कबीरधाम जिले के ग्राम सरोदादर में पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) ने स्कूली छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक सामग्री वितरित की, जिससे बच्चों के चेहरों पर खुशी बिखर गई। उन्होंने बच्चों को पेन, कॉपी, पेंसिल, कटर, रबर, स्लेट और पहाड़ा सहित अन्य अध्ययन सामग्री प्रदान की। इस मानवीय पहल के लिए अभिभावकों और ग्रामीणों ने पुलिस विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उसकी सराहना की, और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक पुलिस अधीक्षक का आत्मीय स्वागत किया। पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है और हर बच्चे को पढ़ने-लिखने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए भी लगातार प्रयासरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने, मेहनत से पढ़ाई करने तथा अपने माता-पिता व शिक्षकों का सम्मान करने का आग्रह किया, और ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील भी की। शैक्षणिक सामग्री वितरण कार्यक्रम के बाद, पुलिस अधीक्षक ने ग्राम में जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं, सुझावों और शिकायतों को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने ग्रामीणों को पुलिस की कार्यप्रणाली और विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने युवाओं और ग्रामीणों को साइबर ठगी से सतर्क रहने, किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर भरोसा न करने और आपात स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करने का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा और रोजगार पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। ग्रामवासियों ने पुलिस अधीक्षक की इस पहल के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करते हैं और पुलिस व जनता के बीच विश्वास व आत्मीयता को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि बच्चों के हाथों में शैक्षणिक सामग्री और उनके चेहरों पर छाई मुस्कान रही, जिसकी ग्रामीणों, अभिभावकों और शिक्षकों ने खुले मन से सराहना की। इस अवसर पर थाना प्रभारी चिल्फी श्री लालजी सिन्हा सहित अन्य पुलिसकर्मी, ग्रामवासी और शिक्षक उपस्थित रहे।
कबीरधाम जिले के ग्राम सरोदादर में पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) ने स्कूली छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक सामग्री वितरित की, जिससे बच्चों के चेहरों पर खुशी बिखर गई। उन्होंने बच्चों को पेन, कॉपी, पेंसिल, कटर, रबर, स्लेट और पहाड़ा सहित अन्य अध्ययन सामग्री प्रदान की। इस मानवीय पहल के लिए अभिभावकों और ग्रामीणों ने पुलिस विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उसकी सराहना की, और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक पुलिस अधीक्षक का आत्मीय स्वागत किया। पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है और हर बच्चे को पढ़ने-लिखने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए भी लगातार प्रयासरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने, मेहनत से पढ़ाई करने तथा अपने माता-पिता व शिक्षकों का सम्मान करने का आग्रह किया, और ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील भी की। शैक्षणिक सामग्री वितरण कार्यक्रम के बाद, पुलिस अधीक्षक ने ग्राम में जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं, सुझावों और शिकायतों को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने ग्रामीणों को पुलिस की कार्यप्रणाली और विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने युवाओं और ग्रामीणों को साइबर ठगी से सतर्क रहने, किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर भरोसा न करने और आपात स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करने का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा और रोजगार पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। ग्रामवासियों ने पुलिस अधीक्षक की इस पहल के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करते हैं और पुलिस व जनता के बीच विश्वास व आत्मीयता को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि बच्चों के हाथों में शैक्षणिक सामग्री और उनके चेहरों पर छाई मुस्कान रही, जिसकी ग्रामीणों, अभिभावकों और शिक्षकों ने खुले मन से सराहना की। इस अवसर पर थाना प्रभारी चिल्फी श्री लालजी सिन्हा सहित अन्य पुलिसकर्मी, ग्रामवासी और शिक्षक उपस्थित रहे।
