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नूरपुर के निवासी 17 वर्षीय यशोवर्धन अत्री ने पिछले लगभग 9 वर्षों से योगासन के निरंतर अभ्यास और प्रयास से जिला स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपने माता-पिता, प्रशिक्षकों, विद्यालय, क्षेत्र, प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। हमीरपुर के वार्ड नंबर एक के निवासी और हिम अकादमी पब्लिक स्कूल विकास नगर के 12वीं कक्षा के छात्र यशोवर्धन अत्री ने स्कूली गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई), भारत योगासन और वाईएफआई के हर मंच पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ योगासन खिलाड़ियों में अपनी श्रेष्ठता दर्ज की है। खेल सत्र 2025-26 में यशोवर्धन ने स्टेट स्कूल गेम्स (14-19 आयु वर्ग) में स्वर्ण पदक जीता। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भारत योगासन संबद्ध स्टेट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक लगाई और वाईएफआई संबद्ध राज्य चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक हासिल कर एक ही सत्र में स्वर्ण पदकों का ‘पंच’ पूरा किया। राष्ट्रीय स्तर पर, कोलकाता में आयोजित एसजेएफआई गेम्स अंडर-19 और विजयवाड़ा में आयोजित छठी जूनियर नेशनल योगासन प्रतियोगिता में अंडर-18 पुरुष वर्ग में उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में सर्वश्रेष्ठ चार में स्थान बनाकर अद्भुत प्रतिभा का परिचय दिया। वाईएफआई की 50वीं नेशनल चैंपियनशिप में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर, यशोवर्धन ने वर्ष 2025 में सिंगापुर में आयोजित 10वीं एशियाई योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में योगा फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। उन्होंने बताया कि वे अपने प्रशिक्षकों की देखरेख में प्रतिदिन 3 से 4 घंटे योगासन का अभ्यास करते हैं और आने वाले समय में एशियन गेम्स व कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पदक जीतना उनका लक्ष्य है। यशोवर्धन अत्री आज प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनकर उभर रहे हैं और योगासन के प्रति जागरूकता बढ़ा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि उनके पिता नरेंद्र अत्री भी प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ी रहे हैं और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष के रूप में खेलों के विकास में योगदान दे रहे हैं, यशोवर्धन अत्री ने योगासन में देश-विदेश में हिमाचल का परचम लहराया है और जिला स्तर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने हैं।

14 hrs ago
user_भूषण शर्मा
भूषण शर्मा
नूरपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
14 hrs ago
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नूरपुर के निवासी 17 वर्षीय यशोवर्धन अत्री ने पिछले लगभग 9 वर्षों से योगासन के निरंतर अभ्यास और प्रयास से जिला स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपने माता-पिता, प्रशिक्षकों, विद्यालय, क्षेत्र, प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। हमीरपुर के वार्ड नंबर एक के निवासी और हिम अकादमी पब्लिक स्कूल विकास नगर के 12वीं कक्षा के छात्र यशोवर्धन अत्री ने स्कूली गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई), भारत योगासन और वाईएफआई के हर मंच पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ योगासन खिलाड़ियों में अपनी श्रेष्ठता दर्ज की है। खेल सत्र 2025-26 में यशोवर्धन ने स्टेट स्कूल गेम्स (14-19 आयु वर्ग) में स्वर्ण पदक जीता। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भारत योगासन संबद्ध स्टेट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक लगाई और वाईएफआई संबद्ध राज्य चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक हासिल कर एक ही सत्र में स्वर्ण पदकों का ‘पंच’ पूरा किया। राष्ट्रीय स्तर पर, कोलकाता में आयोजित एसजेएफआई गेम्स अंडर-19 और विजयवाड़ा में आयोजित छठी जूनियर नेशनल योगासन प्रतियोगिता में अंडर-18 पुरुष वर्ग में उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में सर्वश्रेष्ठ चार में स्थान बनाकर अद्भुत प्रतिभा का परिचय दिया। वाईएफआई की 50वीं नेशनल चैंपियनशिप में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर, यशोवर्धन ने वर्ष 2025 में सिंगापुर में आयोजित 10वीं एशियाई योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में योगा फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। उन्होंने बताया कि वे अपने प्रशिक्षकों की देखरेख में प्रतिदिन 3 से 4 घंटे योगासन का अभ्यास करते हैं और आने वाले समय में एशियन गेम्स व कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पदक जीतना उनका लक्ष्य है। यशोवर्धन अत्री आज प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनकर उभर रहे हैं और योगासन के प्रति जागरूकता बढ़ा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि उनके पिता नरेंद्र अत्री भी प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ी रहे हैं और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष के रूप में खेलों के विकास में योगदान दे रहे हैं, यशोवर्धन अत्री ने योगासन में देश-विदेश में हिमाचल का परचम लहराया है और जिला स्तर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने हैं।

