पुलिस महानिरीक्षक, अंबाला मंडल, अंबाला छावनी, श्री पंकज नैन के नेतृत्व में अंबाला मंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों में 28 मई 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया गया एक माह का विशेष अभियान "ऑपरेशन मैदान 2.0" सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस अभियान का उद्देश्य नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाना था, जिसमें अंबाला मंडल पुलिस ने सुनियोजित रणनीति, आधुनिक तकनीक और सघन निगरानी का उपयोग करते हुए नशा तस्करों के खिलाफ व्यापक स्तर पर कार्रवाई की। अभियान की समापन समीक्षा के दौरान श्री पंकज नैन ने बताया कि एक माह की अवधि में अंबाला मंडल के तीनों जिलों में कुल 95 अभियोग दर्ज किए गए और 164 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों से लगभग 7 करोड़ 52 लाख रुपये मूल्य के विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थ बरामद किए गए। बरामद मादक पदार्थों में 2 किलोग्राम 867 ग्राम 173 मिलीग्राम हेरोइन, 8 ग्राम चरस, 1 किलोग्राम 852 ग्राम 060 मिलीग्राम अफीम, 512 किलोग्राम 763 ग्राम चूरा पोस्त, 22 किलोग्राम 948 ग्राम गांजा, 33.670 ग्राम स्मैक, 7326 प्रतिबंधित कैप्सूल/टैबलेट, 200 लीटर लाहन और 730 बोतल अवैध शराब शामिल है। इसके अतिरिक्त, एक ट्रक, 14 मोटरसाइकिल और पांच कारें भी कब्जे में ली गईं, और आरोपियों से 11,54,000 रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस ने पूर्व में गिरफ्तार होकर जमानत पर रिहा हुए नशा तस्करों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी, जिसके तहत 1204 आदतन अपराधियों को चैक किया गया और 67 आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीसीट खोली गई। नशा तस्करों की गतिविधियों पर निगरानी के लिए 209 सीसीटीवी कैमरों को निगरानी तंत्र से जोड़ा गया, जबकि प्रतिबंधित और अवैध नशीली दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से 1226 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण और जांच की गई। अभियान के तहत नशा तस्करी में संलिप्त अपराधियों के 17 अवैध निर्माणों/संपत्तियों को ध्वस्त किया गया, जिसे पुलिस ने नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ, पुलिस ने नशे की गिरफ्त में आए व्यक्तियों के उपचार और पुनर्वास पर भी ध्यान दिया। अभियान के दौरान 255 नशा प्रभावित व्यक्तियों को उपचार और परामर्श उपलब्ध कराया गया, जबकि अत्यधिक नशे की लत से ग्रस्त 31 व्यक्तियों को बेहतर चिकित्सा और पुनर्वास के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। श्री पंकज नैन ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल नशा तस्करी पर अंकुश लगाना ही नहीं, बल्कि नशे के शिकार लोगों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन प्रदान करना भी है। पुलिस महानिरीक्षक श्री पंकज नैन ने अभियान की सफलता का श्रेय अंबाला मंडल के तीनों जिलों की पुलिस टीमों, विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों और आमजन द्वारा उपलब्ध कराई गई महत्वपूर्ण सूचनाओं को दिया। उन्होंने "ऑपरेशन मैदान 2.0" को नशामुक्त समाज की दिशा में एक सशक्त जनआंदोलन बताया और विश्वास व्यक्त किया कि प्रभावी रणनीति, आधुनिक तकनीक, दृढ़ इच्छाशक्ति तथा जनसहयोग से नशा तस्करी पर नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने अंबाला मंडल के नागरिकों से नशे के खिलाफ इस जनभागीदारी अभियान को आगे भी सफल बनाने के लिए पुलिस का सहयोग करने और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल साझा करने की अपील की। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि नशा तस्करों के विरुद्ध अंबाला मंडल पुलिस की कार्रवाई निरंतर, कठोर और प्रभावी रूप से जारी रहेगी, और किसी भी स्तर पर नशे के कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा।