- बिल्हा पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मंगलवार शाम 4 बजे बिल्हा पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने आरोपी महेश कोसले (पिता छेदीलाल कोसले, उम्र 38 वर्ष, निवासी भैसबोड, थाना बिल्हा, जिला बिलासपुर) के घर से कुल 122 देशी/मसाला शराब के पाव जब्त किए हैं। जब्त शराब में 97 पाव देशी प्लेन शराब और 25 पाव देशी मसाला शराब शामिल है, जिसकी कुल मात्रा 21.960 लीटर और अनुमानित कीमत ₹10,260 है। यह कार्रवाई उमनि एवं वपुअ महोदय श्री रजनेश सिंह बिलासपुर (भा.पु.से.) के निर्देशों के परिपालन में की गई है, जिन्होंने जिले के सभी थाना/चौकी प्रभारियों को अवैध शराब बिक्री और परिवहन करने वाले व्यक्तियों पर अंकुश लगाने हेतु निर्देशित किया था। इस आदेश के तहत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदया मधुलिका सिंह एवं नगर पुलिस अधीक्षक महोदय चकरभाठा श्रीमती नुपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी द्वारा थाना स्तर पर एक सिविल टीम गठित की गई। इस टीम ने बिल्हा क्षेत्र के ग्रामीणों से संपर्क कर अवैध शराब बिक्री एवं परिवहन करने वाले व्यक्तियों के बारे में जानकारी प्राप्त की और विश्वस्त मुखबिरों के माध्यम से ऐसी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इसी क्रम में, दिनांक 29.06.2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि महेश कोसले निवासी भैसबोड अपने घर में भारी मात्रा में अवैध शराब बिक्री के लिए रखे हुए है। सूचना पर सिविल टीम ने मौके पर भैसबोड पहुंचकर महेश कोसले की उपस्थिति में उसके मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान, घर के अंदर एक सफेद रंग के थैले में 97 नग देशी प्लेन शराब और एक काले रंग के पिट्ठू बैग में 25 नग देशी मसाला शराब पाई गई, जिसे कुल 122 नग देशी/मसाला शराब (मात्रा 21.960 लीटर, कीमती ₹10,260) के साथ जब्त कर लिया गया। आरोपी महेश कोसले को अपराध धारा 34(2) का आरोपी पाए जाने पर आज मंगलवार को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। बिल्हा पुलिस ने बताया है कि अवैध गतिविधियों पर उनकी लगातार कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, प्र.आर. 102 अमर चन्द्रा, आरक्षक 1210 सुमन चंद्रवशी, 1390 संतोष मरकाम, 1431 अर्जुन जांगडे का विशेष योगदान रहा।1
- बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को घटना दर्ज होने के चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, तोरवा थाने में अपराध क्रमांक 357/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(एम) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अभिषेक धीरज, पिता विजय धीरज, निवासी सिलपहरी, सिरगिट्टी, बिलासपुर के रूप में हुई है। पीड़िता ने 29 जून 2026 को तोरवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पढ़ाई के दौरान उसकी पहचान आरोपी से हुई थी। आरोपी ने विश्वास में लेकर उसे अपने झांसे में फंसाया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। शिकायत के मुताबिक, आरोपी 18 अगस्त 2025 से 6 जून 2026 तक लगातार नाबालिग का यौन शोषण करता रहा। जब पीड़िता ने उससे मिलने से इनकार किया, तो आरोपी उसे ब्लैकमेल कर धमकाने लगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी तोरवा के निर्देशन में पुलिस टीम ने सिरगिट्टी क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अभिषेक धीरज को 30 जून 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।1
- मंडला जिला योजना भवन में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली साप्ताहिक जनसुनवाई में आज प्रभारी कलेक्टर श्री अनिल कुमार राठौर ने जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आए 117 आवेदकों की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से सुना। प्रभारी कलेक्टर ने इन शिकायतों और मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया और उपस्थित अधिकारियों को उनके त्वरित तथा गुणवत्तापूर्ण निराकरण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसामान्य की समस्याओं का समय-सीमा में समाधान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभारी कलेक्टर श्री राठौर ने सभी विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि पात्र आवेदकों पर पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके। इस जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर श्री राजेंद्र कुमार सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीना, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती क्षमा सराफ एवं श्री संस्कार बावरिया, तथा एसडीम मंडला श्रीमती सोनल सिडाम ने भी आवेदनों की समस्याएँ सुनीं। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के स्नातक चिकित्सा शिक्षा बोर्ड द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 150 एमबीबीएस सीटों की मान्यता का नवीनीकरण प्रदान किया गया है। इस महत्वपूर्ण फैसले से नए सत्र में 150 छात्रों के प्रवेश का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस उपलब्धि को सिम्स की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की राष्ट्रीय स्तर पर पुष्टि माना जा रहा है।1