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  • उपमंडल मुख्यालय फतेहपुर में स्थित उपरोजगार कार्यालय के भवन और उसमें ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी आसपास लगे पेड़ों के कारण लगातार भय में जी रहे हैं। इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए वे बार-बार एसडीएम कार्यालय से निवेदन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई राहत नहीं मिल पाई है। कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 और 2022 से लगातार एसडीएम कार्यालय से इन पेड़ों को कटवाने की अपील की जा रही है। इतना ही नहीं, क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय धर्मशाला ने भी 29-10-2021 को पत्र संख्या 2019/211 के माध्यम से इसी संबंध में अपील की थी। बताया जा रहा है कि पिछले साल एक पेड़ के टूटने से कार्यालय का मुख्य द्वार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। यह भगवान का शुक्र रहा कि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। उक्त नुकसान के बारे में भी संबंधित कार्यालय को अवगत करवा दिया गया था, फिर भी कोई राहत नहीं मिली है। अब नए सिरे से फिर अपील की जाएगी। यह देखना होगा कि उक्त भवन और उसमें कार्यरत कर्मचारियों को पेड़ों के इस भय से कितने समय में मुक्ति मिल पाती है।
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    उपमंडल मुख्यालय फतेहपुर में स्थित उपरोजगार कार्यालय के भवन और उसमें ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी आसपास लगे पेड़ों के कारण लगातार भय में जी रहे हैं। इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए वे बार-बार एसडीएम कार्यालय से निवेदन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई राहत नहीं मिल पाई है।

कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 और 2022 से लगातार एसडीएम कार्यालय से इन पेड़ों को कटवाने की अपील की जा रही है। इतना ही नहीं, क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय धर्मशाला ने भी 29-10-2021 को पत्र संख्या 2019/211 के माध्यम से इसी संबंध में अपील की थी। बताया जा रहा है कि पिछले साल एक पेड़ के टूटने से कार्यालय का मुख्य द्वार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। यह भगवान का शुक्र रहा कि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।

