उन्नाव के अजगैन क्षेत्र में नवाबगंज टोल प्लाजा के पास शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक चालक की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब एक तेज रफ्तार डंपर ने सड़क पर खड़े ट्रक में टक्कर मार दी। स्थानीय पुलिस ने लगभग 20 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल भेजा और सुबह करीब 7 बजे तक दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल कर दिया था। हालांकि, सड़क साफ होने के बावजूद कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम खत्म नहीं हुआ, बल्कि हालात और बिगड़ते चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि वाहनों की लंबी कतारें लगने के बावजूद टोल प्लाजा पर सामान्य तरीके से वसूली जारी रही, जिसके चलते कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सुबह साढ़े नौ बजे तक भी यातायात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया, जिससे एंबुलेंस, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य जरूरी यात्रियों सहित हजारों लोग घंटों भीषण गर्मी में फंसे रहे। यह स्थिति टोल संचालन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर जब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के 2021 के निर्देशानुसार टोल प्लाजा पर प्रतीक्षा समय 10 सेकंड से अधिक नहीं होना चाहिए और 100 मीटर से लंबी कतार होने पर बैरियर खोलकर वाहनों को निकाला जाना चाहिए था। हालांकि, अगस्त 2024 में NHAI ने इस "100 मीटर फ्री-पास" प्रावधान को समाप्त कर दिया था, फिर भी सवाल उठता है कि आपात स्थिति में टोल प्रबंधन ने यातायात दबाव कम करने के लिए क्या विशेष कदम उठाए, जैसे अतिरिक्त लेन खोलना या अधिकारियों का मौके पर व्यवस्था संभालना। इस घटना को केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का आईना बताया जा रहा है जहाँ हादसे के बाद राहत से अधिक प्राथमिकता वसूली को दी जाती है। सड़क पर हुई मौत और घंटों जाम में फंसे लोगों की लाचारी ने सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर किया है। अब आवश्यकता है कि इस जाम और टोल संचालन की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह जाम दुर्घटना का परिणाम था या व्यवस्था की विफलता का।
उन्नाव के अजगैन क्षेत्र में नवाबगंज टोल प्लाजा के पास शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक चालक की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब एक तेज रफ्तार डंपर ने सड़क पर खड़े ट्रक में टक्कर मार दी। स्थानीय पुलिस ने लगभग 20 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल भेजा और सुबह करीब 7 बजे तक दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल कर दिया था। हालांकि, सड़क साफ होने के बावजूद कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम खत्म नहीं हुआ, बल्कि हालात और बिगड़ते चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि वाहनों की लंबी कतारें लगने के बावजूद टोल प्लाजा पर सामान्य तरीके से वसूली जारी रही, जिसके चलते कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सुबह साढ़े नौ बजे तक भी यातायात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया, जिससे एंबुलेंस, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य जरूरी यात्रियों सहित हजारों लोग घंटों भीषण गर्मी में फंसे रहे। यह स्थिति टोल संचालन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर जब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के 2021 के निर्देशानुसार टोल प्लाजा पर प्रतीक्षा समय 10 सेकंड से अधिक नहीं होना चाहिए और 100 मीटर से लंबी कतार होने पर बैरियर खोलकर वाहनों को निकाला जाना चाहिए था। हालांकि, अगस्त 2024 में NHAI ने इस "100 मीटर फ्री-पास" प्रावधान को समाप्त कर दिया था, फिर भी सवाल उठता है कि आपात स्थिति में टोल प्रबंधन ने यातायात दबाव कम करने के लिए क्या विशेष कदम उठाए, जैसे अतिरिक्त लेन खोलना या अधिकारियों का मौके पर व्यवस्था संभालना। इस घटना को केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का आईना बताया जा रहा है जहाँ हादसे के बाद राहत से अधिक प्राथमिकता वसूली को दी जाती है। सड़क पर हुई मौत और घंटों जाम में फंसे लोगों की लाचारी ने सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर किया है। अब आवश्यकता है कि इस जाम और टोल संचालन की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह जाम दुर्घटना का परिणाम था या व्यवस्था की विफलता का।