पुलिस महानिरीक्षक, अंबाला मंडल, अंबाला छावनी, श्री पंकज नैन के नेतृत्व में अंबाला मंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों में 28 मई 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया गया एक माह का विशेष अभियान "ऑपरेशन मैदान 2.0" सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस अभियान का उद्देश्य नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाना था, जिसमें अंबाला मंडल पुलिस ने सुनियोजित रणनीति, आधुनिक तकनीक और सघन निगरानी का उपयोग करते हुए नशा तस्करों के खिलाफ व्यापक स्तर पर कार्रवाई की। अभियान की समापन समीक्षा के दौरान श्री पंकज नैन ने बताया कि एक माह की अवधि में अंबाला मंडल के तीनों जिलों में कुल 95 अभियोग दर्ज किए गए और 164 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों से लगभग 7 करोड़ 52 लाख रुपये मूल्य के विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थ बरामद किए गए। बरामद मादक पदार्थों में 2 किलोग्राम 867 ग्राम 173 मिलीग्राम हेरोइन, 8 ग्राम चरस, 1 किलोग्राम 852 ग्राम 060 मिलीग्राम अफीम, 512 किलोग्राम 763 ग्राम चूरा पोस्त, 22 किलोग्राम 948 ग्राम गांजा, 33.670 ग्राम स्मैक, 7326 प्रतिबंधित कैप्सूल/टैबलेट, 200 लीटर लाहन और 730 बोतल अवैध शराब शामिल है। इसके अतिरिक्त, एक ट्रक, 14 मोटरसाइकिल और पांच कारें भी कब्जे में ली गईं, और आरोपियों से 11,54,000 रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस ने पूर्व में गिरफ्तार होकर जमानत पर रिहा हुए नशा तस्करों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी, जिसके तहत 1204 आदतन अपराधियों को चैक किया गया और 67 आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीसीट खोली गई। नशा तस्करों की गतिविधियों पर निगरानी के लिए 209 सीसीटीवी कैमरों को निगरानी तंत्र से जोड़ा गया, जबकि प्रतिबंधित और अवैध नशीली दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से 1226 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण और जांच की गई। अभियान के तहत नशा तस्करी में संलिप्त अपराधियों के 17 अवैध निर्माणों/संपत्तियों को ध्वस्त किया गया, जिसे पुलिस ने नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ, पुलिस ने नशे की गिरफ्त में आए व्यक्तियों के उपचार और पुनर्वास पर भी ध्यान दिया। अभियान के दौरान 255 नशा प्रभावित व्यक्तियों को उपचार और परामर्श उपलब्ध कराया गया, जबकि अत्यधिक नशे की लत से ग्रस्त 31 व्यक्तियों को बेहतर चिकित्सा और पुनर्वास के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। श्री पंकज नैन ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल नशा तस्करी पर अंकुश लगाना ही नहीं, बल्कि नशे के शिकार लोगों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन प्रदान करना भी है। पुलिस महानिरीक्षक श्री पंकज नैन ने अभियान की सफलता का श्रेय अंबाला मंडल के तीनों जिलों की पुलिस टीमों, विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों और आमजन द्वारा उपलब्ध कराई गई महत्वपूर्ण सूचनाओं को दिया। उन्होंने "ऑपरेशन मैदान 2.0" को नशामुक्त समाज की दिशा में एक सशक्त जनआंदोलन बताया और विश्वास व्यक्त किया कि प्रभावी रणनीति, आधुनिक तकनीक, दृढ़ इच्छाशक्ति तथा जनसहयोग से नशा तस्करी पर नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने अंबाला मंडल के नागरिकों से नशे के खिलाफ इस जनभागीदारी अभियान को आगे भी सफल बनाने के लिए पुलिस का सहयोग करने और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल साझा करने की अपील की। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि नशा तस्करों के विरुद्ध अंबाला मंडल पुलिस की कार्रवाई निरंतर, कठोर और प्रभावी रूप से जारी रहेगी, और किसी भी स्तर पर नशे के कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा।
- हरियाणा में नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने 1 जुलाई 2026 को सरकार की कथित वादाखिलाफी के खिलाफ आक्रोश झाड़ू प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राज्य कमेटी के आह्वान पर किया गया, जिसकी अध्यक्षता नगर पालिका कर्मचारी संघ इकाई प्रधान पपला ने की और मंच का संचालन सचिव सुभाष ने किया। राज्य महासचिव मांगेराम तिगरा ने इस मौके पर बताया कि नगर पालिका कर्मचारी संघ ने 1 मई से 14 मई 2026 तक राज्यव्यापी हड़ताल की थी। इस दौरान सरकार के साथ बातचीत में 22 सूत्रीय मांगों में से 17 मांगों पर सहमति बनी थी, जिसमें कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना मुख्य मांग थी। सरकार ने 30 जून तक सभी पालिका रोल पर लगे कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की बात स्वीकार की थी। हालांकि, तिगरा के अनुसार, आज तक एक भी कच्चे कर्मचारी को पक्का नहीं किया गया और न ही इस संबंध में कोई पत्र जारी किया गया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का पत्र जारी नहीं किया गया, तो 1 और 2 जुलाई को भी आक्रोश झाड़ू प्रदर्शन जारी रहेगा। इसके बाद जुलाई में 7 तारीख से लेकर 22 तारीख तक हर जिले में राज्य कमेटी के डेपुटेशन द्वारा रैलियां की जाएंगी। यदि इसके बाद भी सरकार नहीं मानी, तो 6, 7 और 8 अगस्त को राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी। संघ ने स्पष्ट किया कि इस दौरान जनता को होने वाली किसी भी परेशानी की सारी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। इस प्रदर्शन में उप प्रधान रमन, सह सचिव संजीत तिगरा, प्रधान सनी, श्यामलाल, संजय गहलोत, संजय डुलगच, अमित और सुरेश सहित कई अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।4