उक्त नुकसान के बारे में भी संबंधित कार्यालय को अवगत करवा दिया गया था, फिर भी कोई राहत नहीं मिली है। अब नए सिरे से फिर अपील की जाएगी। यह देखना होगा कि उक्त भवन और उसमें कार्यरत कर्मचारियों को पेड़ों के इस भय से कितने समय में मुक्ति मिल पाती है।
    user_Surinder Minhas
    Surinder Minhas
    फतेहपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    16 hrs ago
  • वन विभाग ने अवैध लकड़ी परिवहन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के तहत, विभाग ने गैर-कानूनी तरीके से लकड़ी ले जा रहे कुल 10 वाहनों को जब्त किया है।
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    वन विभाग ने अवैध लकड़ी परिवहन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के तहत, विभाग ने गैर-कानूनी तरीके से लकड़ी ले जा रहे कुल 10 वाहनों को जब्त किया है।
    user_247 superfast ks
    247 superfast ks
    ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    14 hrs ago
  • जनजातीय उपमंडल पांगी की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर भाजपा मंडल पांगी और भाजपा समर्थित पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा मंडल अध्यक्ष सतीश कुमार राणा के नेतृत्व में पंचायत समिति सदस्यों, प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने आवासीय आयुक्त पांगी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया, जिसमें क्षेत्र की उपेक्षा पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है। इसके साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पाँच दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो घाटी के जनप्रतिनिधि क्रमिक भूख हड़ताल और अनशन शुरू करेंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि पांगी प्रदेश का एक अति दुर्गम जनजातीय क्षेत्र है, जहाँ भौगोलिक विषमताओं के कारण लोगों को पहले से ही अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद, प्रदेश सरकार द्वारा क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जनजातीय विकास से जुड़े बजट में कटौती की जा रही है, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के स्कूलों और महाविद्यालयों में विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों को समाप्त किए जाने से विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। साथ ही, विभिन्न विभागों में सैकड़ों अधिकारियों और कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं, जिससे आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। प्रतिनिधियों ने पंचायत चुनावों के बाद नव-निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को अधिकार न दिए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका तर्क है कि प्रदेश सरकार द्वारा 6 जून 2026 को जारी अधिसूचना के तहत पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों को 18 अक्टूबर तक वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पांगी घाटी में सरकारी विकास कार्यों का अधिकांश समय अप्रैल से अक्टूबर के बीच होता है, ऐसे में नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों को अधिकारों से वंचित रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनभावनाओं के विपरीत है। इसके अतिरिक्त, पिछले दो महीनों से बनी विद्युत आपूर्ति की समस्या का भी उल्लेख किया गया। प्रतिनिधियों के अनुसार, घाटी के कई गाँव लंबे समय से अनियमित बिजली आपूर्ति या अंधेरे की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों, किसानों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार के समक्ष रखी गई अन्य मांगों में राशन गोदामों की नियमित सफाई सुनिश्चित करना, लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए टेंडरों एवं खर्च की गई धनराशि का विवरण सार्वजनिक करना, विभिन्न विभागों द्वारा पिछले दो वर्षों में खर्च किए गए बजट की जानकारी उपलब्ध कराना, तथा बीएसएनएल और जियो नेटवर्क सेवाओं में सुधार करना शामिल है। ज्ञापन के अंत में, जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पाँच दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो पांगी घाटी के समस्त जनप्रतिनिधि सामूहिक रूप से क्रमिक भूख हड़ताल और अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले किसी भी हालात की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रदेश सरकार की होगी।
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    जनजातीय उपमंडल पांगी की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर भाजपा मंडल पांगी और भाजपा समर्थित पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा मंडल अध्यक्ष सतीश कुमार राणा के नेतृत्व में पंचायत समिति सदस्यों, प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने आवासीय आयुक्त पांगी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया, जिसमें क्षेत्र की उपेक्षा पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है। इसके साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पाँच दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो घाटी के जनप्रतिनिधि क्रमिक भूख हड़ताल और अनशन शुरू करेंगे।

ज्ञापन में कहा गया है कि पांगी प्रदेश का एक अति दुर्गम जनजातीय क्षेत्र है, जहाँ भौगोलिक विषमताओं के कारण लोगों को पहले से ही अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद, प्रदेश सरकार द्वारा क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जनजातीय विकास से जुड़े बजट में कटौती की जा रही है, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के स्कूलों और महाविद्यालयों में विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों को समाप्त किए जाने से विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। साथ ही, विभिन्न विभागों में सैकड़ों अधिकारियों और कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं, जिससे आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है।

