सारंगढ़-बिलाईगढ़ कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के जर्जर भवनों, बच्चों की संख्या, टीकाकरण की स्थिति और पोषक आहार के वितरण पर चर्चा की गई। इस दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जर्जर भवनों में बच्चों को न बैठाया जाए और ऐसे केंद्रों को तत्काल प्रभाव से नवीन या अन्य अतिरिक्त सरकारी भवनों में शिफ्ट किया जाए। कुपोषित और मध्यम कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए कलेक्टर ने एनआरसी केंद्रों के माध्यम से उन्हें सुपोषित करने के लिए पालकों को प्रेरित करने को कहा। इसके अलावा, जन्मजात समस्याओं या गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की जानकारी चिरायु टीम तक पहुँचाने के निर्देश दिए गए। बैठक में गर्भवती और शिशुवती माताओं के साथ-साथ 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण और घर पहुंच राशन वितरण को पूरी तरह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को लेकर कलेक्टर ने निर्देश दिया कि केंद्र समय पर खुलें और बच्चों की उपस्थिति के अनुसार ही भोजन तैयार किया जाए। महतारी वंदन योजना के नए पंजीयन, हितग्राहियों के ई-केवाईसी और प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं को लाभ पहुँचाने पर भी समीक्षा की गई। साथ ही, पोषण ट्रैकर में आहार वितरण की नियमित एंट्री करने और गृह भेंट के माध्यम से परिवारों को पोषण संबंधी परामर्श देने के निर्देश दिए गए। बैठक में विभाग के परियोजना अधिकारी, सेक्टर अधिकारी और सुपरवाइजर मौजूद रहे।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के जर्जर भवनों, बच्चों की संख्या, टीकाकरण की स्थिति और पोषक आहार के वितरण पर चर्चा की गई। इस दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जर्जर भवनों में बच्चों को न बैठाया जाए और ऐसे केंद्रों को तत्काल प्रभाव से नवीन या अन्य अतिरिक्त सरकारी भवनों में शिफ्ट किया जाए। कुपोषित और मध्यम कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए कलेक्टर ने एनआरसी केंद्रों के माध्यम से उन्हें सुपोषित करने के लिए पालकों को प्रेरित करने को कहा। इसके अलावा, जन्मजात समस्याओं या गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की जानकारी चिरायु टीम तक पहुँचाने के निर्देश दिए गए। बैठक में गर्भवती और शिशुवती माताओं के साथ-साथ 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण और घर पहुंच राशन वितरण को पूरी तरह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को लेकर कलेक्टर ने निर्देश दिया कि केंद्र समय पर खुलें और बच्चों की उपस्थिति के अनुसार ही भोजन तैयार किया जाए। महतारी वंदन योजना के नए पंजीयन, हितग्राहियों के ई-केवाईसी और प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं को लाभ पहुँचाने पर भी समीक्षा की गई। साथ ही, पोषण ट्रैकर में आहार वितरण की नियमित एंट्री करने और गृह भेंट के माध्यम से परिवारों को पोषण संबंधी परामर्श देने के निर्देश दिए गए। बैठक में विभाग के परियोजना अधिकारी, सेक्टर अधिकारी और सुपरवाइजर मौजूद रहे।
- छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र में संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसानों के लिए एक सहायता पहल शुरू की गई है। इस पहल के तहत उन किसानों को मुफ्त खाद, बीज एवं दवाई दी जा रही है जिनके पास 2 एकड़ तक की भूमि है।1
- कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र में अज्ञात चोरों ने आतंक मचा रखा है। इन चोरों ने क्षेत्र में बोर को अपना निशाना बनाया है। फिलहाल इस मामले में चोरों की पहचान नहीं हो सकी है और वे पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।1
- बलौदा बाजार के शासकीय हाई स्कूल दतान में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने एक विशेष पहल की है, जिसके तहत गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाई गई है। इस कार्यक्रम के दौरान स्कूल में किए गए अभिनय का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पहल के जरिए विद्यालय परिवार ने गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की पुरजोर मांग की है। यह वीडियो अब चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें स्कूली बच्चों और शिक्षकों की सहभागिता स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।1