- सहारनपुर के गंगोह कस्बे के वार्ड संख्या 13 में चल रहे सड़क और नाला निर्माण कार्य की धीमी गति को लेकर क्षेत्रवासियों में गहरी नाराजगी है। यह निर्माण कार्य करीब एक माह से जारी है, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो सका है, जिसके कारण लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि टूटी हुई सड़क का मलबा और अन्य निर्माण सामग्री लंबे समय से सड़क पर ही पड़ी हुई है, जिससे वाहनों के साथ-साथ पैदल चलना भी दूभर हो गया है। सड़क पर फैले इस मलबे के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है। वार्डवासियों ने नगर प्रशासन से तत्काल निर्माण कार्य में तेजी लाने और सड़क पर पड़े मलबे को हटवाने की कड़ी मांग की है।1
- हरियाणा के यमुनानगर शहरवासियों के लिए यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि देश के प्रसिद्ध जादूगर बादशाह पहली बार अपने भव्य लाइव शो 'बादशाह मैजिक वर्ल्ड' के साथ शहर आ रहे हैं। इस विश्वस्तरीय जादू के सबसे भव्य लाइव शो का आयोजन 3 जुलाई 2026 से 26 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। शो के समय के अनुसार, सोमवार से शुक्रवार तक यह शाम 4:00 बजे और शाम 7:00 बजे आयोजित होगा, जबकि शनिवार एवं रविवार को दर्शक दोपहर 1:00 बजे, शाम 4:00 बजे और शाम 7:00 बजे इसका आनंद ले सकेंगे।1
- कुरुक्षेत्र के शाहबाद में पिछले कई महीनों से भारी मात्रा में कबाड़ पड़ा हुआ है। यहाँ कबाड़ उठाने वाले लोग केवल पॉलिथीन और थोड़ा कचरा ही उठाकर ले जाते हैं, लेकिन संपूर्ण रूप से सारा कबाड़ नहीं उठाते। इस अपूर्ण सफाई के कारण, इस जगह पर अब कबाड़ का पूरी तरह से एक विशाल ढेर बन चुका है।1
- #growthhacks #reelsviral #facebookreels2026 #techtricks #moreviews#facebook #instagram #youtube #twitter #tiktok2
- अम्बाला मण्डल में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से 28 मई 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया गया एक माह का विशेष अभियान "ऑपरेशन मैदान 2.0" सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया है। पुलिस महानिरीक्षक, अम्बाला मण्डल, अम्बाला छावनी श्री पंकज नैन के नेतृत्व में हुए इस अभियान के दौरान अम्बाला मण्डल पुलिस ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई करते हुए 164 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों से लगभग ₹7 करोड़ 52 लाख मूल्य के विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थ बरामद किए गए। अभियान की समापन समीक्षा में श्री पंकज नैन ने बताया कि इस एक महीने की अवधि में अम्बाला मण्डल के तीनों जिलों में कुल 95 अभियोग दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त, पूर्व में जमानत पर रिहा हुए नशा तस्करों की गतिविधियों पर भी विशेष निगरानी रखी गई, जिसके तहत 1204 आदतन अपराधियों की जाँच की गई और 67 आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीसीट खोली गई। पुलिस ने 2 किलोग्राम 867 ग्राम, 173 मिलीग्राम हेरोइन; 8 ग्राम चरस; 1 किलोग्राम 852 ग्राम, 060 मिलीग्राम अफीम; 512 किलोग्राम 763 ग्राम चूरा पोस्त; 22 किलोग्राम 948 ग्राम गांजा; 33.670 ग्राम स्मैक; 7326 प्रतिबंधित कैप्सूल/टैबलेट; 200 लीटर लाहन और 730 बोतल अवैध शराब बरामद की। साथ ही, 1 ट्रक, 14 मोटरसाइकिल, 5 कारें और ₹11,54,000 नकद भी जब्त किए गए। ऑपरेशन "मैदान 2.0" के तहत आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए अम्बाला मण्डल के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित 209 सीसीटीवी कैमरों को निगरानी तंत्र से जोड़ा गया। प्रतिबंधित एवं अवैध नशीली दवाइयों की बिक्री रोकने के लिए 1226 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण एवं जांच भी की गई। पुलिस ने नशा तस्करी में संलिप्त अपराधियों के 17 अवैध निर्माणों/संपत्तियों को ध्वस्त कर उनके आर्थिक नेटवर्क पर भी प्रहार किया, जो अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति को संरक्षण न देने का स्पष्ट संदेश है। नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही