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उत्तर प्रदेश में हुए लखनऊ अग्निकांड पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और आशंका व्यक्त की है कि यह हादसा सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण हुआ हो सकता है।
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उत्तर प्रदेश में हुए लखनऊ अग्निकांड पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और आशंका व्यक्त की है कि यह हादसा सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण हुआ हो सकता है।
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- क्षेत्र में जल निकासी की गंभीर समस्या के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि पानी की निकासी न होने की वजह से अक्सर झगड़े होते रहते हैं। स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि अब घर से बाहर निकलना भी मुश्किल और कष्टदायक हो गया है। कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद, इस समस्या पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है, जिससे लोगों में असंतोष है।1
- उत्तर प्रदेश में, सैकड़ों परिवारों के एक समूह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर शिकायत की है कि 'सन लाइन ग्रीन कॉलोनाइजर्स' नामक कंपनी ने उनसे 'सिंगापुर सिटी' बनाने के नाम पर जमीन बेची है। पीड़ितों के अनुसार, जमीन की रजिस्ट्री होने और खारिज दाखिल की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद, पिछले 8-9 वर्षों से उन्हें अपनी खरीदी हुई जमीन का कब्जा नहीं मिल पाया है। ठगी के शिकार इन परिवारों ने 'गोरखपुर हलचल' से बात करते हुए अपनी आपबीती और पीड़ा व्यक्त की। उनका आरोप है कि 'सन लाइन ग्रीन कॉलोनाइजर्स' ने सैकड़ों परिवारों के साथ धोखा किया है, उनसे पैसे लेने के बाद भी उन्हें जमीन देने से इनकार कर दिया है।1
- गोरखपुर को लेकर एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि 'मुस्कुराइए आप गोरखपुर में हैं।' इस टिप्पणी के माध्यम से यह उजागर किया गया है कि गोरखपुर में मौजूद 'सोता हुआ सिस्टम' लगातार हादसों को दावत दे रहा है, जिससे गंभीर परिणाम होने की आशंका जताई गई है।1
- उत्तर प्रदेश में होने वाले 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से सियासी हलचल शुरू हो गई है। इसी क्रम में, गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के लिए एक जनमत सर्वेक्षण और ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस चुनावी रण में जनता का रुझान किस पार्टी के पक्ष में दिख रहा है और हवा किस दिशा में बह रही है।1
- गोरखपुर के सहजनवा क्षेत्र में इस समय झमाझम बारिश हो रही है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। इस सुखद मौसम के कारण लोगों के चेहरों पर खुशी और मुस्कान लौट आई है।1
- विनय कुमार गिरी भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति, गोरखपुर से संबंधित हैं।1
- लखनऊ में हुए अग्निकांड के मृतकों को गोरखपुर में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दुखद घटना के शिकार हुए लोगों के लिए एक कैंडल मार्च का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की मांग उठाई गई।1
- गोरखपुर जिले से मीडिया प्रभारी विनय कुमार गिरी ने राष्ट्रवादी पार्टी और माननीय अखिलेश सिंह के प्रति अपना पूरा समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने 'राष्ट्रवादी पार्टी जिंदाबाद' और 'माननीय अखिलेश सिंह जिंदाबाद' के जयघोष के साथ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।1
- संतकबीरनगर में कांग्रेस ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े कथित घोटाले की खबरों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी संतकबीरनगर के अध्यक्ष प्रवीण चंद्र पाण्डेय के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कराने और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास के केंद्र हैं। ऐसे पवित्र स्थल पर चढ़ावे और दान में अनियमितताओं की खबरें न केवल चिंताजनक हैं, बल्कि करोड़ों भक्तों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाने वाली हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा एसआईटी का गठन किए जाने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज न होना पूरे मामले की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जिलाध्यक्ष प्रवीण चंद्र पाण्डेय ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जब मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हो, तो केवल जांच की घोषणा पर्याप्त नहीं है। उन्होंने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई को आवश्यक बताया। उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जाए और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने साफ किया कि वह किसी भी कीमत पर धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी, और यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए तो जनता के बीच गलत संदेश जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस दौरान कई कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दर्ज कराया।1