- सिपाही गांव में श्री मदभागवत महापुराण का आयोजन किया गया है, जिसके तहत एक शोभायात्रा निकाली गई।1
- चकरभाठा पुलिस ने सोमवार रात एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी कि उन्होंने दो आरोपियों को 22 लीटर महुआ शराब के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि दो व्यक्ति मोटरसाइकिल क्रमांक CG 10 BM 7883 पर ग्राम सरवानी तालाब के पास से ग्राम पोड़ी की तरफ जा रहे हैं और उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल के बीच में एक प्लास्टिक की सीमेंट बोरी में शराब रखी हुई है। पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्राम सरवानी के तालाब के पास मुख्य मार्ग पर उक्त मोटरसाइकिल को रोका और जाँच की। जाँच के दौरान प्लास्टिक की सीमेंट बोरी में कुल 22 लीटर महुआ शराब मिली, जिसकी अनुमानित कीमत 4400 रुपये बताई गई है। आरोपियों की पहचान हरप्रसाद मरावी (46 वर्ष) पिता शोभाराम मरावी और दिलसिंह गोंड (22 वर्ष) पिता मांझीराम गोंड के रूप में हुई है। दोनों ग्राम पोड़ी(स), थाना सिरगिट्टी, जिला बिलासपुर के निवासी बताए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इस शराब को बिक्री के उद्देश्य से ले जा रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया और आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 47 के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर सोमवार को माननीय न्यायालय में न्यायिक रिमांड पर पेश किया। चकरभाठा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध गतिविधियों में लिप्त अपराधियों की सूचना तुरंत स्थानीय थाने या डायल 112 पर दें।1
- बिलासपुर में महिला सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तोरवा पुलिस ने छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार के आरोपी राम मोंगरे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई तब की गई जब पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके साथ बुरी नीयत से छेड़छाड़ की गई और उसकी लेगिंग फाड़ दी गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, तोरवा थाना में अपराध क्रमांक 356/2026 के तहत धारा 74 और 296 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि 29 जून 2026 की शाम लगभग 7:30 बजे, देवरीडीह निवासी राम मोंगरे ने बुरी नीयत से उसका हाथ और बांह पकड़कर छेड़छाड़ की। आरोपी ने पीड़िता द्वारा पहनी गई लेगिंग को भी फाड़ दिया था। घटना की सूचना मिलते ही, थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल एक पुलिस टीम का गठन किया। पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राम मोंगरे पिता मलिक मोंगरे, निवासी देवरीडीह, थाना तोरवा, जिला बिलासपुर को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। विधिसम्मत कार्रवाई के बाद, पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। महिला संबंधी अपराधों पर तोरवा पुलिस द्वारा दिखाई गई इस संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर खूब सराहना हो रही है।1
- मानसून की पहली तेज बारिश ने डिंडोरी नगर परिषद की जल निकासी व्यवस्था और तैयारियों के सारे दावों को उजागर कर दिया है। जिन नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को लेकर समय रहते तैयारी होनी चाहिए थी, उनकी पहली ही बारिश में ऐसी स्थिति हो गई कि पानी सड़कों से निकलकर सीधे घरों और दुकानों में घुस गया। शहर के कई वार्डों में जलभराव के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। वार्ड क्रमांक 08 स्थित कृष्ण मंदिर क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद एक किराना दुकान के भीतर तक पानी पहुंच गया, जिससे दुकानदार को काफी नुकसान हुआ और स्थानीय लोगों में गहरा रोष फैल गया। वार्डवासियों का कहना है कि बरसात कोई अचानक आने वाली आपदा नहीं बल्कि हर साल आने वाला मौसम है, ऐसे में पहली बारिश में ही नालियों का जवाब दे जाना नगर परिषद की तैयारी की कमी और घोर लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने आरोप लगाया कि समय रहते सफाई और जल निकासी पर ध्यान दिया जाता तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था। इस प्रारंभिक विफलता के बाद अब सवाल उठ रहा है कि जब शुरुआत में ही व्यवस्था चरमरा गई, तो पूरे मानसून के दौरान शहर की क्या स्थिति होगी। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से तत्काल नालियों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। यह देखना बाकी है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल निरीक्षण करेंगे या समस्याओं का समाधान भी प्रदान करेंगे।2