- बलौदाबाजार जिले के पलारी थाना क्षेत्र में पुलिस ने फरार आरोपियों और न्यायालयीन वारंटियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने एक ही दिन में 10 गिरफ्तारी वारंट तामिल करते हुए उन आरोपियों को धर दबोचा जो लंबे समय से फरार चल रहे थे। इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में गठित टीमों ने अलग-अलग गांवों में दबिश देकर इन आरोपियों को उनके ठिकानों से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी न्यायालय द्वारा निर्धारित तिथियों पर उपस्थित नहीं हो रहे थे, जिसके कारण न्यायिक प्रक्रिया बाधित हो रही थी। इन सभी के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, धमकी, आपराधिक न्यासभंग, आबकारी अधिनियम, मोटरयान अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में वारंट जारी किए गए थे। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को बलौदाबाजार स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एवं द्वितीय श्रेणी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून से बचने की कोशिश करने वालों के खिलाफ यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।1
- राजस्थान से रामदास महंत 100 दिनों के लंबे अंतराल के बाद अपने घर सकुशल लौट आए हैं। उनकी सुरक्षित वापसी रायगढ़ पुलिस और जिला प्रशासन की पहल का परिणाम है, जिसके प्रयासों से यह संभव हो सका।1
- रायगढ़ जिले की धर्मजयगढ़ नगर पंचायत में सरकारी संपत्ति के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि नगर पंचायत की ट्रैक्टर-ट्रॉली से नया टायर निकालकर उसे नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल सरकार की निजी ट्रॉली में लगा दिया गया है, जबकि अध्यक्ष की निजी ट्रॉली का पुराना टायर नगर पंचायत की ट्रॉली में फिट कर दिया गया। इस मामले की शिकायत सीएमओ प्रभाकर शुक्ला से लेकर विभाग के डायरेक्टर तक की जा चुकी है, लेकिन शिकायत के दो दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सीएमओ की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। जब पत्रकारों ने टायर बदलने के संबंध में सीएमओ प्रभाकर शुक्ला से सवाल किया, तो उन्होंने इसे पंचर बनाने वाले अनपढ़ लोगों की गलती बताते हुए अपनी सफाई दी। वहीं, इस गड़बड़ी के विषय में रायगढ़ जिले के सांसद राधेश्याम राठिया का कहना है कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं थी और अब यह उनके संज्ञान में आ रहा है। स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि अध्यक्ष की देखरेख में ही कीमती सामान की हेराफेरी की जा रही है और अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं।4
- बिलासपुर यातायात पुलिस ने एक सराहनीय मानवीय पहल करते हुए बारिश के बीच एक गंभीर मरीज के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। इस विशेष व्यवस्था के माध्यम से यातायात को सुचारू रखते हुए मरीज को सुरक्षित और समय पर एयरपोर्ट पहुंचाया गया, ताकि उन्हें समय पर आवश्यक चिकित्सा मिल सके।3
- रायपुर के पुराने विधानसभा रोड स्थित प्रिंस ढाबा के पीछे वाली जमीन पर शुक्रवार को नगर निगम और पुलिस की टीम अवैध कब्जा हटाने के लिए पहुंची, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। इस कार्रवाई की सूचना मिलते ही सिख समाज के बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए और तोड़फोड़ का विरोध करना शुरू कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झूमाझटकी हुई, जिससे स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। इसी बीच, संबंधित पक्ष ने प्रशासन को जमीन के मामले में कोर्ट से स्टे आदेश मिलने की जानकारी दी। दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई को रोक दिया और मौके से वापस लौट गई। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है, और जमीन विवाद को लेकर आगे की किसी भी कार्रवाई का निर्णय अब न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ही लिया जाएगा।1