रास्ते के पत्थर को बाधा नहीं, सीढ़ी बना लो "रास्ते नजर आयेंगे एक छोटे से गाँव में अर्जुन नाम का एक लड़का रहता था। उसका परिवार बहुत गरीब था। घर कच्चा था, पढ़ाई के लिए किताबें भी मुश्किल से मिलती थीं। लेकिन अर्जुन के अंदर एक सपना था- कुछ बड़ा करने का, अपने गाँव का नाम रोशन करने का। गाँव के लोग अक्सर उसका मज़ाक उड़ाते थे। वे कहते, जिसके पास जूते तक नहीं हैं, वह बड़ा आदमी कैसे बनेगा।? लेकिन अर्जुन ने एक बात ठान ली थी कि दूसरों की बातों को नहीं, अपने लक्ष्य को सुनना है। हर दिन वह स्कूल जाने के लिए 5 किलोमीटर पैदल चलता था। रास्ता बहुत खराब था, कहीं पत्थर, कहीं कीचड़। कई बार वह गिर जाता, उसके पैर छिल जाते, लेकिन वह रुकता नहीं था। एक दिन उसके शिक्षक ने उससे पूछा, अर्जुन, इतने मुश्किल रास्ते में रोज़ कैसे आ जाते हो? अर्जुन मुस्कुराकर बोला, गुरुजी, रास्ते में जो पत्थर हैं, मैं उन्हें ही अपने रास्ते की सीढ़ी बना लेता हूँ। शिक्षक उसकी बात सुनकर चुप हो गए, लेकिन उस दिन उन्हें समझ आया कि यह लड़का साधारण नहीं है। समय बीतता गया। अर्जुन ने बहुत मेहनत की। वह पढ़ाई में आगे बढ़ता गया। कई बार असफल भी हुआ, लेकिन उसने हार नहीं मानी। कुछ साल बाद वही अर्जुन प्रशासनिक सेवा पास करके बड़ा अधिकारी बन गया। गांव के जो लोग उसका मज़ाक उड़ाते थे, आज उसका स्वागत कर रहे थे। लब्बोलुआब यह, ज़िंदगी में रास्ता हमेशा आसान नहीं होगा। लेकिन अगर आप हर पत्थर को बाधा नहीं, सीढ़ी समझेंगे, तो वही पत्थर आपको मंज़िल तक पहुँचा देंगे। सरल शब्दों में, मुश्किलें हमें रोकने नहीं आतीं, वे हमें मजबूत बनाने आती हैं।
रास्ते के पत्थर को बाधा नहीं, सीढ़ी बना लो "रास्ते नजर आयेंगे एक छोटे से गाँव में अर्जुन नाम का एक लड़का रहता था। उसका परिवार बहुत गरीब था। घर कच्चा था, पढ़ाई के लिए किताबें भी मुश्किल से मिलती थीं। लेकिन अर्जुन के अंदर एक सपना था- कुछ बड़ा करने का, अपने गाँव का नाम रोशन करने का। गाँव के लोग अक्सर उसका मज़ाक उड़ाते थे। वे कहते, जिसके पास जूते तक नहीं हैं, वह बड़ा आदमी कैसे बनेगा।? लेकिन अर्जुन ने एक बात ठान ली थी कि दूसरों की बातों को नहीं, अपने लक्ष्य को सुनना है। हर दिन वह स्कूल जाने के लिए 5 किलोमीटर पैदल चलता था। रास्ता बहुत खराब था, कहीं पत्थर, कहीं कीचड़। कई बार वह गिर जाता, उसके पैर छिल जाते, लेकिन वह रुकता नहीं था। एक दिन उसके शिक्षक ने उससे पूछा, अर्जुन, इतने मुश्किल रास्ते में रोज़ कैसे आ जाते हो? अर्जुन मुस्कुराकर बोला, गुरुजी, रास्ते में जो पत्थर हैं, मैं उन्हें ही अपने रास्ते की सीढ़ी बना लेता हूँ। शिक्षक उसकी बात सुनकर चुप हो गए, लेकिन उस दिन उन्हें समझ आया कि यह लड़का