प्रतिनिधियों ने पंचायत चुनावों के बाद नव-निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को अधिकार न दिए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका तर्क है कि प्रदेश सरकार द्वारा 6 जून 2026 को जारी अधिसूचना के तहत पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों को 18 अक्टूबर तक वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पांगी घाटी में सरकारी विकास कार्यों का अधिकांश समय अप्रैल से अक्टूबर के बीच होता है, ऐसे में नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों को अधिकारों से वंचित रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनभावनाओं के विपरीत है। इसके अतिरिक्त, पिछले दो महीनों से बनी विद्युत आपूर्ति की समस्या का भी उल्लेख किया गया। प्रतिनिधियों के अनुसार, घाटी के कई गाँव लंबे समय से अनियमित बिजली आपूर्ति या अंधेरे की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों, किसानों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सरकार के समक्ष रखी गई अन्य मांगों में राशन गोदामों की नियमित सफाई सुनिश्चित करना, लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए टेंडरों एवं खर्च की गई धनराशि का विवरण सार्वजनिक करना, विभिन्न विभागों द्वारा पिछले दो वर्षों में खर्च किए गए बजट की जानकारी उपलब्ध कराना, तथा बीएसएनएल और जियो नेटवर्क सेवाओं में सुधार करना शामिल है। ज्ञापन के अंत में, जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पाँच दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो पांगी घाटी के समस्त जनप्रतिनिधि सामूहिक रूप से क्रमिक भूख हड़ताल और अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले किसी भी हालात की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रदेश सरकार की होगी।
    user_PANGI NEWS TODAY
    PANGI NEWS TODAY
    किताब की दुकान पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के पूर्व वाइस चेयरमैन नवीन शर्मा ने पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिले हमीरपुर में स्थित प्रदेश के एकमात्र हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय (HPTU) में स्थायी वाइस चांसलर (कुलपति) का पद पिछले एक वर्ष से खाली होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कुलपति का पद विश्वविद्यालय का सर्वोच्च प्रशासनिक और शैक्षणिक पद होता है, और एक साल से स्थायी वाइस चांसलर न होने के कारण विश्वविद्यालय का प्रशासनिक ढांचा और शैक्षणिक माहौल पूरी तरह चरमरा गया है, जिससे नीतिगत और बड़े फैसले भी लटके हुए हैं। शर्मा ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में नियमित शिक्षकों की भारी कमी है, जिसके चलते यह प्रमुख संस्थान वर्तमान में गेस्ट फैकल्टी के सहारे चल रहा है। इस स्थिति से विश्वविद्यालय परिसर और इससे संबद्ध कॉलेजों के हजारों छात्रों का भविष्य अधर में है, क्योंकि स्थायी मुखिया के अभाव में परीक्षा, परिणाम और नए शैक्षणिक सत्र की योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं, जिससे छात्रों के भविष्य पर संकट गहरा गया है। नवीन शर्मा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि जो सरकार मुख्यमंत्री के अपने ही गृह जिले के इतने बड़े तकनीकी संस्थान में एक साल के भीतर एक वाइस चांसलर नियुक्त नहीं कर सकती, वह पूरे प्रदेश में युवाओं को रोजगार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का दावा कैसे कर सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में ही तकनीकी शिक्षा बेपटरी हो चुकी है।
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    हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के पूर्व वाइस चेयरमैन नवीन शर्मा ने पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिले हमीरपुर में स्थित प्रदेश के एकमात्र हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय (HPTU) में स्थायी वाइस चांसलर (कुलपति) का पद पिछले एक वर्ष से खाली होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कुलपति का पद विश्वविद्यालय का सर्वोच्च प्रशासनिक और शैक्षणिक पद होता है, और एक साल से स्थायी वाइस चांसलर न होने के कारण विश्वविद्यालय का प्रशासनिक ढांचा और शैक्षणिक माहौल पूरी तरह चरमरा गया है, जिससे नीतिगत और बड़े फैसले भी लटके हुए हैं।

शर्मा ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में नियमित शिक्षकों की भारी कमी है, जिसके चलते यह प्रमुख संस्थान वर्तमान में गेस्ट फैकल्टी के सहारे चल रहा है। इस स्थिति से विश्वविद्यालय परिसर और इससे संबद्ध कॉलेजों के हजारों छात्रों का भविष्य अधर में है, क्योंकि स्थायी मुखिया के अभाव में परीक्षा, परिणाम और नए शैक्षणिक सत्र की योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं, जिससे छात्रों के भविष्य पर संकट गहरा गया है।

