ऑफ इंडिया के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। हिंदुस्तान खबर71
- *भुता में कांवड़ियों की सुविधा के लिए खाली कराया गया भुता चौराहा, 24 घंटे तैनात रही पुलिस। *भुता में कांवड़ियों की सुविधा के लिए खाली कराया गया भुता चौराहा, 24 घंटे तैनात रही पुलिस* *भूपेंद्र शर्मा, ब्यूरो, बरेली।* *भुता।* सावन माह में कांवड़ यात्रा को लेकर भुता पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। रविवार को भुता थाना अध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने भुता चौराहे पर विशेष अभियान चलाकर पूरे चौराहे को कांवड़ियों के लिए खाली कराया। पुलिस की मौजूदगी में किसी भी वाहन और दुकानदार को चौराहे पर खड़ा नहीं होने दिया गया। इसका उद्देश्य कांवड़ियों को बिना किसी बाधा के सुगम और सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना है। *थाना अध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह का बयान* इस संबंध में भुता थाना अध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि "कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी के चलते पुर और फरीदपुर दोनों चौराहों पर लगातार पुलिस बल तैनात किया गया है। 24 घंटे गश्त की जा रही है। कांवड़ियों के लिए किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। यातायात और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है"। *पुलिस की मुस्तैदी से खुश हुए कांवड़िए और स्थानीय लोग* पुलिस की सक्रियता और व्यवस्था देखकर कांवड़ियों ने राहत की सांस ली। कांवड़ियों ने कहा कि पुलिस की वजह से उन्हें यात्रा में कोई दिक्कत नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों ने भी भुता पुलिस के इस कदम की सराहना की है। थाना अध्यक्ष के साथ पूरी पुलिस टीम चौराहों पर डटी रहकर यातायात को सुचारू कर रही है। भुता पुलिस की सतर्कता और समय पर उठाए गए कदमों से क्षेत्र में कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो रही है।1
- बरेली श्रावण मास में जगह-जगह शिव भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन किया जा रहा है इसी कड़ी में आज धर्म कांटा प्रेम नगर स्थित भंडारे का आयोजन किया गया1
- डोरी लाल स्टेडियम पर आज सुबह बाइक ऐंथन का आयोजन सैकड़ो बच्चों ने लिया हिस्सा साइकिल से 10 किलोमीटर की रही दौड़ विजेता बच्चों को दिए गए पुरस्कार2
- बरेली: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, थाना किला पुलिस की कार्रवाई बरेली: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, थाना किला पुलिस की कार्रवाई बरेली। थाना किला पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में लगातार कार्रवाई की जा रही थी और मुखबिर की सूचना पर उसे किला फाटक पुल के पास से दबोच लिया गया। पुलिस के मुताबिक पीड़िता ने 26 जून 2026 को थाना किला में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि आरोपी ने शादी का आश्वासन देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जब पीड़िता और उसकी मां आरोपी के घर शिकायत लेकर पहुंचे तो आरोपी और उसके परिजनों ने गाली-गलौज, मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। शिकायत के आधार पर थाना किला में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। शनिवार को अपराधियों की गिरफ्तारी के अभियान के दौरान थाना किला पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी दानीश पुत्र इकबाल, निवासी मोहल्ला 12 बघिया, थाना किला, बरेली (उम्र 27 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध मुकदमा संख्या 234/2026 धारा 69/115(2)/352/351(3) बीएनएस के तहत दर्ज है। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसका पीड़िता के साथ प्रेम-प्रसंग था और उसने शादी का आश्वासन देकर संबंध बनाए थे। बाद में विवाद होने पर मामला पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर न्यायालय के समक्ष पेश किया।1