के साथ-साथ, नशे की गिरफ्त में आए व्यक्तियों के उपचार एवं पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अभियान के दौरान 255 नशा प्रभावित व्यक्तियों को उपचार और परामर्श प्रदान किया गया, जबकि अत्यधिक नशे की लत से ग्रस्त 31 व्यक्तियों को बेहतर चिकित्सा एवं पुनर्वास के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। श्री पंकज नैन ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल तस्करी पर अंकुश लगाना नहीं, बल्कि नशे के शिकार लोगों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन प्रदान करना भी है। पुलिस महानिरीक्षक ने अभियान की सफलता का श्रेय अम्बाला मण्डल की पुलिस टीमों, विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों और आमजन द्वारा उपलब्ध कराई गई महत्वपूर्ण सूचनाओं को दिया। उन्होंने अपील की कि नशा मुक्त, सुरक्षित और स्वस्थ समाज की स्थापना के लिए नागरिक पुलिस का सहयोग जारी रखें और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल साझा करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह विशेष अभियान समाप्त हो चुका है, लेकिन नशा तस्करों के विरुद्ध अम्बाला मण्डल पुलिस की कार्यवाही निरंतर, कठोर और प्रभावी रूप से जारी रहेगी।1
- हरियाणा के अंबाला में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ बोरवेल में गिरने से चार साल के मासूम निरवैर की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने बड़ा और त्वरित एक्शन लिया है। यह हृदयविदारक हादसा 4 साल के निरवैर की जान ले गया। घटना के बाद स्थानीय समुदाय में गहरा रोष व्याप्त है और निरवैर के लिए न्याय की मांग जोर पकड़ रही है। पुलिस ने इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए तीन व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का यह कदम उन सभी के लिए एक चेतावनी है जो सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए खतरनाक बोरवेल खुले छोड़ देते हैं, और समुदाय अब इस दुखद घटना के लिए पूर्ण जवाबदेही और निरवैर के लिए न्याय की उम्मीद कर रहा है।1
- यमुनानगर से जंगल और पर्यावरण को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ खैर के बेशकीमती पेड़ों पर संकट मंडराता दिख रहा है। वाइल्ड लाइफ विभाग के डारपुर ब्लॉक के मेहरनीवाला जंगल में दो दर्जन से अधिक खैर के पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया है। मौके पर मिले कटे हुए पेड़ों के ठूंठ और अवशेष जंगल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कुछ समय पहले ही वन्य जीव प्राणी विभाग क्षेत्र में हजारों पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सुर्खियों में रहा था, जिस पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई भी की गई थी। इसके बावजूद जंगलों में अवैध कटान थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर निगरानी व्यवस्था में कहाँ कमी रह जा रही है, जो तस्करों को बार-बार जंगलों में सेंध लगाने का मौका दे रही है। खैर का पेड़ अपनी लकड़ी के लिए तस्करों का निशाना बनता है, जिससे पारंपरिक रूप से कत्था सहित कई उत्पाद बनाए जाते हैं। इस मामले पर विभाग से जानकारी मांगने पर अधिकारियों ने बताया कि यह घटना 27 तारीख की है और इसमें कार्रवाई की गई है। हालाँकि, की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया, और संबंधित अधिकारी ने खुद को बयान देने के लिए सक्षम नहीं बताया। मौके की तस्वीरों में कटे पेड़ों के ठूंठ साफ दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह भी सवाल उठता है कि क्या अवैध कटान के बाद नियमानुसार निरीक्षण और रिकॉर्ड प्रक्रिया, जैसे कि डेमेज रिपोर्ट अंकित करना, पूरी की गई है, क्योंकि मौके पर ऐसी किसी जानकारी का अभाव है। वहीं, खंड इंचार्ज ने हाल ही में पदभार संभालने की बात कहते हुए मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया है। जंगल और पर्यावरण के लिए खैर का पेड़ केवल लकड़ी का स्रोत नहीं है, बल्कि यह जंगल की जैव विविधता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जंगल सिर्फ पेड़ों का समूह नहीं होते, बल्कि ये बारिश के चक्र, भूजल स्तर, मिट्टी संरक्षण और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की नींव होते हैं। इसलिए, यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि क्या जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और खैर तस्करों पर सख्त कार्रवाई होगी, या फिर बेशकीमती लकड़ी का लालच यमुनानगर के जंगलों पर भारी पड़ता रहेगा।1