नवीन शर्मा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि जो सरकार मुख्यमंत्री के अपने ही गृह जिले के इतने बड़े तकनीकी संस्थान में एक साल के भीतर एक वाइस चांसलर नियुक्त नहीं कर सकती, वह पूरे प्रदेश में युवाओं को रोजगार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का दावा कैसे कर सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में ही तकनीकी शिक्षा बेपटरी हो चुकी है।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
  • द्रंग क्षेत्र का पराशर मेला धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। इस भव्य आयोजन में देवी-देवता भी मौजूद रहे, जिससे मेले की गरिमा और बढ़ गई।
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    द्रंग क्षेत्र का पराशर मेला धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। इस भव्य आयोजन में देवी-देवता भी मौजूद रहे, जिससे मेले की गरिमा और बढ़ गई।
    user_ललित ठाकुर
    ललित ठाकुर
    पाधर, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    19 hrs ago
  • आज दोपहर 12:30 बजे, एक व्यक्ति माननीय न्यायालय के आदेशानुसार मजीठा पुलिस स्टेशन में हाजिर होगा। इस अवसर पर उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि जब तक उनकी सांस चलेगी, वे हक, सच्चाई और दबे-कुचले लोगों के लिए निरंतर आवाज उठाते रहेंगे। इस पोस्ट में शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी - पंजाब का भी जिक्र किया गया है।
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    आज दोपहर 12:30 बजे, एक व्यक्ति माननीय न्यायालय के आदेशानुसार मजीठा पुलिस स्टेशन में हाजिर होगा। इस अवसर पर उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि जब तक उनकी सांस चलेगी, वे हक, सच्चाई और दबे-कुचले लोगों के लिए निरंतर आवाज उठाते रहेंगे। इस पोस्ट में शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी - पंजाब का भी जिक्र किया गया है।
    user_Himachal Punjab News
    Himachal Punjab News
    Local News Reporter मेहटपुर, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    19 hrs ago
  • हमीरपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव पवन ठाकुर ने नीट परीक्षा के बार-बार लीक होने के लिए केंद्र सरकार को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गंभीर धांधली के कारण देश के लाखों बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है और वे भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। ठाकुर ने दावा किया कि पिछले बारह सालों में नीट की परीक्षा में दस बार गड़बड़ी हो चुकी है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि वर्तमान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में ही यह नीट पेपर चौथी बार लीक हुआ है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से देश के लोगों में गहरा रोष है। पवन ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नौकरियां बेच रही है और 'जाली आईएएस' बना रही है। कांग्रेस महासचिव ने मांग की कि शिक्षा मंत्री को तुरंत बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर इस पूरे मामले की गहन जांच-पड़ताल कराने की भी मांग की। पवन ठाकुर ने आश्चर्य व्यक्त किया कि इस बड़े घोटाले पर प्रधानमंत्री मोदी ने अब तक एक ट्वीट तक नहीं किया है और न ही कार्रवाई के नाम पर कोई कदम उठाया गया है, जिससे उचित कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।
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    हमीरपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव पवन ठाकुर ने नीट परीक्षा के बार-बार लीक होने के लिए केंद्र सरकार को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गंभीर धांधली के कारण देश के लाखों बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है और वे भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं।

ठाकुर ने दावा किया कि पिछले बारह सालों में नीट की परीक्षा में दस बार गड़बड़ी हो चुकी है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि वर्तमान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में ही यह नीट पेपर चौथी बार लीक हुआ है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से देश के लोगों में गहरा रोष है। पवन ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नौकरियां बेच रही है और 'जाली आईएएस' बना रही है।