- उन्नाव जिले में ओवरलोड वाहनों, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग का विशेष अभियान जारी है। इस अभियान के तहत 1 अप्रैल से अब तक लगभग 2 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। एआरटीओ प्रवर्तन संजीव कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर खनन विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस और प्रशासन ने मिलकर एक संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया है। यह टास्क फोर्स मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले में ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। टास्क फोर्स द्वारा हर दूसरे दिन रात में औचक निरीक्षण किया जा रहा है, वहीं प्रमुख चेक प्वाइंटों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन सड़कों पर न चल सकें। एआरटीओ के अनुसार, 1 अप्रैल से अब तक लगभग 750 वाहनों पर बिना नंबर प्लेट के लिए कार्रवाई की गई है। इसके अतिरिक्त, ओवरलोडिंग के आरोप में लगभग 250 वाहनों का चालान कर उन्हें बंद किया गया है, जबकि क्षमता से अधिक माल ढोने के लिए वाहनों की बॉडी बढ़ाने वाले करीब 170 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। सड़क हादसों का कारण बनने वाले नो पार्किंग में खड़े वाहनों और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी अभियान चलाकर 125 वाहनों पर कार्रवाई की गई है। बिना नंबर प्लेट या नंबर छिपाकर चलने वाले 724 डंपर और ट्रकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है, जिनमें नंबर प्लेट पर कालिख पोतना, कीचड़ लगाना या नंबर अधूरा प्रदर्शित करने जैसी शिकायतें शामिल थीं; ऐसे वाहनों पर पहले चालान और फिर सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। यातायात नियमों के अन्य उल्लंघनों पर भी कार्रवाई करते हुए 2066 लोगों के चालान किए गए हैं। इस अभियान से अब तक लगभग दो करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। एआरटीओ ने यह भी बताया कि ओवरलोडिंग में काफी कमी आई है और पहले की तुलना में सड़क पर ओवरलोड वाहन कम दिखाई दे रहे हैं। विभाग का लक्ष्य ओवरलोडिंग को पूरी तरह समाप्त करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रात्रिकालीन अभियान लगातार जारी रहेगा और टास्क फोर्स समय-समय पर कार्रवाई करती रहेगी, जिसमें ओवरलोडिंग और नियम तोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।4
- जगदलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक तीन दिवसीय विकास प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ किया गया। विधायक किरण सिंह देव ने फीता काटकर इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसे उन्होंने देश के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और 'नए भारत' की उपलब्धियों का एक सशक्त प्रदर्शन बताया। यह भव्य प्रदर्शनी मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों की झलक प्रस्तुत करती है।1
- उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने अरब देशों को एक बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि अरब देश आज नहीं जागते और ईरान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नहीं लड़ते, तो कल उन्हें 'ग्रेटर इज़राइल' के बुरे सपने में जागना पड़ेगा। किम जोंग उन ने ज़ोर देकर कहा कि उनकी खामोशी उन्हें अपनी ज़मीनों की कीमत चुकाने पर मजबूर कर देगी।1
- न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए बुलडोजर की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, ग्राम समाज की भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया।1
- यूकेजी कक्षा के छात्रों के लिए गणित और हिंदी विषय की वर्कशीट उपलब्ध है। इस वर्कशीट में बच्चों को संख्याएं और नाम लिखने का अभ्यास करने को कहा गया है।1
- मेरठ शहर में आवास विकास परिषद ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा बुलडोजर अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय व्यापारियों ने इसका पुरजोर विरोध किया, जिसके चलते मौके पर पुलिस और व्यापारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि संबंधित निर्माण में मानकों के अनुरूप सेटबैक नहीं छोड़ा गया था। विभाग ने यह भी बताया कि कार्रवाई शुरू करने से पहले संबंधित पक्षों को ध्वस्तीकरण का नोटिस भी जारी किया गया था। विरोध को देखते हुए, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। घटना के दौरान कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा, हालांकि पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया और बुलडोजर कार्रवाई को जारी रखा। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।1
- कानपुर के जाजमऊ कैंट क्षेत्र में रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद, स्थानीय लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचित किया, जिसके बाद घायल युवक को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में उसका इलाज जारी है। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह हादसा किस वाहन की टक्कर से हुआ और इसकी परिस्थितियाँ क्या थीं।1