साधारण नहीं है। समय बीतता गया। अर्जुन ने बहुत मेहनत की। वह पढ़ाई में आगे बढ़ता गया। कई बार असफल भी हुआ, लेकिन उसने हार नहीं मानी। कुछ साल बाद वही अर्जुन प्रशासनिक सेवा पास करके बड़ा अधिकारी बन गया। गांव के जो लोग उसका मज़ाक उड़ाते थे, आज उसका स्वागत कर रहे थे। लब्बोलुआब यह, ज़िंदगी में रास्ता हमेशा आसान नहीं होगा। लेकिन अगर आप हर पत्थर को बाधा नहीं, सीढ़ी समझेंगे, तो वही पत्थर आपको मंज़िल तक पहुँचा देंगे। सरल शब्दों में, मुश्किलें हमें रोकने नहीं आतीं, वे हमें मजबूत बनाने आती हैं।
- रांची के पुंदाग में मंगलवार को श्री श्री महावीर मंडल की बैठक ने उत्साह का पर्याय रच दिया। सर्वसम्मति से नई समिति का चुनाव संपन्न हो गया, जो समुदाय की एकजुटता का प्रतीक बन गया।नवनियुक्त पदाधिकारियों में श्री सूरज साहू को अध्यक्ष चुना गया। कार्यकारी अध्यक्ष के तीन पदों पर अरुण कुमार महतो, संजय मुंडा और राकेश साहू ने कमान संभाली। महामंत्री के रूप में फुलेंद्र महतो, राजेश महतो और निर्मल मुंडा को जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं, जेम्स कुमार कश्यप और डॉ. धनेश्वर को संरक्षक बनाया गया।बैठक में वरिष्ठ सदस्यों की भारी उपस्थिति रही, जिनमें राम कुमार विद्यार्थी, महावीर साहू, काशीनाथ महतो, गुरन साहू, बाबूलाल जी, नवल किशोर साहू, विशाल साहू, कंचन महतो, महानंद महतो, जलेश महतो, परमानंद साहू, प्रकाश साहू और विकेश साहू शामिल थे। यह चुनाव नई ऊर्जा और सेवा भावना का संचार कर रहा है।1
- रांची का जेल चौक बना वसूली का अड्डा1
- दोस्त के खातिर कुछ भी करना पड़ जाता है भाई, देखिए देखा देखी करने के कारण क्या से क्या हो गया1
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजहार लातेहार में डॉक्टर श्रवण कुमार, सुनील कुमार BAM, संध्या अरुणा सिंह BDM, आदर्श कुमार MPW के द्वारा स्पर्श लेप्रोसी जागरूकता अभियान शुभारम्भ किया गया यह अभियान 9 मार्च से 23 मार्च 2026 तक चलेगा यह द्वितीय चरण लेप्रोसी खोजी अभियान के तहत नए लेप्रोसी मरीज को खोजा जाएगा शुभारंभ के बाद डॉक्टर श्रवण कुमार के द्वारा लोगों को जागरूक किया गया ऐसे अभियान के तहत1
- *भव्य उद्घाटन संपन्न आजसू (NDA) क्रिकेट टूर्नामेंट केरेडारी 2026 का भव्य उद्घाटन*1
- अधिकारी बेलगाम हो रहे हैं, आम आदमी पर लाठी-लात और घूंसे चल रहे हैं, DC बदतमीजी कर रहे हैं - इन सवालों पर विधायक राजेश कच्छप ने दिया जवाब1
- Post by AAM JANATA1
- शिक्षक बना किसान, स्कूल में सिच्चे देश का भविष्य, खेत में सिच्चे जिवन का अन्न, इसी को लेकर एक कविता किसानों के लिए। जिन्होंने पूरे देश को अनाज, सब्जी, फल और तेल जैसे सभी खाद्य पदार्थों का जनक को समर्पित।1