कांग्रेस महासचिव ने मांग की कि शिक्षा मंत्री को तुरंत बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर इस पूरे मामले की गहन जांच-पड़ताल कराने की भी मांग की। पवन ठाकुर ने आश्चर्य व्यक्त किया कि इस बड़े घोटाले पर प्रधानमंत्री मोदी ने अब तक एक ट्वीट तक नहीं किया है और न ही कार्रवाई के नाम पर कोई कदम उठाया गया है, जिससे उचित कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
  • नाचन जन कल्याण फाउंडेशन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए महादेव पंचायत के पूर्व प्रधान नीलकमल को महादेव जोन का अध्यक्ष नियुक्त किया है। सुंदरनगर में आयोजित फाउंडेशन की बैठक के दौरान यह बड़ी जिम्मेदारी नीलकमल को सौंपी गई, जिसके तहत उन्हें 18 पंचायतों की कमान मिली है।
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    नाचन जन कल्याण फाउंडेशन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए महादेव पंचायत के पूर्व प्रधान नीलकमल को महादेव जोन का अध्यक्ष नियुक्त किया है। सुंदरनगर में आयोजित फाउंडेशन की बैठक के दौरान यह बड़ी जिम्मेदारी नीलकमल को सौंपी गई, जिसके तहत उन्हें 18 पंचायतों की कमान मिली है।
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    BHK News Himachal
    Local News Reporter Rewalsar, Mandi•
    11 hrs ago
  • कुल्लू के लिए एक बड़ी खबर के तहत, पालमपुर के बुद्धा मल एंड संस ज्वेलर्स शहर में सबसे बड़ा ज्वेलरी एग्जीबिशन और सेल लेकर आ रहे हैं। यह खास आयोजन 20, 21, 22 और 23 जून को होटल शोभला रॉयल, कुल्लू में होगा, जहाँ ग्राहकों को शानदार ज्वेलरी कलेक्शन का आनंद लेने का मौका मिलेगा। इस ज्वेलरी एग्जीबिशन में बढ़ते सोने के दामों के बावजूद ग्राहकों को दोगुना फायदा देने का दावा किया जा रहा है। विशेष ऑफर्स में डायमंड ज्वेलरी पर 20% के साथ 5% अतिरिक्त डिस्काउंट, पुराने सोने के एक्सचेंज पर 100% मूल्य के साथ 2% अतिरिक्त कीमत, और सोने की ज्वेलरी के मेकिंग चार्जेस पर 40% तक की छूट शामिल है। इसके अलावा, खरीदारी करने पर एक मुफ्त सोने का सिक्का भी दिया जाएगा, नियम व शर्तें लागू होंगी। यह अवसर केवल चार दिनों के लिए है, इसलिए बुद्धा मल एंड संस ज्वेलर्स ने परिवार के साथ आकर इस शानदार ज्वेलरी कलेक्शन का लाभ उठाने और तारीखें अभी सेव करने का आग्रह किया है।
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    कुल्लू के लिए एक बड़ी खबर के तहत, पालमपुर के बुद्धा मल एंड संस ज्वेलर्स शहर में सबसे बड़ा ज्वेलरी एग्जीबिशन और सेल लेकर आ रहे हैं। यह खास आयोजन 20, 21, 22 और 23 जून को होटल शोभला रॉयल, कुल्लू में होगा, जहाँ ग्राहकों को शानदार ज्वेलरी कलेक्शन का आनंद लेने का मौका मिलेगा।

इस ज्वेलरी एग्जीबिशन में बढ़ते सोने के दामों के बावजूद ग्राहकों को दोगुना फायदा देने का दावा किया जा रहा है। विशेष ऑफर्स में डायमंड ज्वेलरी पर 20% के साथ 5% अतिरिक्त डिस्काउंट, पुराने सोने के एक्सचेंज पर 100% मूल्य के साथ 2% अतिरिक्त कीमत, और सोने की ज्वेलरी के मेकिंग चार्जेस पर 40% तक की छूट शामिल है। इसके अलावा, खरीदारी करने पर एक मुफ्त सोने का सिक्का भी दिया जाएगा, नियम व शर्तें लागू होंगी।

यह अवसर केवल चार दिनों के लिए है, इसलिए बुद्धा मल एंड संस ज्वेलर्स ने परिवार के साथ आकर इस शानदार ज्वेलरी कलेक्शन का लाभ उठाने और तारीखें अभी सेव करने का आग्रह किया है।
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    Himachal Update 24 News
    Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    7 hrs ago
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